बोकारो थर्मल में 134 करोड़ रुपये की लागत से बना दो किलोमीटर लंबा विवेकानंद सेतु ओवरब्रिज गुरुवार को आम लोगों के लिए खोल दिया गया। दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) बोकारो थर्मल द्वारा निर्मित इस सेतु का विधिवत उद्घाटन निगम के परियोजना प्रधान सुशील कुमार अरजरिया ने सेतु पट का अवलोकन कर फीता काटकर किया। यह ओवरब्रिज झारखंड के लंबे ओवरब्रिजों में शामिल है। इस ओवरब्रिज के अभाव में बोकारो थर्मल रेलवे फाटक पर लोगों को घंटों जाम में फंसा रहना पड़ता था, जिससे डीवीसी कामगारों, मरीजों और स्कूली बच्चों को काफी परेशानी होती थी। इस ओवरब्रिज का भूमि पूजन 25 फरवरी 2014 को किया गया था और इसे तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन रेलवे से एनओसी न मिलने के कारण इसके निर्माण में लगभग 12 साल लग गए। इस ओवरब्रिज के निर्माण का कार्य बीकेबी व डेको कंपनी को निविदा के माध्यम से दिया गया था। उल्लेखनीय है कि इस ओवरब्रिज का उद्घाटन पहले 28 फरवरी 2026 को होना निर्धारित था, परंतु गिरिडीह सांसद माननीय सीपी चौधरी द्वारा रेलवे को पत्र लिखकर ओवरब्रिज की गुणवत्ता की जांच की मांग किए जाने के कारण यह उद्घाटन टल गया था। उद्घाटन में हो रही अड़चन के चलते मंगलवार को स्थानीय कांग्रेस नेता सह समाजसेवी जोगेंद्र गिरी उर्फ बाबूलाल गिरी के नेतृत्व में ओवरब्रिज पर रखे गार्डवाल को हटाकर इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया था। हालांकि, बाद में स्थानीय प्रबंधन ने ओवरब्रिज को पुनः बंद करते हुए गुरुवार को शुभ उद्घाटन करने की बात कही, जिस पर लोग तैयार हुए और अंततः एनडीए व यूपीए के पेंच में फंसा यह ओवरब्रिज आम जनता के लिए खोल दिया गया।
बोकारो थर्मल में 134 करोड़ रुपये की लागत से बना दो किलोमीटर लंबा विवेकानंद सेतु ओवरब्रिज गुरुवार को आम लोगों के लिए खोल दिया गया। दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) बोकारो थर्मल द्वारा निर्मित इस सेतु का विधिवत उद्घाटन निगम के परियोजना प्रधान सुशील कुमार अरजरिया ने सेतु पट का अवलोकन कर फीता काटकर किया। यह ओवरब्रिज झारखंड के लंबे ओवरब्रिजों में शामिल है। इस ओवरब्रिज के अभाव में बोकारो
थर्मल रेलवे फाटक पर लोगों को घंटों जाम में फंसा रहना पड़ता था, जिससे डीवीसी कामगारों, मरीजों और स्कूली बच्चों को काफी परेशानी होती थी। इस ओवरब्रिज का भूमि पूजन 25 फरवरी 2014 को किया गया था और इसे तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन रेलवे से एनओसी न मिलने के कारण इसके निर्माण में लगभग 12 साल लग गए। इस ओवरब्रिज के निर्माण का
कार्य बीकेबी व डेको कंपनी को निविदा के माध्यम से दिया गया था। उल्लेखनीय है कि इस ओवरब्रिज का उद्घाटन पहले 28 फरवरी 2026 को होना निर्धारित था, परंतु गिरिडीह सांसद माननीय सीपी चौधरी द्वारा रेलवे को पत्र लिखकर ओवरब्रिज की गुणवत्ता की जांच की मांग किए जाने के कारण यह उद्घाटन टल गया था। उद्घाटन में हो रही अड़चन के चलते मंगलवार को स्थानीय कांग्रेस नेता सह समाजसेवी
जोगेंद्र गिरी उर्फ बाबूलाल गिरी के नेतृत्व में ओवरब्रिज पर रखे गार्डवाल को हटाकर इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया था। हालांकि, बाद में स्थानीय प्रबंधन ने ओवरब्रिज को पुनः बंद करते हुए गुरुवार को शुभ उद्घाटन करने की बात कही, जिस पर लोग तैयार हुए और अंततः एनडीए व यूपीए के पेंच में फंसा यह ओवरब्रिज आम जनता के लिए खोल दिया गया।
- बोकारो थर्मल में 134 करोड़ रुपये की लागत से बना दो किलोमीटर लंबा विवेकानंद सेतु ओवरब्रिज गुरुवार को आम लोगों के लिए खोल दिया गया। दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) बोकारो थर्मल द्वारा निर्मित इस सेतु का विधिवत उद्घाटन निगम के परियोजना प्रधान सुशील कुमार अरजरिया ने सेतु पट का अवलोकन कर फीता काटकर किया। यह ओवरब्रिज झारखंड के लंबे ओवरब्रिजों में शामिल है। इस ओवरब्रिज के अभाव में बोकारो थर्मल रेलवे फाटक पर लोगों को घंटों जाम में फंसा रहना पड़ता था, जिससे डीवीसी कामगारों, मरीजों और स्कूली बच्चों को काफी परेशानी होती थी। इस ओवरब्रिज का भूमि पूजन 25 फरवरी 2014 को किया गया था और इसे तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन रेलवे से एनओसी न मिलने के कारण इसके निर्माण में लगभग 12 साल लग गए। इस ओवरब्रिज के निर्माण का कार्य बीकेबी व डेको कंपनी को निविदा के माध्यम से दिया गया था। उल्लेखनीय है कि इस ओवरब्रिज का उद्घाटन पहले 28 फरवरी 2026 को होना निर्धारित था, परंतु गिरिडीह सांसद माननीय सीपी चौधरी द्वारा रेलवे को पत्र लिखकर ओवरब्रिज की गुणवत्ता की जांच की मांग किए जाने के कारण यह उद्घाटन टल गया था। उद्घाटन में हो रही अड़चन के चलते मंगलवार को स्थानीय कांग्रेस नेता सह समाजसेवी जोगेंद्र गिरी उर्फ बाबूलाल गिरी के नेतृत्व में ओवरब्रिज पर रखे गार्डवाल को हटाकर इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया था। हालांकि, बाद में स्थानीय प्रबंधन ने ओवरब्रिज को पुनः बंद करते हुए गुरुवार को शुभ उद्घाटन करने की बात कही, जिस पर लोग तैयार हुए और अंततः एनडीए व यूपीए के पेंच में फंसा यह ओवरब्रिज आम जनता के लिए खोल दिया गया।4
- झारखंड को नमस्कार के साथ, यह संदेश जय भीम नगर का उल्लेख करता है। इसमें रानीगंज से मधुपुर तक की बात कही गई है, जिसका समापन 'जय हिंद, जय भारत' के उद्घोष के साथ होता है।1
- गायक धीरज व्यास के प्रशंसकों के लिए जल्द ही नए और बेहतरीन गाने आने वाले हैं। बताया गया है कि उनके अच्छे-अच्छे गाने और इंटरव्यू 'मार्केट में' (यानी सार्वजनिक रूप से) जल्द ही उपलब्ध होंगे। सभी श्रोताओं से अनुरोध किया गया है कि वे धीरज व्यास के सभी प्रकार के गानों को 'rampreet 07 YouTube' चैनल पर ज़रूर सुनें।1
- धनबाद जिले के कतरास थाना क्षेत्र केलूडीह में बुधवार देर रात दो पक्षों के बीच गोलीबारी की घटना हुई, जिसमें दो लोग घायल हो गए। इस घटना में नीतीश यादव को जांघ में गोली लगी है, और उनका इलाज निचितपुर क्लिनिक में चल रहा है। वहीं, दूसरे घायल तोशिफ को कंधे में गोली लगी है और उनका इलाज दुर्गापुर मिशन अस्पताल में जारी है। घायल नीतीश यादव के पिता ने बताया कि उनका बेटा रात में अपने मवेशी को देखने के लिए बाहर निकला था, तभी उसे गोली लग गई। उन्होंने कहा कि घटना के समय वे खुद घर के अंदर सो रहे थे और आनन-फानन में बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलते ही बाघमारा एसडीपीओ अजीत कुमार विमल और कतरास थाना प्रभारी प्रवीण कुमार मौके पर पहुंचे। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही सभी आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए थे। कतरास थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने पुष्टि की है कि बुधवार रात को दो पक्षों के बीच आपसी रंजिश के कारण गोलीबारी हुई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस घटना में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास भी कर रही है।1
- धनबाद स्थित बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राम कुमार सिंह के नेतृत्व में किए गए दो महत्वपूर्ण शोध कार्यों को भारतीय पेटेंट कार्यालय द्वारा 20 वर्षों के लिए पेटेंट प्रदान किया गया है। यह सफलता इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BHU) और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर किए गए शोधों का परिणाम है। इनमें से पहला पेटेंट "स्प्रेएबल हर्बिसाइड-बायोपॉलिमर फॉर्मूलेशन एंड मेथड ऑफ प्रिपरेशन" शीर्षक से है। कोरोना काल के दौरान विकसित की गई यह जैव-पॉलिमर आधारित तकनीक खरपतवार नियंत्रण को और अधिक प्रभावी तथा पर्यावरण के अनुकूल बनाने में सहायक है। दूसरा पेटेंट "नैनोहर्बीसाइडल कंपोजिशन एंड ए मेथड फॉर इट्स प्रिपरेशन एंड यूसेज" के नाम से मिला है। नैनो तकनीक पर आधारित यह कंपोजिशन कम मात्रा में भी अत्यधिक असर दिखाता है, जिससे खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।1
- बकरीद का पवित्र पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया है। इस अवसर पर, सभी ईदगाहों में नमाज अदा की गई, जिसके साथ यह महत्वपूर्ण आयोजन सौहार्दपूर्ण तरीके से पूरा हुआ।2
- झारखंड के धनबाद जिले के कतरास में देर रात कोयले के वर्चस्व को लेकर हुए विवाद में गोलीबारी की घटना सामने आई है, जिसमें दो युवक घायल हो गए। यह हिंसक झड़प छाताबाद आकाशकिनारी ग्राउंड के पास पुरानी रंजिश के चलते दो गुटों के बीच हुई, जिसके कारण अचानक गोलियां चलीं। गोलीबारी की इस घटना से पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल बन गया है। सूचना मिलते ही बाघमारा एसडीपीओ और कतरास थाना पुलिस मौके पर पहुंची। फिलहाल, पुलिस द्वारा मामले की जांच और छापेमारी अभियान जारी है।1