बारिश थमने से बढ़ी किसानों की चिंता, धान के खेतों में पड़ने लगी दरार बारिश थमने से बढ़ी किसानों की चिंता, धान के खेतों में पड़ने लगी दरार टेटिया बंबर प्रखंड क्षेत्र में बारिश का लंबा अंतराल किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। कुछ दिन पहले हुई बारिश के बाद किसानों ने धान की रोपाई का कार्य तेज कर दिया था, लेकिन इसके बाद वर्षा नहीं होने से रोपाई किए गए खेत सूखने लगे हैं। कई खेतों में मिट्टी फटने लगी है और दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। इससे किसानों को धान की फसल बचाने की चिंता सताने लगी है। प्रखंड के बनर पंचायत अंतर्गत बनौली सहित आसपास के कई गांवों में किसान पंपसेट के माध्यम से नदी और अन्य जलस्रोतों से खेतों तक पानी पहुंचाकर फसल बचाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, जिन क्षेत्रों में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां धान की रोपाई भी शुरू नहीं हो सकी है। सूखे खेतों के कारण किसान खेती का कार्य आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। किसान ललन कुमार ने बताया कि लगभग 10 दिन पहले उन्होंने धान की रोपाई की थी। शुरुआत में बारिश होने से अच्छी उम्मीद थी, लेकिन अब लगातार बारिश नहीं होने से खेतों में दरारें पड़ गई हैं और फसल सूखने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इन दिनों किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बादल तो दिखाई दे रहे हैं, लेकिन बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। समय पर वर्षा नहीं होने से इस वर्ष धान उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
बारिश थमने से बढ़ी किसानों की चिंता, धान के खेतों में पड़ने लगी दरार बारिश थमने से बढ़ी किसानों की चिंता, धान के खेतों में पड़ने लगी दरार टेटिया बंबर प्रखंड क्षेत्र में बारिश का लंबा अंतराल किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। कुछ दिन पहले हुई बारिश के बाद किसानों ने धान की रोपाई का कार्य तेज कर दिया था, लेकिन इसके बाद वर्षा नहीं होने से रोपाई किए गए खेत सूखने लगे हैं। कई खेतों में मिट्टी फटने लगी है और दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। इससे किसानों को धान की फसल बचाने की चिंता सताने लगी है। प्रखंड के बनर पंचायत अंतर्गत बनौली सहित आसपास के कई गांवों में किसान पंपसेट के माध्यम से नदी और अन्य जलस्रोतों से खेतों तक पानी पहुंचाकर फसल बचाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, जिन क्षेत्रों में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां धान की रोपाई भी शुरू नहीं हो सकी है। सूखे खेतों के कारण किसान खेती का कार्य आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। किसान ललन कुमार ने बताया कि लगभग 10 दिन पहले उन्होंने धान की रोपाई की थी। शुरुआत में बारिश होने से अच्छी उम्मीद थी, लेकिन अब लगातार बारिश नहीं होने से खेतों में दरारें पड़ गई हैं और फसल सूखने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इन दिनों किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बादल तो दिखाई दे रहे हैं, लेकिन बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। समय पर वर्षा नहीं होने से इस वर्ष धान उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
- बारिश थमने से बढ़ी किसानों की चिंता, धान के खेतों में पड़ने लगी दरार बारिश थमने से बढ़ी किसानों की चिंता, धान के खेतों में पड़ने लगी दरार टेटिया बंबर प्रखंड क्षेत्र में बारिश का लंबा अंतराल किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। कुछ दिन पहले हुई बारिश के बाद किसानों ने धान की रोपाई का कार्य तेज कर दिया था, लेकिन इसके बाद वर्षा नहीं होने से रोपाई किए गए खेत सूखने लगे हैं। कई खेतों में मिट्टी फटने लगी है और दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। इससे किसानों को धान की फसल बचाने की चिंता सताने लगी है। प्रखंड के बनर पंचायत अंतर्गत बनौली सहित आसपास के कई गांवों में किसान पंपसेट के माध्यम से नदी और अन्य जलस्रोतों से खेतों तक पानी पहुंचाकर फसल बचाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, जिन क्षेत्रों में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां धान की रोपाई भी शुरू नहीं हो सकी है। सूखे खेतों के कारण किसान खेती का कार्य आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। किसान ललन कुमार ने बताया कि लगभग 10 दिन पहले उन्होंने धान की रोपाई की थी। शुरुआत में बारिश होने से अच्छी उम्मीद थी, लेकिन अब लगातार बारिश नहीं होने से खेतों में दरारें पड़ गई हैं और फसल सूखने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इन दिनों किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बादल तो दिखाई दे रहे हैं, लेकिन बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। समय पर वर्षा नहीं होने से इस वर्ष धान उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।1
- जमुई के वायरल वैद्य जी आज कोडरमा में, इतिहास रच दिया 10000 लोग एक साथ जड़ी-बूटियों से... पत्रकार Samar Rathor ने खोला पोल देखिये #KodermaNews #जङी #samarrathor #jamui #gautamsingh #ayurveda #ayurvedicmedicine #ayuvedic #गया #jehanabadcity #झारखंड1
- 100 किलो का अर्धनारीश्वर डोली कांवर बना श्रावणी मेले का आकर्षण विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के तीसरे दिन शनिवार की रात तारापुर के मिल्की गांव के समीप सुल्तानगंज-देवघर कांवरिया पथ पर कोलकाता से आए शिवभक्तों का 100 किलो वजनी अर्धनारीश्वर स्वरूप का डोली कांवर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। रंग-बिरंगी एलईडी लाइटों से सजे इस कांवर को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कोलकाता के श्री श्री नंदेश्वर महादेव मंदिर, दक्षिण दाड़ी के कांवरिया आकाश सिंह व कार्तिक मंडल ने बताया कि 26 सदस्यीय दल ने 45 दिनों की मेहनत और करीब डेढ़ लाख रुपये की लागत से इसे तैयार किया है। पिछले पांच वर्षों से उनका दल हर वर्ष अलग-अलग थीम पर डोली कांवर लेकर बाबाधाम जाता है। पिछले वर्ष शिव-पार्वती की झांकी थी, जबकि इस बार नंदी पर विराजमान अर्धनारीश्वर का स्वरूप बनाया गया है। 100 किलो वजनी इस कांवर को सभी कांवरिया बारी-बारी से कंधे पर उठाकर 105 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करेंगे1
- "हरसिंगार (पारिजात) औषधीय पौधा है, जो टाइफाइड, मलेरिया व जोड़ों के दर्द में उपयोगी माना जाता है।" "हरसिंगार (पारिजात) औषधीय पौधा है, जो टाइफाइड, मलेरिया व जोड़ों के दर्द में उपयोगी माना जाता है।"1
- Anchar:- सुल्तानगंज में श्रावणी मेला का 2026 आज तीसरा दिन है श्रावणी मेल विश्व प्रसिद्ध कांवरियों देश विदेश से कांवरियों का आना लगा हुआ है लोकेशन सुल्तानगंज भागलपुर बिहार रिपोर्टर:- साहिल राज आगाज टाइम Anchar:- सुल्तानगंज में श्रावणी मेला का 2026 आज तीसरा दिन है श्रावणी मेल विश्व प्रसिद्ध कांवरियों देश विदेश से कांवरियों का आना लगा हुआ है सुल्तानगंज विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला गिरवी वस्त्र से कांवरियों का पूरा सुल्तानगंज शहर हर क्षेत्र में सिर्फ गेरुआ वस्त्र ही नजर आ रहा है और सभी के मुंह से बोल बम बोल बम का नारा गूंज रहा है सुल्तानगंज के उत्तर वाहिनी गंगा में जल भरकर नमामि गंगे से बाबा अजगर भी नाथ नगरी से 105 किलोमीटर पैदल यात्रा करके कांवरिया देवघर में बाबा बैजनाथ को जल अर्पित करते हैं और अपनी-अपनी मनोकामना बाबा से मांग कर वापस अपने घर को जाते हैं पर्यटन विभाग द्वारा सुल्तानगंज नमामि गंगे में हर रोज नए-नए कलाकारों का संगीत में कार्यक्रम आयोजित किया गया है लेकिन बाबा अजगर भी नाथ मंदिर घाट में सरकार की तरफ से कोई खास व्यवस्था नहीं की गई है जिसके कारण मंदिर घाट सोना लगता है और गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी देखा जा रहा है सीढ़ी घाट में मंदिर तक तो लाइट की अच्छी व्यवस्था है विद्युत विभाग की ओर से नमामि गंगे में बिहार सरकार की ओर से नमामि गंगे में अच्छी व्यवस्था है लेजर लाइट की भी व्यवस्था किया गया है बिहार सरकार के पर्यटन विभाग की ओर से सीढ़ी घाट पर इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है इस पर बिहार प्रशासन ध्यान दें और मंदिर घटकों भी थोड़ा नमामि गंगे जैसा सजाया जाए तो और भी भाभी लगेगा सुल्तानगंज बाबा अजगैर्वीनाथ की नगरी ऐसे तो प्रशासन विद्युत और भी कई व्यवस्था में कमी नहीं है सरकार अजगैविनाथ मंदिर या सीढ़ी घाट की व्यवस्था बढ़ाई जाए सरकार और प्रशासन पर थोड़ा थोड़ा ध्यान दें1
- महेशखूंट पंचायत में नए पंचायत सरकार भवन का बेलदौर विधानसभा के माननीय विधायक Panna Lal Singh Patel व महेशखूंट पंचायत की माननीय मुखिया Shweta Kumari ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया शुभारंभ । मौके पर अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ जदयू जिला अध्यक्ष खगड़िया , विधायक प्रतिनिधि बेलदौर विधानसभा व मुखिया प्रतिनिधि महेशखूंट पंचायत प्रवीण चौरसिया व भारी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद Deepak Prakash1
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- भाई ने भाई व भतीजे को मारपीट कर किया घायल,गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज जारी। गोगरी प्रखंड अंतर्गत महेशखूंट थाना क्षेत्र के छोटी झिटकिया गांव में मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आपसी कहासुनी के बाद एक भाई ने अपने परिजनों के साथ मिलकर सहोदर भाई और उसके भतीजे की कथित रूप से जमकर पिटाई कर दी। घटना में दोनों घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की स्थिति खतरे से बाहर बताई है। घायल छोटी झिटकिया निवासी मो. शमशेर खां ने रविवार की सुबह नौ बजे बताया कि गांव के एक व्यक्ति के पास उसका कुछ रुपये बकाया था। वह उसी व्यक्ति से अपने पैसे की मांग कर रहा था। इसी दौरान उसका सहोदर भाई अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ वहां पहुंच गया। आरोप है कि सभी ने मिलकर उस पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे उसके भतीजे को भी नहीं बख्शा गया और उसकी भी पिटाई कर दी गई। घटना में दोनों को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद आसपास के लोगों की मदद से दोनों घायलों को इलाज के लिए गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। पीड़ित परिवार ने घटना की सूचना महेशखूंट थाना पुलिस को देते हुए आरोपितों के विरुद्ध लिखित आवेदन देने की बात कही है। इधर, पुलिस का कहना है कि आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बना रहा, हालांकि स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है।1