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छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से इंसान की मजबूरी की एक तस्वीर सामने आई है, जहाँ एक बहू अपनी बुजुर्ग सास को पीठ पर बैठाकर बैंक ले जाती दिखी ताकि उन्हें पेंशन मिल सके। बताया गया है कि वृद्ध महिला चलने-फिरने में असमर्थ हैं और पेंशन पाने के लिए उनकी स्वयं बैंक में उपस्थिति अनिवार्य थी। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है, जबकि बुजुर्ग महिला को केवल 1500 रुपये की पेंशन मिलती है।
पुष्पेन्द्र कुमार वर्मा
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से इंसान की मजबूरी की एक तस्वीर सामने आई है, जहाँ एक बहू अपनी बुजुर्ग सास को पीठ पर बैठाकर बैंक ले जाती दिखी ताकि उन्हें पेंशन मिल सके। बताया गया है कि वृद्ध महिला चलने-फिरने में असमर्थ हैं और पेंशन पाने के लिए उनकी स्वयं बैंक में उपस्थिति अनिवार्य थी। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है, जबकि बुजुर्ग महिला को केवल 1500 रुपये की पेंशन मिलती है।
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- छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से इंसान की मजबूरी की एक तस्वीर सामने आई है, जहाँ एक बहू अपनी बुजुर्ग सास को पीठ पर बैठाकर बैंक ले जाती दिखी ताकि उन्हें पेंशन मिल सके। बताया गया है कि वृद्ध महिला चलने-फिरने में असमर्थ हैं और पेंशन पाने के लिए उनकी स्वयं बैंक में उपस्थिति अनिवार्य थी। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है, जबकि बुजुर्ग महिला को केवल 1500 रुपये की पेंशन मिलती है।1
- बाराबंकी के निंदूरा ब्लॉक क्षेत्र में लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग पर सोमवार सुबह एक गंभीर सड़क हादसा हो गया। टिकरा गांव के सामने सड़क पर खड़े एक डंपर में पीछे से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना से दोनों डंपरों को भारी क्षति पहुँची, उनके अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और एक डंपर सड़क से नीचे उतर गया। गनीमत रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन दोनों डंपरों के चालक मामूली रूप से घायल हो गए। टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुँचे और राहत कार्य में जुट गए। उन्होंने घायल चालकों को वाहनों से बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार भी दिया। सूचना मिलने पर बड्डूपुर पुलिस थाना प्रभारी मनोज सोनकर पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया और क्षतिग्रस्त डंपरों को सड़क किनारे हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। इस हादसे के कारण मार्ग पर कुछ समय के लिए जाम लग गया था, जिससे राहगीरों को असुविधा हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस हादसे का कारण तेज रफ्तार और लापरवाही हो सकती है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और दोनों डंपर चालकों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने वाहन चालकों से सड़क पर सावधानी बरतने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।1
- आधी रात को मुख्तार अंसारी के घर पुलिस ने दबिश दी और उनके विधायक बेटे अब्बास अंसारी से पूछताछ की। पुलिस ने अब्बास से सवाल किया कि वह यहां कैसे रह रहे हैं और उन्होंने अपना गनर क्यों बदला। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने अब्बास को एक नोटिस भी थमाया।1
- देशभर में डीजल और पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम जनता पर बोझ बढ़ता जा रहा है। इस बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार पर तंज कसा जा रहा है, और यह कहा जा रहा है कि सरकार ने जनता को 'महंगाई का तोहफा' दिया है।1
- सीतापुर के अटरिया सिधौली में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर चलाए जा रहे भारतीय जनता पार्टी के "प्रशिक्षण महाअभियान" के तहत आयोजित जिला प्रशिक्षण वर्ग का प्रथम दिवस संपन्न हुआ। इस सत्र का समापन संगठनात्मक ऊर्जा, विचारधारा और अनुशासन के संदेश के साथ हुआ, जहाँ बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने संगठन की कार्यपद्धति और कार्यकर्ता-आधारित व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त किया। प्रथम सत्र के मुख्य वक्ता और मुख्य अतिथि अनूप गुप्ता ने "कार्य पद्धति" विषय पर विस्तृत उद्बोधन दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। अनूप गुप्ता ने कार्यकर्ताओं से सेवा भाव, अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करने का आह्वान किया। उनके अनुसार, भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक व्यापक अभियान है, जिसकी मजबूती कार्यकर्ताओं की निष्ठा और सक्रियता पर आधारित है। उन्होंने अपने संबोधन में संगठन की कार्यशैली, जिम्मेदारियों और जनसंपर्क की महत्ता पर भी प्रकाश डाला, जिससे उपस्थित कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ। इस अवसर पर रेखा वर्मा, पद्मसेन चौधरी, अर्चना मिश्रा, राजेश शुक्ला, राजेश वर्मा, नीरज वर्मा, पवन सिंह चौहान, श्रद्धा सागर गुप्ता, रामकृष्ण भार्गव, निर्मल वर्मा, सुनील वर्मा, मनीष रावत, आशा मौर्य और शशांक त्रिवेदी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं अपेक्षित श्रेणी के कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त, मंडल अध्यक्ष अटरिया अमित सिंह, मंडल अध्यक्ष कसमंडा सोनू शुक्ला, मंडल अध्यक्ष गोदलामऊ सर्वेश रावत तथा प्रभाकर विक्रम सिंह की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। प्रशिक्षण वर्ग के प्रथम सत्र में संगठनात्मक मजबूती, विचारधारा के विस्तार और कार्यकर्ता निर्माण पर विशेष जोर दिया गया, जहाँ कार्यकर्ताओं में पार्टी के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली।1
- बाराबंकी से सांसद तनुज पुनिया ने महोबा जनपद की एक दलित छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म, अमानवीय यातनाओं और प्रदेश की बदहाल कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जिलाधिकारी बाराबंकी (अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शिव कुमार वर्मा) के माध्यम से महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश, लखनऊ को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कहा गया है कि कोचिंग से लौटते समय उक्त दलित छात्रा का अपहरण कर उसे 16 दिनों तक प्रयागराज में बंधक बनाकर रखा गया, जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और सिगरेट से जलाकर अमानवीय यातनाएं दी गईं, साथ ही जबरन शादी कराने की भी कोशिश की गई। सांसद पुनिया ने इस घटना को अत्यंत हृदय विदारक और शर्मनाक बताते हुए आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में आए दिन ऐसी घटनाएं घटित हो रही हैं, जो मानवता को झकझोर रही हैं। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था को 'दयनीय' करार देते हुए कहा कि बलात्कार, डकैती और हत्या जैसी घटनाएं लगातार किसी न किसी जिले में हो रही हैं, और कानून व्यवस्था को ताक पर रखकर आम जनता के साथ ऐसे अपराध हो रहे हैं। ज्ञापन में यह भी दावा किया गया कि पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। कांग्रेस ने महोबा की इस गंभीर घटना पर कई मांगें रखी हैं: दोषियों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें अविलंब गिरफ्तार किया जाए और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कठोरतम सजा दिलाई जाए। इसके अतिरिक्त, पीड़ित छात्रा और उसके परिवार को तत्काल प्रभाव से पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की जाए ताकि उन्हें किसी भी प्रकार का भय न रहे। साथ ही, पीड़ित को शारीरिक और मानसिक आघात से उबरने के लिए सरकार की ओर से सर्वोत्तम मुफ्त चिकित्सा और परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा सहायता प्रदान की जाए। सांसद तनुज पुनिया ने कानून व्यवस्था में सुधार के तहत प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने और प्रशासन को कड़े निर्देश जारी करने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द इन अपराधियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो कांग्रेस इस लड़ाई को सड़क से सदन तक लड़ने पर विवश होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व सांसद ए.पी. गौतम, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद मोहसिन, पूर्व प्रवक्ता सरजू शर्मा सहित कई अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- बाराबंकी के सूरतगंज क्षेत्र में बीते रविवार को एक भीषण सड़क हादसे में दो सगे भाइयों की दुखद मौत हो गई। सोमवार दोपहर बाद दोनों मृतकों को सुपुर्दे खाक किया गया। जानकारी के अनुसार, सूरतगंज के फूलपुर निवासी इखलाकुद्दीन और इकरामुद्दीन, जो हनीफ के पुत्र थे, रविवार को सूरतगंज से फतेहपुर दवा लेने जा रहे थे। रास्ते में मोहम्मदपुर खाला चौराहे पर सामने से आ रही एक ब्लोरो गाड़ी ने उनकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। जब बीती रात शव घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। आक्रोशित परिजनों और गांव वालों ने सूरतगंज चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर कई थानों की पुलिस बुलाई गई। फतेहपुर के सीओ ने परिजनों को समझा-बुझाकर शव को सड़क से हटवाया और सड़क को साफ कराया। इसके बाद, कई थानों की पुलिस और सीओ फतेहपुर की मौजूदगी में शांतिपूर्वक तरीके से मिट्टी हुई।3
- बाराबंकी के झांसा गांव में शनिवार दोपहर उस समय माहौल और गमगीन हो गया, जब पोस्टमार्टम के बाद एक ही परिवार के चार सदस्यों के शव गांव पहुंचे। शवों के घर पहुंचते ही परिजनों की चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातम छा गया। इस हृदयविदारक दृश्य ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। कुछ देर बाद, जब परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए चारों शवों को श्मशान घाट ले जा रहे थे, तभी मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने डंफर चालक के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और गंभीर रूप से घायल पत्नी आरती को उचित मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर फतेहपुर-महमूदाबाद मार्ग पर शव रखकर जाम लगाने का प्रयास किया। अचानक सड़क पर शव रखे जाने से कुछ देर के लिए आवागमन बाधित हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी कार्तिकेय सिंह, क्षेत्राधिकारी जगतराम कनौजिया और तहसीलदार वैशाली अहलावत सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता तथा मामले में निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन मान गए और शवों को सड़क से हटाकर श्मशान घाट ले जाया गया। गौरतलब है कि यह हादसा बीती रात हुआ था, जब बार-बार हो रही बिजली कटौती के कारण नीरज अपने परिवार के साथ घर के बाहर सो रहा था। इसी दौरान एक तेज रफ्तार डंफर अनियंत्रित होकर परिवार को कुचलता हुआ निकल गया। इस भीषण हादसे में नीरज, उनके बेटे अनुराग और बेटियों अंशिका व आंशू की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी आरती गंभीर रूप से घायल हैं और लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं।1