नन्हे स्कूली बच्चों की फरियाद,साहब, कीचड़ में नहीं अच्छे रास्ते से स्कूल जाना है,हाथ में जूते, पैरों में कीचड़… स्कूल पहुंचते-पहुंचते खराब हो जाती है ड्रेस, मरीजों तक नहीं पहुंच पाती एंबुलेंस एंकर/- हटा तहसील मुख्यालय से महज चार किलोमीटर दूर बोरी खुर्द और बोरी कला गांव के ग्रामीण आज भी पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं। बारिश होते ही हटा-पटेरा मुख्य मार्ग से गांव को जोड़ने वाला कच्चा रास्ता दलदल में बदल जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। कीचड़ में पैर धंसने और जूते फंसने के कारण कई बच्चे जूते हाथ में लेकर रास्ता पार करते हैं। स्कूल पहुंचने तक उनकी ड्रेस भी कीचड़ से सन जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में उन्हें कीचड़ भरे रास्ते से जूते हाथ में लेकर स्कूल जाना पड़ रहा है।
नन्हे स्कूली बच्चों की फरियाद,साहब, कीचड़ में नहीं अच्छे रास्ते से स्कूल जाना है,हाथ में जूते, पैरों में कीचड़… स्कूल पहुंचते-पहुंचते खराब हो जाती है ड्रेस, मरीजों तक नहीं पहुंच पाती एंबुलेंस एंकर/- हटा तहसील मुख्यालय से महज चार किलोमीटर दूर बोरी खुर्द और बोरी कला गांव के ग्रामीण आज भी पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं। बारिश होते ही हटा-पटेरा मुख्य मार्ग से गांव को जोड़ने वाला कच्चा रास्ता दलदल में बदल जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। कीचड़ में पैर धंसने और जूते फंसने के कारण कई बच्चे जूते हाथ में लेकर रास्ता पार करते हैं। स्कूल पहुंचने तक उनकी ड्रेस भी कीचड़ से सन जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में उन्हें कीचड़ भरे रास्ते से जूते हाथ में लेकर स्कूल जाना पड़ रहा है।
- हटा में सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी, नबी की आमद पर नगर हुआ रोशन1
- नन्हे स्कूली बच्चों की फरियाद,साहब, कीचड़ में नहीं अच्छे रास्ते से स्कूल जाना है,हाथ में जूते, पैरों में कीचड़… स्कूल पहुंचते-पहुंचते खराब हो जाती है ड्रेस, मरीजों तक नहीं पहुंच पाती एंबुलेंस एंकर/- हटा तहसील मुख्यालय से महज चार किलोमीटर दूर बोरी खुर्द और बोरी कला गांव के ग्रामीण आज भी पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं। बारिश होते ही हटा-पटेरा मुख्य मार्ग से गांव को जोड़ने वाला कच्चा रास्ता दलदल में बदल जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती है। कीचड़ में पैर धंसने और जूते फंसने के कारण कई बच्चे जूते हाथ में लेकर रास्ता पार करते हैं। स्कूल पहुंचने तक उनकी ड्रेस भी कीचड़ से सन जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में उन्हें कीचड़ भरे रास्ते से जूते हाथ में लेकर स्कूल जाना पड़ रहा है।1
- दमोह जिले के हटा के शासकीय प्राथमिक विद्यालय खैरा में जर्जर स्कूल भवन, मौत के साये में पढ़ने को मजबूर मासूम बच्चे दमोह जिले के हटा विकासखंड अंतर्गत जन शिक्षा केंद्र गैसाबाद के शासकीय नवीन प्राथमिक शाला खैरा की बिल्डिंग जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है। स्कूल की छत और दीवारों का प्लास्टर टूटकर गिरने का खतरा बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद मासूम बच्चे इसी भवन में पढ़ने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जर्जर स्कूल भवन की ओर जिम्मेदार शिक्षा विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।1
- मध्य प्रदेश के दमोह जिले के हटा क्षेत्र के बोरीकलां गांव से सामने आया बच्चों का एक ऐसा वीडियो, जो गांव की हकीकत बयां कर रहा है। स्कूल जाते वक्त सड़क पर कीचड़ और गंदगी के बीच से गुजरते ये बच्चे अपनी समस्याएं खुद कैमरे पर बता रहे हैं। सामने कैमरा… अंदाज़ बिल्कुल रिपोर्टर वाला, लेकिन मुद्दा बेहद गंभीर है। इन नन्हे रिपोर्टरों की आवाज़ सिर्फ बच्चों की आवाज़ नहीं, बल्कि उस व्यवस्था से सवाल है, जो उन्हें आज भी कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर कर रही है1
- रक्षाबंधन से पहले कुम्हारी बाजार में उमड़ी भीड़, जमकर हुई खरीदारी रक्षाबंधन से पहले कुम्हारी बाजार में उमड़ी भीड़, जमकर हुई खरीदारी कुम्हारी। रक्षाबंधन पर्व को लेकर कुम्हारी नगर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। त्योहार से पूर्व बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों के लिए राखी खरीदने बाजार पहुंच रही हैं। दुकानों पर तरह-तरह की आकर्षक राखियों के साथ रुमाल, नैपकिन, तौलिया, टॉवल, बच्चों के खिलौने और अन्य उपहार सामग्री की जमकर खरीदारी हो रही है। मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ देखने को मिल रही है। भाई-बहन के पवित्र प्रेम और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा। पर्व को लेकर बाजार में दुकानदारों ने भी राखी, मिठाई और उपहार सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था की है। वहीं, क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। ऐसे में बाजार आने-जाने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है।1
- हिंडोरिया के तिंदनी में दर्दनाक हादसा: नंदी महाराज की मौके पर मौत, बाइक सवार गंभीर रूप से घायल *हिंडोरिया (दमोह)।* तिंदनी गांव के पास मुख्य मार्ग पर एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सड़क पर अचानक सामने आए नंदी महाराज से एक बाइक की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में नंदी महाराज ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि बाइक सवार अज्ञात युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही गौ सेवक *भागीरथ पटेल* और गांव के लोग दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने सबसे पहले मानवता का धर्म निभाते हुए घायल युवक की मदद की और तुरंत *112 पर कॉल कर* पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, ताकि घायल को जल्द से जल्द इलाज मिल सके। नंदी महाराज की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है। गौ सेवकों ने गहरी पीड़ा व्यक्त की है। इस घटना ने फिर से एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि रात के अंधेरे में सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गौवंश की सुरक्षा कैसे हो और कैसे वाहन चालकों को सुरक्षित रखा जाए। ईश्वर से प्रार्थना है कि नंदी महाराज की आत्मा को शांति दें और घायल युवक को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।1
- दमोह में ईद मिलादुन्नबी पर जगह-जगह स्वागत दमोह जिले में ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर जगह-जगह स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोगों ने आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ जुलूस का स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।1
- संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती पर निकली कलश यात्रा गाँव-गाँव में हुआ भव्य स्वागत1