सनावद में इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर अमृत योजना 2.0 के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद पेवर ब्लॉक के कार्य में भारी लापरवाही का आरोप लगा है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। पहले नगर की सीमा में सुरक्षा और सौंदर्यीकरण के लिए सड़क के दोनों किनारों पर 10-10 पेवर ब्लॉक की लाइनें बिछाई गई थीं। बाद में नगर की पानी की आपूर्ति और टंकियों तक पानी पहुँचाने के लिए पाइपलाइन डालने हेतु एक तरफ के पेवर ब्लॉक उखाड़ दिए गए थे। आरोप है कि पाइपलाइन का कार्य पूरा होने के बाद ठेकेदार धर्मेंद्र करोड़ा ने सड़क किनारे की स्थिति को पूर्ववत नहीं किया। नगर के जागरूक नागरिकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा मामला उठाए जाने के बाद भी, ठेकेदार ने तकनीकी मापदंडों के विपरीत केवल पांच से सात लाइनों में पेवर ब्लॉक लगाकर औपचारिकता पूरी की। ये लगाए गए पेवर ब्लॉक जगह-जगह धंस गए हैं, जिससे बड़ी दुर्घटना होने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अधूरे और गुणवत्ताहीन कार्य के कारण मार्ग का सौंदर्यीकरण प्रभावित हुआ है, और बारिश के मौसम में कीचड़ तथा धंसे पेवर ब्लॉक दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। नागरिकों ने संबंधित विभाग से मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने और विधिवत कार्य पूरा कराने की मांग की है, साथ ही अधिकारियों द्वारा कार्य के अवलोकन न किए जाने पर नाराजगी भी व्यक्त की है। इस संबंध में, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि इंदर बिरला ने बताया कि ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि जितने पेवर ब्लॉक निकाले गए हैं, उन्हें उसी स्थिति में पुनः लगाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कार्य में गुणवत्ता की कमी पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और ठेकेदार का भुगतान भी रोका जा सकता है। बिरला ने यह भी बताया कि रोड मेंटेनेंस का कार्य 'रुद्रा' कंपनी द्वारा किया जा रहा है और उनसे भी संपर्क किया जाएगा। अब सवाल उठता है कि क्या संबंधित ठेकेदार अपनी जिम्मेदारियां निभाते हुए पेवर ब्लॉक को पुनः उचित अवस्था में लगाएगा, या यह मार्ग, जिसे दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए और नगर के सौंदर्यीकरण के लिए बनाया गया था, राजनीति की भेंट चढ़ जाएगा।
सनावद में इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर अमृत योजना 2.0 के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद पेवर ब्लॉक के कार्य में भारी लापरवाही का आरोप लगा है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। पहले नगर की सीमा में सुरक्षा और सौंदर्यीकरण के लिए सड़क के दोनों किनारों पर 10-10 पेवर ब्लॉक की लाइनें बिछाई गई थीं। बाद में नगर की पानी की आपूर्ति और टंकियों तक पानी पहुँचाने के लिए पाइपलाइन डालने हेतु एक तरफ के पेवर ब्लॉक उखाड़ दिए गए थे। आरोप है कि पाइपलाइन का कार्य पूरा
होने के बाद ठेकेदार धर्मेंद्र करोड़ा ने सड़क किनारे की स्थिति को पूर्ववत नहीं किया। नगर के जागरूक नागरिकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा मामला उठाए जाने के बाद भी, ठेकेदार ने तकनीकी मापदंडों के विपरीत केवल पांच से सात लाइनों में पेवर ब्लॉक लगाकर औपचारिकता पूरी की। ये लगाए गए पेवर ब्लॉक जगह-जगह धंस गए हैं, जिससे बड़ी दुर्घटना होने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अधूरे और गुणवत्ताहीन कार्य के कारण मार्ग का सौंदर्यीकरण प्रभावित हुआ है, और बारिश के मौसम में कीचड़ तथा
धंसे पेवर ब्लॉक दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। नागरिकों ने संबंधित विभाग से मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने और विधिवत कार्य पूरा कराने की मांग की है, साथ ही अधिकारियों द्वारा कार्य के अवलोकन न किए जाने पर नाराजगी भी व्यक्त की है। इस संबंध में, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि इंदर बिरला ने बताया कि ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि जितने पेवर ब्लॉक निकाले गए हैं, उन्हें उसी स्थिति में पुनः लगाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कार्य में गुणवत्ता की
कमी पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और ठेकेदार का भुगतान भी रोका जा सकता है। बिरला ने यह भी बताया कि रोड मेंटेनेंस का कार्य 'रुद्रा' कंपनी द्वारा किया जा रहा है और उनसे भी संपर्क किया जाएगा। अब सवाल उठता है कि क्या संबंधित ठेकेदार अपनी जिम्मेदारियां निभाते हुए पेवर ब्लॉक को पुनः उचित अवस्था में लगाएगा, या यह मार्ग, जिसे दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए और नगर के सौंदर्यीकरण के लिए बनाया गया था, राजनीति की भेंट चढ़ जाएगा।
- पुलिस ने निर्मल विद्यापीठ में 'सेफ क्लिक 2.0' नामक अभियान का संचालन किया। इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के महत्व और उससे जुड़ी जानकारी के प्रति जागरूक किया गया।1
- एक कार्यक्रम के दौरान, महापौर अमृता अमर यादव ने होनहार छात्रा खुशी पटेल को उनकी शिक्षा के लिए साइकिल भेंट कर सम्मानित किया। इसी कार्यक्रम में, पीएम स्वनिधि योजना के तहत आने वाले हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए।1
- बारिश के कारण एक गली में बहुत अधिक कीचड़ हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर लोगों ने पंचायत में शिकायत दर्ज कराई थी और गली में कीचड़ की समस्या के समाधान के लिए कंक्रीट सड़क बनाने की मांग की थी। हालांकि, पंचायत के मंत्री सचिव ने उनकी समस्या सुनने के बजाय एक असामान्य सलाह दी। मंत्री सचिव ने लोगों से अपने मकान बेचकर किसी बेहतर जगह घर ले लेने की सलाह दी और उनकी कंक्रीट की मांग को पूरी तरह नकार दिया।2
- ₹12000 करोड़ की भारी लागत से निर्मित किसी चीज़ की असलियत का खुलासा उसके पहले ही उपयोग में हो गया। इस विशाल व्यय से बने होने के बावजूद, उसका वास्तविक स्वरूप और गुणवत्ता तुरंत सबके सामने आ गई।1
- इंदौर में मजहब-ए-इस्लाम के सबसे पाक और मुकद्दस सफर 'हज' को मुकम्मल कर कई हाजी अपने वतन लौट आए हैं। इसी कड़ी में इंदौर के मशहूर खजराना निवासी मोइन कुरैशी के परिवार से उनका छोटा भाई और दो अन्य सदस्य आज हज की मुबारक यात्रा पूरी कर सकुशल अपने गृह नगर इंदौर पहुंचे। मोइन कुरैशी और याकूब खान ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इन सदस्यों ने इस वर्ष अल्लाह के घर (मक्का मुअज्जमा) और मदीना शरीफ की जियारत का सौभाग्य प्राप्त किया। हज के सभी धार्मिक अनुष्ठान (अरकान) पूरी अकीदत और शिद्दत के साथ मुकम्मल करने के बाद जब वे इंदौर लौटे, तो उनका बेहद गर्मजोशी और अदब के साथ इस्तकबाल किया गया। हाजियों के इंदौर आगमन पर उन्हें मुबारकबाद देने और उनसे दुआएँ लेने के लिए गोल्डन गार्डन और निवास पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान हजरत अनवर मौलाना, इकबाल खान पार्षद प्रतिनिधि, उस्मान पटेल पार्षद, वहीद मामू समाजसेवी, बोरा उस्ताद, रशिद कुरैशी, जाकिर कुरैशी, शब्बीर कुरैशी सहित रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों का भारी हुजूम मौजूद था। फूलों के हार पहनाकर और इत्र लगाकर हाजियों का भव्य स्वागत किया गया, जिससे पूरा माहौल दुआओं और बधाई के नारों से गूंज उठा। मोइन कुरैशी और याकूब खान ने यह भी बताया कि इस मुकद्दस सफर के दौरान, उनके छोटे भाई और परिवार के दो अन्य सदस्यों ने विशेष रूप से मुल्क (भारत) में अमन, चैन, भाईचारे और देश की तरक्की के लिए बारगाह-ए-इलाही में रो-रोकर विशेष दुआएं मांगी हैं। उन्होंने कहा कि हज का सफर हर मुसलमान के लिए जिंदगी का सबसे बड़ा ख्वाब होता है और यह उनके परिवार के लिए बेहद खुशी और फख्र का पल है कि उनके बड़े भाई-भाभी अल्लाह के मेहमान बनकर इस पवित्र फर्ज को अदा कर लौटे हैं। वतन वापसी पर इन हाजियों से मिलने और उनसे दुआएं लेने के लिए उनके निवास स्थान और गार्डन पर देर रात तक अकीदतमंदों और शुभचिंतकों के आने का सिलसिला जारी रहा।1
- इंदौर के स्कीम नंबर 51 स्थित कचरा प्लांट के सामने चल रहे सड़क और पुलिया निर्माण कार्य के चलते हाल ही में हुई बारिश के बाद सड़क पर पानी भर गया। इस जलभराव के कारण आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, कई गाड़ियां बीच सड़क पर ही बंद हो गईं। पानी कम होने का इंतजार करते हुए लोग सड़क किनारे खड़े रहे।3
- बड़वाह में एसडीओपी ने 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया है। इस पहल के माध्यम से छात्रों को साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।1
- सनावद में इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर अमृत योजना 2.0 के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद पेवर ब्लॉक के कार्य में भारी लापरवाही का आरोप लगा है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। पहले नगर की सीमा में सुरक्षा और सौंदर्यीकरण के लिए सड़क के दोनों किनारों पर 10-10 पेवर ब्लॉक की लाइनें बिछाई गई थीं। बाद में नगर की पानी की आपूर्ति और टंकियों तक पानी पहुँचाने के लिए पाइपलाइन डालने हेतु एक तरफ के पेवर ब्लॉक उखाड़ दिए गए थे। आरोप है कि पाइपलाइन का कार्य पूरा होने के बाद ठेकेदार धर्मेंद्र करोड़ा ने सड़क किनारे की स्थिति को पूर्ववत नहीं किया। नगर के जागरूक नागरिकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा मामला उठाए जाने के बाद भी, ठेकेदार ने तकनीकी मापदंडों के विपरीत केवल पांच से सात लाइनों में पेवर ब्लॉक लगाकर औपचारिकता पूरी की। ये लगाए गए पेवर ब्लॉक जगह-जगह धंस गए हैं, जिससे बड़ी दुर्घटना होने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अधूरे और गुणवत्ताहीन कार्य के कारण मार्ग का सौंदर्यीकरण प्रभावित हुआ है, और बारिश के मौसम में कीचड़ तथा धंसे पेवर ब्लॉक दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। नागरिकों ने संबंधित विभाग से मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने और विधिवत कार्य पूरा कराने की मांग की है, साथ ही अधिकारियों द्वारा कार्य के अवलोकन न किए जाने पर नाराजगी भी व्यक्त की है। इस संबंध में, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि इंदर बिरला ने बताया कि ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि जितने पेवर ब्लॉक निकाले गए हैं, उन्हें उसी स्थिति में पुनः लगाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कार्य में गुणवत्ता की कमी पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और ठेकेदार का भुगतान भी रोका जा सकता है। बिरला ने यह भी बताया कि रोड मेंटेनेंस का कार्य 'रुद्रा' कंपनी द्वारा किया जा रहा है और उनसे भी संपर्क किया जाएगा। अब सवाल उठता है कि क्या संबंधित ठेकेदार अपनी जिम्मेदारियां निभाते हुए पेवर ब्लॉक को पुनः उचित अवस्था में लगाएगा, या यह मार्ग, जिसे दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए और नगर के सौंदर्यीकरण के लिए बनाया गया था, राजनीति की भेंट चढ़ जाएगा।4