पुलिस अधीक्षक निवाड़ी डा. राय सिंह नरवरिया के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस ने टैक्सी में सफर के दौरान महिलाओं के गहने चोरी करने वाले शातिर अंतर्राज्यीय गैंग के 4 सदस्यों (3 महिलाएं, 1 पुरुष) को राजस्थान और हरियाणा से किया गिरफ्तार। चोरी किया ₹25 लाख रुपए का मसरूका और घटना में प्रयुक्त अर्टिगा कार जप्त। *प्रेस नोट जिला निवाड़ी* 🚨 *अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का पुलिस अधीक्षक निवाड़ी ने प्रेसवार्ता कर किया खुलाशा* *घटना दिनांक 23/04/26 को फरियादिया अपनी बहू के साथ दतिया मे शादी समारोह में शामिल होकर अपने घर निवाड़ी वापस आ रही थी तभी टैक्सी से निवाड़ी आते समय किसी अज्ञात चोर द्वारा फरियादिया व उसकी बहू के सोने चांदी के आभूषण चोरी कर लिये थे जिसकी रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अप.क्र. 109/26 घारा 303(2) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। *पतारसी के शुरूआती-* प्रयास अपराध पंजीबद्ध होने के उपरांत तत्काल थाना स्तर पर टीम गठित की जाकर अज्ञात आरोपी व माल मुल्जिम की बरामदगी हेतु रवाना किया गया। इसी दौरान छतरपुर पुलिस द्वारा जानकारी प्राप्त हुई कि इसी प्रकार की चोरियां छतरपुर जिले में भी हुई है उन चोरियों के आरोपियों की जानकारी निवाड़ी पुलिस को प्राप्त हुई जिस पर निवाड़ी पुलिस द्वारा एक महिला व एक पुरूष को पुलिस अभिरक्षा में लेकर प्रारंभिक पूछताछ की गई जिन्होंने पहले जुर्म करना स्वीकार किया, उसके उपरांत फरियादिया से भी उक्त आरोपियों की शिनाख्तगी कराई गई जिसमे फरियादी द्वारा सही पहचाना किंतु कुछ समय बाद आरोपियों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा फरियादिया की चोरी नहीं की है। इस संबंध में घटना का रिक्रेशन भी कराया गया विवेचना के दौरान उक्त आरोपियों द्वारा घटना घटित करने की पुष्टि नही हुई बाद उक्त दोनो आरोपियों को छतरपुर पुलिस की अभिरक्षा में अग्रिम कार्यवाही हेतु सुपुर्द किया गया। *साक्ष्य बनाम तथाकथित आरोप-* पत्रकार विवेक दांगी द्वारा सोशल मीडिया एवं कलेक्टर महोदया तथा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर इस बात का प्रचार किया गया कि पुलिस द्वारा फरियादिया के पहचानने पर भी आरोपीगणों को छोड़ दिया गया। जबकि असलियत यह थी कि उक्त आरोपीगण घटना में सम्मिलित नहीं थे। पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देने के बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। जिसमें एसडीओपी निवाड़ी के नेतृत्व में दो थाना प्रभारी एवं एक चौकी प्रभारी तथा अन्य पुलिस स्टाफ को सम्मिलित किया गया। *आरोपी तक पुलिस की पहुंच-* पुलिस अधीक्षक के द्वारा उक्त आरोपियों व माल मशरूका की बरामदगी हेतु ईनाम की उद्घोषणा की गई एवं पुलिस अधीक्षक के सतत् निर्देशन में उक्त टीम के द्वारा लगातार मुखबिरों से संपर्क कर व तकनीकी साक्ष्य एकत्रित कर जानकारी प्राप्त कर की गई जिसमें यह जानकारी संज्ञान में आई कि उक्त घटनाओं को कारित करने में 03 महिलायें व एक पुरुष शामिल हैं, इसी दौरान मुखबिर के द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि उक्त चोरी करने वाली तीनों महिलायें अभी भी निवाड़ी तिगैला पर सक्रिय है सूचना की तस्दीक हेतु 24X7 एक टीम निवाड़ी तिगैला पर लगातार निगाह रखने हेतु लगाई गई उक्त टीम द्वारा एक संदिग्ध महिला रेखा पत्ति उत्तम राजपूत को पुलिस अभिरक्षा में लिया जाकर हिकमत अमली से पूछताछ की गई, जिसके द्वारा बताया गया कि उसका जीजा अर्जुन और उसकी अन्य दो बहनें सरोज व मीना है हम सभी राजस्थान, पलवल व फरीदाबाद मे रहते है हम सभी चारों लोग मिलकर अपने साथ छोटे बच्चो को रखकर टैक्सियों में बैठकर यात्रियों से नजर बचाकर उनके पर्स में से सामान निकाल लेते हैं मेरी दो बहने व जीजा वर्तमान समय मे कोटपुतली राजस्थान व पलवल व फरीदाबाद हरियाणा में है और उन्ही के पास उक्त चोरी का काफी मशरूका है। पुलिस अधीक्षक की सतत निगरानी में उक्त टीम को तत्काल राजस्थान व पलवल, फरीदाबाद रवाना किया गया, जहां पर अन्य तीनों आरोपियों को अभिरक्षा मे लेकर चोरी गया माल-मशरूका व घटना में प्रयुक्त चार पहिया वाहन अर्टिगा गाड़ी को जप्त कर उन्हें गिरफ्तार करके थाना निवाडी लाया गया। बाद आरोपीगणों को मुताबिक गिरफ्तारी के गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया गया है। उक्त आरोपियों से और भी अन्य चोरियों के संबंध में पूछताछ कर माल बरामदगी की कार्रवाई की जावेगी। *तरीका ए वारदात -* आरोपीगणों में से दो महिलाओं की शादी टूट चुकी थी एवं अर्जुन भी काफी कर्ज में था अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए इन्होने लालच में आकर अवैध तरीकों का चुनाव किया। जिस पर अर्जुन व उसकी पत्नी ने मिलकर इन दोनों महिलाओं को अपने साथ मिलाकर चोरी करने की योजनाएं बनाई। चौकी, पलवल व फरीदाबाद में चोरी के समय आरोपियों को पहचाने जाने के डर से इन्होंने वहां से दूर घटना करने की प्लानिंग की और झांसी से निवाड़ी व आसपास के क्षेत्रों में चार पहिया वाहन अर्टिगा गाड़ी से जाकर घटना पटित की गई। *टीम-* अनु.अधि. (पुलिस) के. के. पाण्डेय, निरी, बलजीत सिंह जाट थाना प्रभारी कोतवाली, उनि, गौरव राजौरिया थाना प्रभारी टेहरका, उनि. टिंकल यादव चौकी प्रभारी नाराईनाका, उनि. कुलदीप यादव प्रभारी सायबर सेल, सउनि करन सिंह बुंदेला, प्र. आर. शिवपाल, आर. अनूप, आर. संतोष, आर, राहुल, आर. शिवसिंह, म.आर. शिवानी, म.आर. उर्मिला, आर. रविन्द्र (सायबर सेल) एवं अन्य पुलिस स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक निवाड़ी डा. राय सिंह नरवरिया के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस ने टैक्सी में सफर के दौरान महिलाओं के गहने चोरी करने वाले शातिर अंतर्राज्यीय गैंग के 4 सदस्यों (3 महिलाएं, 1 पुरुष) को राजस्थान और हरियाणा से किया गिरफ्तार। चोरी किया ₹25 लाख रुपए का मसरूका और घटना में प्रयुक्त अर्टिगा कार जप्त। *प्रेस नोट जिला निवाड़ी* 🚨 *अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का पुलिस अधीक्षक निवाड़ी ने प्रेसवार्ता कर किया खुलाशा* *घटना दिनांक 23/04/26 को फरियादिया अपनी बहू के साथ दतिया मे शादी समारोह में शामिल होकर अपने घर निवाड़ी वापस आ रही थी तभी टैक्सी से निवाड़ी आते समय किसी अज्ञात चोर द्वारा फरियादिया व उसकी बहू के सोने चांदी के आभूषण चोरी कर लिये थे जिसकी रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अप.क्र. 109/26 घारा 303(2) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। *पतारसी के शुरूआती-* प्रयास अपराध पंजीबद्ध होने के उपरांत तत्काल थाना स्तर पर टीम गठित की जाकर अज्ञात आरोपी व माल मुल्जिम की बरामदगी हेतु रवाना किया गया। इसी दौरान छतरपुर पुलिस द्वारा जानकारी प्राप्त हुई कि इसी प्रकार की चोरियां छतरपुर जिले में भी हुई है उन चोरियों के आरोपियों की जानकारी निवाड़ी पुलिस को प्राप्त हुई जिस पर निवाड़ी पुलिस द्वारा एक महिला व एक पुरूष को पुलिस अभिरक्षा में लेकर प्रारंभिक पूछताछ की गई जिन्होंने पहले जुर्म करना स्वीकार किया, उसके उपरांत फरियादिया से भी उक्त आरोपियों की शिनाख्तगी कराई गई जिसमे फरियादी द्वारा सही पहचाना किंतु कुछ समय बाद आरोपियों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा फरियादिया की चोरी नहीं की है। इस संबंध में घटना का रिक्रेशन भी कराया गया विवेचना के दौरान उक्त आरोपियों द्वारा घटना घटित करने की पुष्टि नही हुई बाद उक्त दोनो आरोपियों को छतरपुर पुलिस की अभिरक्षा में अग्रिम कार्यवाही हेतु सुपुर्द किया गया। *साक्ष्य बनाम तथाकथित आरोप-* पत्रकार विवेक दांगी द्वारा सोशल मीडिया एवं कलेक्टर महोदया तथा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर इस बात का प्रचार किया गया कि पुलिस द्वारा फरियादिया के पहचानने पर भी आरोपीगणों को छोड़ दिया गया। जबकि असलियत यह थी कि उक्त आरोपीगण घटना में सम्मिलित नहीं थे। पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देने के बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। जिसमें एसडीओपी निवाड़ी के नेतृत्व में दो थाना प्रभारी एवं एक चौकी प्रभारी तथा अन्य पुलिस स्टाफ को सम्मिलित किया गया। *आरोपी तक पुलिस की पहुंच-* पुलिस अधीक्षक के द्वारा उक्त आरोपियों व माल मशरूका की बरामदगी हेतु ईनाम की उद्घोषणा की गई एवं पुलिस अधीक्षक के सतत् निर्देशन में उक्त टीम के द्वारा लगातार मुखबिरों से संपर्क
कर व तकनीकी साक्ष्य एकत्रित कर जानकारी प्राप्त कर की गई जिसमें यह जानकारी संज्ञान में आई कि उक्त घटनाओं को कारित करने में 03 महिलायें व एक पुरुष शामिल हैं, इसी दौरान मुखबिर के द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि उक्त चोरी करने वाली तीनों महिलायें अभी भी निवाड़ी तिगैला पर सक्रिय है सूचना की तस्दीक हेतु 24X7 एक टीम निवाड़ी तिगैला पर लगातार निगाह रखने हेतु लगाई गई उक्त टीम द्वारा एक संदिग्ध महिला रेखा पत्ति उत्तम राजपूत को पुलिस अभिरक्षा में लिया जाकर हिकमत अमली से पूछताछ की गई, जिसके द्वारा बताया गया कि उसका जीजा अर्जुन और उसकी अन्य दो बहनें सरोज व मीना है हम सभी राजस्थान, पलवल व फरीदाबाद मे रहते है हम सभी चारों लोग मिलकर अपने साथ छोटे बच्चो को रखकर टैक्सियों में बैठकर यात्रियों से नजर बचाकर उनके पर्स में से सामान निकाल लेते हैं मेरी दो बहने व जीजा वर्तमान समय मे कोटपुतली राजस्थान व पलवल व फरीदाबाद हरियाणा में है और उन्ही के पास उक्त चोरी का काफी मशरूका है। पुलिस अधीक्षक की सतत निगरानी में उक्त टीम को तत्काल राजस्थान व पलवल, फरीदाबाद रवाना किया गया, जहां पर अन्य तीनों आरोपियों को अभिरक्षा मे लेकर चोरी गया माल-मशरूका व घटना में प्रयुक्त चार पहिया वाहन अर्टिगा गाड़ी को जप्त कर उन्हें गिरफ्तार करके थाना निवाडी लाया गया। बाद आरोपीगणों को मुताबिक गिरफ्तारी के गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया गया है। उक्त आरोपियों से और भी अन्य चोरियों के संबंध में पूछताछ कर माल बरामदगी की कार्रवाई की जावेगी। *तरीका ए वारदात -* आरोपीगणों में से दो महिलाओं की शादी टूट चुकी थी एवं अर्जुन भी काफी कर्ज में था अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए इन्होने लालच में आकर अवैध तरीकों का चुनाव किया। जिस पर अर्जुन व उसकी पत्नी ने मिलकर इन दोनों महिलाओं को अपने साथ मिलाकर चोरी करने की योजनाएं बनाई। चौकी, पलवल व फरीदाबाद में चोरी के समय आरोपियों को पहचाने जाने के डर से इन्होंने वहां से दूर घटना करने की प्लानिंग की और झांसी से निवाड़ी व आसपास के क्षेत्रों में चार पहिया वाहन अर्टिगा गाड़ी से जाकर घटना पटित की गई। *टीम-* अनु.अधि. (पुलिस) के. के. पाण्डेय, निरी, बलजीत सिंह जाट थाना प्रभारी कोतवाली, उनि, गौरव राजौरिया थाना प्रभारी टेहरका, उनि. टिंकल यादव चौकी प्रभारी नाराईनाका, उनि. कुलदीप यादव प्रभारी सायबर सेल, सउनि करन सिंह बुंदेला, प्र. आर. शिवपाल, आर. अनूप, आर. संतोष, आर, राहुल, आर. शिवसिंह, म.आर. शिवानी, म.आर. उर्मिला, आर. रविन्द्र (सायबर सेल) एवं अन्य पुलिस स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।
- घटना का विवरण - दिनांक 23/04/26 को फरियादिया अपनी बहू के साथ दतिया मे शादी समारोह में शामिल होकर अपने घर निवाड़ी वापस आ रही थी तभी टैक्सी से निवाड़ी आते समय किसी अज्ञात चोर द्वारा फरियादिया व उसकी बहू के सोने चांदी के आभूषण चोरी कर लिये थे जिसकी रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अप.क्र. 109/26 धारा 303(2) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पतारसी के शुरूआती प्रयास - अपराध पंजीबद्ध होने के उपरांत तत्काल थाना स्तर पर टीम गठित की जाकर अज्ञात आरोपी व माल मुल्जिम की बरामदगी हेतु रवाना किया गया। इसी दौरान छतरपुर पुलिस द्वारा जानकारी प्राप्त हुई कि इसी प्रकार की चोरियां छतरपुर जिले में भी हुई है उन चोरियों के आरोपियों की जानकारी निवाड़ी पुलिस को प्राप्त हुई जिस पर निवाड़ी पुलिस द्वारा एक महिला व एक पुरूष को पुलिस अभिरक्षा में लेकर प्रारंभिक पूछताछ की गई जिन्होंने पहले जुर्म करना स्वीकार किया, उसके उपरांत फरियादिया से भी उक्त आरोपियों की शिनाख्तगी कराई गई जिसमे फरियादी द्वारा सही पहचाना किंतु कुछ समय बाद आरोपियों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा फरियादिया की चोरी नहीं की है। इस संबंध में घटना का रिक्रिएशन भी कराया गया विवेचना के दौरान उक्त आरोपियों द्वारा घटना घटित करने की पुष्टि नहीं हुई बाद उक्त दोनों आरोपियों को छतरपुर पुलिस की अभिरक्षा में अग्रिम कार्यवाही हेतु सुपुर्द किया गया। साक्ष्य बनाम तथाकथित आरोप - पत्रकार विवेक दांगी द्वारा सोशल मीडिया तथा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर इस बात का प्रचार किया गया कि पुलिस द्वारा फरियादिया के पहचानने पर भी आरोपीगणों को छोड़ दिया गया। जबकि असलियत यह थी कि उक्त आरोपीगण घटना में सम्मिलित नहीं थे। पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देने के बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। जिसमें एसडीओपी निवाड़ी के नेतृत्व में दो थाना प्रभारी एवं एक चौकी प्रभारी तथा अन्य पुलिस स्टाफ को सम्मिलित किया गया। आरोपी तक पुलिस की पहुंच - पुलिस अधीक्षक के द्वारा उक्त आरोपियों व माल मशरूका की बरामदगी हेतु इनाम की उद्घोषणा की गई एवं पुलिस अधीक्षक के सतत् निर्देशन मे उक्त टीम के द्वारा लगातार मुखबिरों से संपर्क कर व तकनीकी साक्ष्य एकत्रित कर जानकारी प्राप्त कर की गई जिसमें यह जानकारी संज्ञान में आई कि उक्त घटनाओं को कारित करने मे 03 महिलायें व एक पुरूष शामिल हैं। इस दौरान मुखबिर के द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि उक्त चोरी करने वाली तीनों महिलायें अभी भी निवाड़ी तिगैला पर सक्रिय है सूचना की तस्दीक हेतु 24x7 एक टीम निवाड़ी तिगैला पर लगातार निगाह रखने हेतु लगाई गई उक्त टीम द्वारा एक संदिग्ध महिला रेखा पति उत्तम राजपूत को पुलिस अभिरक्षा में लिया जाकर हिकमत अमली से पूछताछ की गई, जिसके द्वारा बताया गया कि उसका जीजा अर्जुन और उसकी अन्य दो बहनें सरोज व मीना है हम सभी राजस्थान, पलवल व फरीदाबाद में रहते है हम सभी चारों लोग मिलकर अपने साथ छोटे बच्चों को रखकर टैक्सियों में बैठकर यात्रियों से नजर बचाकर उनके पर्स में से सामान निकाल लेते हैं मेरी दो बहनें व जीजा वर्तमान समय में कोटपुतली राजस्थान व पलवल व फरीदाबाद हरियाणा मे है और उन्ही के पास उक्त चोरी का काफी मशरूका है। पुलिस अधीक्षक के सतत निगरानी मे उक्त टीम को तत्काल राजस्थान व पलवल, फरीदाबाद रवाना किया गया, जहां पर अन्य तीनों आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर चोरी गया माल-मशरूका व घटना में प्रयुक्त चार पहिया वाहन अर्टिगा गाड़ी को जब्त कर उन्हें गिरफ्तार करके थाना निवाड़ी लाया गया। बाद आरोपीगणों को मुताबिक गिरफ्तारी के गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया गया है। उक्त आरोपियों से और भी अन्य चोरियों के संबंध में पूछताछ कर माल बरामदगी की कार्रवाई की जावेगी। तरीका ए वारदात - आरोपीगणों मे से दो महिलाओं की शादी टूट चुकी थी एवं अर्जुन भी काफी कर्ज में था अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए इन्होने लालच में आकर अवैध तरीकों का चुनाव किया। जिस पर अर्जुन व उसकी पत्नी ने मिलकर इन दोनों महिलाओं को अपने साथ मिलाकर चोरी करने की योजनाएं बनाईं। चौकी, पलवल व फरीदाबाद में चोरी के समय आरोपियों को पहचाने जाने के डर से इन्होंने वहां से दूर घटना करने की प्लानिंग की और झांसी से निवाड़ी व आसपास के क्षेत्रों में चार पहिया वाहन अर्टिगा गाड़ी से जाकर घटना घटित की गई। टीम - अनु.अधि.(पुलिस) के.के. पाण्डेय, निरी. बलजीत सिंह जाट थाना प्रभारी कोतवाली, उनि. गौरव राजौरिया थाना प्रभारी टेहरका, उनि. टिंकल यादव चौकी प्रभारी नारायणनाका, उनि. कुलदीप यादव प्रभारी सायबर सेल, सउनि करन सिंह बुंदेला, प्र.आर. शिवपाल, आर. अनूप, आर. संतोष, आर. राहुल, आर. शिवसिंह, म.आर. शिवानी, म.आर. निधि, आर. रविन्द्र (सायबर सेल) एवं अन्य पुलिस स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।1
- *प्रेस नोट जिला निवाड़ी* 🚨 *अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का पुलिस अधीक्षक निवाड़ी ने प्रेसवार्ता कर किया खुलाशा* *घटना दिनांक 23/04/26 को फरियादिया अपनी बहू के साथ दतिया मे शादी समारोह में शामिल होकर अपने घर निवाड़ी वापस आ रही थी तभी टैक्सी से निवाड़ी आते समय किसी अज्ञात चोर द्वारा फरियादिया व उसकी बहू के सोने चांदी के आभूषण चोरी कर लिये थे जिसकी रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अप.क्र. 109/26 घारा 303(2) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। *पतारसी के शुरूआती-* प्रयास अपराध पंजीबद्ध होने के उपरांत तत्काल थाना स्तर पर टीम गठित की जाकर अज्ञात आरोपी व माल मुल्जिम की बरामदगी हेतु रवाना किया गया। इसी दौरान छतरपुर पुलिस द्वारा जानकारी प्राप्त हुई कि इसी प्रकार की चोरियां छतरपुर जिले में भी हुई है उन चोरियों के आरोपियों की जानकारी निवाड़ी पुलिस को प्राप्त हुई जिस पर निवाड़ी पुलिस द्वारा एक महिला व एक पुरूष को पुलिस अभिरक्षा में लेकर प्रारंभिक पूछताछ की गई जिन्होंने पहले जुर्म करना स्वीकार किया, उसके उपरांत फरियादिया से भी उक्त आरोपियों की शिनाख्तगी कराई गई जिसमे फरियादी द्वारा सही पहचाना किंतु कुछ समय बाद आरोपियों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा फरियादिया की चोरी नहीं की है। इस संबंध में घटना का रिक्रेशन भी कराया गया विवेचना के दौरान उक्त आरोपियों द्वारा घटना घटित करने की पुष्टि नही हुई बाद उक्त दोनो आरोपियों को छतरपुर पुलिस की अभिरक्षा में अग्रिम कार्यवाही हेतु सुपुर्द किया गया। *साक्ष्य बनाम तथाकथित आरोप-* पत्रकार विवेक दांगी द्वारा सोशल मीडिया एवं कलेक्टर महोदया तथा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर इस बात का प्रचार किया गया कि पुलिस द्वारा फरियादिया के पहचानने पर भी आरोपीगणों को छोड़ दिया गया। जबकि असलियत यह थी कि उक्त आरोपीगण घटना में सम्मिलित नहीं थे। पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देने के बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। जिसमें एसडीओपी निवाड़ी के नेतृत्व में दो थाना प्रभारी एवं एक चौकी प्रभारी तथा अन्य पुलिस स्टाफ को सम्मिलित किया गया। *आरोपी तक पुलिस की पहुंच-* पुलिस अधीक्षक के द्वारा उक्त आरोपियों व माल मशरूका की बरामदगी हेतु ईनाम की उद्घोषणा की गई एवं पुलिस अधीक्षक के सतत् निर्देशन में उक्त टीम के द्वारा लगातार मुखबिरों से संपर्क कर व तकनीकी साक्ष्य एकत्रित कर जानकारी प्राप्त कर की गई जिसमें यह जानकारी संज्ञान में आई कि उक्त घटनाओं को कारित करने में 03 महिलायें व एक पुरुष शामिल हैं, इसी दौरान मुखबिर के द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि उक्त चोरी करने वाली तीनों महिलायें अभी भी निवाड़ी तिगैला पर सक्रिय है सूचना की तस्दीक हेतु 24X7 एक टीम निवाड़ी तिगैला पर लगातार निगाह रखने हेतु लगाई गई उक्त टीम द्वारा एक संदिग्ध महिला रेखा पत्ति उत्तम राजपूत को पुलिस अभिरक्षा में लिया जाकर हिकमत अमली से पूछताछ की गई, जिसके द्वारा बताया गया कि उसका जीजा अर्जुन और उसकी अन्य दो बहनें सरोज व मीना है हम सभी राजस्थान, पलवल व फरीदाबाद मे रहते है हम सभी चारों लोग मिलकर अपने साथ छोटे बच्चो को रखकर टैक्सियों में बैठकर यात्रियों से नजर बचाकर उनके पर्स में से सामान निकाल लेते हैं मेरी दो बहने व जीजा वर्तमान समय मे कोटपुतली राजस्थान व पलवल व फरीदाबाद हरियाणा में है और उन्ही के पास उक्त चोरी का काफी मशरूका है। पुलिस अधीक्षक की सतत निगरानी में उक्त टीम को तत्काल राजस्थान व पलवल, फरीदाबाद रवाना किया गया, जहां पर अन्य तीनों आरोपियों को अभिरक्षा मे लेकर चोरी गया माल-मशरूका व घटना में प्रयुक्त चार पहिया वाहन अर्टिगा गाड़ी को जप्त कर उन्हें गिरफ्तार करके थाना निवाडी लाया गया। बाद आरोपीगणों को मुताबिक गिरफ्तारी के गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया गया है। उक्त आरोपियों से और भी अन्य चोरियों के संबंध में पूछताछ कर माल बरामदगी की कार्रवाई की जावेगी। *तरीका ए वारदात -* आरोपीगणों में से दो महिलाओं की शादी टूट चुकी थी एवं अर्जुन भी काफी कर्ज में था अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए इन्होने लालच में आकर अवैध तरीकों का चुनाव किया। जिस पर अर्जुन व उसकी पत्नी ने मिलकर इन दोनों महिलाओं को अपने साथ मिलाकर चोरी करने की योजनाएं बनाई। चौकी, पलवल व फरीदाबाद में चोरी के समय आरोपियों को पहचाने जाने के डर से इन्होंने वहां से दूर घटना करने की प्लानिंग की और झांसी से निवाड़ी व आसपास के क्षेत्रों में चार पहिया वाहन अर्टिगा गाड़ी से जाकर घटना पटित की गई। *टीम-* अनु.अधि. (पुलिस) के. के. पाण्डेय, निरी, बलजीत सिंह जाट थाना प्रभारी कोतवाली, उनि, गौरव राजौरिया थाना प्रभारी टेहरका, उनि. टिंकल यादव चौकी प्रभारी नाराईनाका, उनि. कुलदीप यादव प्रभारी सायबर सेल, सउनि करन सिंह बुंदेला, प्र. आर. शिवपाल, आर. अनूप, आर. संतोष, आर, राहुल, आर. शिवसिंह, म.आर. शिवानी, म.आर. उर्मिला, आर. रविन्द्र (सायबर सेल) एवं अन्य पुलिस स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।2
- Post by Ashish Patrkar1
- निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर में पूर्व मंत्री स्वर्गीय बृजेंद्र सिंह राठौर की मनाई गई पुण्यतिथि,,,,, भजन संध्या का किया गया आयोजन बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद,,,,1
- घटना का विवरण - दिनांक 23/04/26 को फरियादिया अपनी बहू के साथ दतिया मे शादी समारोह में शामिल होकर अपने घर निवाड़ी वापस आ रही थी तभी टैक्सी से निवाड़ी आते समय किसी अज्ञात चोर द्वारा फरियादिया व उसकी बहू के सोने चांदी के आभूषण चोरी कर लिये थे जिसकी रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अप.क्र. 109/26 धारा 303(2) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पतारसी के शुरूआती प्रयास - अपराध पंजीबद्ध होने के उपरांत तत्काल थाना स्तर पर टीम गठित की जाकर अज्ञात आरोपी व माल मुल्जिम की बरामदगी हेतु रवाना किया गया। इसी दौरान छतरपुर पुलिस द्वारा जानकारी प्राप्त हुई कि इसी प्रकार की चोरियां छतरपुर जिले में भी हुई है उन चोरियों के आरोपियों की जानकारी निवाड़ी पुलिस को प्राप्त हुई जिस पर निवाड़ी पुलिस द्वारा एक महिला व एक पुरूष को पुलिस अभिरक्षा में लेकर प्रारंभिक पूछताछ की गई जिन्होंने पहले जुर्म करना स्वीकार किया, उसके उपरांत फरियादिया से भी उक्त आरोपियों की शिनाख्तगी कराई गई जिसमे फरियादी द्वारा सही पहचाना किंतु कुछ समय बाद आरोपियों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा फरियादिया की चोरी नहीं की है। इस संबंध में घटना का रिक्रिएशन भी कराया गया विवेचना के दौरान उक्त आरोपियों द्वारा घटना घटित करने की पुष्टि नहीं हुई बाद उक्त दोनों आरोपियों को छतरपुर पुलिस की अभिरक्षा में अग्रिम कार्यवाही हेतु सुपुर्द किया गया। साक्ष्य बनाम तथाकथित आरोप - पत्रकार विवेक दांगी द्वारा सोशल मीडिया तथा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर इस बात का प्रचार किया गया कि पुलिस द्वारा फरियादिया के पहचानने पर भी आरोपीगणों को छोड़ दिया गया। जबकि असलियत यह थी कि उक्त आरोपीगण घटना में सम्मिलित नहीं थे। पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देने के बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। जिसमें एसडीओपी निवाड़ी के नेतृत्व में दो थाना प्रभारी एवं एक चौकी प्रभारी तथा अन्य पुलिस स्टाफ को सम्मिलित किया गया। आरोपी तक पुलिस की पहुंच - पुलिस अधीक्षक के द्वारा उक्त आरोपियों व माल मशरूका की बरामदगी हेतु इनाम की उद्घोषणा की गई एवं पुलिस अधीक्षक के सतत् निर्देशन मे उक्त टीम के द्वारा लगातार मुखबिरों से संपर्क कर व तकनीकी साक्ष्य एकत्रित कर जानकारी प्राप्त कर की गई जिसमें यह जानकारी संज्ञान में आई कि उक्त घटनाओं को कारित करने मे 03 महिलायें व एक पुरूष शामिल हैं। इस दौरान मुखबिर के द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि उक्त चोरी करने वाली तीनों महिलायें अभी भी निवाड़ी तिगैला पर सक्रिय है सूचना की तस्दीक हेतु 24x7 एक टीम निवाड़ी तिगैला पर लगातार निगाह रखने हेतु लगाई गई उक्त टीम द्वारा एक संदिग्ध महिला रेखा पति उत्तम राजपूत को पुलिस अभिरक्षा में लिया जाकर हिकमत अमली से पूछताछ की गई, जिसके द्वारा बताया गया कि उसका जीजा अर्जुन और उसकी अन्य दो बहनें सरोज व मीना है हम सभी राजस्थान, पलवल व फरीदाबाद में रहते है हम सभी चारों लोग मिलकर अपने साथ छोटे बच्चों को रखकर टैक्सियों में बैठकर यात्रियों से नजर बचाकर उनके पर्स में से सामान निकाल लेते हैं मेरी दो बहनें व जीजा वर्तमान समय में कोटपुतली राजस्थान व पलवल व फरीदाबाद हरियाणा मे है और उन्ही के पास उक्त चोरी का काफी मशरूका है। पुलिस अधीक्षक के सतत निगरानी मे उक्त टीम को तत्काल राजस्थान व पलवल, फरीदाबाद रवाना किया गया, जहां पर अन्य तीनों आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर चोरी गया माल-मशरूका व घटना में प्रयुक्त चार पहिया वाहन अर्टिगा गाड़ी को जब्त कर उन्हें गिरफ्तार करके थाना निवाड़ी लाया गया। बाद आरोपीगणों को मुताबिक गिरफ्तारी के गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया गया है। उक्त आरोपियों से और भी अन्य चोरियों के संबंध में पूछताछ कर माल बरामदगी की कार्रवाई की जावेगी। तरीका ए वारदात - आरोपीगणों मे से दो महिलाओं की शादी टूट चुकी थी एवं अर्जुन भी काफी कर्ज में था अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए इन्होने लालच में आकर अवैध तरीकों का चुनाव किया। जिस पर अर्जुन व उसकी पत्नी ने मिलकर इन दोनों महिलाओं को अपने साथ मिलाकर चोरी करने की योजनाएं बनाईं। चौकी, पलवल व फरीदाबाद में चोरी के समय आरोपियों को पहचाने जाने के डर से इन्होंने वहां से दूर घटना करने की प्लानिंग की और झांसी से निवाड़ी व आसपास के क्षेत्रों में चार पहिया वाहन अर्टिगा गाड़ी से जाकर घटना घटित की गई। टीम - अनु.अधि.(पुलिस) के.के. पाण्डेय, निरी. बलजीत सिंह जाट थाना प्रभारी कोतवाली, उनि. गौरव राजौरिया थाना प्रभारी टेहरका, उनि. टिंकल यादव चौकी प्रभारी नारायणनाका, उनि. कुलदीप यादव प्रभारी सायबर सेल, सउनि करन सिंह बुंदेला, प्र.आर. शिवपाल, आर. अनूप, आर. संतोष, आर. राहुल, आर. शिवसिंह, म.आर. शिवानी, म.आर. निधि, आर. रविन्द्र (सायबर सेल) एवं अन्य पुलिस स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।1
- झांसी के सभी अहले इस्लाम से गुज़ारिश है कि वक्फ नम्बर 92 जीवनशाह कब्रिस्तान में पक्की कब्र बनाना सख्त मना हों गया है *मुख्य बिंदु:* 1. *जगह की कमी*: पक्की कब्रों के कारण जीवनशाह कब्रिस्तान में मरहूम को दफनाने के लिए जगह नहीं बची है। आने वाले वक्त में दिक्कत और बढ़ेगी। 2. *शरीयत का हुक्म*: कब्र कच्ची रखना ही बेहतर है। पक्की कब्र बनाने से दूसरों का हक मारा जाता है। 3. *आपसे अनुरोध*: सभी साथी अपने मरहूम की कब्रों पर फातिहा पढ़ने ज़रूर आया करें। इससे मरहूम को इसाले सवाब पहुंचेगा और कब्रिस्तान से आपका जुड़ाव बना रहेगा। 4. *साफ-सफाई*: जीवनशाह कब्रिस्तान हम सबकी धरोहर है। इसे साफ-सुथरा रखना हम सबकी जिम्मेदारी है मैरी आप सभी भाईयों से गुजारिश है कि आप अपना कीमती समय निकाल कर अपने अपने मरहूम की कब्रों की साफ-सफाई करने जरुर आया करें जीवनशाह झांसी में कब्रिस्तान, दरगाह, मस्जिद व मदरसे का संचालन बेहतर तरीके से हो सके, इसके लिए हम सबको मिलकर सहयोग करना होगा। *नोट*: जो लोग पहले पक्की कब्र बना चुके हैं, उनसे भी दरख्वास्त है कि आइंदा इस अमल से बचें ताकि दूसरों के लिए जगह बची रहे। *जारीकर्ता*: सदर मोहम्मद इमरान खान वक्फ नम्बर 92 जीवनशाह झांसी1
- झाँसी जिला अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया जब जिलाधिकारी गौरांग राठी ने अचानक औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान डीएम ने ओपीडी, सीटी स्कैन, पैथोलॉजी और नेत्र विभाग का बारीकी से जायजा लिया और कई गंभीर खामियां सामने आने पर कड़ी नाराजगी जताई। नेत्र विभाग में डीएम ने सीधे ओपीडी चेंबर में बैठकर जॉइंट मजिस्ट्रेट आयुष सैनी, सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय और सीएमएस डॉ. आर.के. सक्सेना के साथ समीक्षा की। इस दौरान बाहर खड़े मरीजों ने बाहर से दवाएं लिखे जाने की शिकायत की, जिसे डीएम ने गंभीरता से लिया। मामले में संबंधित नेत्र परीक्षण अधिकारी पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।पैथोलॉजी विभाग में डीएम ने खुद रिपोर्ट निकलवाकर मरीजों से फीडबैक लिया और यह सुनिश्चित किया कि किसी से अवैध वसूली तो नहीं हो रही। वहीं, सीटी स्कैन सेवाओं की भी फोन के जरिए पुष्टि की गई, जहां फीडबैक संतोषजनक मिला। इसके बावजूद डीएम ने सीटी स्कैन रिपोर्ट वितरण के लिए अलग से कर्मचारी तैनात करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान विकलांग शिविर की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित न होने पर हर सोमवार लगने वाले शिविर का बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाने को कहा गया। वहीं ओपीडी के शौचालय में गंदगी मिलने पर डीएम ने कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी करने के आदेश दिए। वहीं, डीएम के सख्त तेवरों से साफ है कि अब जिला अस्पताल में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है।3
- *प्रेस नोट जिला निवाड़ी* 🚨 *अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का पुलिस अधीक्षक निवाड़ी ने प्रेसवार्ता कर किया खुलाशा* *घटना दिनांक 23/04/26 को फरियादिया अपनी बहू के साथ दतिया मे शादी समारोह में शामिल होकर अपने घर निवाड़ी वापस आ रही थी तभी टैक्सी से निवाड़ी आते समय किसी अज्ञात चोर द्वारा फरियादिया व उसकी बहू के सोने चांदी के आभूषण चोरी कर लिये थे जिसकी रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अप.क्र. 109/26 घारा 303(2) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। *पतारसी के शुरूआती-* प्रयास अपराध पंजीबद्ध होने के उपरांत तत्काल थाना स्तर पर टीम गठित की जाकर अज्ञात आरोपी व माल मुल्जिम की बरामदगी हेतु रवाना किया गया। इसी दौरान छतरपुर पुलिस द्वारा जानकारी प्राप्त हुई कि इसी प्रकार की चोरियां छतरपुर जिले में भी हुई है उन चोरियों के आरोपियों की जानकारी निवाड़ी पुलिस को प्राप्त हुई जिस पर निवाड़ी पुलिस द्वारा एक महिला व एक पुरूष को पुलिस अभिरक्षा में लेकर प्रारंभिक पूछताछ की गई जिन्होंने पहले जुर्म करना स्वीकार किया, उसके उपरांत फरियादिया से भी उक्त आरोपियों की शिनाख्तगी कराई गई जिसमे फरियादी द्वारा सही पहचाना किंतु कुछ समय बाद आरोपियों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा फरियादिया की चोरी नहीं की है। इस संबंध में घटना का रिक्रेशन भी कराया गया विवेचना के दौरान उक्त आरोपियों द्वारा घटना घटित करने की पुष्टि नही हुई बाद उक्त दोनो आरोपियों को छतरपुर पुलिस की अभिरक्षा में अग्रिम कार्यवाही हेतु सुपुर्द किया गया। *साक्ष्य बनाम तथाकथित आरोप-* पत्रकार विवेक दांगी द्वारा सोशल मीडिया एवं कलेक्टर महोदया तथा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर इस बात का प्रचार किया गया कि पुलिस द्वारा फरियादिया के पहचानने पर भी आरोपीगणों को छोड़ दिया गया। जबकि असलियत यह थी कि उक्त आरोपीगण घटना में सम्मिलित नहीं थे। पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देने के बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। जिसमें एसडीओपी निवाड़ी के नेतृत्व में दो थाना प्रभारी एवं एक चौकी प्रभारी तथा अन्य पुलिस स्टाफ को सम्मिलित किया गया। *आरोपी तक पुलिस की पहुंच-* पुलिस अधीक्षक के द्वारा उक्त आरोपियों व माल मशरूका की बरामदगी हेतु ईनाम की उद्घोषणा की गई एवं पुलिस अधीक्षक के सतत् निर्देशन में उक्त टीम के द्वारा लगातार मुखबिरों से संपर्क कर व तकनीकी साक्ष्य एकत्रित कर जानकारी प्राप्त कर की गई जिसमें यह जानकारी संज्ञान में आई कि उक्त घटनाओं को कारित करने में 03 महिलायें व एक पुरुष शामिल हैं, इसी दौरान मुखबिर के द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि उक्त चोरी करने वाली तीनों महिलायें अभी भी निवाड़ी तिगैला पर सक्रिय है सूचना की तस्दीक हेतु 24X7 एक टीम निवाड़ी तिगैला पर लगातार निगाह रखने हेतु लगाई गई उक्त टीम द्वारा एक संदिग्ध महिला रेखा पत्ति उत्तम राजपूत को पुलिस अभिरक्षा में लिया जाकर हिकमत अमली से पूछताछ की गई, जिसके द्वारा बताया गया कि उसका जीजा अर्जुन और उसकी अन्य दो बहनें सरोज व मीना है हम सभी राजस्थान, पलवल व फरीदाबाद मे रहते है हम सभी चारों लोग मिलकर अपने साथ छोटे बच्चो को रखकर टैक्सियों में बैठकर यात्रियों से नजर बचाकर उनके पर्स में से सामान निकाल लेते हैं मेरी दो बहने व जीजा वर्तमान समय मे कोटपुतली राजस्थान व पलवल व फरीदाबाद हरियाणा में है और उन्ही के पास उक्त चोरी का काफी मशरूका है। पुलिस अधीक्षक की सतत निगरानी में उक्त टीम को तत्काल राजस्थान व पलवल, फरीदाबाद रवाना किया गया, जहां पर अन्य तीनों आरोपियों को अभिरक्षा मे लेकर चोरी गया माल-मशरूका व घटना में प्रयुक्त चार पहिया वाहन अर्टिगा गाड़ी को जप्त कर उन्हें गिरफ्तार करके थाना निवाडी लाया गया। बाद आरोपीगणों को मुताबिक गिरफ्तारी के गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया गया है। उक्त आरोपियों से और भी अन्य चोरियों के संबंध में पूछताछ कर माल बरामदगी की कार्रवाई की जावेगी। *तरीका ए वारदात -* आरोपीगणों में से दो महिलाओं की शादी टूट चुकी थी एवं अर्जुन भी काफी कर्ज में था अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए इन्होने लालच में आकर अवैध तरीकों का चुनाव किया। जिस पर अर्जुन व उसकी पत्नी ने मिलकर इन दोनों महिलाओं को अपने साथ मिलाकर चोरी करने की योजनाएं बनाई। चौकी, पलवल व फरीदाबाद में चोरी के समय आरोपियों को पहचाने जाने के डर से इन्होंने वहां से दूर घटना करने की प्लानिंग की और झांसी से निवाड़ी व आसपास के क्षेत्रों में चार पहिया वाहन अर्टिगा गाड़ी से जाकर घटना पटित की गई। *टीम-* अनु.अधि. (पुलिस) के. के. पाण्डेय, निरी, बलजीत सिंह जाट थाना प्रभारी कोतवाली, उनि, गौरव राजौरिया थाना प्रभारी टेहरका, उनि. टिंकल यादव चौकी प्रभारी नाराईनाका, उनि. कुलदीप यादव प्रभारी सायबर सेल, सउनि करन सिंह बुंदेला, प्र. आर. शिवपाल, आर. अनूप, आर. संतोष, आर, राहुल, आर. शिवसिंह, म.आर. शिवानी, म.आर. उर्मिला, आर. रविन्द्र (सायबर सेल) एवं अन्य पुलिस स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।1