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भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच के करौली प्रवास पर पहुंचने पर सलेमपुर बॉर्डर पर उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सहित भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत सत्कार किया।

9 hrs ago
user_मनोज तिवाड़ी
मनोज तिवाड़ी
Court reporter Hindaun, Karauli•
9 hrs ago
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भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच के करौली प्रवास पर पहुंचने पर सलेमपुर बॉर्डर पर उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सहित भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत सत्कार किया।

More news from Karauli and nearby areas
  • करौली जिले के हिण्डोन स्थित फैली का पुरा भैरव जी मंदिर में एक आवारा जानवर ने राष्ट्रीय पक्षी मोर को घायल कर दिया। इस घटना के बाद मंदिर के पुजारी टीकम चंदा और आसपास के घरों के बच्चों ने मिलकर जंगली जानवर, जिनमें कुत्ता और बिल्ली शामिल थे, को भगाकर घायल मोर को बचाया। जानकारी के अनुसार, इस घटना की सूचना वन विभाग की टीम को दे दी गई है, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी टीम मौके पर नहीं पहुंची है।
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    करौली जिले के हिण्डोन स्थित फैली का पुरा भैरव जी मंदिर में एक आवारा जानवर ने राष्ट्रीय पक्षी मोर को घायल कर दिया। इस घटना के बाद मंदिर के पुजारी टीकम चंदा और आसपास के घरों के बच्चों ने मिलकर जंगली जानवर, जिनमें कुत्ता और बिल्ली शामिल थे, को भगाकर घायल मोर को बचाया। जानकारी के अनुसार, इस घटना की सूचना वन विभाग की टीम को दे दी गई है, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी टीम मौके पर नहीं पहुंची है।
    user_मनोज तिवाड़ी
    मनोज तिवाड़ी
    Court reporter Hindaun, Karauli•
    16 hrs ago
  • झारखंड के पलामू जिले से 1400 किलोमीटर का सफर तय कर परिजन राजस्थान के धौलपुर स्थित अपना घर आश्रम बाड़ी पहुँचे, जहाँ 22 साल पहले परिवार से बिछड़े शंभूराम का अपनी पत्नी कलन्ती से भावुक मिलन हुआ। पति को पहचानते ही कलन्ती की आँखों से खुशी के आँसू छलक उठे। अपना घर आश्रम के अध्यक्ष सुनील गर्ग कंपनी परिवार ने बताया कि 8 जनवरी 2026 को अपना घर के विशेष रेस्क्यू अभियान के तहत शंभूराम को ग्वालियर रोड, मुरैना से असहाय, लावारिस और मानसिक रूप से अस्वस्थ स्थिति में रेस्क्यू किया गया था। आश्रम के एवं काउंसलिंग प्रभारी राजकुमार गर्ग ने जानकारी दी कि चिकित्सकों के इलाज, सेवा और उपचार के बाद उनके स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हुआ। निरंतर छह माह की काउंसलिंग के बाद, शंभूराम ने अपना पता बिहार का जिला पलामू बताया। हालाँकि, गहन खोजबीन में पता चला कि पलामू जिला झारखंड में है। झारखंड के पलामू जिले के जिला पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से उनके थाना हुसैनबाद के थाना प्रभारी ने परिवारजनों से संपर्क कर उन्हें सूचना दी कि शंभूराम राजस्थान के अपना घर आश्रम बाड़ी, जिला धौलपुर में हैं। इसके बाद आज उनकी पत्नी कलन्ती, दामाद वीरेंद्र कुमार और भतीजे जीतू कुमार उन्हें लेने के लिए झारखंड के पलामू जिले से पहुँचे। कलन्ती ने बताया कि शंभूराम लगभग 22 वर्ष पहले मानसिक स्थिति खराब होने के कारण बिना बताए घर से निकल गए थे और बहुत प्रयासों के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जब वह घर से निकले थे, तब उनके बेटे और बेटी की उम्र केवल तीन और चार वर्ष थी, और पिता के अभाव में बच्चों का पालन-पोषण बड़ी कठिनाइयों से किया गया। कलन्ती ने ईश्वर की असीम कृपा और अपना घर के अथक प्रयासों को इस चमत्कार के लिए सराहा और कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि शंभूराम इतने दिनों तक कैसे जीवित रहे। परिवार ने आज बरसों बाद बेटे-बेटी को बिछड़ा पिता, पत्नी को पति और विवाहित बेटी की बेटी को नाना मिलने पर बेहद खुशी जाहिर करते हुए अपना घर आश्रम की व्यवस्थाओं और सेवा कार्यों की सराहना की, और इसे वास्तव में मानवता की मिसाल बताया।
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    झारखंड के पलामू जिले से 1400 किलोमीटर का सफर तय कर परिजन राजस्थान के धौलपुर स्थित अपना घर आश्रम बाड़ी पहुँचे, जहाँ 22 साल पहले परिवार से बिछड़े शंभूराम का अपनी पत्नी कलन्ती से भावुक मिलन हुआ। पति को पहचानते ही कलन्ती की आँखों से खुशी के आँसू छलक उठे।

अपना घर आश्रम के अध्यक्ष सुनील गर्ग कंपनी परिवार ने बताया कि 8 जनवरी 2026 को अपना घर के विशेष रेस्क्यू अभियान के तहत शंभूराम को ग्वालियर रोड, मुरैना से असहाय, लावारिस और मानसिक रूप से अस्वस्थ स्थिति में रेस्क्यू किया गया था। आश्रम के एवं काउंसलिंग प्रभारी राजकुमार गर्ग ने जानकारी दी कि चिकित्सकों के इलाज, सेवा और उपचार के बाद उनके स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हुआ। निरंतर छह माह की काउंसलिंग के बाद, शंभूराम ने अपना पता बिहार का जिला पलामू बताया। हालाँकि, गहन खोजबीन में पता चला कि पलामू जिला झारखंड में है। झारखंड के पलामू जिले के जिला पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से उनके थाना हुसैनबाद के थाना प्रभारी ने परिवारजनों से संपर्क कर उन्हें सूचना दी कि शंभूराम राजस्थान के अपना घर आश्रम बाड़ी, जिला धौलपुर में हैं।

इसके बाद आज उनकी पत्नी कलन्ती, दामाद वीरेंद्र कुमार और भतीजे जीतू कुमार उन्हें लेने के लिए झारखंड के पलामू जिले से पहुँचे। कलन्ती ने बताया कि शंभूराम लगभग 22 वर्ष पहले मानसिक स्थिति खराब होने के कारण बिना बताए घर से निकल गए थे और बहुत प्रयासों के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जब वह घर से निकले थे, तब उनके बेटे और बेटी की उम्र केवल तीन और चार वर्ष थी, और पिता के अभाव में बच्चों का पालन-पोषण बड़ी कठिनाइयों से किया गया। कलन्ती ने ईश्वर की असीम कृपा और अपना घर के अथक प्रयासों को इस चमत्कार के लिए सराहा और कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि शंभूराम इतने दिनों तक कैसे जीवित रहे। परिवार ने आज बरसों बाद बेटे-बेटी को बिछड़ा पिता, पत्नी को पति और विवाहित बेटी की बेटी को नाना मिलने पर बेहद खुशी जाहिर करते हुए अपना घर आश्रम की व्यवस्थाओं और सेवा कार्यों की सराहना की, और इसे वास्तव में मानवता की मिसाल बताया।
    user_भरत सिंह मीणा सरमथुरा
    भरत सिंह मीणा सरमथुरा
    Voice of people सरमथुरा, धौलपुर, राजस्थान•
    20 min ago
  • माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी खोलने के आदेश की पालना करवाने और किसानों को उनका हक दिलवाने के लिए ग्राम खण्डीप में चल रहा किसान महापंचायत का धरना आज 16वें दिन भी जारी रहा। कमाण्ड क्षेत्र के किसान लगातार उच्च न्यायालय के आदेशानुसार बांध से पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इस प्रकरण में कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। इसी बीच, नयागांव स्थित नंगे बाबा की धूनी के महाराज 1008 श्री प्रमोदगिरी जी एवं अन्य साधु-संतों ने किसान महापंचायत में पहुंचकर किसानों को आशीर्वाद दिया। महाराज ने नंगे बाबा से प्रार्थना की कि सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचे, क्षेत्र को पानी मिले और किसानों के खेत हरियाली से सजे रहें। वहीं, विधायक रामकेश मीना एवं पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने सभी किसानों, युवाओं, महिलाओं और आमजन से अपील की है कि वे आंदोलन में पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से भाग लें। समिति ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार से रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग अथवा अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाए, ताकि आंदोलन की गरिमा बनी रहे और धरना सफलतापूर्वक संचालित होता रहे। पूर्व मंत्री गोलमा देवी ने संबोधित करते हुए कहा कि किसान महासभा में माता-बहनों की संख्या प्रतिदिन हजारों में बढ़ रही है और उन्होंने राज्य सरकार से माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना करवाने तथा किसानों को उनका हक दिलवाने की मांग की। सवाई माधोपुर के पूर्व विधायक मोतीलाल मीना भी धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने गंगापुर के विधायक रामकेश मीना की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सड़क से लेकर कोर्ट तक किसानों के हक में लड़ाई लड़ी है, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने किसानों के पक्ष में फैसला दिया। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने राज्य सरकार को नहरों में पानी खोलने के लिए 27 जून तक का समय दिया है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि तब तक पानी नहीं खोला गया, तो 28 जून को किसान भाई एक बहुत बड़ा उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी। धरना स्थल पर भोजन, पेयजल, साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन किया जा रहा है, जिसकी गांववार जिम्मेदारियां पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा निर्धारित की गई हैं। 20 से 21 जून तक दानालपुर, हिंगोट, अरनियां, बनवारीपुर एवं कुट्टीन का पुरा के ग्रामीणों ने समस्त व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व निजी वाहनों से, डीजे की धुन पर नाचते-गाते बड़ी संख्या में धरना स्थल पहुंचे। अब 21 से 22 जून तक ग्राम सेवा, जीवली और डोब के पंच-पटेल, महिला-पुरुष, युवा एवं सभी समाज के आमजन हजारों की संख्या में पहुंचकर आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे। ग्राम खण्डीप में चल रहे इस आंदोलन में किसानों एवं सर्वसमाज की एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी की मिसाल लगातार देखने को मिल रही है।
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    माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी खोलने के आदेश की पालना करवाने और किसानों को उनका हक दिलवाने के लिए ग्राम खण्डीप में चल रहा किसान महापंचायत का धरना आज 16वें दिन भी जारी रहा। कमाण्ड क्षेत्र के किसान लगातार उच्च न्यायालय के आदेशानुसार बांध से पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इस प्रकरण में कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है।

इसी बीच, नयागांव स्थित नंगे बाबा की धूनी के महाराज 1008 श्री प्रमोदगिरी जी एवं अन्य साधु-संतों ने किसान महापंचायत में पहुंचकर किसानों को आशीर्वाद दिया। महाराज ने नंगे बाबा से प्रार्थना की कि सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचे, क्षेत्र को पानी मिले और किसानों के खेत हरियाली से सजे रहें। वहीं, विधायक रामकेश मीना एवं पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने सभी किसानों, युवाओं, महिलाओं और आमजन से अपील की है कि वे आंदोलन में पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से भाग लें। समिति ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार से रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग अथवा अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाए, ताकि आंदोलन की गरिमा बनी रहे और धरना सफलतापूर्वक संचालित होता रहे।

पूर्व मंत्री गोलमा देवी ने संबोधित करते हुए कहा कि किसान महासभा में माता-बहनों की संख्या प्रतिदिन हजारों में बढ़ रही है और उन्होंने राज्य सरकार से माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना करवाने तथा किसानों को उनका हक दिलवाने की मांग की। सवाई माधोपुर के पूर्व विधायक मोतीलाल मीना भी धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने गंगापुर के विधायक रामकेश मीना की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सड़क से लेकर कोर्ट तक किसानों के हक में लड़ाई लड़ी है, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने किसानों के पक्ष में फैसला दिया। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने राज्य सरकार को नहरों में पानी खोलने के लिए 27 जून तक का समय दिया है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि तब तक पानी नहीं खोला गया, तो 28 जून को किसान भाई एक बहुत बड़ा उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी।

धरना स्थल पर भोजन, पेयजल, साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन किया जा रहा है, जिसकी गांववार जिम्मेदारियां पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा निर्धारित की गई हैं। 20 से 21 जून तक दानालपुर, हिंगोट, अरनियां, बनवारीपुर एवं कुट्टीन का पुरा के ग्रामीणों ने समस्त व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व निजी वाहनों से, डीजे की धुन पर नाचते-गाते बड़ी संख्या में धरना स्थल पहुंचे। अब 21 से 22 जून तक ग्राम सेवा, जीवली और डोब के पंच-पटेल, महिला-पुरुष, युवा एवं सभी समाज के आमजन हजारों की संख्या में पहुंचकर आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे। ग्राम खण्डीप में चल रहे इस आंदोलन में किसानों एवं सर्वसमाज की एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी की मिसाल लगातार देखने को मिल रही है।
    user_Uttam Kumar Meena
    Uttam Kumar Meena
    Media and information sciences faculty गंगापुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी खोलने की मांग को लेकर किसानों का धरना आज 16वें दिन भी जारी रहा। माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने और कमांड क्षेत्र के किसानों को उनका हक दिलाने के लिए यह किसान महापंचायत चल रही है, जिसे अब 'जल अधिकार आंदोलन' के रूप में नया बल मिला है। विभिन्न गांवों से किसान प्रतिदिन धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। नयागांव स्थित नंगे बाबा की धूनी के महाराज 1008 श्री प्रमोदगिरी जी और अन्य साधु-संतों ने आज महापंचायत में पहुंचकर कमांड क्षेत्र के किसानों को आशीर्वाद दिया। महाराज ने क्षेत्र को पानी मिलने और किसानों के खेतों में हरियाली छाने की कामना करते हुए 'नंगे बाबा' से प्रार्थना की। इस दौरान सवाई माधोपुर के पूर्व विधायक मोतीलाल मीना और गंगापुर के विधायक रामकेश मीना भी उपस्थित रहे। मोतीलाल मीना ने विधायक रामकेश मीना की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सड़क से लेकर कोर्ट तक किसानों के हक की लड़ाई लड़ी है, जिसका परिणाम रहा कि न्यायालय ने किसानों के पक्ष में फैसला दिया है। पूर्व मंत्री गोलमा देवी ने भी राज्य सरकार से उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने और कमांड क्षेत्र के किसानों को उनका हक दिलाने की मांग की, साथ ही आंदोलन में हजारों की संख्या में शामिल हो रही माता-बहनों का धन्यवाद किया। विधायक रामकेश मीना एवं पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने सभी किसानों, युवाओं, महिलाओं एवं आमजन से अपील की है कि वे पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से आंदोलन में भाग लें, तथा किसी भी प्रकार से रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग या अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाया जाए। पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने राज्य सरकार को नहरों में पानी खोलने के लिए 27 जून तक का समय दिया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि इस अवधि तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो 28 जून को किसान एक बहुत बड़ा उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी। इस दौरान धरना स्थल पर भोजन, पेयजल, साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं, जिनकी जिम्मेदारियां गांववार निर्धारित की गई हैं। 20 से 21 जून तक दानालपुर, हिंगोट, अरनियां, बनवारीपुर और कुट्टीन का पुरा के ग्रामीणों ने सफलतापूर्वक व्यवस्थाएं संभालीं, और किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, निजी वाहनों से एवं डीजे की धुन पर नाचते-गाते बड़ी संख्या में धरना स्थल पहुंचे। अब 21 से 22 जून तक ग्राम सेवा, जीवली और डोब के पंच-पटेल, महिला-पुरुष और युवा सहित सभी समाज के आमजन हजारों की संख्या में पहुंचकर आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे, जो इस आंदोलन में किसानों और सर्वसमाज की एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी का एक उदाहरण बन रहा है।
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    गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी खोलने की मांग को लेकर किसानों का धरना आज 16वें दिन भी जारी रहा। माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने और कमांड क्षेत्र के किसानों को उनका हक दिलाने के लिए यह किसान महापंचायत चल रही है, जिसे अब 'जल अधिकार आंदोलन' के रूप में नया बल मिला है। विभिन्न गांवों से किसान प्रतिदिन धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है।

नयागांव स्थित नंगे बाबा की धूनी के महाराज 1008 श्री प्रमोदगिरी जी और अन्य साधु-संतों ने आज महापंचायत में पहुंचकर कमांड क्षेत्र के किसानों को आशीर्वाद दिया। महाराज ने क्षेत्र को पानी मिलने और किसानों के खेतों में हरियाली छाने की कामना करते हुए 'नंगे बाबा' से प्रार्थना की। इस दौरान सवाई माधोपुर के पूर्व विधायक मोतीलाल मीना और गंगापुर के विधायक रामकेश मीना भी उपस्थित रहे। मोतीलाल मीना ने विधायक रामकेश मीना की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सड़क से लेकर कोर्ट तक किसानों के हक की लड़ाई लड़ी है, जिसका परिणाम रहा कि न्यायालय ने किसानों के पक्ष में फैसला दिया है। पूर्व मंत्री गोलमा देवी ने भी राज्य सरकार से उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने और कमांड क्षेत्र के किसानों को उनका हक दिलाने की मांग की, साथ ही आंदोलन में हजारों की संख्या में शामिल हो रही माता-बहनों का धन्यवाद किया। विधायक रामकेश मीना एवं पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने सभी किसानों, युवाओं, महिलाओं एवं आमजन से अपील की है कि वे पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से आंदोलन में भाग लें, तथा किसी भी प्रकार से रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग या अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाया जाए।

पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने राज्य सरकार को नहरों में पानी खोलने के लिए 27 जून तक का समय दिया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि इस अवधि तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो 28 जून को किसान एक बहुत बड़ा उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी। इस दौरान धरना स्थल पर भोजन, पेयजल, साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं, जिनकी जिम्मेदारियां गांववार निर्धारित की गई हैं। 20 से 21 जून तक दानालपुर, हिंगोट, अरनियां, बनवारीपुर और कुट्टीन का पुरा के ग्रामीणों ने सफलतापूर्वक व्यवस्थाएं संभालीं, और किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, निजी वाहनों से एवं डीजे की धुन पर नाचते-गाते बड़ी संख्या में धरना स्थल पहुंचे। अब 21 से 22 जून तक ग्राम सेवा, जीवली और डोब के पंच-पटेल, महिला-पुरुष और युवा सहित सभी समाज के आमजन हजारों की संख्या में पहुंचकर आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे, जो इस आंदोलन में किसानों और सर्वसमाज की एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी का एक उदाहरण बन रहा है।
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    11 hrs ago
  • हाईवे और मुख्य मार्गों पर यात्रियों के लिए पेट्रोल पंपों पर मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं अक्सर सिर्फ एक छलावा साबित होती हैं। नियमों के अनुसार, पेट्रोल पंपों पर स्वच्छ शौचालय और पीने के पानी की मुफ्त व्यवस्था अनिवार्य है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो ने इन 'सुविधाओं' की पोल खोल दी है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे ये वादे खोखले हैं। सफर के दौरान, विशेषकर परिवार और महिलाओं को, पेट्रोल पंपों पर भारी निराशा का सामना करना पड़ता है। वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश शौचालयों में अत्यधिक गंदगी होती है, जिससे उनका उपयोग करना असंभव हो जाता है। कई पेट्रोल पंप संचालकों ने तो सफाई से बचने के लिए शौचालयों पर ताले ही जड़ दिए हैं, और चाबी मांगने पर टालमटोल भरे जवाब मिलते हैं। इसके अलावा, बुनियादी ढाँचा भी बदहाल है, जैसे नलों में पानी न आना, वॉशबेसिन टूटे होना और कई जगह तो शौचालयों के दरवाजे भी गायब होना। सुरक्षा और निजता के अभाव में महिलाओं और बच्चियों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इंडियन ऑयल, एचपी और भारत पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियों के सख्त निर्देश हैं कि हर पेट्रोल पंप पर स्वच्छ शौचालय और शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। बाहर लगे बड़े-बड़े बोर्ड भी इन सुविधाओं के उपलब्ध होने का दावा करते हैं, बावजूद इसके यात्रियों को केवल बेवकूफ बनाया जा रहा है। इस बदहाली को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि संबंधित विभाग और सरकार पेट्रोल पंपों की निगरानी क्यों नहीं कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की है कि तेल कंपनियों के अधिकारियों और प्रशासन को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने चाहिए। जिन पेट्रोल पंपों पर सुविधाएं केवल कागजों या बोर्ड तक सीमित हैं और वहां ताले लटके मिलते हैं, उनके संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जैसे जुर्माना लगाना या लाइसेंस रद्द करना, होनी चाहिए। यह समस्या किसी एक पेट्रोल पंप की नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में यही हालात हैं, और जनता को सुविधाओं के नाम पर ठगना बंद होना चाहिए तथा जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
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    हाईवे और मुख्य मार्गों पर यात्रियों के लिए पेट्रोल पंपों पर मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं अक्सर सिर्फ एक छलावा साबित होती हैं। नियमों के अनुसार, पेट्रोल पंपों पर स्वच्छ शौचालय और पीने के पानी की मुफ्त व्यवस्था अनिवार्य है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो ने इन 'सुविधाओं' की पोल खोल दी है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे ये वादे खोखले हैं।

सफर के दौरान, विशेषकर परिवार और महिलाओं को, पेट्रोल पंपों पर भारी निराशा का सामना करना पड़ता है। वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश शौचालयों में अत्यधिक गंदगी होती है, जिससे उनका उपयोग करना असंभव हो जाता है। कई पेट्रोल पंप संचालकों ने तो सफाई से बचने के लिए शौचालयों पर ताले ही जड़ दिए हैं, और चाबी मांगने पर टालमटोल भरे जवाब मिलते हैं। इसके अलावा, बुनियादी ढाँचा भी बदहाल है, जैसे नलों में पानी न आना, वॉशबेसिन टूटे होना और कई जगह तो शौचालयों के दरवाजे भी गायब होना। सुरक्षा और निजता के अभाव में महिलाओं और बच्चियों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इंडियन ऑयल, एचपी और भारत पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियों के सख्त निर्देश हैं कि हर पेट्रोल पंप पर स्वच्छ शौचालय और शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। बाहर लगे बड़े-बड़े बोर्ड भी इन सुविधाओं के उपलब्ध होने का दावा करते हैं, बावजूद इसके यात्रियों को केवल बेवकूफ बनाया जा रहा है। इस बदहाली को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि संबंधित विभाग और सरकार पेट्रोल पंपों की निगरानी क्यों नहीं कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की है कि तेल कंपनियों के अधिकारियों और प्रशासन को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने चाहिए। जिन पेट्रोल पंपों पर सुविधाएं केवल कागजों या बोर्ड तक सीमित हैं और वहां ताले लटके मिलते हैं, उनके संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जैसे जुर्माना लगाना या लाइसेंस रद्द करना, होनी चाहिए। यह समस्या किसी एक पेट्रोल पंप की नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में यही हालात हैं, और जनता को सुविधाओं के नाम पर ठगना बंद होना चाहिए तथा जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
    user_Ramsingh Meena
    Ramsingh Meena
    Local News Reporter तालावारा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में स्थित धरना स्थल पर, विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश जी मीणा ने उपस्थित सभी गांवों द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
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    गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में स्थित धरना स्थल पर, विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश जी मीणा ने उपस्थित सभी गांवों द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    11 hrs ago
  • सपोटरा क्षेत्र के 411 गाँवों से 22 जून को खण्डीप में एक विशाल जनसैलाब उमड़ने वाला है। यह आयोजन एक किसान महापंचायत के रूप में हो रहा है, जहाँ पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने की प्रमुख मांग को लेकर लोग एकजुट होंगे। इस महापंचायत में 'किसान एकता ज़िंदाबाद!' और 'पानी कमांड एरिया का अधिकार है हमारा!' जैसे नारे गूंजेंगे। किसानों का स्पष्ट संदेश है कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक पांचना बांध का पानी उनके कमांड एरिया तक नहीं पहुँच जाता। इस मौके पर 'जय जवान! जय किसान!' और 'इंकलाब ज़िंदाबाद!' के जोशीले नारे भी लगाए जाएंगे, जो किसानों के एकजुटता और निर्णायक संघर्ष का प्रतीक होंगे।
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    सपोटरा क्षेत्र के 411 गाँवों से 22 जून को खण्डीप में एक विशाल जनसैलाब उमड़ने वाला है। यह आयोजन एक किसान महापंचायत के रूप में हो रहा है, जहाँ पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने की प्रमुख मांग को लेकर लोग एकजुट होंगे।

इस महापंचायत में 'किसान एकता ज़िंदाबाद!' और 'पानी कमांड एरिया का अधिकार है हमारा!' जैसे नारे गूंजेंगे। किसानों का स्पष्ट संदेश है कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक पांचना बांध का पानी उनके कमांड एरिया तक नहीं पहुँच जाता। इस मौके पर 'जय जवान! जय किसान!' और 'इंकलाब ज़िंदाबाद!' के जोशीले नारे भी लगाए जाएंगे, जो किसानों के एकजुटता और निर्णायक संघर्ष का प्रतीक होंगे।
    user_Kanha sain Khandip
    Kanha sain Khandip
    श्रीमहावीर जी, करौली, राजस्थान•
    10 hrs ago
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