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गैस के बाद पेट्रोल पंपों पर भी क्यों लगी लंबी लाइन।। जानिए गैस के बाद पेट्रोल पंपों पर भी क्यों लगी लंबी लाइन।। जानिए

16 hrs ago
user_Mms news24
Mms news24
Dewas, Indore•
16 hrs ago

गैस के बाद पेट्रोल पंपों पर भी क्यों लगी लंबी लाइन।। जानिए गैस के बाद पेट्रोल पंपों पर भी क्यों लगी लंबी लाइन।। जानिए

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • # orai #Uttarpradesh
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    # orai #Uttarpradesh
    user_𝐒𝐡𝐢𝐯𝐚𝐦 𝐒𝐰𝐚𝐫𝐧𝐤𝐚𝐫
    𝐒𝐡𝐢𝐯𝐚𝐦 𝐒𝐰𝐚𝐫𝐧𝐤𝐚𝐫
    Lawyer देवास, देवास, मध्य प्रदेश•
    53 min ago
  • Post by Sanju Seth
    1
    Post by Sanju Seth
    user_Sanju Seth
    Sanju Seth
    देवास, देवास, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • गैस के बाद पेट्रोल पंपों पर भी क्यों लगी लंबी लाइन।। जानिए
    1
    गैस के बाद पेट्रोल पंपों पर भी क्यों लगी लंबी लाइन।। जानिए
    user_Mms news24
    Mms news24
    Dewas, Indore•
    16 hrs ago
  • इंदौर शहर का बिजासन माता का मंदिर जो 10000 साल पुराना माता के दर्शन करने से जीवन धन्य होजाता है 9मी और अस्टमी वाले दिन माता के दर्शन अवश्य करें एयरपोर्ट के पास इंदौर मध्य प्रदेश इंडिया न्यूज़ 7 साथ माता के दर्शन का लाभ प्राप्त करें
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    इंदौर शहर का बिजासन माता का मंदिर जो 10000 साल पुराना माता के दर्शन करने से जीवन  धन्य होजाता है 9मी और अस्टमी वाले दिन माता के दर्शन अवश्य करें एयरपोर्ट के पास इंदौर मध्य प्रदेश इंडिया न्यूज़ 7  साथ माता के दर्शन का लाभ प्राप्त करें
    user_सुनील कुशवाहा प्रदेश चीफ एडिटर इंडिया न्यूज़7
    सुनील कुशवाहा प्रदेश चीफ एडिटर इंडिया न्यूज़7
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    22 min ago
  • देवास, वैश्विक स्तर पर चल रहे वर्तमान परिदृश्य को दृष्टिगत रखते हुए उद्योगों को गैस की कमी से बचाने और उत्पादन को प्रभावित होने से रोकने के उद्देश्य से उद्योगपतियों की एक महत्वपूर्ण बैठक 24 मार्च को देवास औद्योगिक क्षेत्र स्थित एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज के कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में एमपीआईडीसी, आपूर्ति विभाग, गैस कंपनियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने शामिल होकर समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की। सभी संबंधित पक्षों ने भरोसा दिलाया कि वर्तमान स्थिति चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन सामूहिक प्रयासों से जल्द सुधार किया जाएगा। बैठक में एमपीआईडीसी क्षेत्रीय कार्यालय उज्जैन के जनरल मैनेजर श्री विनयप्रताप सिंह तोमर ने कहा कि मौजूदा हालात को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। शासन, प्रशासन और गैस कंपनियां मिलकर काम कर रही हैं ताकि उद्योगों पर इसका न्यूनतम असर पड़े। उन्होंने उद्योगपतियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी भी समस्या की तत्काल जानकारी दें, जिससे उसका त्वरित समाधान किया जा सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने गैस कोटे का 5 प्रतिशत हिस्सा उद्योगों के लिए आरक्षित किया है, जिससे काफी हद तक गैस संकट से राहत मिलेगी। साथ ही उद्योगों को वैकल्पिक ईंधन अपनाने और पाइप गैस कनेक्शन लेने की सलाह भी दी गई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी इकाई को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी और सभी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा। उद्योगपतियों ने रखी अपनी समस्याएं एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष श्री अशोक खंडेलिया ने बताया कि वर्तमान में गैस सप्लाई का 6 माह का एवरेज लिया जा रहा है। इसमें सीजनल उतार-चढ़ाव शामिल हो जाता है इसलिए उन्होंने इसे 3 माह का करने की मांग की। वहीं पहले उद्योगों को मिलने वाला 80 प्रतिशत गैस कोटा 65 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे अधिक खपत पर पेनल्टी रेट लगाने की बात कही जा रही है, लेकिन 15 मार्च के बाद की दरें स्पष्ट नहीं हैं, जिससे उद्योगपति असमंजस में हैं। इसके अलावा उन्होंने कैंटीन के लिए कमर्शियल एलपीजी की कमी, बिजली कटौती और डीजल आपूर्ति जैसे मुद्दे भी उठाए। बैठक में उद्योगपतियों ने कहा कि 65 प्रतिशत गैस कोटा डेली बेसिस पर लागू होने से संचालन प्रभावित हो रहा है। मशीनों को गर्म करने में ही रोजाना काफी गैस खर्च हो जाती है, जिससे सीमित कोटे में हर दिन काम करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि बिलिंग साइकिल 15 दिन की कर दी जाए, जिससे वे बेहतर योजना बनाकर उत्पादन कर सकें। कुछ उद्योगपतियों ने बिजली कटौती और संडे शटडाउन की समस्या भी बताई, जिससे उत्पादन बाधित हो रहा है। वहीं, गैस प्रेशर कम होने की आशंका को लेकर भी चिंता जताई गई। केंद्र से तय होता है कोटा गेल कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि गैस कोटे का निर्धारण केंद्रीय मंत्रालय से होता है। वे उद्योगपतियों का सुझाव वहां भेज देंगे। उन्होंने कहा कि गैस सप्लाई का प्रेशर कम नहीं होने दिया जाएगा और सभी तकनीकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा। जहां पाइप कनेक्शन नहीं है, वहां कनेक्शन देने के लिए तेजी से काम किया जाएगा। कैंटीन गैस सप्लाई में तकनीकी दिक्कतें हैं, क्योंकि कहीं लो-प्रेशर और कहीं हाई-प्रेशर लाइन मौजूद है। जहां संभव होगा, वहां 15 दिनों के भीतर नई लाइन डालकर कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। डाटा के आधार पर योजनाबद्ध निकालेंगे समाधान सहायक सप्लाई अधिकारी श्री बीएस राय ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता बहुत कम है, इसलिए आपूर्ति संभव नहीं हो पा रही है। उन्होंने उद्योगों को गेल कंपनी से पाइप गैस कनेक्शन लेने की सलाह दी और कहा कि जहां लाइन उपलब्ध नहीं है या जहां लो प्रेशर लाइन नहीं है, वहां भी समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने सभी उद्योगों से मासिक खपत और डीजल उपयोग का डेटा मांगा, ताकि सही योजना बनाकर समस्या का समाधान किया जा सके। साथ ही डीजल को बैरल में उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर से अनुमति दिलाने का प्रयास करने की बात भी कही। टीम वर्क से होगा बेहतर काम बैठक के अंत में जीएम श्री तोमर ने एक बार फिर उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि यह एक अस्थायी स्थिति है और सभी विभाग मिलकर इसे जल्द सामान्य करेंगे। उन्होंने टीमवर्क पर जोर देते हुए कहा कि प्रशासन और उद्योग मिलकर काम करेंगे तो इस संकट से आसानी से बाहर निकला जा सकता है। उन्होंने कहा कि उद्योगों के सुचारू संचालन के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और आने वाले समय में हालात निश्चित रूप से बेहतर होंगे।
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    देवास,  वैश्विक स्तर पर चल रहे वर्तमान परिदृश्य को दृष्टिगत रखते हुए उद्योगों को गैस की कमी से बचाने और उत्पादन को प्रभावित होने से रोकने के उद्देश्य से उद्योगपतियों की एक महत्वपूर्ण बैठक 24 मार्च को देवास औद्योगिक क्षेत्र स्थित एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज के कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में एमपीआईडीसी, आपूर्ति विभाग, गैस कंपनियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने शामिल होकर समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की। सभी संबंधित पक्षों ने भरोसा दिलाया कि वर्तमान स्थिति चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन सामूहिक प्रयासों से जल्द सुधार किया जाएगा।
बैठक में एमपीआईडीसी क्षेत्रीय कार्यालय उज्जैन के जनरल मैनेजर श्री विनयप्रताप सिंह तोमर ने कहा कि मौजूदा हालात को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। शासन, प्रशासन और गैस कंपनियां मिलकर काम कर रही हैं ताकि उद्योगों पर इसका न्यूनतम असर पड़े। उन्होंने उद्योगपतियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी भी समस्या की तत्काल जानकारी दें, जिससे उसका त्वरित समाधान किया जा सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने गैस कोटे का 5 प्रतिशत हिस्सा उद्योगों के लिए आरक्षित किया है, जिससे काफी हद तक गैस संकट से राहत मिलेगी। साथ ही उद्योगों को वैकल्पिक ईंधन अपनाने और पाइप गैस कनेक्शन लेने की सलाह भी दी गई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी इकाई को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी और सभी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।
उद्योगपतियों ने रखी अपनी समस्याएं
एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष श्री अशोक खंडेलिया ने बताया कि वर्तमान में गैस सप्लाई का 6 माह का एवरेज लिया जा रहा है। इसमें सीजनल उतार-चढ़ाव शामिल हो जाता है इसलिए उन्होंने इसे 3 माह का करने की मांग की। वहीं पहले उद्योगों को मिलने वाला 80 प्रतिशत गैस कोटा 65 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे अधिक खपत पर पेनल्टी रेट लगाने की बात कही जा रही है, लेकिन 15 मार्च के बाद की दरें स्पष्ट नहीं हैं, जिससे उद्योगपति असमंजस में हैं। इसके अलावा उन्होंने कैंटीन के लिए कमर्शियल एलपीजी की कमी, बिजली कटौती और डीजल आपूर्ति जैसे मुद्दे भी उठाए।
बैठक में उद्योगपतियों ने कहा कि 65 प्रतिशत गैस कोटा डेली बेसिस पर लागू होने से संचालन प्रभावित हो रहा है। मशीनों को गर्म करने में ही रोजाना काफी गैस खर्च हो जाती है, जिससे सीमित कोटे में हर दिन काम करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि बिलिंग साइकिल 15 दिन की कर दी जाए, जिससे वे बेहतर योजना बनाकर उत्पादन कर सकें। कुछ उद्योगपतियों ने बिजली कटौती और संडे शटडाउन की समस्या भी बताई, जिससे उत्पादन बाधित हो रहा है। वहीं, गैस प्रेशर कम होने की आशंका को लेकर भी चिंता जताई गई।  
केंद्र से तय होता है कोटा
गेल कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि गैस कोटे का निर्धारण केंद्रीय मंत्रालय से होता है। वे उद्योगपतियों का सुझाव वहां भेज देंगे। उन्होंने कहा कि गैस सप्लाई का प्रेशर कम नहीं होने दिया जाएगा और सभी तकनीकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा। जहां पाइप कनेक्शन नहीं है, वहां कनेक्शन देने के लिए तेजी से काम किया जाएगा। कैंटीन गैस सप्लाई में तकनीकी दिक्कतें हैं, क्योंकि कहीं लो-प्रेशर और कहीं हाई-प्रेशर लाइन मौजूद है। जहां संभव होगा, वहां 15 दिनों के भीतर नई लाइन डालकर कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
डाटा के आधार पर योजनाबद्ध निकालेंगे समाधान
सहायक सप्लाई अधिकारी श्री बीएस राय ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता बहुत कम है, इसलिए आपूर्ति संभव नहीं हो पा रही है। उन्होंने उद्योगों को गेल कंपनी से पाइप गैस कनेक्शन लेने की सलाह दी और कहा कि जहां लाइन उपलब्ध नहीं है या जहां लो प्रेशर लाइन नहीं है, वहां भी समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने सभी उद्योगों से मासिक खपत और डीजल उपयोग का डेटा मांगा, ताकि सही योजना बनाकर समस्या का समाधान किया जा सके। साथ ही डीजल को बैरल में उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर से अनुमति दिलाने का प्रयास करने की बात भी कही।
टीम वर्क से होगा बेहतर काम
बैठक के अंत में जीएम श्री तोमर ने एक बार फिर उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि यह एक अस्थायी स्थिति है और सभी विभाग मिलकर इसे जल्द सामान्य करेंगे। उन्होंने टीमवर्क पर जोर देते हुए कहा कि प्रशासन और उद्योग मिलकर काम करेंगे तो इस संकट से आसानी से बाहर निकला जा सकता है। उन्होंने कहा कि उद्योगों के सुचारू संचालन के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और आने वाले समय में हालात निश्चित रूप से बेहतर होंगे।
    user_पत्रकार करीम खान H. p
    पत्रकार करीम खान H. p
    हाटपीपल्या, देवास, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Post by Aarti Raikwar
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    Post by Aarti Raikwar
    user_Aarti Raikwar
    Aarti Raikwar
    Media Consultant मल्हारगंज, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पेट्रोल डीजल की कमी संबंधित फेक व भ्रामक खबरें/पोस्ट वायरल करने वाले हो जाएं सावधान पुलिस करेगी कानूनी कार्रवाई इंदौर पुलिस द्वारा वीडियो जारी कर फेक न्यूज़ प्रसारित करने वालों को किया गया है सावधान ऐसा करने वाले गैरजिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्यवाही के है, सख्त कानूनी प्रावधान. इंदौर में पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस की है पर्याप्त उपलब्धता है, परंतु कतिपय गैरजिम्मेदार लोगों द्वारा सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से झूठी अफवाहे फैलाई जा रही है। फेक न्यूज़ या भ्रामक जानकारी फैलाना कानूनन अपराध है, ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध आईटी एक्ट एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कठोर कार्यवाही के प्रावधान है अतः ऐसी किसी भी प्रकार की गतिविधि करने से बचे।
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    पेट्रोल डीजल की कमी संबंधित फेक व भ्रामक खबरें/पोस्ट वायरल करने वाले हो जाएं सावधान पुलिस करेगी कानूनी कार्रवाई
इंदौर पुलिस द्वारा वीडियो जारी कर फेक न्यूज़ प्रसारित करने वालों को किया गया है सावधान ऐसा करने वाले गैरजिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्यवाही  के है, सख्त कानूनी प्रावधान. इंदौर में पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस की है पर्याप्त उपलब्धता है, परंतु कतिपय गैरजिम्मेदार लोगों द्वारा सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से झूठी अफवाहे फैलाई जा रही है।  फेक न्यूज़ या भ्रामक जानकारी फैलाना कानूनन अपराध है, ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध आईटी एक्ट एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कठोर कार्यवाही के प्रावधान है अतः ऐसी किसी भी प्रकार की गतिविधि करने से बचे।
    user_Naseem Khan
    Naseem Khan
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by 𝐒𝐡𝐢𝐯𝐚𝐦 𝐒𝐰𝐚𝐫𝐧𝐤𝐚𝐫
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    Post by 𝐒𝐡𝐢𝐯𝐚𝐦 𝐒𝐰𝐚𝐫𝐧𝐤𝐚𝐫
    user_𝐒𝐡𝐢𝐯𝐚𝐦 𝐒𝐰𝐚𝐫𝐧𝐤𝐚𝐫
    𝐒𝐡𝐢𝐯𝐚𝐦 𝐒𝐰𝐚𝐫𝐧𝐤𝐚𝐫
    Lawyer देवास, देवास, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
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