कथा में भगवान राम, जानकी मैया का विवाह संपन्न, आज राम वनवास व सीता हरण की कथा, महिला श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में बनाए शिवलिंग दिगौड़ा 19 अगस्त दिगौड़ा कस्बा के किले में मां जगदंबे के दरबार में 14 से 21 अगस्त से श्रीराम कथा, पार्थिव शिवलिंग निर्माण व अभिषेक का धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कथा वाचिका दीदी दिव्यांशी द्वारा शाम 7 बजे से भक्तों को श्रीराम कथा सुनाई जा रही है, जिसमें आज छठवें दिवस लक्ष्मण परसुराम संवाद, भगवान राम का वनवास, केवट संवाद व सीता हरण की कथा का विस्तार से श्रद्धालुओं को सुनाई जाएगी। पार्थिव शिवलिंग का निर्माण व अभिषेक मंदिर प्रांगण में आयोजित किया जा रहा है। आज मंदिर प्रांगण में महिला श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में ॐ नमः शिवाय का जाप करते हुए 1,02,400 पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर विधि विधान से पूजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में दिगौड़ा सहित आसपास के ग्रामों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण भाग ले रहे हैं। कथा वाचिका दीदी दिव्यांशी द्वारा पांचवें दिन मंगलवार को पुष्प वाटिका, धनुष भंग, भगवान राम जानकी मैया के विवाह की कथा विस्तार से सुनाई गई। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि श्रीराम कथा में भगवान राम और माता सीता के विवाह का प्रसंग (कथा) बड़े ही धूमधाम से सुनाया जाता है। मिथिलांचल (दरभंगा) प्रभु राम का ससुराल माना जाता है, इसलिए राम विवाह कथा का विशेष महत्व है। दीदी दिव्यांशी द्वारा कथा में बताया गया कि महर्षि विश्वामित्र अपने यज्ञ की रक्षा के लिए राजा दशरथ से राम और लक्ष्मण को मांगकर वन ले जाते हैं। मार्ग में प्रभु राम ताड़का और सुबाहु जैसे राक्षसों का वध करके ऋषियों के यज्ञ को संपन्न कराते हैं। यज्ञ संपन्न होने के बाद विश्वामित्र दोनों भाइयों को लेकर राजा जनक की नगरी मिथिला की ओर प्रस्थान करते हैं। रास्ते में भगवान राम अपने चरणों के स्पर्श से पाषाण बनी माता अहिल्या का उद्धार करते हैं। मिथिला पहुँचने पर पुष्प वाटिका में माता सीता गौरी पूजन के लिए फूल चुनने जाती हैं। वहीं पर भगवान राम और लक्ष्मण भी घूम रहे होते हैं। वहाँ पहली बार राम और सीता एक-दूसरे को देखते हैं और दोनों मन ही मन एक-दूसरे को समर्पित हो जाते हैं। राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता के विवाह के लिए शिव धनुष उठाने का स्वयंवर रखा था। सभा में उपस्थित कोई भी राजा उस भारी धनुष को हिला तक नहीं पाता। गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान राम धनुष उठाते हैं और प्रत्यंचा चढ़ाते ही वह धनुष बीच से टूट जाता है। धनुष टूटते ही चारों ओर जय-जयकार होने लगती है और माता सीता आगे बढ़कर भगवान राम के गले में वरमाला डाल देती हैं। राजा जनक अयोध्या में संदेश भेजकर राजा दशरथ को ससम्मान बारात लाने का निमंत्रण देते हैं। अयोध्या से भव्य बारात मिथिलांचल पहुँचती है, जहाँ चारों भाईयों (राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न) का विवाह राजा जनक की बेटियों और भतीजियों से हिन्दू रीति रिवाज से संपन्न होता है। पांचवें दिन की कथा के पश्चात भगवान की आरती की गई और सभी को प्रसाद वितरित किया गया।
कथा में भगवान राम, जानकी मैया का विवाह संपन्न, आज राम वनवास व सीता हरण की कथा, महिला श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में बनाए शिवलिंग दिगौड़ा 19 अगस्त दिगौड़ा कस्बा के किले में मां जगदंबे के दरबार में 14 से 21 अगस्त से श्रीराम कथा, पार्थिव शिवलिंग निर्माण व अभिषेक का धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कथा वाचिका दीदी दिव्यांशी द्वारा शाम 7 बजे से भक्तों को श्रीराम कथा सुनाई जा रही है, जिसमें आज छठवें दिवस लक्ष्मण परसुराम संवाद, भगवान राम का वनवास, केवट संवाद व सीता हरण की कथा का विस्तार से श्रद्धालुओं को सुनाई जाएगी। पार्थिव शिवलिंग का निर्माण व अभिषेक मंदिर प्रांगण में आयोजित किया जा रहा है। आज मंदिर प्रांगण में महिला श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में ॐ नमः शिवाय का जाप करते हुए 1,02,400 पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर विधि विधान से पूजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में दिगौड़ा सहित आसपास के ग्रामों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण भाग ले रहे हैं। कथा वाचिका दीदी दिव्यांशी द्वारा पांचवें दिन मंगलवार को पुष्प वाटिका, धनुष भंग, भगवान राम जानकी मैया के विवाह की कथा विस्तार से सुनाई गई। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि श्रीराम कथा में भगवान राम और माता सीता के विवाह का प्रसंग (कथा) बड़े ही धूमधाम से सुनाया जाता है। मिथिलांचल (दरभंगा) प्रभु राम का ससुराल माना जाता है, इसलिए राम विवाह कथा का विशेष महत्व है। दीदी दिव्यांशी द्वारा कथा में बताया गया कि महर्षि विश्वामित्र अपने यज्ञ की रक्षा के लिए राजा दशरथ से राम और लक्ष्मण को मांगकर वन ले जाते हैं। मार्ग में प्रभु राम ताड़का और सुबाहु जैसे राक्षसों का वध करके ऋषियों के यज्ञ को संपन्न कराते हैं। यज्ञ संपन्न होने के बाद विश्वामित्र दोनों भाइयों को लेकर राजा जनक की नगरी मिथिला की ओर प्रस्थान करते हैं। रास्ते में भगवान राम अपने चरणों के स्पर्श से पाषाण बनी माता अहिल्या का उद्धार करते हैं। मिथिला पहुँचने पर पुष्प वाटिका में माता सीता गौरी पूजन के लिए फूल चुनने जाती हैं। वहीं पर भगवान राम और लक्ष्मण भी घूम रहे होते हैं। वहाँ पहली बार राम और सीता एक-दूसरे को देखते हैं और दोनों मन ही मन एक-दूसरे को समर्पित हो जाते हैं। राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता के विवाह के लिए शिव धनुष उठाने का स्वयंवर रखा था। सभा में उपस्थित कोई भी राजा उस भारी धनुष को हिला तक नहीं पाता। गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान राम धनुष उठाते हैं और प्रत्यंचा चढ़ाते ही वह धनुष बीच से टूट जाता है। धनुष टूटते ही चारों ओर जय-जयकार होने लगती है और माता सीता आगे बढ़कर भगवान राम के गले में वरमाला डाल देती हैं। राजा जनक अयोध्या में संदेश भेजकर राजा दशरथ को ससम्मान बारात लाने का निमंत्रण देते हैं। अयोध्या से भव्य बारात मिथिलांचल पहुँचती है, जहाँ चारों भाईयों (राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न) का विवाह राजा जनक की बेटियों और भतीजियों से हिन्दू रीति रिवाज से संपन्न होता है। पांचवें दिन की कथा के पश्चात भगवान की आरती की गई और सभी को प्रसाद वितरित किया गया।
- विधायक हरिशंकर खटीक ने मुख्यमंत्री के पिछले टीकमगढ़ दौरे का जिक्र करते हुए बताया कि तब क्षेत्र की 14 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था। उन्होंने यह भी बताया कि जतारा में औद्योगिक हब विकसित करने की पहल की गई है, जिसके लिए लगभग 1000 एकड़ जमीन आवंटित करने की बात सामने आई है। इसका उद्देश्य निवेशकों को आकर्षित कर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री से खिरिया से नौगांव तक सड़क के चौड़ीकरण की मांग भी की जाएगी। विधायक हरिशंकर खटीक ने मुख्यमंत्री के पिछले टीकमगढ़ दौरे का जिक्र करते हुए बताया कि तब क्षेत्र की 14 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था। उन्होंने यह भी बताया कि जतारा में औद्योगिक हब विकसित करने की पहल की गई है, जिसके लिए लगभग 1000 एकड़ जमीन आवंटित करने की बात सामने आई है। इसका उद्देश्य निवेशकों को आकर्षित कर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री से खिरिया से नौगांव तक सड़क के चौड़ीकरण की मांग भी की जाएगी।1
- स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में इस अव्यवस्था को लेकर गहरा रोष है। लोगों का कहना है कि: इलाज के नाम पर लोगों की भावनाओं और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बिना पुख्ता सुरक्षा और पार्किंग व्यवस्था के इतने बड़े आयोजन की अनुमति कैसे मिली? स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में इस अव्यवस्था को लेकर गहरा रोष है। लोगों का कहना है कि: इलाज के नाम पर लोगों की भावनाओं और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बिना पुख्ता सुरक्षा और पार्किंग व्यवस्था के इतने बड़े आयोजन की अनुमति कैसे मिली?1
- गायत्री मंदिर में संत गोस्वामी तुलसीदास की जयंती व सवा लाख गायत्री मंत्र का जाप पूर्ण होने पर पूर्ण आहुति यज्ञ का आयोजन दिगौड़ा 19 अगस्त गायत्री शक्ति पीठ मंदिर दिगौड़ा में गायत्री जयंती से सवा लाख गायत्री मंत्र का जाप का आयोजन किया जा रहा था। मंत्र का जाप पूर्ण होने पर एवं रामचरित मानस व हनुमान चालीसा के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती के अवसर पर आज मंदिर में पूर्ण आहुति गायत्री यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें गायत्री परिवार के सदस्यों ने भाग लिया। गायत्री शक्तिपीठ मंदिर दिगौड़ा में आज बुधवार को महान संत गोस्वामी तुलसीदास की जयंती एंव सवा लाख गायत्री मंत्र का जाप पूर्ण होने पर समस्त गायत्री परिवार के सदस्यों ने पूर्ण आहुति गायत्री यज्ञ का आयोजन किया गया। यह यज्ञ गायत्री परिवार के वरिष्ठ सदस्य के.पी.शर्मा जतारा के द्वारा संपन्न कराया गया। यज्ञ में पुजारी संदीप मिश्रा, गायत्री परिवार दिगौड़ा के अरिमर्दन सिंह परिहार, रमेश कुमार संज्ञा, बिष्णु तिवारी, रवि सोनकिया, भारतेन्द्र सिंह परिहार, लक्ष्मन रजक,मनीष संज्ञा, छन्नू अहिरवार सहित गायत्री परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे।1
- ग्राम पंचायत मवई गांव में जोरदार बारिश हुई नालियां नालियों के ऊपर से जाने लगा पानी क्योंकि सफाई नहीं हुई टोल टैक्स वालों की लापरवाही से नालियों का फटना बस स्टैंड1
- ग्राम पंचायत सतगुआ के शासकीय प्राथमिक शाला ऊगड़ सतगुआ में विल्डिंग क्षतिग्रस्त जिम्मेदार मोन ग्राम पंचायत सतगुआ के शासकीय प्राथमिक शाला ऊगड़ सतगुआ में विल्डिंग क्षतिग्रस्त जिम्मेदार मोन । शासकीय प्राथमिक शाला ऊगड़ सतगुआ में दो कमरे में 200 छात्र बैठने पर मजबूर । शिक्षकों के द्वारा कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन दिया गया लेकिन पिछले दो तीन सालों में एक बार इंजीनियर के द्वारा स्टीमेट बनवाकर भिजवाया गया लेकिन आज तक सुधार नही हुआ ।टीकमगढ़ जिले के विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत सतगुआ के शासकीय प्राथमिक शाला ऊगड़ सतगुआ में विल्डिंग की छत पर पानी भरने से जगह जगह से शीलिंग दिखाई दे रही है एक कमरे की छत पूरी तरह से टूट गयी है केवल विध्यालय में दो कमरे शेष है एक कमरे में किताबें रखी हुई है उसी में बच्चों की कक्षाएं लगानी पर मजबूर शिक्षक लगभग 200 बच्चों के नाम दर्ज है बार होती है तो छत गिरने का भय बना रहता है जिससे विध्यालय में बच्चों को बैठने की भी व्यवस्था नहीं है जिस पर विध्यालय के द्वारा कई वार आवेदन दिया गया लेकिन आजतक ना ही जिला शिक्षाधिकारी के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं और जन शिक्षाधिकारी जतारा द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई अब देखना यह है कि प्रदेश के मुखिया शिक्षा व स्वास्थ्य को लेकर आये दिन नयी नयी योजनायें व घोषणाएं करते हैं लेकिन धरातल पर कुछ और ही नजर आ रहा है कलेक्टर महोदय शिक्षा विभाग के लिए कई बड़े बड़े कार्य करते रहते हैं बच्चों के भविष्य के लिए क्या करते हैं या नहीं4
- बुंदेलखंड में पेट्रोल पम्प पर पेट्रोल के रेट बड़े देखिए खास रिपोर्ट राम सिंह यादव जी के साथ1
- प्राइवेट शिक्षक अभय सिंह की हत्या में पांच नामजद आरोपी गिरफ्तार प्राइवेट शिक्षक अभय सिंह की हत्या में पांच नामजद आरोपी गिरफ्तार ललितपुर। कोतवाली ललितपुर पुलिस ने प्राइवेट शिक्षक अभय सिंह की हत्या के मामले में पांच नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने स्कूल से घर लौट रहे अभय सिंह को रास्ते में रोककर कथित रूप से पैसों की मांग की थी। विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट करते हुए उनके सिर पर पत्थर से हमला कर दिया गया था। गंभीर रूप से घायल अभय सिंह की झांसी मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मामला कोतवाली ललितपुर क्षेत्र के झरकौन गांव का है। 10 अगस्त 2026 को अभय सिंह के परिजनों की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई थी। आरोप है कि स्कूल से घर लौटते समय अभय सिंह को रास्ते में रोककर आरोपियों ने पैसों की मांग की। पैसे देने से इनकार करने पर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और सिर पर पत्थर से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर बेहोश हो गए। परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल ललितपुर लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया, जहां उपचार के दौरान अभय सिंह की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने दर्ज मुकदमे में धारा 103(1) बीएनएस की बढ़ोतरी कर हत्या के मामले में कार्रवाई शुरू की। मामले की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों ने लगातार दबिश एवं तलाश अभियान चलाकर मुकदमे में फरार पांचों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मोर सिंह, मनोहर सिंह, बृगभान, राहुल तथा आशीष उर्फ छोटू शामिल हैं। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी मुकदमे में फरार चल रहे थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को नियमानुसार गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।1
- टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत चंदेरी में सड़क बनी तालाब, नालियां हुईं चोक टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत चंदेरी में सड़क बनी तालाब, नालियां हुईं चोक बल्देवगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत चंदेरी में बारिश के बाद सड़क पर जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़क पर पानी जमा होने से राहगीरों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1