उपमंडल के गांव पलड़ी में किसान जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। खानदेश राणा अंतर्गत गांव पालड़ी में डीएसआर दान की सीधी बिजाई एवं संतुलित उर्वरक उपयोग पर किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के अधीन कृषि विज्ञान केंद्र ऊंझा पानीपत द्वारा दिनांक 11 मई 2026 को गांव पलड़ी जिला पानीपत में डीएसआर धान की सीधी विजाई एवं संतुलित उर्वरक की उपयोग विषय पर एक दिन का किसान प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है।यह कार्यक्रम नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड पानीपत के सहयोग से आयोजित किया गया है।जिसमें कुल 47 किसानों ने भाग लिया था। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को धान न की सीधी बजाई तकनीक के प्रति जागरूक करना तथा वैज्ञानिक खेती की जानकारी देना और उर्वरकों के संतुलित उपयोग के माध्यम से उत्पादन लागत कम करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित करना था। मुख्य वक्ता के रूप में कृषि विज्ञान केंद्र पानीपत के समन्वयंक डॉक्टर सतपाल सिंह ने किसानों को डीएसआर तकनीक के वैज्ञानिक पहलुओं की विस्तार पूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में लगातार घटते भू जलस्तर मजदूरों की कमी तथा बढ़ती खेती लागत को देखते हुए डीएसआर तकनीक धान उत्पादन की एक प्रभावी व टिकाऊ विधि बनकर उभर रही है। उन्होंने बताया कि पारंपरिक रोपाई विधि में जहां धान की पौध तैयार कर रौपाई करनी पड़ती है। वहीं डी एस आर तकनीक में धान की सिधे खेत में बिजाई की जाती है। इस विधि से लगभग 15 से 25% तक सिंचाई जल की बचत होती है। डीजल बिजली और मजदूरी खर्चे में भी कमी आती है। उन्होंने कहा कि डीएसआर तकनीक अपनाने से खेतों में लगातार जल भराव नहीं रखना पड़ता है। जिससे मिथेन गैस का उत्सर्जन कम होता है। पर्यावरण संरक्षण में सहायता मिलती है। उन्होंने किसानों को लेजर लेवलिंग अपने की सैलरी और किस काम और दिवाली धन की समय जैसे एच के आर 49 पी बी 1509 पी बी 1985 एचटी 1692 का चयन करें जो डीएसआर के लिए उपयुक्त है। उन्होंने धान की बिजाई का उपयोग समय 20 में से 20 जून तक बताया है। इस तकनीक से सूखे खेत या उत्तर खेत में भी बजाई कर सकते हैं प्रति एकड़ 8 से 10 किलोग्राम बीज लगता है।
उपमंडल के गांव पलड़ी में किसान जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। खानदेश राणा अंतर्गत गांव पालड़ी में डीएसआर दान की सीधी बिजाई एवं संतुलित उर्वरक उपयोग पर किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के अधीन कृषि विज्ञान केंद्र ऊंझा पानीपत द्वारा दिनांक 11 मई 2026 को गांव पलड़ी जिला पानीपत में डीएसआर धान की सीधी विजाई एवं संतुलित उर्वरक की उपयोग विषय पर एक दिन का किसान प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है।यह कार्यक्रम नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड पानीपत के सहयोग से आयोजित किया गया है।जिसमें कुल 47 किसानों ने भाग लिया था। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को धान न की सीधी बजाई तकनीक के प्रति जागरूक करना तथा वैज्ञानिक खेती की जानकारी देना और उर्वरकों के संतुलित उपयोग के माध्यम से उत्पादन लागत कम करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित करना था। मुख्य वक्ता के रूप में कृषि विज्ञान केंद्र पानीपत के समन्वयंक डॉक्टर सतपाल सिंह ने किसानों को डीएसआर तकनीक के वैज्ञानिक पहलुओं की विस्तार पूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में लगातार घटते भू जलस्तर मजदूरों की कमी तथा बढ़ती
खेती लागत को देखते हुए डीएसआर तकनीक धान उत्पादन की एक प्रभावी व टिकाऊ विधि बनकर उभर रही है। उन्होंने बताया कि पारंपरिक रोपाई विधि में जहां धान की पौध तैयार कर रौपाई करनी पड़ती है। वहीं डी एस आर तकनीक में धान की सिधे खेत में बिजाई की जाती है। इस विधि से लगभग 15 से 25% तक सिंचाई जल की बचत होती है। डीजल बिजली और मजदूरी खर्चे में भी कमी आती है। उन्होंने कहा कि डीएसआर तकनीक अपनाने से खेतों में लगातार जल भराव नहीं रखना पड़ता है। जिससे मिथेन गैस का उत्सर्जन कम होता है। पर्यावरण संरक्षण में सहायता मिलती है। उन्होंने किसानों को लेजर लेवलिंग अपने की सैलरी और किस काम और दिवाली धन की समय जैसे एच के आर 49 पी बी 1509 पी बी 1985 एचटी 1692 का चयन करें जो डीएसआर के लिए उपयुक्त है। उन्होंने धान की बिजाई का उपयोग समय 20 में से 20 जून तक बताया है। इस तकनीक से सूखे खेत या उत्तर खेत में भी बजाई कर सकते हैं प्रति एकड़ 8 से 10 किलोग्राम बीज लगता है।
- उपमंडल इसराना के गांव बवाना लाखु में लगे आंखों के कैंप में 441 पुरुष व महिलाओं ने आंखों की जांच करवाई। उपमंडल के गांव बवाना लाखु में तपेश्वर धाम शिव मंदिर में वेणु नेत्र संस्थान के संस्थापक समाजसेवी जगबीर हुड्डा ने पुरुषों व महिलाओं के लिए आंखों के कैंप का आयोजन किया।इस अवसर पर महिलाओं ने जगवीर हुड्डा का गीत गाकर स्वागत किया। इस अवसर पर 99 वर्षीय दरिया सिंह ने जगबीर हुड्डा को पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर जगबीर हुड्डा ने कहा कि डॉक्टर आंखों की जांच सही तरीके से करें और मरीज को संतुष्ट करें। जिन मरीजों की आंख बनाई जानी है। उनकी लिस्ट बनाई जाए और जिनको चश्मे की जरूरत है उनको निशुल्क चश्मा दिया जाए।इस अवसर पर जगवीर हुड्डा को लड्डुओं से तोला गया। जगबीर हुड्डा ने कहा कि अब तक 6:30 हजार पुरुष में महिलाओं की आंख बन चुकी है। आगे भी यह कर्म जारी रहेगा। हमें बचपन से समाज सेवा का शोक है। इसलिए लोगों की सेवा करना मेरा धर्म है।1
- कैराना के शमशाद अंसारी पर कैमरे पर दिए एक बयान को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। उनके इस बयान से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस जांच शुरू हो गई है।1
- सोनीपत के HSVP में XEN की ज्वाइनिंग ना होने से आर.के. नागर ने चिंता जताई है। उन्होंने इस मामले में अपनी बात रखी, जिससे अधिकारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने करोल बाग और मोती नगर में बड़ी कार्रवाई कर नकली OPPO, OnePlus और Realme मोबाइल उत्पादों का रैकेट पकड़ा। छापेमारी में फर्जी सामान, पैकेजिंग सामग्री और मशीनें बरामद की गईं, वहीं दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया। यह भंडाफोड़ देशभर में नकली मोबाइल उत्पाद बेचने वालों पर लगाम लगाने में मदद करेगा।1
- मोती नगर में गली बनाने की समस्या को लेकर बड़ी संख्या में दुकानदारों ने सड़क के बीचो-बीच दरी पर बैठकर किया धरना प्रदर्शन1
- कल्पना चावला मैडीकल कालेज में कुरुक्षेत्र के रविंद्र को रोशनी लौटाई करनाल, 11मई (: करनाल का राजकीय कल्पना चावला मैडीकल कालेज का नैत्र चिकित्सा विभाग दूर दराज से आने वाले मरीजों के लिए आाशा का केंद्र बना हुआ हें। यहां पर आंखों का आपरेशन करवाने के लिए यूपी हिमाचल प्रदेश,तथा हरियाणा के विभिन्न हिस्सों से आ रहे हैं। यहां के डछाक्टर ेकुरुक्षेत्र के रहने वाले रविंद शर्मा के लिए देव दूत से कम साबित नहीं हुए। यहां के एचओडी डा. सुमित खंडूजा की टीम ने रविंद्र शर्मा का जटिल आपरेशन कर उन्हें आांखों की रोशनी लौटा दी। रविंद्र शर्मा के परिजनों ने बताया कि वह प्रदेश ही नहीं देश के विभिन्न अस्पतालों में दिखा चुके थे। सभी जगह डाक्टर जबाव दे चुके थे। लेकिन करनाल के मैडीकल कालेज में डा. सुमित खंडूजा की टीम ने उनकी आांखों का आपरेशन कर उन्हें रोशनी का दान दिया। उनकी दोनों आंखों में मोतियाविंद था। यहां उल्लेखनीय है कि कल्पना चावला मैडीकल कालेज में नैत्र चिकित्सा विभाग में अत्याधुनिक मशीनों से आपरेशन किए जाते हैं। यहां पर प्रतिदिन कई जटिल आपरेशन होते हैं।2
- देशभर में सोने की बिक्री में भारी गिरावट आई है, जिसके चलते बाजार में मांग कम हो गई है। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ने की आशंका है और जल्द ही सोना सस्ता हो सकता है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन अवसर है जो सोना खरीदने की सोच रहे हैं।1
- कैराना के नवाब तालाब के पास सड़क की बदहाली और गंदगी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। टूटी सड़क से आए दिन हो रहे हादसों और गंदगी से सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं, जिससे उनमें भारी नाराजगी है।1