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ग्राम पंचायत मवई गांव में जोरदार बारिश हुई नालियां नालियों के ऊपर से जाने लगा पानी क्योंकि सफाई नहीं हुई टोल टैक्स वालों की लापरवाही से नालियों का फटना बस स्टैंड
नाम जावेद खान
ग्राम पंचायत मवई गांव में जोरदार बारिश हुई नालियां नालियों के ऊपर से जाने लगा पानी क्योंकि सफाई नहीं हुई टोल टैक्स वालों की लापरवाही से नालियों का फटना बस स्टैंड
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- ग्राम पंचायत सतगुआ के शासकीय प्राथमिक शाला ऊगड़ सतगुआ में विल्डिंग क्षतिग्रस्त जिम्मेदार मोन ग्राम पंचायत सतगुआ के शासकीय प्राथमिक शाला ऊगड़ सतगुआ में विल्डिंग क्षतिग्रस्त जिम्मेदार मोन । शासकीय प्राथमिक शाला ऊगड़ सतगुआ में दो कमरे में 200 छात्र बैठने पर मजबूर । शिक्षकों के द्वारा कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन दिया गया लेकिन पिछले दो तीन सालों में एक बार इंजीनियर के द्वारा स्टीमेट बनवाकर भिजवाया गया लेकिन आज तक सुधार नही हुआ ।टीकमगढ़ जिले के विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत सतगुआ के शासकीय प्राथमिक शाला ऊगड़ सतगुआ में विल्डिंग की छत पर पानी भरने से जगह जगह से शीलिंग दिखाई दे रही है एक कमरे की छत पूरी तरह से टूट गयी है केवल विध्यालय में दो कमरे शेष है एक कमरे में किताबें रखी हुई है उसी में बच्चों की कक्षाएं लगानी पर मजबूर शिक्षक लगभग 200 बच्चों के नाम दर्ज है बार होती है तो छत गिरने का भय बना रहता है जिससे विध्यालय में बच्चों को बैठने की भी व्यवस्था नहीं है जिस पर विध्यालय के द्वारा कई वार आवेदन दिया गया लेकिन आजतक ना ही जिला शिक्षाधिकारी के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं और जन शिक्षाधिकारी जतारा द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई अब देखना यह है कि प्रदेश के मुखिया शिक्षा व स्वास्थ्य को लेकर आये दिन नयी नयी योजनायें व घोषणाएं करते हैं लेकिन धरातल पर कुछ और ही नजर आ रहा है कलेक्टर महोदय शिक्षा विभाग के लिए कई बड़े बड़े कार्य करते रहते हैं बच्चों के भविष्य के लिए क्या करते हैं या नहीं4
- *पलेरा जनपद अंतर्गत बसतगुवा में सड़क को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी, शनिवार से वीडियो वायरल* पलेरा ।। देश को आजाद हुए 80 वर्ष होने के बावजूद पलेरा जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम बसतगुवा में सड़क जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। गांव की बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों का एक वीडियो शनिवार से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में ग्रामीण गांव के विकास कार्यों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए नजर आ रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अब तक सीसी सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है। बारिश के दिनों में आवागमन की समस्या और बढ़ जाती है। ग्रामीणों के अनुसार चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि गांव में विकास कराने के वादे करते हैं और वोट मांगकर चले जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद गांव की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता।कलेक्टर से गांव आने की मांग ग्रामीणों ने टीकमगढ़ कलेक्टर से ग्राम बसतगुवा का दौरा कर मौके की स्थिति देखने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कलेक्टर के गांव पहुंचने से सड़क सहित अन्य मूलभूत समस्याओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी और विकास कार्यों को गति मिल सकती है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क का स्थल निरीक्षण कराकर आवश्यकतानुसार सीसी सड़क निर्माण की कार्रवाई जल्द शुरू कराई जाए।सोशल मीडिया पर उठी आवाज ग्राम बसतगुवा से सामने आया वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों की ओर से वीडियो के माध्यम से गांव की समस्या प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के बाद जिम्मेदार विभाग गांव की सड़क समस्या को लेकर क्या कदम उठाता है। *इनका कहना है:* मैं दिखवाता हूं किसके अंतर्गत आता है अगर पंचायत के आता है तो जनपद सीईओ को निर्देश दिए जाएंगे: *नीरज खरे एसडीएम जतारा* *पलेरा जनपद अंतर्गत बसतगुवा में सड़क को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी, शनिवार से वीडियो वायरल* पलेरा ।। देश को आजाद हुए 80 वर्ष होने के बावजूद पलेरा जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम बसतगुवा में सड़क जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। गांव की बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों का एक वीडियो शनिवार से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में ग्रामीण गांव के विकास कार्यों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए नजर आ रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अब तक सीसी सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है। बारिश के दिनों में आवागमन की समस्या और बढ़ जाती है। ग्रामीणों के अनुसार चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि गांव में विकास कराने के वादे करते हैं और वोट मांगकर चले जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद गांव की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता।कलेक्टर से गांव आने की मांग ग्रामीणों ने टीकमगढ़ कलेक्टर से ग्राम बसतगुवा का दौरा कर मौके की स्थिति देखने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कलेक्टर के गांव पहुंचने से सड़क सहित अन्य मूलभूत समस्याओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी और विकास कार्यों को गति मिल सकती है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क का स्थल निरीक्षण कराकर आवश्यकतानुसार सीसी सड़क निर्माण की कार्रवाई जल्द शुरू कराई जाए।सोशल मीडिया पर उठी आवाज ग्राम बसतगुवा से सामने आया वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों की ओर से वीडियो के माध्यम से गांव की समस्या प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के बाद जिम्मेदार विभाग गांव की सड़क समस्या को लेकर क्या कदम उठाता है। *इनका कहना है:* मैं दिखवाता हूं किसके अंतर्गत आता है अगर पंचायत के आता है तो जनपद सीईओ को निर्देश दिए जाएंगे: *नीरज खरे एसडीएम जतारा*4
- परियोजना अधिकारी को किया गया सस्पेंड,,, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है परियोजना अधिकारी महेश दोहरे को किया गया सस्पेंड,,, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है1
- शिक्षक के तबादले से नाराज छात्रों ने किया चक्का जाम टीकमगढ़। बल्देवगढ़ क्षेत्र के बनयानी गांव में छात्र-छात्राओं ने मजना-खरगापुर मार्ग पर हाई स्कूल के सामने चक्का जाम कर दिया। छात्र शिक्षक हरदास कुशवाहा के तबादले से नाराज हैं। उन्होंने स्थानांतरण निरस्त कर शिक्षक को वापस बनयानी स्कूल में पदस्थ करने की मांग की। चक्का जाम के चलते मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा। छात्र-छात्राओं का कहना है कि जब तक शिक्षक हरदास कुशवाहा को वापस स्कूल में पदस्थ नहीं किया जाता, तब तक उनकी मांग जारी रहेगी। #school #students #मजना #बल्देवगढ़1
- बारिश में हमारे यहां पर गांव में सभी ग्राम वासियों को बहुत ही कठिनाई होती है। आप लोग हमारा समर्थन करते हुऐ। बारिश के दौरान हमारे यहां पर गांव में एक तरफ से दूसरी तरफ निकलना मुश्किल हो जाता है।1
- मुख्य मार्ग पर पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित, ग्रामीणों ने जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की चंदेरी में बीच मार्ग पर जलभराव, ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी मुख्य मार्ग पर पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित, ग्रामीणों ने जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की खरगापुर। जनपद पंचायत बल्देवगढ़ के अंतर्गत आने वाले ग्राम चंदेरी में बारिश के बाद बीच मार्ग पर जलभराव की स्थिति बनने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। मार्ग पर पानी जमा होने के कारण राहगीरों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी मार्ग पर ही जमा हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार गांव के इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। जलभराव के कारण पैदल निकलने वाले ग्रामीणों के साथ दोपहिया और अन्य वाहन चालकों को भी परेशानी हो रही है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दौरान मार्ग पर पानी जमा होने की समस्या बार-बार सामने आती है। इसके बावजूद अब तक जल निकासी के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों ने संबंधित पंचायत एवं प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित कराते हुए मौके का निरीक्षण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई तो आगामी बारिश में समस्या और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से मार्ग पर जमा पानी की निकासी कराने के साथ स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कार्य कराने की मांग की है।2
- शिकायतकर्ता को धमकाने और लापरवाही पर परियोजना अधिकारी निलंबित टीकमगढ़। महिला एवं बाल विकास विभाग ने बल्देवगढ़ बाल विकास परियोजना अधिकारी महेश दोहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई शासकीय कार्यों में लापरवाही, नियमों के विपरीत कार्य करने और शिकायतकर्ता को कथित तौर पर धमकाने के मामले में की गई है। निलंबन आदेश 19 अगस्त 2026 को जारी हुआ। आदेश के अनुसार, बल्देवगढ़ में एक नियुक्ति प्रक्रिया में ग्राम स्तर पर सार्वजनिक सूचना जारी नहीं करने और योग्य आवेदकों को अवसर नहीं देने संबंधी शिकायत सामने आई थी। विभाग ने इसे नियमों के विपरीत प्रक्रिया बताते हुए गंभीरता से लिया। इसके अलावा परियोजना अधिकारी को प्रत्येक माह कम से कम 12 दिन भ्रमण कर 24 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करना था, लेकिन अप्रैल से मई 2026 के बीच निर्धारित लक्ष्य 48 निरीक्षणों के विरुद्ध केवल 17 निरीक्षण किए गए। यह लक्ष्य का महज 35 प्रतिशत था। वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी के निरीक्षण के दौरान मिली कमियों पर पालन प्रतिवेदन 10 दिन में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन परियोजना अधिकारी द्वारा समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। मामला तब और गंभीर हो गया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया पाया गया कि शिकायतकर्ता अशोक तन्मय छक्कीलाल निवासी खुड़ो नजरदारी द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर आंगनबाड़ी केंद्र संबंधी शिकायत की गई थी। शिकायत बंद कराने के लिए परियोजना अधिकारी द्वारा कथित रूप से दबाव बनाया गया। वीडियो में शिकायतकर्ता से आपत्तिजनक तरीके से बात किए जाने की बात भी आदेश में दर्ज है। महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता ने इन मामलों को शासकीय कार्य में घोर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता मानते हुए महेश दोहरे को मप्र सिविल सेवा नियम-1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास, सागर संभाग रहेगा। प्रशासन ने की एक तरफा कार्रवाई निलंबित परियोजना अधिकारी महेश दोहरे का कहना है कि प्रशासन द्वारा एक तरफा कार्रवाई की गई ना तो वीडियो की जांच कराई गई ना ही मुझे नोटिस दिया गया। शिकायतकर्ता को धमकाने और लापरवाही पर परियोजना अधिकारी निलंबित टीकमगढ़। महिला एवं बाल विकास विभाग ने बल्देवगढ़ बाल विकास परियोजना अधिकारी महेश दोहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई शासकीय कार्यों में लापरवाही, नियमों के विपरीत कार्य करने और शिकायतकर्ता को कथित तौर पर धमकाने के मामले में की गई है। निलंबन आदेश 19 अगस्त 2026 को जारी हुआ। आदेश के अनुसार, बल्देवगढ़ में एक नियुक्ति प्रक्रिया में ग्राम स्तर पर सार्वजनिक सूचना जारी नहीं करने और योग्य आवेदकों को अवसर नहीं देने संबंधी शिकायत सामने आई थी। विभाग ने इसे नियमों के विपरीत प्रक्रिया बताते हुए गंभीरता से लिया। इसके अलावा परियोजना अधिकारी को प्रत्येक माह कम से कम 12 दिन भ्रमण कर 24 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करना था, लेकिन अप्रैल से मई 2026 के बीच निर्धारित लक्ष्य 48 निरीक्षणों के विरुद्ध केवल 17 निरीक्षण किए गए। यह लक्ष्य का महज 35 प्रतिशत था। वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी के निरीक्षण के दौरान मिली कमियों पर पालन प्रतिवेदन 10 दिन में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन परियोजना अधिकारी द्वारा समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। मामला तब और गंभीर हो गया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया पाया गया कि शिकायतकर्ता अशोक तन्मय छक्कीलाल निवासी खुड़ो नजरदारी द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर आंगनबाड़ी केंद्र संबंधी शिकायत की गई थी। शिकायत बंद कराने के लिए परियोजना अधिकारी द्वारा कथित रूप से दबाव बनाया गया। वीडियो में शिकायतकर्ता से आपत्तिजनक तरीके से बात किए जाने की बात भी आदेश में दर्ज है। महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता ने इन मामलों को शासकीय कार्य में घोर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता मानते हुए महेश दोहरे को मप्र सिविल सेवा नियम-1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास, सागर संभाग रहेगा। प्रशासन ने की एक तरफा कार्रवाई निलंबित परियोजना अधिकारी महेश दोहरे का कहना है कि प्रशासन द्वारा एक तरफा कार्रवाई की गई ना तो वीडियो की जांच कराई गई ना ही मुझे नोटिस दिया गया।3