बारेसाढ़ मे नए रेंजर के खिलाफ ग्रामीणों का बवाल तरुण सिंह वापस जाओ के नारे से गुंजा इलाका गारु : बारेसांड़ वन क्षेत्र में नए रेंजर तरुण सिंह के पदस्थापन को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को लाटू, कुजरुम और बारेसांड़ गांव के सैकड़ों ग्रामीण कुजरुम में एकजुट हुए और ग्राम प्रधान उपेन्द्र उरांव की अध्यक्षता में बैठक कर प्रशासन के फैसले के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए “तरुण सिंह वापस जाओ” के नारे लगाए और पदस्थापन रद्द करने की मांग की।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तरुण सिंह पूर्व में भी बारेसांड़ रेंज में रेंजर रह चुके हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में स्थानीय लोगों को वन विभाग के कार्यों में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिले थे। ग्रामीणों का कहना है कि उस समय विभागीय योजनाओं में बिचौलियों का हस्तक्षेप बढ़ गया था, जिससे जरूरतमंद ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पाया और क्षेत्र में असंतोष का माहौल बन गया था।ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि वर्तमान में तरुण सिंह मनोहरपुर रेंज में पदस्थापित हैं, जो बारेसांड़ से करीब 300 किलोमीटर दूर है, और उन्हें यहां का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार इतनी दूर से प्रभावी निगरानी संभव नहीं है, जिससे वन सुरक्षा कमजोर पड़ सकती है और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की आशंका है।वहीं ग्रामीणों ने निवर्तमान रेंजर नंदकुमार महतो के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनके समय में वन संरक्षण मजबूत हुआ था और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिले थे। इससे ग्रामीणों की आजीविका में सुधार हुआ और वन संरक्षण में उनकी भागीदारी भी बढ़ी।ग्रामीणों ने इस मामले में मुख्य वन संरक्षक को आवेदन भेजकर तरुण सिंह का पदस्थापन रद्द करने और नंदकुमार महतो को पुनः बारेसांड़ रेंज में पदस्थापित करने की मांग की है। साथ ही स्थानीय विधायक से भी हस्तक्षेप की अपील की गई है।ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।बैठक में ग्राम प्रधान उपेन्द्र उरांव, संजय उरांव, मंगलू उरांव, फूलचंद उरांव, आरती देवी, रीना देवी, मंजू देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
बारेसाढ़ मे नए रेंजर के खिलाफ ग्रामीणों का बवाल तरुण सिंह वापस जाओ के नारे से गुंजा इलाका गारु : बारेसांड़ वन क्षेत्र में नए रेंजर तरुण सिंह के पदस्थापन को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को लाटू, कुजरुम और बारेसांड़ गांव के सैकड़ों ग्रामीण कुजरुम में एकजुट हुए और ग्राम प्रधान उपेन्द्र उरांव की अध्यक्षता में बैठक कर प्रशासन के फैसले के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए “तरुण सिंह वापस जाओ” के नारे लगाए और पदस्थापन रद्द करने की मांग की।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तरुण सिंह पूर्व में भी बारेसांड़ रेंज में रेंजर रह चुके हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में स्थानीय लोगों को वन विभाग के कार्यों में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिले थे। ग्रामीणों का कहना है कि उस समय विभागीय योजनाओं में बिचौलियों का हस्तक्षेप बढ़ गया था, जिससे जरूरतमंद ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पाया और क्षेत्र में असंतोष का माहौल बन गया था।ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि वर्तमान में तरुण सिंह मनोहरपुर रेंज में पदस्थापित हैं, जो
बारेसांड़ से करीब 300 किलोमीटर दूर है, और उन्हें यहां का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार इतनी दूर से प्रभावी निगरानी संभव नहीं है, जिससे वन सुरक्षा कमजोर पड़ सकती है और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की आशंका है।वहीं ग्रामीणों ने निवर्तमान रेंजर नंदकुमार महतो के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनके समय में वन संरक्षण मजबूत हुआ था और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिले थे। इससे ग्रामीणों की आजीविका में सुधार हुआ और वन संरक्षण में उनकी भागीदारी भी बढ़ी।ग्रामीणों ने इस मामले में मुख्य वन संरक्षक को आवेदन भेजकर तरुण सिंह का पदस्थापन रद्द करने और नंदकुमार महतो को पुनः बारेसांड़ रेंज में पदस्थापित करने की मांग की है। साथ ही स्थानीय विधायक से भी हस्तक्षेप की अपील की गई है।ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।बैठक में ग्राम प्रधान उपेन्द्र उरांव, संजय उरांव, मंगलू उरांव, फूलचंद उरांव, आरती देवी, रीना देवी, मंजू देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
- गारू : गारू प्रखंड अंतर्गत करवाई पंचायत के दलदलिया गांव में उस वक्त ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला, जब ग्राम प्रधान राजू उरांव की रिहाई पर हजारों ग्रामीणों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। बुधवार शाम करीब 4:30 बजे अरमू मोड़ पर आसपास के कई गांवों से पहुंचे लोगों ने फूल-मालाओं और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ उनका भव्य स्वागत किया ग्रामीणों ने इस रिहाई को सिर्फ एक व्यक्ति की वापसी नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता और भारतीय संविधान में प्रदत्त अनुसूचित क्षेत्र के अधिकारों की जीत बताया। पूरे क्षेत्र में उत्साह और गर्व का माहौल देखा गया।स्वागत के बाद सभी समुदाय के लोग एक मंच पर एकत्रित हुए, जहां पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने माहौल को और भी जोशीला बना दिया। ढोल नगाड़ों की गूंज के बीच जुलूस दलदलिया गांव की ओर बढ़ा। गांव पहुंचने पर पारंपरिक रीति रिवाजों के तहत ग्राम प्रधान का पैर धोकर सम्मान किया गया। धरती माता की पूजा-अर्चना की गई और खुटगड़ी पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।ग्रामीणों ने कहा कि यह जीत सामूहिक एकता, संघर्ष और अधिकारों की रक्षा का प्रतीक है। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और इसे सामाजिक सौहार्द व एकजुटता का संदेश बताया।दलदलिया गांव में देर शाम तक जश्न का माहौल बना रहा, जहां हर चेहरे पर संतोष और गर्व साफ झलक रहा था।2
- 4 बार विधायक 2 बार मंत्री रह चुके रामचंद्र चंद्रवंशी कर रहे हैं धुंआधार दौरा।1
- झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास सभा को संबोधित करते हुए लोहरदगा में बोले... पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास बोले हमारे प्रत्याशी जीतेंगे तो झारखंड में साथ ही साथ लोहरदगा में भी विकास होगा1
- मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना वर्ष 2024-25 अंतर्गत सूकर विकास योजना के तहत बुधवार को प्रखंड परिसर, चैनपुर में चयनित 7 लाभुकों के बीच सूकर इकाइयों का वितरण किया गया। प्रत्येक लाभुक को 04 मादा सूकरी एवं 01 नर सूकर की दर से एक-एक इकाई प्रदान की गई।कार्यक्रम का आयोजन दोपहर 1 बजे से प्रखंड परिसर में किया गया, जहां लाभुकों में उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी यादव बैठा एवं जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा , प्रथम पशुचिकित्सक पदाधिकारी डॉक्टर धर्मरक्षित उपस्थित रहीं। अधिकारियों ने लाभुकों को पशुपालन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने एवं आय में वृद्धि करने का संदेश दिया।इस योजना से ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक पहल मानी जा रही है। चयनित लाभुकों में सरिता टोप्पो, गांगी देवी, फरीदा लकड़ा, तिलिना मिंस, बेसिस मिंस, जेम्स दीपक हुजूर सहित अन्य शामिल रहे।ग्रामीणों ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि पशुपालन से परिवार की आमदनी बढ़ेगी और जीवन स्तर में सुधार होग।3
- Post by Sunil singh1
- सड़क दुर्घटना में मोटरसाइकिल चालक की घटना स्थल पर हुई दर्दनाक मौत सूचना पर पहुंची पुलिस क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल एवं ट्रक को कब्जे में ले अग्रतर कारवाई में जुटी पुलिस घटना लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र सेन्हा आटा मिल के पास मंगलवार देर शाम हुआ। मृतक की पहचान अरु ग्राम निवासी के रूप में किया गया। बताया जाता है कि खड़ी ट्रक के पीछे जोरदार धक्का मारने से चालक की हुई मौत2
- गुमला:जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने जिले के समस्त मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति नागरिकों की सक्रिय सहभागिता में निहित है। आपका एक मत आपके नगर के विकास, पारदर्शी प्रशासन और सशक्त स्थानीय स्वशासन की दिशा निर्धारित करता है।उन्होंने सभी मतदाताओं से आग्रह किया कि वे 23 फरवरी को प्रातः 7 बजे से सायं 5 बजे के बीच अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर पहुँचकर निर्भीक एवं निष्पक्ष वातावरण में अपने मताधिकार का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।उपायुक्त ने विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं एवं प्रथम बार मतदान करने वाले मतदाताओं से लोकतांत्रिक उत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकाधिक मतदान ही सशक्त लोकतंत्र की पहचान है।1
- गारु : बारेसांड़ वन क्षेत्र में नए रेंजर तरुण सिंह के पदस्थापन को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को लाटू, कुजरुम और बारेसांड़ गांव के सैकड़ों ग्रामीण कुजरुम में एकजुट हुए और ग्राम प्रधान उपेन्द्र उरांव की अध्यक्षता में बैठक कर प्रशासन के फैसले के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए “तरुण सिंह वापस जाओ” के नारे लगाए और पदस्थापन रद्द करने की मांग की।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तरुण सिंह पूर्व में भी बारेसांड़ रेंज में रेंजर रह चुके हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में स्थानीय लोगों को वन विभाग के कार्यों में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिले थे। ग्रामीणों का कहना है कि उस समय विभागीय योजनाओं में बिचौलियों का हस्तक्षेप बढ़ गया था, जिससे जरूरतमंद ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पाया और क्षेत्र में असंतोष का माहौल बन गया था।ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि वर्तमान में तरुण सिंह मनोहरपुर रेंज में पदस्थापित हैं, जो बारेसांड़ से करीब 300 किलोमीटर दूर है, और उन्हें यहां का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार इतनी दूर से प्रभावी निगरानी संभव नहीं है, जिससे वन सुरक्षा कमजोर पड़ सकती है और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की आशंका है।वहीं ग्रामीणों ने निवर्तमान रेंजर नंदकुमार महतो के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनके समय में वन संरक्षण मजबूत हुआ था और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिले थे। इससे ग्रामीणों की आजीविका में सुधार हुआ और वन संरक्षण में उनकी भागीदारी भी बढ़ी।ग्रामीणों ने इस मामले में मुख्य वन संरक्षक को आवेदन भेजकर तरुण सिंह का पदस्थापन रद्द करने और नंदकुमार महतो को पुनः बारेसांड़ रेंज में पदस्थापित करने की मांग की है। साथ ही स्थानीय विधायक से भी हस्तक्षेप की अपील की गई है।ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।बैठक में ग्राम प्रधान उपेन्द्र उरांव, संजय उरांव, मंगलू उरांव, फूलचंद उरांव, आरती देवी, रीना देवी, मंजू देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।2