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बच्चा चोर समझकर भीड़ ने घेरा, पुलिस की बांग्ला ने बचाई राजू की जान! 1 साल बाद परिवार से मिलन।

6 hrs ago
user_राहुल कुमार
राहुल कुमार
Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
6 hrs ago

बच्चा चोर समझकर भीड़ ने घेरा, पुलिस की बांग्ला ने बचाई राजू की जान! 1 साल बाद परिवार से मिलन।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • jay tanginath Baba #fabpost #viral #Jay tanginath tempale dumri #परसू भगवान जी का फरसा गाढ़ा है
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    jay tanginath Baba #fabpost #viral 
#Jay tanginath tempale dumri #परसू भगवान जी का फरसा गाढ़ा है
    user_Dehati vlogger Baijnath
    Dehati vlogger Baijnath
    Video production service जशपुर, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • पत्रकार के साथ मारपीट करने वालों को सजा जरुर मिलनी चाहिए क्योंकि उन्होंने अपने ही पर पर कुल्हाड़ी मारना है अभी वीडियो जमकर हो रहा है वायरल आप बोलो कार्रवाई होने से कोई नहीं रोक सकता
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    पत्रकार के साथ मारपीट करने वालों को सजा जरुर मिलनी चाहिए क्योंकि उन्होंने अपने ही पर पर कुल्हाड़ी मारना है अभी वीडियो जमकर हो रहा है वायरल आप बोलो कार्रवाई होने से कोई नहीं रोक सकता
    user_SAMBHU RAVI
    SAMBHU RAVI
    पत्रकार Jashpur, Chhattisgarh•
    19 hrs ago
  • जिसमें डस्ट के जगह गिट्टी और मिट्टी मिलाकर डामरीकरण रोड़ निर्माण किया जा रहा है।
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    जिसमें डस्ट के जगह गिट्टी और मिट्टी मिलाकर डामरीकरण रोड़ निर्माण किया जा रहा है।
    user_क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    Media company सन्ना, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • बैजनाथ जालान महाविद्यालय सिसई परिसर में विद्यार्थियों के द्वारा होली मिलन समारोह कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों ने शिक्षकों को अबीर गुलाल लगाकर आशीर्वाद लिए। और फगुआ , आधुनिक , नागपुरी गीत में जमकर थिरके विद्यार्थी
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    बैजनाथ जालान महाविद्यालय सिसई परिसर में विद्यार्थियों के द्वारा होली मिलन समारोह कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों ने शिक्षकों को अबीर गुलाल लगाकर आशीर्वाद लिए। और फगुआ , आधुनिक , नागपुरी गीत में जमकर थिरके विद्यार्थी
    user_कृष्णा कुमार साहु
    कृष्णा कुमार साहु
    रिपोर्टर सिसई, गुमला, झारखंड•
    5 hrs ago
  • राजू हक्क फुजक धज्जिया वजक्क जन्फुज कलगक
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    राजू हक्क फुजक धज्जिया
वजक्क जन्फुज कलगक
    user_Kulu Garu
    Kulu Garu
    गारू, लातेहार, झारखंड•
    5 hrs ago
  • गारु :पलामू टाइगर रिजर्व के बारेसांढ़ वन क्षेत्र में अतिरिक्त प्रभार को लेकर सुलग रही चिंगारी अब लपटों में बदल चुकी है। आंदोलन के सातवें दिन परेवाटांड़ गांव गुस्से का केंद्र बन गया। सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए। हाथों में तख्तियां, आंखों में आक्रोश और जुबां पर तीखे नारे—पूरा इलाका आंदोलित रहा।“तरुण कुमार सिंह वापस जाओ”, “घूसखोर रेंजर वापस जाओ” और “जल, जंगल, जमीन हमारा है” के नारों से आसमान गूंज उठा। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी आवाज अगर अब भी अनसुनी रही, तो हालात और विस्फोटक होंगे। *गांव-गांव में उबल रहा आक्रोश* डेढ़गांव, बगईकोना, झुमरी, टेनटांड, कुजरूम, लाटू और मायापुर—हर गांव में बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। सात दिनों से जारी आंदोलन अब सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि जनविद्रोह का रूप लेता जा रहा है।परेवाटांड़ की सभा में महिलाएं सबसे आगे दिखीं। बुजुर्गों ने कहा, “जंगल हमारी जिंदगी है, इसे दूर बैठकर नहीं बचाया जा सकता।” युवाओं ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन प्रखंड से जिला मुख्यालय तक पहुंचेगा। *300 किलोमीटर दूर से ‘निगरानी’—कैसे बचेगा जंगल?* ग्रामीणों का आरोप है कि जिस अधिकारी की मूल तैनाती लगभग 300 किलोमीटर दूर आनंदपुर क्षेत्र में है, उन्हें बारेसांढ़ जैसे संवेदनशील वन क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया है।लोग सवाल उठा रहे हैं क्या इतनी दूरी से जंगल की रक्षा संभव है? क्या अवैध कटाई, शिकार और वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हो पाएगा?बारेसांढ़ क्षेत्र जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां के जंगल सिर्फ वन्यजीवों का घर नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों की आजीविका का आधार हैं। ग्रामीणों का कहना है कि “दूर बैठे अफसर” से जंगल और जनता दोनों असुरक्षित हैं। *पूर्व रेंजर का तबादला बना चिंगारी* पूर्व रेंजर नन्द कुमार मेहता के तबादले को लेकर भी लोगों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके कार्यकाल में विभाग और जनता के बीच तालमेल बेहतर था।कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव में तबादला किया गया। हालांकि विभाग ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। *ज्ञापन के बाद भी चुप्पी, बढ़ा असंतोष* ग्रामीणों ने डीएफओ कुमार आशीष को लिखित आवेदन देकर मौजूदा अतिरिक्त प्रभार समाप्त करने और नियमित रेंजर की नियुक्ति की मांग की है।लेकिन सात दिन बीतने के बाद भी ठोस निर्णय नहीं होने से गुस्सा और भड़क उठा है। लोगों का कहना है कि “अगर प्रशासन अब भी नहीं जागा, तो हालात बेकाबू हो सकते हैं।” *अल्टीमेटम: होगा घेराव* प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है—यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो वन विभाग कार्यालय का घेराव किया जाएगा। आंदोलन को जिला स्तर तक ले जाने की रणनीति भी तैयार है।बारेसांढ़ में परेवाटांड़ से उठी यह आग अब शांत होती नहीं दिख रही। प्रशासन की अगली चाल तय करेगी कि यह आंदोलन सुलझेगा या फिर बड़ा टकराव जन्म लेगा।फिलहाल एक बात साफ है—बारेसांढ़ में जंगल ही नहीं, जनभावनाएं भी धधक रही हैं।
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    गारु :पलामू टाइगर रिजर्व के बारेसांढ़ वन क्षेत्र में अतिरिक्त प्रभार को लेकर सुलग रही चिंगारी अब लपटों में बदल चुकी है। आंदोलन के सातवें दिन परेवाटांड़ गांव गुस्से का केंद्र बन गया। सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए। हाथों में तख्तियां, आंखों में आक्रोश और जुबां पर तीखे नारे—पूरा इलाका आंदोलित रहा।“तरुण कुमार सिंह वापस जाओ”, “घूसखोर रेंजर वापस जाओ” और “जल, जंगल, जमीन हमारा है” के नारों से आसमान गूंज उठा। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी आवाज अगर अब भी अनसुनी रही, तो हालात और विस्फोटक होंगे।
*गांव-गांव में उबल रहा आक्रोश* 
डेढ़गांव, बगईकोना, झुमरी, टेनटांड, कुजरूम, लाटू और मायापुर—हर गांव में बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। सात दिनों से जारी आंदोलन अब सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि जनविद्रोह का रूप लेता जा रहा है।परेवाटांड़ की सभा में महिलाएं सबसे आगे दिखीं। बुजुर्गों ने कहा, “जंगल हमारी जिंदगी है, इसे दूर बैठकर नहीं बचाया जा सकता।” युवाओं ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन प्रखंड से जिला मुख्यालय तक पहुंचेगा।
*300 किलोमीटर दूर से ‘निगरानी’—कैसे बचेगा जंगल?* 
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस अधिकारी की मूल तैनाती लगभग 300 किलोमीटर दूर आनंदपुर क्षेत्र में है, उन्हें बारेसांढ़ जैसे संवेदनशील वन क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया है।लोग सवाल उठा रहे हैं क्या इतनी दूरी से जंगल की रक्षा संभव है? क्या अवैध कटाई, शिकार और वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हो पाएगा?बारेसांढ़ क्षेत्र जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां के जंगल सिर्फ वन्यजीवों का घर नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों की आजीविका का आधार हैं। ग्रामीणों का कहना है कि “दूर बैठे अफसर” से जंगल और जनता दोनों असुरक्षित हैं।
*पूर्व रेंजर का तबादला बना चिंगारी* 
पूर्व रेंजर नन्द कुमार मेहता के तबादले को लेकर भी लोगों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके कार्यकाल में विभाग और जनता के बीच तालमेल बेहतर था।कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव में तबादला किया गया। हालांकि विभाग ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
*ज्ञापन के बाद भी चुप्पी, बढ़ा असंतोष* 
ग्रामीणों ने डीएफओ कुमार आशीष को लिखित आवेदन देकर मौजूदा अतिरिक्त प्रभार समाप्त करने और नियमित रेंजर की नियुक्ति की मांग की है।लेकिन सात दिन बीतने के बाद भी ठोस निर्णय नहीं होने से गुस्सा और भड़क उठा है। लोगों का कहना है कि “अगर प्रशासन अब भी नहीं जागा, तो हालात बेकाबू हो सकते हैं।”
*अल्टीमेटम: होगा घेराव* 
प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है—यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो वन विभाग कार्यालय का घेराव किया जाएगा। आंदोलन को जिला स्तर तक ले जाने की रणनीति भी तैयार है।बारेसांढ़ में परेवाटांड़ से उठी यह आग अब शांत होती नहीं दिख रही। प्रशासन की अगली चाल तय करेगी कि यह आंदोलन सुलझेगा या फिर बड़ा टकराव जन्म लेगा।फिलहाल एक बात साफ है—बारेसांढ़ में जंगल ही नहीं, जनभावनाएं भी धधक रही हैं।
    user_निरंजन प्रसाद
    निरंजन प्रसाद
    गारू, लातेहार, झारखंड•
    5 hrs ago
  • हीराडाह की कहानी
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    हीराडाह की कहानी
    user_Dehati vlogger Baijnath
    Dehati vlogger Baijnath
    Video production service जशपुर, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • जहाँ समाचार कवरेज कर रहे एक पत्रकार सुशील बखला के साथ सरेआम मारपीट की गई। ताज्जुब की बात यह है कि यह पूरी घटना भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई, जिसने सुरक्षा व्यवस्था और पत्रकारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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    जहाँ समाचार कवरेज कर रहे एक पत्रकार सुशील बखला के साथ सरेआम मारपीट की गई। ताज्जुब की बात यह है कि यह पूरी घटना भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई, जिसने सुरक्षा व्यवस्था और पत्रकारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    user_क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    Media company सन्ना, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
  • सिसई थाना परिसर में होली त्यौहार को लेकर शांति समिति का बैठक सह होली मिलन समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता अंचलाधिकारी अशोक बड़ाईक के द्वारा किया गया।
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    सिसई थाना परिसर में होली त्यौहार को लेकर शांति समिति का बैठक सह होली मिलन समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता अंचलाधिकारी अशोक बड़ाईक के द्वारा किया गया।
    user_कृष्णा कुमार साहु
    कृष्णा कुमार साहु
    रिपोर्टर सिसई, गुमला, झारखंड•
    5 hrs ago
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