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प्राथमिक स्कूल के मुख्य द्वार पर जलभराव बना मुसीबत, बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर खमरिया खीरी। विकास खंड ईसानगर के प्राथमिक विद्यालय भैसहिया के सामने लंबे समय से जलभराव की समस्या बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने तालाब जैसा हाल होने से रोजाना छात्र-छात्राओं को पानी और कीचड़ के बीच होकर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है। इससे न केवल बच्चों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है, बल्कि उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। इस बाबत ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान विद्यालय के सामने पानी भर जाने से रास्ता पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए अभिभावकों को गोद में उठाकर ले जाना पड़ता है, जबकि शिक्षक भी कठिनाई के बीच विद्यालय पहुंचने को मजबूर हैं। कई बार बच्चे फिसलकर गिर चुके हैं, जिससे अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। यही नही ग्रामीणों ने बताया कि समस्या काफी समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ऐसे में उन्होंने विकास खंड अधिकारी व डीएम से विद्यालय के सामने जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने तथा सड़क को ऊंचा कर आवागमन सुगम बनाने की मांग की है। वही अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा के मंदिर तक पहुंचने का रास्ता ही जब बदहाल होगा तो बच्चों के मनोबल और उनकी नियमित उपस्थिति पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने डीएम व बीडीओ से मांग की है कि नए शैक्षणिक सत्र और बरसात को देखते हुए इस समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाए, ताकि नौनिहालों और शिक्षकों को राहत मिल सके।

11 hrs ago
user_संजय चौहान
संजय चौहान
Newspaper advertising department लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
11 hrs ago

प्राथमिक स्कूल के मुख्य द्वार पर जलभराव बना मुसीबत, बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर खमरिया खीरी। विकास खंड ईसानगर के प्राथमिक विद्यालय भैसहिया के सामने लंबे समय से जलभराव की समस्या बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने तालाब जैसा हाल होने से रोजाना छात्र-छात्राओं को पानी और कीचड़ के बीच होकर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है। इससे न केवल बच्चों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है, बल्कि उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। इस बाबत ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान विद्यालय के सामने पानी भर जाने से रास्ता पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए अभिभावकों को गोद में उठाकर ले जाना पड़ता है, जबकि शिक्षक भी कठिनाई के बीच

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विद्यालय पहुंचने को मजबूर हैं। कई बार बच्चे फिसलकर गिर चुके हैं, जिससे अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। यही नही ग्रामीणों ने बताया कि समस्या काफी समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ऐसे में उन्होंने विकास खंड अधिकारी व डीएम से विद्यालय के सामने जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने तथा सड़क को ऊंचा कर आवागमन सुगम बनाने की मांग की है। वही अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा के मंदिर तक पहुंचने का रास्ता ही जब बदहाल होगा तो बच्चों के मनोबल और उनकी नियमित उपस्थिति पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने डीएम व बीडीओ से मांग की है कि नए शैक्षणिक सत्र और बरसात को देखते हुए इस समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाए, ताकि नौनिहालों और शिक्षकों को राहत मिल सके।

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  • हम अपने देश में एक अजीब समय से गुज़र रहे हैं। छात्र सड़क पर हैं, बहुत दर्द में हैं, वे परीक्षाओं में निष्पक्षता मांग रहे हैं, वे एक ऐसा शिक्षा प्रणाली मांग रहे हैं जो काम करे। दूसरी तरफ हमारे प्रधानमंत्री हैं जो उन्हें माफ कर रहे हैं.उन्हें यह विचार कहां से आया कि उन्हें भारत के भविष्य को माफ करने का हक है - राहुल गांधी हम अपने देश में एक अजीब समय से गुज़र रहे हैं। छात्र सड़क पर हैं, बहुत दर्द में हैं, वे परीक्षाओं में निष्पक्षता मांग रहे हैं, वे एक ऐसा शिक्षा प्रणाली मांग रहे हैं जो काम करे। दूसरी तरफ हमारे प्रधानमंत्री हैं जो उन्हें माफ कर रहे हैं.उन्हें यह विचार कहां से आया कि उन्हें भारत के भविष्य को माफ करने का हक है - राहुल गांधी
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    हम अपने देश में एक अजीब समय से गुज़र रहे हैं। छात्र सड़क पर हैं, बहुत दर्द में हैं, वे परीक्षाओं में निष्पक्षता मांग रहे हैं, वे एक ऐसा शिक्षा प्रणाली मांग रहे हैं जो काम करे। दूसरी तरफ हमारे प्रधानमंत्री हैं जो उन्हें माफ कर रहे हैं.उन्हें यह विचार कहां से आया कि उन्हें भारत के भविष्य को माफ करने का हक है

- राहुल गांधी
हम अपने देश में एक अजीब समय से गुज़र रहे हैं। छात्र सड़क पर हैं, बहुत दर्द में हैं, वे परीक्षाओं में निष्पक्षता मांग रहे हैं, वे एक ऐसा शिक्षा प्रणाली मांग रहे हैं जो काम करे। दूसरी तरफ हमारे प्रधानमंत्री हैं जो उन्हें माफ कर रहे हैं.उन्हें यह विचार कहां से आया कि उन्हें भारत के भविष्य को माफ करने का हक है
- राहुल गांधी
    user_Shoaib Khan
    Shoaib Khan
    Classified ads newspaper publisher लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • कटैला फार्म में दहशत का अंत: पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस लखीमपुर-खीरी की निघासन वन रेंज के कटैला फार्म क्षेत्र में पिछले कई दिनों से दहशत का पर्याय बने तेंदुए को आखिरकार वन विभाग ने मंगलवार को पिंजरे में कैद कर लिया। तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। लंबे समय से क्षेत्र में उसकी मौजूदगी के कारण लोग खेतों पर जाने और बच्चों को अकेले बाहर भेजने से भी डर रहे थे। वन विभाग के अनुसार तेंदुआ अब तक एक कुत्ते, एक बछड़े एवं कई बकरियों समेत तमाम मवेशियों को अपना शिकार बना चुका था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद वन विभाग ने कटैला फार्म निवासी केवल सिंह के खेत में पिंजरा लगाया था। पिंजरे में चारे के रूप में बकरी बांधी गई थी। शिकार की तलाश में पहुंचा तेंदुआ बकरी को पकड़ने के प्रयास में पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसे रेंज कार्यालय ले जाया गया। तेंदुए को देखने के लिए आसपास के ग्रामीणों की भीड़ भी मौके पर जुट गई। रेंजर मोहम्मद मोबीन आरिफ ने बताया कि इस क्षेत्र से पकड़ा गया ये 11वां तेंदुआ है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तेंदुए का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। रेंजर ने बताया कि क्षेत्र में अभी भी कई स्थानों पर पिंजरे लगे हुए हैं। यदि किसी अन्य तेंदुए या बाघ की मौजूदगी के संकेत मिलते हैं तो उसे भी सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर पकड़ा जाएगा। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद कटैला फार्म और आसपास के गांवों के लोगों ने वन विभाग की कार्रवाई पर संतोष जताते हुए राहत की सांस ली।
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    कटैला फार्म में दहशत का अंत: पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
लखीमपुर-खीरी की निघासन वन रेंज के कटैला फार्म क्षेत्र में पिछले कई दिनों से दहशत का पर्याय बने तेंदुए को आखिरकार वन विभाग ने मंगलवार को पिंजरे में कैद कर लिया। तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। लंबे समय से क्षेत्र में उसकी मौजूदगी के कारण लोग खेतों पर जाने और बच्चों को अकेले बाहर भेजने से भी डर रहे थे।
वन विभाग के अनुसार तेंदुआ अब तक एक कुत्ते, एक बछड़े एवं कई बकरियों समेत तमाम मवेशियों को अपना शिकार बना चुका था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद वन विभाग ने कटैला फार्म निवासी केवल सिंह के खेत में पिंजरा लगाया था। पिंजरे में चारे के रूप में बकरी बांधी गई थी। शिकार की तलाश में पहुंचा तेंदुआ बकरी को पकड़ने के प्रयास में पिंजरे में कैद हो गया।
तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसे रेंज कार्यालय ले जाया गया। तेंदुए को देखने के लिए आसपास के ग्रामीणों की भीड़ भी मौके पर जुट गई।
रेंजर मोहम्मद मोबीन आरिफ ने बताया कि इस क्षेत्र से पकड़ा गया ये 11वां तेंदुआ है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तेंदुए का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
रेंजर ने बताया कि क्षेत्र में अभी भी कई स्थानों पर पिंजरे लगे हुए हैं। यदि किसी अन्य तेंदुए या बाघ की मौजूदगी के संकेत मिलते हैं तो उसे भी सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर पकड़ा जाएगा। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद कटैला फार्म और आसपास के गांवों के लोगों ने वन विभाग की कार्रवाई पर संतोष जताते हुए राहत की सांस ली।
    user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • प्राथमिक स्कूल के मुख्य द्वार पर जलभराव बना मुसीबत, बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर खमरिया खीरी। विकास खंड ईसानगर के प्राथमिक विद्यालय भैसहिया के सामने लंबे समय से जलभराव की समस्या बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने तालाब जैसा हाल होने से रोजाना छात्र-छात्राओं को पानी और कीचड़ के बीच होकर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है। इससे न केवल बच्चों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है, बल्कि उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। इस बाबत ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान विद्यालय के सामने पानी भर जाने से रास्ता पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए अभिभावकों को गोद में उठाकर ले जाना पड़ता है, जबकि शिक्षक भी कठिनाई के बीच विद्यालय पहुंचने को मजबूर हैं। कई बार बच्चे फिसलकर गिर चुके हैं, जिससे अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। यही नही ग्रामीणों ने बताया कि समस्या काफी समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ऐसे में उन्होंने विकास खंड अधिकारी व डीएम से विद्यालय के सामने जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने तथा सड़क को ऊंचा कर आवागमन सुगम बनाने की मांग की है। वही अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा के मंदिर तक पहुंचने का रास्ता ही जब बदहाल होगा तो बच्चों के मनोबल और उनकी नियमित उपस्थिति पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने डीएम व बीडीओ से मांग की है कि नए शैक्षणिक सत्र और बरसात को देखते हुए इस समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाए, ताकि नौनिहालों और शिक्षकों को राहत मिल सके।
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    प्राथमिक स्कूल के मुख्य द्वार पर जलभराव बना मुसीबत, बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर

खमरिया खीरी। विकास खंड ईसानगर के प्राथमिक विद्यालय भैसहिया के सामने लंबे समय से जलभराव की समस्या बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने तालाब जैसा हाल होने से रोजाना छात्र-छात्राओं को पानी और कीचड़ के बीच होकर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है। इससे न केवल बच्चों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है, बल्कि उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। इस बाबत
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान विद्यालय के सामने पानी भर जाने से रास्ता पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए अभिभावकों को गोद में उठाकर ले जाना पड़ता है, जबकि शिक्षक भी कठिनाई के बीच विद्यालय पहुंचने को मजबूर हैं। कई बार बच्चे फिसलकर गिर चुके हैं, जिससे अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। यही नही ग्रामीणों ने बताया कि समस्या काफी समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ऐसे में उन्होंने विकास खंड अधिकारी व डीएम से विद्यालय के सामने जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने तथा सड़क को ऊंचा कर आवागमन सुगम बनाने की मांग की है। वही अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा के मंदिर तक पहुंचने का रास्ता ही जब बदहाल होगा तो बच्चों के मनोबल और उनकी नियमित उपस्थिति पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने डीएम व बीडीओ से मांग की है कि नए शैक्षणिक सत्र और बरसात को देखते हुए इस समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाए, ताकि नौनिहालों और शिक्षकों को राहत मिल सके।
    user_संजय चौहान
    संजय चौहान
    Newspaper advertising department लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
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