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देशभर में डीजल और पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम जनता पर बोझ बढ़ता जा रहा है। इस बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार पर तंज कसा जा रहा है, और यह कहा जा रहा है कि सरकार ने जनता को 'महंगाई का तोहफा' दिया है।
Ashutosh Social Activist
देशभर में डीजल और पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम जनता पर बोझ बढ़ता जा रहा है। इस बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार पर तंज कसा जा रहा है, और यह कहा जा रहा है कि सरकार ने जनता को 'महंगाई का तोहफा' दिया है।
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- बाराबंकी के निंदूरा ब्लॉक क्षेत्र में लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग पर सोमवार सुबह एक गंभीर सड़क हादसा हो गया। टिकरा गांव के सामने सड़क पर खड़े एक डंपर में पीछे से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना से दोनों डंपरों को भारी क्षति पहुँची, उनके अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और एक डंपर सड़क से नीचे उतर गया। गनीमत रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन दोनों डंपरों के चालक मामूली रूप से घायल हो गए। टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुँचे और राहत कार्य में जुट गए। उन्होंने घायल चालकों को वाहनों से बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार भी दिया। सूचना मिलने पर बड्डूपुर पुलिस थाना प्रभारी मनोज सोनकर पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया और क्षतिग्रस्त डंपरों को सड़क किनारे हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। इस हादसे के कारण मार्ग पर कुछ समय के लिए जाम लग गया था, जिससे राहगीरों को असुविधा हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस हादसे का कारण तेज रफ्तार और लापरवाही हो सकती है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और दोनों डंपर चालकों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने वाहन चालकों से सड़क पर सावधानी बरतने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।1
- आधी रात को मुख्तार अंसारी के घर पुलिस ने दबिश दी और उनके विधायक बेटे अब्बास अंसारी से पूछताछ की। पुलिस ने अब्बास से सवाल किया कि वह यहां कैसे रह रहे हैं और उन्होंने अपना गनर क्यों बदला। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने अब्बास को एक नोटिस भी थमाया।1
- देशभर में डीजल और पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम जनता पर बोझ बढ़ता जा रहा है। इस बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार पर तंज कसा जा रहा है, और यह कहा जा रहा है कि सरकार ने जनता को 'महंगाई का तोहफा' दिया है।1
- छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से इंसान की मजबूरी की एक तस्वीर सामने आई है, जहाँ एक बहू अपनी बुजुर्ग सास को पीठ पर बैठाकर बैंक ले जाती दिखी ताकि उन्हें पेंशन मिल सके। बताया गया है कि वृद्ध महिला चलने-फिरने में असमर्थ हैं और पेंशन पाने के लिए उनकी स्वयं बैंक में उपस्थिति अनिवार्य थी। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है, जबकि बुजुर्ग महिला को केवल 1500 रुपये की पेंशन मिलती है।1
- बाराबंकी जनपद में चल रही सड़क चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण परियोजनाओं का जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने रविवार, 25 मई को स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा मानकों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि शेष कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। जिलाधिकारी ने सबसे पहले लखनऊ-कुर्सी-महमूदाबाद मार्ग के किलोमीटर 19 से 51 तक चल रहे दो लेन पेव्ड शोल्डर और चार लेन चौड़ीकरण कार्य का जायजा लिया। करीब 33 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में नाले एवं नहरों पर बन रहे सेतु कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए, साथ ही परियोजना से जुड़े सभी शेष कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने मौके पर कार्यरत श्रमिकों की संख्या का सत्यापन कराया और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत पोल शिफ्टिंग, वृक्ष पातन और मिट्टी पटाई जैसे लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने को भी कहा। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए, जिलाधिकारी ने आरओडब्ल्यू क्षेत्र में अधूरे छोड़े गए छोटे कार्यों पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए और संभावित ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई समय पर की जाए। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने विकास खंड निन्दूरा क्षेत्र में बद्दुपुर-खिजना मोड़ से मल्लावा मार्ग तक चल रहे चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिया निर्माण, ड्रेनेज व्यवस्था और अन्य निर्माण गतिविधियों की समीक्षा की गई। निरीक्षण के समय पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-3 के अधिशासी अभियंता राजीव राय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।3
- बाराबंकी से सांसद तनुज पुनिया ने महोबा जनपद की एक दलित छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म, अमानवीय यातनाओं और प्रदेश की बदहाल कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जिलाधिकारी बाराबंकी (अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शिव कुमार वर्मा) के माध्यम से महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश, लखनऊ को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कहा गया है कि कोचिंग से लौटते समय उक्त दलित छात्रा का अपहरण कर उसे 16 दिनों तक प्रयागराज में बंधक बनाकर रखा गया, जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और सिगरेट से जलाकर अमानवीय यातनाएं दी गईं, साथ ही जबरन शादी कराने की भी कोशिश की गई। सांसद पुनिया ने इस घटना को अत्यंत हृदय विदारक और शर्मनाक बताते हुए आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में आए दिन ऐसी घटनाएं घटित हो रही हैं, जो मानवता को झकझोर रही हैं। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था को 'दयनीय' करार देते हुए कहा कि बलात्कार, डकैती और हत्या जैसी घटनाएं लगातार किसी न किसी जिले में हो रही हैं, और कानून व्यवस्था को ताक पर रखकर आम जनता के साथ ऐसे अपराध हो रहे हैं। ज्ञापन में यह भी दावा किया गया कि पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। कांग्रेस ने महोबा की इस गंभीर घटना पर कई मांगें रखी हैं: दोषियों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें अविलंब गिरफ्तार किया जाए और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कठोरतम सजा दिलाई जाए। इसके अतिरिक्त, पीड़ित छात्रा और उसके परिवार को तत्काल प्रभाव से पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था प्रदान की जाए ताकि उन्हें किसी भी प्रकार का भय न रहे। साथ ही, पीड़ित को शारीरिक और मानसिक आघात से उबरने के लिए सरकार की ओर से सर्वोत्तम मुफ्त चिकित्सा और परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा सहायता प्रदान की जाए। सांसद तनुज पुनिया ने कानून व्यवस्था में सुधार के तहत प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने और प्रशासन को कड़े निर्देश जारी करने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द इन अपराधियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो कांग्रेस इस लड़ाई को सड़क से सदन तक लड़ने पर विवश होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व सांसद ए.पी. गौतम, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद मोहसिन, पूर्व प्रवक्ता सरजू शर्मा सहित कई अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- बाराबंकी जनपद के असंद्रा बाजार में सोमवार को आयोजित विशाल जनचौपाल में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य सत्येंद्र कुमार बारी "बीनू" ने हजारों ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही त्वरित एवं प्रभावी समाधान के कड़े निर्देश दिए। जनचौपाल में लोगों की समस्याओं का तत्काल निस्तारण होते देख ग्रामीणों में विशेष उत्साह और विश्वास देखने को मिला, जिससे "न्याय अब जनता के द्वार" का संदेश साकार हुआ। अपने संबोधन में सत्येंद्र कुमार बारी ने कहा कि उनका संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी पीड़ित, वंचित और जरूरतमंद व्यक्ति न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर न हो, क्योंकि जनता की सेवा ही उनका सर्वोच्च दायित्व है। इसी क्रम में, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा चलाए जा रहे "आयोग आपके द्वार" अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में जन सहायता केंद्र और जन संपर्क कार्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। बाराबंकी प्रदेश का 30वां जनपद बना, जहाँ असंद्रा बाजार में जन संपर्क कार्यालय की स्थापना की गई, जिसका उद्देश्य ग्रामीण एवं पिछड़े वर्ग के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही सहायता और न्याय उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए राजधानी या आयोग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इस जनचौपाल में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बड़ी भागीदारी रही, जिनमें विधायक दिनेश रावत, ब्लॉक प्रमुख आरती रावत, मंडल अध्यक्ष शशांक, उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी सहित कई थाना अध्यक्ष, खंड विकास अधिकारी, बिजली विभाग एवं पीआरडी विभाग के अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, लेखपाल और ग्राम सचिव उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, राजस्व, पेंशन, आवास, भूमि विवाद और सामाजिक योजनाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं, जिनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। यह जनचौपाल वास्तव में जनसमस्याओं के समाधान का एक बड़ा और प्रभावी मंच सिद्ध हुई।1
- बाराबंकी के झांसा गांव में शनिवार दोपहर उस समय माहौल और गमगीन हो गया, जब पोस्टमार्टम के बाद एक ही परिवार के चार सदस्यों के शव गांव पहुंचे। शवों के घर पहुंचते ही परिजनों की चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातम छा गया। इस हृदयविदारक दृश्य ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। कुछ देर बाद, जब परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए चारों शवों को श्मशान घाट ले जा रहे थे, तभी मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने डंफर चालक के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और गंभीर रूप से घायल पत्नी आरती को उचित मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर फतेहपुर-महमूदाबाद मार्ग पर शव रखकर जाम लगाने का प्रयास किया। अचानक सड़क पर शव रखे जाने से कुछ देर के लिए आवागमन बाधित हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी कार्तिकेय सिंह, क्षेत्राधिकारी जगतराम कनौजिया और तहसीलदार वैशाली अहलावत सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता तथा मामले में निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन मान गए और शवों को सड़क से हटाकर श्मशान घाट ले जाया गया। गौरतलब है कि यह हादसा बीती रात हुआ था, जब बार-बार हो रही बिजली कटौती के कारण नीरज अपने परिवार के साथ घर के बाहर सो रहा था। इसी दौरान एक तेज रफ्तार डंफर अनियंत्रित होकर परिवार को कुचलता हुआ निकल गया। इस भीषण हादसे में नीरज, उनके बेटे अनुराग और बेटियों अंशिका व आंशू की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी आरती गंभीर रूप से घायल हैं और लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं।1