Shuru
Apke Nagar Ki App…
बहराइच जिले की ग्राम पंचायत रायपुर में स्थित समय माता मंदिर सदियों से स्थापित है। इस प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार भक्तजन समय-समय पर स्वयं कराते रहते हैं। वर्ष में दो बार नवरात्रि के अवसर पर दूर-दूर से श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं और इस दौरान यहाँ एक भव्य मेले का आयोजन भी होता है। हालांकि, इतनी महत्ता और लोकप्रियता के बावजूद ग्राम पंचायत अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों द्वारा मंदिर परिसर के विकास के प्रति लगातार उदासीनता बरती जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में भी मंदिर तक पहुँचने के लिए न तो उचित मार्ग उपलब्ध है और न ही श्रद्धालुओं के लिए अन्य आवश्यक सुविधाएँ मौजूद हैं।
आलोक कुमार मिश्रा
बहराइच जिले की ग्राम पंचायत रायपुर में स्थित समय माता मंदिर सदियों से स्थापित है। इस प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार भक्तजन समय-समय पर स्वयं कराते रहते हैं। वर्ष में दो बार नवरात्रि के अवसर पर दूर-दूर से श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं और इस दौरान यहाँ एक भव्य मेले का आयोजन भी होता है। हालांकि, इतनी महत्ता और लोकप्रियता के बावजूद ग्राम पंचायत अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों द्वारा मंदिर परिसर के विकास के प्रति लगातार उदासीनता बरती जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में भी मंदिर तक पहुँचने के लिए न तो उचित मार्ग उपलब्ध है और न ही श्रद्धालुओं के लिए अन्य आवश्यक सुविधाएँ मौजूद हैं।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- बहराइच के मिहीपुरवा स्थित मौजीपुरवा गांव में एक तेंदुए के अचानक घुस आने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तेंदुए के हमले में तीन ग्रामीण घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को पकड़ने के लिए घंटों तक हाई-वोल्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान वन विभाग का एक दरोगा भी जख्मी हो गया। आखिरकार, वन विभाग की टीम ने तेंदुए को ट्रेंकुलाइज करके सफलतापूर्वक पकड़ लिया। वन विभाग के डीएफओ ने जानकारी दी है कि पकड़ा गया तेंदुआ एक शावक है। उन्होंने बताया कि शावक का इलाज कराने के बाद उसे वापस जंगल में छोड़ दिया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के एक जंगल में हाल ही में एक रहस्यमय पक्षी देखा गया है, जिसका चेहरा इंसानों जैसा बताया जा रहा है। इस अनोखे पक्षी को देखकर स्थानीय लोग और वन विभाग दोनों ही हैरान हैं। घटना से संबंधित एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद वन विभाग ने इस मामले की जांच के लिए एक टीम को काम पर लगाया है।1
- जनपद बहराइच में पुलिस और औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध नशीली दवाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें उन्हें महत्वपूर्ण सफलता मिली है। थाना रुपईडीहा क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई के दौरान एक हिस्ट्रीशीटर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपी के कब्जे से 15 अवैध और प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद किए गए हैं। यह विशेष अभियान पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में चलाया जा रहा है, जिसके तहत औषधि प्रशासन और पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से चेकिंग करते हुए यह कार्रवाई संपन्न की। इस मामले में NDPS एक्ट और औषधि अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, और आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया। बहराइच पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नशे के कारोबार पर उनका सख्त प्रहार लगातार जारी रहेगा।1
- इकरा हसन ने सभी मनमानी करने वाले लोगों की जमकर लताड़ लगाई है। इस कदम की प्रशंसा करते हुए पोस्ट में कहा गया है कि ऐसे लोगों के साथ इसी तरह का व्यवहार होना चाहिए।1
- बहराइच जिले के मिहीपुरवा स्थित मौजीपुरवा गांव में एक तेंदुए के अचानक घुस आने से पूरे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी मच गई। तेंदुए के हमले में तीन ग्रामीण घायल हो गए, जबकि बचाव अभियान के दौरान वन विभाग का एक दरोगा भी जख्मी हो गया। घंटों तक चले एक हाई-वोल्टेज ऑपरेशन के बाद, वन विभाग की टीम ने आखिरकार तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर पकड़ने में सफलता हासिल की। डीएफओ के अनुसार, पकड़ा गया तेंदुआ एक शावक है, जिसका इलाज कराने के बाद उसे वापस जंगल में छोड़ दिया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के नानपारा में, पूर्व चेयरमैन अब्दुल मोईद राजू और उद्योग व्यापार मंडल नानपारा के अध्यक्ष अब्दुल मुसीर सेठ के पिता हाजी ढुल्ले के बीते दिवस हुए निधन पर व्यापारियों और गणमान्य लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। इसी क्रम में, उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष विनोद अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार व व्यापारी नेता मनीष मल्होत्रा और कुलभूषण अरोड़ा सहित अन्य लोग मुसीर सेठ के आवास पर पहुँचे तथा परिवार को सांत्वना देते हुए अपनी शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं। इस दौरान, सभी व्यापारियों और उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण कर प्रार्थना की, साथ ही ईश्वर से परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। इस शोक सभा में तेज प्रकाश अग्रवाल, गोपाल टेकड़ीवाल, सुरेश साह, राजेश, भीमराजिका, उमेश शाह, मुक्तिनाथ साहू, हाजी मुन्नन, आर ऐ हाशमी, सलमान, सुरेश अग्रवाल, मोहसिन मालिक सहित अनेक व्यापारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।3
- आज सुबह बहराइच वन प्रभाग के चकिया रेंज के मौजी पुरवा ग्राम में एक तेंदुआ आबादी क्षेत्र में घुस गया। मोतीपुर थाना क्षेत्र के इस गांव में सुबह करीब नौ बजे चकिया जंगल से निकले इस तेंदुए ने तीन ग्रामीणों नसीम, रहमान और जुबेर पर हमला कर दिया। इस घटना से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। हमले के बाद ग्रामीणों द्वारा दौड़ाए जाने पर तेंदुआ एक घर में घुस गया। सूचना मिलते ही प्रभागीय वनाधिकारी एस सुन्दरेसा अपनी टीम, जिसमें रेंजर और वन दरोगा जितेंद्र कुमार व अन्य वन कर्मी शामिल थे, के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पहले जाल बिछाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता न मिलने पर उसे ट्रेंकुलाइज कर बेहोश किया गया। लगभग एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद तेंदुए को घर से बाहर निकालकर रेंज कार्यालय ले जाया गया। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।1
- बहराइच जिले के सरवा गाँव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ अपने घर के बरामदे में सो रहे मजदूर पिंटू मौर्या पर जानलेवा हमला किया गया। पीड़ित परिजनों ने गाँव के ही अजय मौर्या पर धारदार किसी चीज से हमला करने का आरोप लगाया है। पिंटू मौर्या ने बताया कि जब वे सो रहे थे, तभी अजय मौर्या ने उन पर हमला कर दिया। इस घटना के पीछे दो बिस्वा जमीन का एक पुराना विवाद बताया जा रहा है, जिसे लेकर आरोपी पहले भी पिंटू को जान से मारने की धमकी दे चुका था। हमले के बाद चीख-पुकार सुनकर जब तक लोग इकट्ठा हुए, आरोपी मौके से फरार हो गया। हमले में गंभीर रूप से घायल पिंटू मौर्या को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पीड़ित के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी अजय मौर्या की तलाश शुरू कर दी है।1
- छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से इंसान की मजबूरी की एक तस्वीर सामने आई है, जहाँ एक बहू अपनी बुजुर्ग सास को पीठ पर बैठाकर बैंक ले जाती दिखी ताकि उन्हें पेंशन मिल सके। बताया गया है कि वृद्ध महिला चलने-फिरने में असमर्थ हैं और पेंशन पाने के लिए उनकी स्वयं बैंक में उपस्थिति अनिवार्य थी। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है, जबकि बुजुर्ग महिला को केवल 1500 रुपये की पेंशन मिलती है।1