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जशपुर जिले के सन्ना क्षेत्र अंतर्गत लोढ़ेना से लरंगा मार्ग बन रही जिसमें डस्ट के जगह गिट्टी और मिट्टी मिलाकर डामरीकरण रोड़ निर्माण किया जा रहा है।
क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
जशपुर जिले के सन्ना क्षेत्र अंतर्गत लोढ़ेना से लरंगा मार्ग बन रही जिसमें डस्ट के जगह गिट्टी और मिट्टी मिलाकर डामरीकरण रोड़ निर्माण किया जा रहा है।
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- जिसमें डस्ट के जगह गिट्टी और मिट्टी मिलाकर डामरीकरण रोड़ निर्माण किया जा रहा है।1
- Post by राहुल कुमार1
- Post by हमर जशपुर1
- सपना मेकडबू ❤️♥️♥️1
- चैनपुर: कतारी कोना में बच्चा चोर होने की सूचना पर पहुंची चैनपुर पुलिस ने सूझबूझ और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक गुमशुदा युवक को उसके परिजनों से मिलाया। ग्रामीणों द्वारा पकड़ा गया युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त प्रतीत हो रहा था और उसे हिंदी नहीं आती थी, जिससे लोग उसकी बात समझ नहीं पा रहे थे।1
- jay tanginath Baba #fabpost #viral #Jay tanginath tempale dumri #परसू भगवान जी का फरसा गाढ़ा है1
- जलमीनार बंद, कुएं का दूषित पानी पीने को मजबूर जरडा के ग्रामीण – बीमारी फैलने का बढ़ा खतरा जारी प्रखंड अंतर्गत जरडा गांव में सोलर संचालित जलमीनार पिछले दो-तीन वर्षों से खराब पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलमीनार बंद रहने के कारण गांव के लोग मजबूरी में कुएं का गंदा और दूषित पानी पीने को विवश हैं। जानकारी देते हुए ग्रामीणों ने शनिवार की सुबह आठ बजे बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जलमीनार खराब रहने से हर दिन दूर से पानी लाना पड़ता है, जिससे महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक कठिनाई होती है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र मरम्मत नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने बताया कि जलमीनार खराब होने के बाद से वे कुएं पर निर्भर हैं, लेकिन कुएं की स्थिति भी अत्यंत खराब है। आए दिन कुएं में जानवर गिरकर मर जाते हैं, जिससे पानी पूरी तरह दूषित हो जाता है। इसके बावजूद पीने के लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं होने के कारण ग्रामीण उसी पानी का उपयोग कर रहे हैं। दूषित पानी पीने से कई लोग बीमार पड़ रहे हैं। खासकर आयरन की अधिकता और जलजनित रोगों का खतरा बढ़ गया है। बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर इसका गंभीर असर पड़ रहा है। गांव में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से लोगों में आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने जल विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द सोलर संचालित जलमीनार एवं खराब पड़े चापानल की मरम्मत कराई जाए, ताकि गांव में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके और लोगों को गंदा पानी पीने से राहत मिल सके।1
- जहाँ समाचार कवरेज कर रहे एक पत्रकार सुशील बखला के साथ सरेआम मारपीट की गई। ताज्जुब की बात यह है कि यह पूरी घटना भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई, जिसने सुरक्षा व्यवस्था और पत्रकारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1