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हम अपनी मेहनत में कोई कसर नहीं छोड़ते है बाबा 🌹 आगे आप कि मर्जी ❣️🙏
Ganpat mahakal User1940
हम अपनी मेहनत में कोई कसर नहीं छोड़ते है बाबा 🌹 आगे आप कि मर्जी ❣️🙏
More news from Bihar and nearby areas
- हम अपनी मेहनत में कोई कसर नहीं छोड़ते है बाबा 🌹 आगे आप कि मर्जी ❣️🙏1
- सौर बाजार बैजनाथपुर मुख्य सड़क मार्ग में चंदौर गांव के समीप बालू से भरे ट्रक चालक संतुलन खोकर सड़क किनारे जा गिरा मगर किसी के हताहत होने की सूचना नहीं।1
- बिहार। के मजदूर काम कर रहे बम विस्फोट मे 7 मजदूर की मोत1
- Post by UPmukhiya Barahi panchayat sintu ji1
- सड़क पर जाल है! देहरादून की बारिश में ब्लैकमेल गैंग का पर्दाफाश | Viral Real Story | Lock Mood News" "ये घटना देहरादून के जॉलीग्रांट एयरपोर्ट से रानीपोखरी तक की है, जहाँ सुनसान सड़क पर एक लड़की ने मदद के नाम पर लोगों को फँसा कर ब्लैकमेल किया। जैसे ही कोई कार चालक उसे लिफ्ट देता, उसके साथी धमकी देकर पैसे ऐंठने की कोशिश करते। लेकिन इस बार फँस गए वो खुद जब चालक ने फौरन मोबाइल वीडियो से सबूत तैयार कर पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया और अब जांच जारी है। सड़क पर सफर करते वक्त हर किसी को सतर्क रहना चाहिए। ये रिपोर्ट हर ट्रैवलर के लिए जरूरी है- सड़क हादसों के साथ-साथ इंसानी फरेब से भी बचें। अगर सड़क पर कोई अजनबी मदद मांगे तो तुरंत भरोसा न करें, अपने मोबाइल का समझदारी से इस्तेमाल करें और ऐसे मामलों में प्रशासन को तुरंत सूचना दें1
- Post by Arman PLUMBING Work1
- बिहार के मधेपुरा से सरकारी लापरवाही की एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां जिंदा लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में ‘मृत’ घोषित कर दिया गया, जिसके बाद उनकी वृद्धा पेंशन बंद हो गई। मामला मुरलीगंज प्रखंड का है, जहां बुजुर्ग अब अपने जिंदा होने का सबूत देने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। मामला मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड अंतर्गत पोखराम परमानंदपुर पंचायत के नवटोलिया, वार्ड संख्या–12 का है। सुरेंद्र यादव, सुगिया देवी और जयमंती देवी वर्षों से वृद्धा पेंशन योजना का लाभ ले रहे थे। लेकिन अचानक उनके खाते में पेंशन की राशि आनी बंद हो गई। जब प्रखंड कार्यालय में जानकारी ली गई, तो पता चला कि सरकारी पोर्टल पर उन्हें ‘मृत’ दिखा दिया गया है। बिना किसी भौतिक सत्यापन और जांच के जिंदा लोगों को सिस्टम में मृत घोषित कर देना प्रशासनिक लापरवाही की बड़ी मिसाल माना जा रहा है। बाइट – सुगिया देवी, पीड़ित वृद्धा: “हम जिंदा हैं, फिर भी कागज पर मरा दिया गया… पेंशन बंद हो गया… हम गरीब लोग कहां जाएं?” वृद्धा पेंशन ही इन बुजुर्गों के लिए जीवनयापन का मुख्य सहारा थी। पेंशन बंद होने से दवा, राशन और दैनिक जरूरतों पर संकट गहरा गया है। परिजनों का कहना है कि कई बार कार्यालय का चक्कर लगाने के बाद भी सिर्फ आश्वासन मिला है, समाधान नहीं। बाइट – जयमंती देवी, पीड़ित वृद्धा बाइट – सुरेंद्र यादव, पीड़ित वृद्ध बाइट – रितेश यादव, स्थानीय ग्रामीण स्थानीय ग्रामीणों ने मुरलीगंज प्रखंड कार्यालय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बिना पैसे के कोई काम नहीं होता। ग्रामीणों का आरोप है कि हर काम के लिए घूस मांगी जाती है और गरीबों की सुनवाई नहीं होती। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसकी लापरवाही से जिंदा लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया? क्या यह महज डेटा एंट्री की गलती है या किसी स्तर पर गंभीर अनियमितता? क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, या फिर मामला जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में चला जाएगा? यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है, बल्कि गरीब और बुजुर्ग लाभुकों की संवेदनशील योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी गंभीर चिंता पैदा करती है। अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि कब तक इन ‘जिंदा’ लोगों को उनके जिंदा होने का हक और पेंशन वापस मिलती है।4
- नगर पंचायत सौर बाजार से सहुरिया पुर्वी पंचायत के सोनवर्षा टोला होते हुए दुहबी गांव जाने वाली मुख्य सड़क मार्ग में नदी पर बने पुल के समीप सड़क मार्ग खंडहर में तब्दील कभी भी हो सकता है बड़ी हादसा।1