फर्रुखाबाद में किसान दिवस आयोजित, फार्मर रजिस्ट्री व खुली बोली व्यवस्था पर जोर बुधवार को विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर किसानों की समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण कपिल कुमार, उप कृषि निदेशक अरविन्द मोहन मिश्र, कृषि विज्ञान केन्द्र जाजपुर बंजारा के वैज्ञानिक डॉ. महेन्द्र प्रसाद, अपर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बी.पी. सिंह, जिला आलू एवं शाकभाजी अधिकारी राघवेन्द्र सिंह, पर्यावरण विशेषज्ञ गुंजा जैन, अधिशासी अभियंता विद्युत सुशील कुमार सहित कृषि, सिंचाई, सहकारिता, मंडी, मत्स्य, गन्ना, जल निगम, लोक निर्माण विभाग व अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उप कृषि निदेशक ने किसानों का स्वागत करते हुए कहा कि जनपद में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य प्रगति पर है। सभी किसान अपने एवं परिवार के उन सदस्यों की फार्मर रजिस्ट्री अवश्य कराएं जिनके नाम भूमि दर्ज है। उन्होंने मृदा परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही उर्वरकों के प्रयोग तथा जीवांश कार्बन बढ़ाने के लिए हरी खाद, वर्मी कम्पोस्ट और सड़ी गोबर की खाद के उपयोग की सलाह दी। पर्यावरण विशेषज्ञ गुंजा जैन ने आलू फसल में चेचक रोग से बचाव हेतु फसल चक्र अपनाने और बुवाई से पूर्व बीज शोधन कराने पर जोर दिया। साथ ही नैनो यूरिया व नैनो डीएपी के संतुलित प्रयोग की सलाह दी। प्रगतिशील किसान राममोहन दीक्षित ने मंडी समिति सातनपुर में आलू की खरीद के दौरान अगौछे में मूल्य तय करने की प्रथा पर आपत्ति जताई। उन्होंने मांग की कि फसल का मूल्य खुली बोली के माध्यम से तय किया जाए, ताकि किसानों को सही दाम मिल सके। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अजय कटियार ने लिंक एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित की जा रही भूमि का सर्किल रेट बढ़ाने तथा बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा दिलाने की मांग उठाई। कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. महेन्द्र प्रसाद ने पशुपालन पर जोर देते हुए कहा कि दूध न देने की स्थिति में भी पशुओं को जीवन निर्वाह आहार अवश्य दिया जाए। हरा चारा व संतुलित दाना वर्षभर उपलब्ध कराया जाए तथा तीन लीटर दूध उत्पादन पर एक किलोग्राम दाना देने की सलाह दी। पशुओं की नियमित देखभाल और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। अंत में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी किसानों से फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील की तथा किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
फर्रुखाबाद में किसान दिवस आयोजित, फार्मर रजिस्ट्री व खुली बोली व्यवस्था पर जोर बुधवार को विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर किसानों की समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण कपिल कुमार, उप कृषि निदेशक अरविन्द मोहन मिश्र, कृषि विज्ञान केन्द्र जाजपुर बंजारा के वैज्ञानिक डॉ. महेन्द्र प्रसाद, अपर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बी.पी. सिंह, जिला आलू एवं शाकभाजी अधिकारी राघवेन्द्र सिंह, पर्यावरण विशेषज्ञ गुंजा जैन, अधिशासी अभियंता विद्युत सुशील कुमार सहित कृषि, सिंचाई, सहकारिता, मंडी, मत्स्य, गन्ना, जल निगम, लोक निर्माण विभाग व अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उप कृषि निदेशक ने किसानों का स्वागत करते हुए कहा कि जनपद में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य प्रगति पर है। सभी किसान अपने एवं परिवार के उन सदस्यों की फार्मर रजिस्ट्री अवश्य कराएं जिनके नाम भूमि दर्ज है। उन्होंने मृदा परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही उर्वरकों के प्रयोग तथा जीवांश कार्बन बढ़ाने के लिए हरी खाद, वर्मी कम्पोस्ट और सड़ी गोबर की खाद के उपयोग की सलाह दी। पर्यावरण विशेषज्ञ गुंजा जैन ने आलू फसल में चेचक रोग से बचाव हेतु फसल चक्र अपनाने और बुवाई से पूर्व बीज शोधन कराने पर जोर दिया। साथ ही नैनो यूरिया व नैनो डीएपी के संतुलित प्रयोग की सलाह दी। प्रगतिशील किसान राममोहन दीक्षित ने मंडी समिति सातनपुर में आलू की खरीद के दौरान अगौछे में मूल्य तय करने की प्रथा पर आपत्ति जताई। उन्होंने मांग की कि फसल का मूल्य खुली बोली के माध्यम से तय किया जाए, ताकि किसानों को सही दाम मिल सके। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अजय कटियार ने लिंक एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित की जा रही भूमि का सर्किल रेट बढ़ाने तथा बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा दिलाने की मांग उठाई। कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. महेन्द्र प्रसाद ने पशुपालन पर जोर देते हुए कहा कि दूध न देने की स्थिति में भी पशुओं को जीवन निर्वाह आहार अवश्य दिया जाए। हरा चारा व संतुलित दाना वर्षभर उपलब्ध कराया जाए तथा तीन लीटर दूध उत्पादन पर एक किलोग्राम दाना देने की सलाह दी। पशुओं की नियमित देखभाल और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। अंत में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी किसानों से फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील की तथा किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
- *हमले के बाद थाना अध्यक्ष पर गंभीर आरोप,लगातार विवादों के बावजूद उच्च अधिकारी साधे चुप्पी* अमृतपुर/फर्रुखाबाद। थाना अमृतपुर क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर लाठी-डंडों से हमला करने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए थाना अध्यक्ष पर भी लापरवाही और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय स्तर पर थाना अध्यक्ष को लेकर लगातार विवाद की चर्चाएं हैं, बावजूद इसके उच्च अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित ने तहरीर में बताया कि 15 फरवरी 2026 की शाम करीब 7 बजे वह अपने गांव की ओर जा रहा था। आरोप है कि इसी दौरान गांव पिथनापुर के कुछ युवक,शामिल थे, ने उसे रास्ते में रोक लिया। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की और विरोध करने पर लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। एक आरोपी के हाथ में रायफल भी बताई गई है। हमले में युवक को चोटें आईं। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घायल युवक का आरोप है कि जब वह शिकायत लेकर अमृतपुर थाने पहुंचा तो थाना अध्यक्ष मोनू शाक्या ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज करते हुए थाने से भगा दिया और मेडिकल परीक्षण भी नहीं कराया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि थाना क्षेत्र में लगातार लापरवाही, पक्षपात और भेदभाव की शिकायतें सामने आ रही हैं। उसके मुताबिक, अमृतपुर थाना इस समय “दलालों का अड्डा” बन चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना अध्यक्ष को लेकर पूर्व में भी विवाद सामने आते रहे हैं, लेकिन अब तक उच्च अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।2
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- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- जिला अध्यक्ष की बात सुनिये किया बोल दिया1
- फर्रुखाबाद फतेहगढ़ चौराहे से लेकर भोलेपुर तक चला अतिक्रमण हटाओ अभियान जिस अभियान के तहत नगर पालिका द्वारा पीला पंजा चलाया गया और जो भी रोड के किनारे आक्रमण लगा था उसे हटाया गया जहां पर कई दुकानों को दोस्त किया गया और सभी को चेतावनी दी गई की रोड के किनारे कोई भी स्थाई जगाना बनाया और खाली करने की अपील भी की गई जिनके द्वारा खोखा हटा लिया गया और जिन लोगों ने नहीं हटाया उन लोगों को तोड़फोड़ की गई1
- नौगवाँ शाहजहांपुर रधुनाथपुर2
- एक घंटे में 60 मिनट इसलिए होते हैं क्योंकि यह प्राचीन बेबीलोन (Babylonian) सभ्यता की 4,000 साल गणना प्रणाली पर आधारित है। 60 एक ऐसी संख्या है जो आसानी से 1, 2, 3, 4, 5, 6, 10, 12, 15, 20 और 30 से विभाजित हो सकती है, जिससे समय को छोटे भागों में बांटना बेहद सुविधाजनक हो जाता है। [1, 2, 3, 4 • गणितीय सुविधा (Mathematical Ease (12 और 60 का महत्व) बताते हैं कि 10 या 100 की तुलना में 60 के अधिक विभाजक (divisors) होते हैं, जो गणनाओं को आसान बनाते हैं। • प्राचीन खगोल विज्ञान (Ancient Astronomy): बेबीलोनियन और सुमेरियन खगोलविदों ने 60-आधारित प्रणाली का उपयोग किया क्योंकि यह खगोलीय गणनाओं (जैसे 360-डिग्री का वृत्त) के साथ अच्छी तरह से मेल खाता था। • इतिहास और परंपरा: यूनानियों (Greeks) ने इसी पद्धति को आगे बढ़ाया, और समय के साथ यह पूरी दुनिया में समय मापने का मानक (Standard) बन गया। [1, 2, 3, 5, 6, 7] संक्षेप में: यह एक ऐतिहासिक और सुविधाजनक गणितीय परंपरा है, न कि 59 या 61 की कोई अन्य तार्किक आवश्यकता।1
- अमृतपुर में सख्ती के बीच शुरू हुई बोर्ड परीक्षा, तलाशी के बाद मिला प्रवेश; 13 कमरों में होंगे एग्जाम अमृतपुर। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अमृतपुर स्थित दयानंद इंटर कॉलेज अमृतपुर में प्रथम पाली की परीक्षा कड़ी निगरानी के बीच संपन्न कराई गई। परीक्षा केंद्र पर छात्र-छात्राओं को प्रवेश से पहले सघन तलाशी के बाद ही अंदर जाने दिया गया। पूरे विद्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है। केंद्र व्यवस्थापक व प्रधानाध्यापक राकेश गुप्ता ने बताया कि परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए 40 शिक्षकों की मांग पूर्व में भेजी गई थी, लेकिन अंतिम समय पर केवल 21 अध्यापक ही उपलब्ध कराए गए। उन्होंने बताया कि 10 महिला कक्ष निरीक्षकों की तत्काल आवश्यकता है, जबकि मौके पर केवल दो महिला कक्ष निरीक्षक ही तैनात रहीं। स्टेट मजिस्ट्रेट अनिल कुमार व बाय मजिस्ट्रेट सुनील कुमार की मौजूदगी में परीक्षा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। केंद्र व्यवस्थापक ने बताया कि गुरुवार को कुल 13 कमरों में छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। सभी कक्षों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की नकल या अव्यवस्था की स्थिति न बने। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अमृतपुर थाना की पुलिस टीम भी मुस्तैद रही। थाना अध्यक्ष मोनू शाक्या, उप निरीक्षक खूबेलाल व महिला कांस्टेबल अनीता वर्मा समेत पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। प्रशासन की सख्ती और निगरानी के बीच पहले दिन की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने की बात अधिकारियों ने कही।4