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चैनपुर: बच्चा चोर समझकर घेरा गया युवक निकला गुमशुदा, चैनपुर पुलिस ने परिवार से मिलाया चैनपुर: कतारी कोना में बच्चा चोर होने की सूचना पर पहुंची चैनपुर पुलिस ने सूझबूझ और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक गुमशुदा युवक को उसके परिजनों से मिलाया। ग्रामीणों द्वारा पकड़ा गया युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त प्रतीत हो रहा था और उसे हिंदी नहीं आती थी, जिससे लोग उसकी बात समझ नहीं पा रहे थे।
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चैनपुर: बच्चा चोर समझकर घेरा गया युवक निकला गुमशुदा, चैनपुर पुलिस ने परिवार से मिलाया चैनपुर: कतारी कोना में बच्चा चोर होने की सूचना पर पहुंची चैनपुर पुलिस ने सूझबूझ और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक गुमशुदा युवक को उसके परिजनों से मिलाया। ग्रामीणों द्वारा पकड़ा गया युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त प्रतीत हो रहा था और उसे हिंदी नहीं आती थी, जिससे लोग उसकी बात समझ नहीं पा रहे थे।
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- गुमला-: आगामी दो मार्च को आठवीं बोर्ड वार्षिक परीक्षा 2026 के मद्देनज़र विद्यार्थियों के मनोबल को सुदृढ़ करने एवं अंतिम तैयारी को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आज दिनांक 28 फरवरी को जिले के सभी विद्यालयों में कक्षा 8 के विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रेरणा सत्र आयोजित किया गया। इस विशेष सत्र के लिए उपायुक्त श्रीमती प्रेरणा दीक्षित द्वारा प्रेरक संदेश दिया गया था जिसे सभी विद्यालयों की प्रार्थना सभा तथा वर्ग कक्षों में विद्यार्थियों को प्रेषित किया गया । अपने इस प्रेरक संदेश में उपायुक्त ने कहा है कि परीक्षा डर नहीं, बल्कि स्वयं को परखने और आगे बढ़ने का अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे आत्मविश्वास बनाए रखें, समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें तथा लक्ष्य निर्धारित कर जुनून और अनुशासन के साथ अध्ययन करें। उपायुक्त ने अपने संदेश में यह भी रेखांकित किया है कि शिक्षा केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया है। विद्यार्थियों को निरंतर ज्ञान की धारा से जुड़े रहने, पढ़ाई को महत्व देने तथा भविष्य की चुनौतियों विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों- के प्रति अभी से सजग एवं जिज्ञासु बनने का आह्वान किया गया है। प्रेरणा सत्र के दौरान शिक्षकों द्वारा परीक्षा की अंतिम तैयारियों से संबंधित महत्वपूर्ण टिप्स साझा किए गए। साथ ही ओएमआर शीट पर उत्तर अंकित करते समय बरती जाने वाली सावधानियों -जैसे प्रश्न संख्या का सावधानीपूर्वक मिलान, सही गोला पूर्णतः भरना, उत्तर बदलने में सतर्कता तथा निर्देशों का पालन पर विशेष चर्चा की गई, ताकि विद्यार्थी किसी भी तकनीकी त्रुटि से बच सकें। डीएसई नूर आलम खां ने बताया कि सभी विद्यालय में सहभागितापूर्ण एवं प्रेरणादायी वातावरण में प्रेरणा सत्र संचालित करते हुए विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान सुनिश्चित कराया गया है । उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन को विश्वास है कि इस नवाचारी पहल से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास सुदृढ़ होगा और वे आगामी परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन करेंगे।2
- चैनपुर: कतारी कोना में बच्चा चोर होने की सूचना पर पहुंची चैनपुर पुलिस ने सूझबूझ और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक गुमशुदा युवक को उसके परिजनों से मिलाया। ग्रामीणों द्वारा पकड़ा गया युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त प्रतीत हो रहा था और उसे हिंदी नहीं आती थी, जिससे लोग उसकी बात समझ नहीं पा रहे थे।1
- जलमीनार बंद, कुएं का दूषित पानी पीने को मजबूर जरडा के ग्रामीण – बीमारी फैलने का बढ़ा खतरा जारी प्रखंड अंतर्गत जरडा गांव में सोलर संचालित जलमीनार पिछले दो-तीन वर्षों से खराब पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलमीनार बंद रहने के कारण गांव के लोग मजबूरी में कुएं का गंदा और दूषित पानी पीने को विवश हैं। जानकारी देते हुए ग्रामीणों ने शनिवार की सुबह आठ बजे बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जलमीनार खराब रहने से हर दिन दूर से पानी लाना पड़ता है, जिससे महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक कठिनाई होती है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र मरम्मत नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने बताया कि जलमीनार खराब होने के बाद से वे कुएं पर निर्भर हैं, लेकिन कुएं की स्थिति भी अत्यंत खराब है। आए दिन कुएं में जानवर गिरकर मर जाते हैं, जिससे पानी पूरी तरह दूषित हो जाता है। इसके बावजूद पीने के लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं होने के कारण ग्रामीण उसी पानी का उपयोग कर रहे हैं। दूषित पानी पीने से कई लोग बीमार पड़ रहे हैं। खासकर आयरन की अधिकता और जलजनित रोगों का खतरा बढ़ गया है। बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर इसका गंभीर असर पड़ रहा है। गांव में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से लोगों में आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने जल विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द सोलर संचालित जलमीनार एवं खराब पड़े चापानल की मरम्मत कराई जाए, ताकि गांव में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके और लोगों को गंदा पानी पीने से राहत मिल सके।1
- Post by Kuldeep kumar1
- jay tanginath Baba #fabpost #viral #Jay tanginath tempale dumri #परसू भगवान जी का फरसा गाढ़ा है1
- पत्रकार के साथ मारपीट करने वालों को सजा जरुर मिलनी चाहिए क्योंकि उन्होंने अपने ही पर पर कुल्हाड़ी मारना है अभी वीडियो जमकर हो रहा है वायरल आप बोलो कार्रवाई होने से कोई नहीं रोक सकता1
- गुमला नगर परिषद चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवार शकुंतला उरांव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी झारखंड मुक्ति मोर्चा की हर्षिता टोप्पो को 3168 वोट से, किया पराजित, शकुंतला उरांव ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ शहर में निकाला विजय जुलूस जगह-जगह लोगों ने मुंह मीठा कराकर किया स्वागत। शकुंतला उरांव ने कहा कि यह मेरे नहीं बल्कि जनता की जीत है बिना किसी भेदभाव के लोगों का विकास ही मेरी पहली प्राथमिकता होगी2
- औरापाट मॉडल गांव में मशरूम से आय की नई शुरुआत पहली तुड़ाई में ही लाभुक परिवारों को मिला प्रत्यक्ष मुनाफा आकांक्षी प्रखंड डुमरी अंतर्गत औरापाट मॉडल गांव में संचालित मशरूम आजीविका परियोजना अब जमीन पर परिणाम देने लगी है। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के मार्गदर्शन में चल रही इस पहल के तहत ऑयस्टर मशरूम की पहली तुड़ाई और विपणन कार्य सफलतापूर्वक शुरू हो गया है। जानकारी देते हुए शुक्रवार की सुबह आठ बजे बताया गया कि पहली खेप की बिक्री से ही लाभुक परिवारों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ है। प्रथम चरण में विभिन्न गांवों के लाभुकों को उल्लेखनीय मुनाफा हुआ है। औरापाट के किसानों को चालीस हजार रुपये, चांदीपाठ को पंद्रह हजार रुपये, कंदापाठ को दस हजार रुपये, चंदावल को चौदह हजार रुपये, राहावाल को पांच हजार रुपये तथा असुरटोली (लाटापानी) को दो हजार रुपये की आय प्राप्त हुई है। पहली तुड़ाई में ही हुई इस आमदनी से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। लाभुक परिवारों ने बताया कि कम लागत और सीमित स्थान में शुरू की गई मशरूम खेती से इतनी शीघ्र आय होना उनके लिए आशा की नई किरण है। इससे पारंपरिक आजीविका के साथ एक अतिरिक्त आय का स्रोत विकसित हुआ है। परियोजना के अंतर्गत डुमरी प्रखंड के पांच सौ पीवीटीजी एवं जनजातीय परिवारों को चरणबद्ध तरीके से जोड़ा जा रहा है। प्रथम चरण में औरापाट के पैंतालीस परिवारों को मशरूम किट और व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया। जिला योजना शाखा द्वारा APP Aggregate के सहयोग से संचालित इस योजना के तहत लाभुकों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण तथा टूल किट प्रदान की गई है। साथ ही एजेंसी द्वारा उत्पादित मशरूम का बाय-बैक सुनिश्चित किए जाने से किसानों को बाजार की चिंता से राहत मिली है और उन्हें उपज का सुनिश्चित मूल्य प्राप्त हो रहा है। आगामी चरण में मशरूम प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना, स्वयं सहायता समूहों को सुदृढ़ करना, पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग की व्यवस्था विकसित करना तथा मूल्य संवर्धित उत्पाद जैसे मशरूम पाउडर, चिप्स, बड़ी और पापड़ तैयार करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। यह पहल क्षेत्र में स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।1