अमृतपुर में सख्ती के बीच शुरू हुई बोर्ड परीक्षा, तलाशी के बाद मिला प्रवेश; 13 कमरों में होंगे एग्जाम अमृतपुर में सख्ती के बीच शुरू हुई बोर्ड परीक्षा, तलाशी के बाद मिला प्रवेश; 13 कमरों में होंगे एग्जाम अमृतपुर। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अमृतपुर स्थित दयानंद इंटर कॉलेज अमृतपुर में प्रथम पाली की परीक्षा कड़ी निगरानी के बीच संपन्न कराई गई। परीक्षा केंद्र पर छात्र-छात्राओं को प्रवेश से पहले सघन तलाशी के बाद ही अंदर जाने दिया गया। पूरे विद्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है। केंद्र व्यवस्थापक व प्रधानाध्यापक राकेश गुप्ता ने बताया कि परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए 40 शिक्षकों की मांग पूर्व में भेजी गई थी, लेकिन अंतिम समय पर केवल 21 अध्यापक ही उपलब्ध कराए गए। उन्होंने बताया कि 10 महिला कक्ष निरीक्षकों की तत्काल आवश्यकता है, जबकि मौके पर केवल दो महिला कक्ष निरीक्षक ही तैनात रहीं। स्टेट मजिस्ट्रेट अनिल कुमार व बाय मजिस्ट्रेट सुनील कुमार की मौजूदगी में परीक्षा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। केंद्र व्यवस्थापक ने बताया कि गुरुवार को कुल 13 कमरों में छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। सभी कक्षों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की नकल या अव्यवस्था की स्थिति न बने। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अमृतपुर थाना की पुलिस टीम भी मुस्तैद रही। थाना अध्यक्ष मोनू शाक्या, उप निरीक्षक खूबेलाल व महिला कांस्टेबल अनीता वर्मा समेत पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। प्रशासन की सख्ती और निगरानी के बीच पहले दिन की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने की बात अधिकारियों ने कही।
अमृतपुर में सख्ती के बीच शुरू हुई बोर्ड परीक्षा, तलाशी के बाद मिला प्रवेश; 13 कमरों में होंगे एग्जाम अमृतपुर में सख्ती के बीच शुरू हुई बोर्ड परीक्षा, तलाशी के बाद मिला प्रवेश; 13 कमरों में होंगे एग्जाम अमृतपुर। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अमृतपुर स्थित दयानंद इंटर कॉलेज अमृतपुर में प्रथम पाली की परीक्षा कड़ी निगरानी के बीच संपन्न कराई गई। परीक्षा केंद्र पर
छात्र-छात्राओं को प्रवेश से पहले सघन तलाशी के बाद ही अंदर जाने दिया गया। पूरे विद्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है। केंद्र व्यवस्थापक व प्रधानाध्यापक राकेश गुप्ता ने बताया कि परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए 40 शिक्षकों की मांग पूर्व में भेजी गई थी, लेकिन अंतिम समय पर केवल 21 अध्यापक ही उपलब्ध कराए
गए। उन्होंने बताया कि 10 महिला कक्ष निरीक्षकों की तत्काल आवश्यकता है, जबकि मौके पर केवल दो महिला कक्ष निरीक्षक ही तैनात रहीं। स्टेट मजिस्ट्रेट अनिल कुमार व बाय मजिस्ट्रेट सुनील कुमार की मौजूदगी में परीक्षा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। केंद्र व्यवस्थापक ने बताया कि गुरुवार को कुल 13 कमरों में छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। सभी कक्षों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की
जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की नकल या अव्यवस्था की स्थिति न बने। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अमृतपुर थाना की पुलिस टीम भी मुस्तैद रही। थाना अध्यक्ष मोनू शाक्या, उप निरीक्षक खूबेलाल व महिला कांस्टेबल अनीता वर्मा समेत पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। प्रशासन की सख्ती और निगरानी के बीच पहले दिन की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने की बात अधिकारियों ने कही।
- *हमले के बाद थाना अध्यक्ष पर गंभीर आरोप,लगातार विवादों के बावजूद उच्च अधिकारी साधे चुप्पी* अमृतपुर/फर्रुखाबाद। थाना अमृतपुर क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर लाठी-डंडों से हमला करने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए थाना अध्यक्ष पर भी लापरवाही और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय स्तर पर थाना अध्यक्ष को लेकर लगातार विवाद की चर्चाएं हैं, बावजूद इसके उच्च अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित ने तहरीर में बताया कि 15 फरवरी 2026 की शाम करीब 7 बजे वह अपने गांव की ओर जा रहा था। आरोप है कि इसी दौरान गांव पिथनापुर के कुछ युवक,शामिल थे, ने उसे रास्ते में रोक लिया। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की और विरोध करने पर लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। एक आरोपी के हाथ में रायफल भी बताई गई है। हमले में युवक को चोटें आईं। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घायल युवक का आरोप है कि जब वह शिकायत लेकर अमृतपुर थाने पहुंचा तो थाना अध्यक्ष मोनू शाक्या ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज करते हुए थाने से भगा दिया और मेडिकल परीक्षण भी नहीं कराया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि थाना क्षेत्र में लगातार लापरवाही, पक्षपात और भेदभाव की शिकायतें सामने आ रही हैं। उसके मुताबिक, अमृतपुर थाना इस समय “दलालों का अड्डा” बन चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना अध्यक्ष को लेकर पूर्व में भी विवाद सामने आते रहे हैं, लेकिन अब तक उच्च अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।2
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- पत्नी ने अज्ञात पर लगाया हत्या का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग फर्रुखाबाद। थाना राजेपुर क्षेत्र के गांव हरिहरपुर निवासी संतोष सिंह (42) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। युवक के साथ हुई मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल बताया जा रहा है। मृतक की पत्नी मोनी ने अज्ञात लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों के अनुसार संतोष सिंह गाजियाबाद की दुर्गा कॉलोनी में अपने साढ़ू सोनू सिंह के साथ टाइल लगाने का कार्य करते थे। घटना से पूर्व संतोष ने अपनी पत्नी को फोन कर बताया था कि कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की है और उनके मुंह पर चोट लगी है। इतना कहने के बाद फोन कट गया। इसके बाद परिजनों का उनसे संपर्क नहीं हो सका। घटना की सूचना पर राजेपुर थाना पुलिस ने 15 फरवरी 2026 को शव का पोस्टमार्टम कराया। चूंकि घटना स्थल गाजियाबाद बताया जा रहा है, इसलिए पुलिस ने परिजनों को संबंधित थाने में तहरीर देने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी हो सकेगी। मृतक संतोष सिंह अपनी वृद्ध माता के इकलौते पुत्र थे। परिवार में पत्नी मोनी, 9 वर्षीय बेटी देवांशी और एक वर्ष का पुत्र बिनायक हैं। संतोष ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी अचानक मौत से परिवार पर आर्थिक और मानसिक संकट गहरा गया है। फिलहाल संतोष की मौत रहस्य बनी हुई है। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।1
- फर्रुखाबाद व्यूरो रिपोर्ट राजेपुर 24 घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई ।1
- जिला अध्यक्ष की बात सुनिये किया बोल दिया1
- फर्रुखाबाद फतेहगढ़ चौराहे से लेकर भोलेपुर तक चला अतिक्रमण हटाओ अभियान जिस अभियान के तहत नगर पालिका द्वारा पीला पंजा चलाया गया और जो भी रोड के किनारे आक्रमण लगा था उसे हटाया गया जहां पर कई दुकानों को दोस्त किया गया और सभी को चेतावनी दी गई की रोड के किनारे कोई भी स्थाई जगाना बनाया और खाली करने की अपील भी की गई जिनके द्वारा खोखा हटा लिया गया और जिन लोगों ने नहीं हटाया उन लोगों को तोड़फोड़ की गई1
- नौगवाँ शाहजहांपुर रधुनाथपुर2
- अमृतपुर में सख्ती के बीच शुरू हुई बोर्ड परीक्षा, तलाशी के बाद मिला प्रवेश; 13 कमरों में होंगे एग्जाम अमृतपुर। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अमृतपुर स्थित दयानंद इंटर कॉलेज अमृतपुर में प्रथम पाली की परीक्षा कड़ी निगरानी के बीच संपन्न कराई गई। परीक्षा केंद्र पर छात्र-छात्राओं को प्रवेश से पहले सघन तलाशी के बाद ही अंदर जाने दिया गया। पूरे विद्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है। केंद्र व्यवस्थापक व प्रधानाध्यापक राकेश गुप्ता ने बताया कि परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए 40 शिक्षकों की मांग पूर्व में भेजी गई थी, लेकिन अंतिम समय पर केवल 21 अध्यापक ही उपलब्ध कराए गए। उन्होंने बताया कि 10 महिला कक्ष निरीक्षकों की तत्काल आवश्यकता है, जबकि मौके पर केवल दो महिला कक्ष निरीक्षक ही तैनात रहीं। स्टेट मजिस्ट्रेट अनिल कुमार व बाय मजिस्ट्रेट सुनील कुमार की मौजूदगी में परीक्षा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। केंद्र व्यवस्थापक ने बताया कि गुरुवार को कुल 13 कमरों में छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। सभी कक्षों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की नकल या अव्यवस्था की स्थिति न बने। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अमृतपुर थाना की पुलिस टीम भी मुस्तैद रही। थाना अध्यक्ष मोनू शाक्या, उप निरीक्षक खूबेलाल व महिला कांस्टेबल अनीता वर्मा समेत पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। प्रशासन की सख्ती और निगरानी के बीच पहले दिन की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने की बात अधिकारियों ने कही।4