महोबा में नमामि गंगे योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद 12 गांवों के लोगों को न तो पीने का पानी मिल रहा है और न ही उनकी सड़कें ठीक हुई हैं। इसी को लेकर इन गांवों के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी (DM) को एक सामूहिक शिकायती पत्र सौंपा है। शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार काम अधूरा छोड़कर फरार हो गया है। उनके अनुसार, पाइपलाइन बिछाए जाने के बाद भी घरों तक पानी नहीं पहुँच रहा है, और गांवों की सड़कें खुदी पड़ी हैं, जिससे चारों ओर गंदगी फैली हुई है। इस खराब सड़क व्यवस्था के कारण ग्रामीणों के आवागमन और व्यापार दोनों पर बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस करोड़ों की योजना पर सवाल उठाते हुए इसे एक बड़ा घोटाला या घोर लापरवाही बताया है। उन्होंने DM से मांग की है कि दोषी ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जल्द से जल्द सड़कों की मरम्मत करके पेयजल आपूर्ति बहाल की जाए।
महोबा में नमामि गंगे योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद 12 गांवों के लोगों को न तो पीने का पानी मिल रहा है और न ही उनकी सड़कें ठीक हुई हैं। इसी को लेकर इन गांवों के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी (DM) को एक सामूहिक शिकायती पत्र सौंपा है। शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार काम अधूरा छोड़कर फरार हो गया है। उनके अनुसार, पाइपलाइन बिछाए जाने के बाद भी घरों तक पानी नहीं पहुँच रहा
है, और गांवों की सड़कें खुदी पड़ी हैं, जिससे चारों ओर गंदगी फैली हुई है। इस खराब सड़क व्यवस्था के कारण ग्रामीणों के आवागमन और व्यापार दोनों पर बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस करोड़ों की योजना पर सवाल उठाते हुए इसे एक बड़ा घोटाला या घोर लापरवाही बताया है। उन्होंने DM से मांग की है कि दोषी ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जल्द से जल्द सड़कों की मरम्मत करके पेयजल आपूर्ति बहाल की जाए।
- जनपद महोबा में, किसानों की मेहनत पर डाका डालने वाले वायरिंग चोरों का आखिरकार ग्रामीणों ने खुद भंडाफोड़ कर दिया है। यह कार्रवाई ग्रामीणों द्वारा उन चोरों के खिलाफ की गई, जो क्षेत्र में किसानों की वायरिंग चुराते थे।1
- महोबा जिले के कबरई क्षेत्र में पंचायती राज विभाग के अंतर्गत हो रहे विकास कार्यों में निर्माण मानकों की गंभीर अनदेखी का मामला सामने आया है। इन निर्माण कार्यों में रेत के बजाय प्रतिबंधित डस्ट का उपयोग किया जा रहा है, जिससे परियोजनाओं की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि घटिया सामग्री का इस्तेमाल करके सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। मौके से मिली तस्वीरों में भी साफ देखा जा सकता है कि निर्माण स्थल पर मसाले में डस्ट मिलाई जा रही है, जबकि मानकों के अनुसार इन कार्यों में केवल साफ रेत का ही प्रयोग किया जाना चाहिए। यह स्पष्ट तौर पर मानक के विपरीत प्रतिबंधित डस्ट का इस्तेमाल है।3
- राठ के नारायण गार्डन में 25 मई को दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री रामकेस निषाद ने दीप प्रज्वलित कर इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जिसकी अध्यक्षता जिला अध्यक्ष शकुंतला निषाद ने की। इस अवसर पर सदर विधायक डॉ मनोज प्रजापति, राठ विधायक मनीषा अनुरागी, जिला पंचायत अध्यक्ष जयंती राजपूत, उप सभापति ब्रजकिशोर गुप्ता और प्रशिक्षण कार्यक्रम के संयोजक अनिल यादव सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 200 पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम के पहले दिन सात सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न वक्ताओं ने संगठन के कार्यों, अनुशासन और देशभक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान देश की रक्षा के लिए महापुरुषों के बलिदान और राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व पर गहन चर्चा भी की गई। शामिल होने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में श्रीनिवास बुधौलिया, रामदुलारी चंद्रिका, राजपूत आराधना, अनीता राजपूत, अरविंद मुखिया, मनोज गुप्ता, महेंद्र शर्मा, विजय गुप्ता, सुनील पाठक और विजय पांडे सहित कई अन्य लोग प्रमुख रूप से उपस्थित थे। यह दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 26 मई को चार सत्रों के बाद संपन्न होगा।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पड़ रही भीषण 48 डिग्री सेल्सियस गर्मी से निजात पाने के लिए एक युवक का अनोखा देसी जुगाड़ सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है। गर्मी से बचने के लिए इस युवक ने अपनी बाइक पर बांस और पेड़-पौधों की पत्तियों से एक हरा-भरा शेड बना लिया। इसी 'ग्रीन शेड' वाली बाइक पर सवार होकर वह युवक सैर के लिए निकला, जिसका वीडियो अब जमकर वायरल हो रहा है।1
- छतरपुर जिले की महाराजपुर तहसील के टटम गांव के ग्रामीण अपनी सड़क निर्माण की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर बताया कि उनके गांव में आज तक कोई पक्की सड़क नहीं बन पाई है। उन्होंने अपनी समस्या स्पष्ट करते हुए कहा कि बरसात के समय गांव का संपर्क पूरी तरह से टूट जाता है, जिसके चलते बच्चों, मरीजों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गांव वालों ने एक वीडियो के माध्यम से भी अपनी पूरी समस्या खुलकर बताई और प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कराने की पुरजोर मांग की है।1
- भारतीय जनता पार्टी की नींद 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने उड़ा रखी है। इससे साफ पता चलता है कि भाजपा सरकार से हमारे देश के युवा, गरीब और आम जनता परेशान हैं। ऐसी स्थिति होने के बावजूद भाजपा का राज्य दर राज्य चुनाव जीतते जाना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। संदेश में जोर दिया गया है कि अब भी वक्त है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' के मुद्दों को अमल में लाया जाए।1
- आज नौगांव थाने में आगामी त्यौहार ईद उल अजहा के संबंध में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जो सफलतापूर्वक संपन्न हुई।1
- पनवाड़ी कस्बे के तालाब काजीपुरा क्षेत्र से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है।1