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देश में अब केवल निःस्वार्थ भावना रखने वाले और संस्कारी परिवार में पले-बढ़े लोग ही चुनाव में वोट के सही हकदार हैं और वे ही बेहतर काम कर सकते हैं। ऐसे ही लोग सही विचारों से सहमत होकर जनहित की भावना से आगे बढ़कर निस्वार्थ सेवा दे सकते हैं। इसी संदर्भ में अन्न त्यागी बाबाजी के जीवन दर्शन और विचारों का उदाहरण दिया गया है, जो भेंट या दक्षिणा के रूप में एक रुपया भी नहीं लेते हैं। देश में जनता का स्वतंत्र राज होना चाहिए और प्रत्येक इंसान को इंसानियत के कर्मों तथा कर्तव्यों का पूरी तरह पालन करना चाहिए।
Amar singh
देश में अब केवल निःस्वार्थ भावना रखने वाले और संस्कारी परिवार में पले-बढ़े लोग ही चुनाव में वोट के सही हकदार हैं और वे ही बेहतर काम कर सकते हैं। ऐसे ही लोग सही विचारों से सहमत होकर जनहित की भावना से आगे बढ़कर निस्वार्थ सेवा दे सकते हैं। इसी संदर्भ में अन्न त्यागी बाबाजी के जीवन दर्शन और विचारों का उदाहरण दिया गया है, जो भेंट या दक्षिणा के रूप में एक रुपया भी नहीं लेते हैं। देश में जनता का स्वतंत्र राज होना चाहिए और प्रत्येक इंसान को इंसानियत के कर्मों तथा कर्तव्यों का पूरी तरह पालन करना चाहिए।
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- देश में अब केवल निःस्वार्थ भावना रखने वाले और संस्कारी परिवार में पले-बढ़े लोग ही चुनाव में वोट के सही हकदार हैं और वे ही बेहतर काम कर सकते हैं। ऐसे ही लोग सही विचारों से सहमत होकर जनहित की भावना से आगे बढ़कर निस्वार्थ सेवा दे सकते हैं। इसी संदर्भ में अन्न त्यागी बाबाजी के जीवन दर्शन और विचारों का उदाहरण दिया गया है, जो भेंट या दक्षिणा के रूप में एक रुपया भी नहीं लेते हैं। देश में जनता का स्वतंत्र राज होना चाहिए और प्रत्येक इंसान को इंसानियत के कर्मों तथा कर्तव्यों का पूरी तरह पालन करना चाहिए।2
- पाली के शास्त्री नगर में बजरंगबली और रामदेव जी मंदिर के पास सड़कें और नाले न बनने से लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इलाके में सीवरेज लाइन भी नहीं बनी हुई है। नालियों और सड़कों के अभाव के कारण मकानों को गंभीर समस्या हो रही है और पानी सीधे लोगों के मकानों में भर रहा है।1
- राजकीय मेडिकल कॉलेज, पाली से सम्बद्ध बाँगड़ चिकित्सालय के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में एक ही दिन में उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (HRP), अत्यंत गंभीर रक्ताल्पता, प्रसवोत्तर अत्यधिक रक्तस्राव (PPH), गर्भाशय में चोट, अपूर्ण गर्भपात, जुड़वां गर्भावस्था, पीलिया तथा भ्रूण की उल्टी स्थिति (ब्रीच प्रेजेंटेशन) जैसे कई जटिल मामलों का सफलतापूर्वक प्रबंधन और उपचार किया गया। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दिलीप सिंह चौहान ने बताया कि चिकित्सालय में 'लक्ष्य' (LaQshya) मानकों के अनुरूप प्रसूति सेवाओं में सुधार किया जा रहा है, वहीं अस्पताल के अधीक्षक डॉ. कैलाश परिहार ने बताया कि निर्धारित चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के तहत सभी मामलों को सुरक्षित संभाला गया। विभागीय टीम द्वारा इलाज किए गए प्रमुख मामलों का ब्योरा इस प्रकार है: - मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र के जाडन निवासी महिला को अपूर्ण गर्भपात और 2.5 ग्राम प्रति डेसीलीटर हीमोग्लोबिन (Hb) के साथ भर्ती कराया गया। टीम ने तत्काल गर्भाशय की सफाई (सक्शन एंड इवेक्यूएशन) और रक्ताधान देकर मरीज को हाइपोवोलेमिक शॉक से बाहर निकाला। - रानी ब्लॉक के बूसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से प्रसवोत्तर अत्यधिक रक्तस्राव और 5.3 ग्राम Hb के साथ आई महिला के गर्भाशय की चोट की मरम्मत (यूट्राइन टियर रिपेयर) व रक्ताधान कर इलाज किया गया। - रोहट ब्लॉक के कुलथाना निवासी महिला में गर्भाशय की शिथिलता के कारण रक्तस्राव और 7 ग्राम Hb होने पर गर्भाशय से रक्त के थक्के हटाकर रक्ताधान किया गया। - देसूरी के डुठारिया निवासी महिला को गर्भावस्था में पीलिया और लिवर फंक्शन टेस्ट में खराबी के बावजूद सुरक्षित प्रसव कराकर विटामिन-के, यूडीसीए और ताजा जमे रक्त प्लाज्मा (FFP) से इलाज दिया गया। - सुमेरपुर निवासी जुड़वां गर्भावस्था और 4 ग्राम Hb वाली महिला का नियोजित रक्ताधान और सतत निगरानी से सफल प्रबंधन किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. नूरैन मिर्ज़ा के नेतृत्व तथा डॉ. बालगोपाल भाटी के मार्गदर्शन में यह सफल उपचार संभव हुआ। इस कार्य में डॉ. सुनीता बिश्नोई, डॉ. अशोक नैनीवाल, डॉ. श्यामा सीरवी, डॉ. शिवानी गुप्ता सहित विभाग के समस्त डॉक्टरों, रेजिडेंट्स, नर्सिंग स्टाफ और सहयोगी कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।1
- जोधपुर जिले के पीथावास गांव में कल शाम लगभग 7 बजे जमकर जोरदार बारिश हुई। इन्द्रदेव की मेहरबानी से ग्रामीणों और किसानों का लंबे समय से चला आ रहा बारिश का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। इस अच्छी बरसात के बाद अब क्षेत्र के किसानों द्वारा बाजरा, मूंग, मोठ और तिल इत्यादि फसलों की बुआई की जाएगी। लंबे समय बाद हुई इस अच्छी बारिश पर किसानों ने खुशियां मनाई हैं और पूरे क्षेत्र के किसानों में हर्ष की लहर है।1
- राजस्थान के राजसमंद जिले के चारभुजा स्थित झीलवाड़ा में बुधवार को भानु प्रताप सिंह के जन्मदिन को ‘सेवा संकल्प दिवस’ के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ईष्टदेव के दर्शन के साथ हुई, जिसके बाद समाज सेवा और जनकल्याण से जुड़े कई आयोजन किए गए। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए श्मशान घाट तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बरगद के पौधे लगाए गए और गौशालाओं में गायों को गुड़ व लापसी खिलाकर सेवा कार्य किया गया। इस दौरान आयोजित विशाल रक्तदान शिविर में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, वहीं पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और संत समाज का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। वर्तमान में उदयपुर एटीएस में उप निरीक्षक (एसआई) के पद पर तैनात भानु प्रताप सिंह के इस आयोजन और सामाजिक सक्रियता को लेकर क्षेत्र में उनके राजनीति में आने की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि, भानु प्रताप सिंह ने इन अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल उनकी राजनीति में आने की कोई रुचि नहीं है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन उनके मित्रों, शुभचिंतकों और ग्रामीणों द्वारा स्वेच्छा से रखा गया था, जिसका उद्देश्य केवल समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रहित का संदेश देना है।4
- पाली राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बांगड़ चिकित्सालय के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग ने एक ही दिन में कई जटिल और गंभीर प्रसूति मामलों का सफल उपचार कर मातृ स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की है। विभागाध्यक्ष डॉ. नूरैन मिर्ज़ा के नेतृत्व और डॉ. बालगोपाल भाटी की टीम ने समय पर विशेषज्ञ देखभाल उपलब्ध कराकर उच्च जोखिम गर्भावस्था, गंभीर रक्ताल्पता, प्रसवोत्तर रक्तस्राव, अपूर्ण गर्भपात, जुड़वां गर्भावस्था, पीलिया तथा भ्रूण की उल्टी स्थिति जैसे मामलों में त्वरित इलाज मुहैया कराया। इलाज किए गए मामलों में 2.5 ग्राम हीमोग्लोबिन वाली अपूर्ण गर्भपात पीड़िता, प्रसवोत्तर रक्तस्राव व गर्भाशय चोट से ग्रस्त महिला, गर्भाशय शिथिलता से रक्तस्राव की मरीज, गर्भावस्था में पीलिया से पीड़ित महिला तथा मात्र 4 ग्राम हीमोग्लोबिन के साथ जुड़वां गर्भावस्था का मामला शामिल रहा। सभी मरीजों का रक्ताधान, आवश्यक प्रक्रियाओं और विशेषज्ञ निगरानी के जरिए सफल उपचार किया गया। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. दिलीप सिंह चौहान और अस्पताल अधीक्षक डॉ. कैलाश परिहार ने बताया कि अस्पताल में मानकों के अनुरूप प्रसूति सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार किया जा रहा है और भ्रूण की उल्टी स्थिति के साथ भर्ती गर्भवती का भी सफल प्रबंधन किया गया। इस दौरान डॉ. सुनीता बिश्नोई, डॉ. अशोक नैनीवाल, डॉ. श्यामा सीरवी, डॉ. शिवानी गुप्ता सहित विभाग के चिकित्सकों, रेजिडेंट्स, नर्सिंग स्टाफ और सहयोगी कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई।3
- पाली के औद्योगिक थाना क्षेत्र स्थित भैरवा फैक्ट्री में काम के दौरान एक हादसा हो गया, जहां एक मजदूर खौलते गर्म पानी के टैंक में गिर गया। इस हादसे में वह गंभीर रूप से झुलस गया, जिसके बाद उसे तुरंत इलाज के लिए बांगड़ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित मजदूर की पहचान मांगीलाल के बेटे जितेंद्र के रूप में हुई है, जिसने तीन दिन पहले ही इस फैक्ट्री में काम शुरू किया था। काम के दौरान अचानक पैर फिसलने के कारण वह सीधे बॉयलर के गर्म पानी से भरे टैंक में जा गिरा, जिससे उसकी पीठ और पैर बुरी तरह झुलस गए। हादसे के बाद चीख-पुकार सुनकर पहुंचे साथी मजदूरों ने उसे टैंक से बाहर निकाला और इलाज के लिए बांगड़ अस्पताल लेकर गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जितेंद्र को बर्न यूनिट में भर्ती किया है, जहां उसकी हालत को देखते हुए इलाज जारी है। घटना की सूचना के बाद फिलहाल पुलिस हादसे के सही कारणों और फैक्ट्री में मौजूद सुरक्षा व्यवस्था की जांच में जुट गई है।1