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पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का समर्पण: राष्ट्रसेवा की प्रेरणादायी गाथा डॉ मनीष भारतीय राजनीति और विचारधारा के क्षेत्र में पंडित दीनदयाल उपाध्याय का नाम समर्पण, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा का पर्याय है। आज पुण्यतिथि के अफसर पर उनके समर्पण दिवस पर भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा कार्यालय, गया जी में श्रद्धा और सम्मान के साथ उनका स्मरण किया गया। इस अवसर पर उनके चित्र पर माला एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें सच्चीश्रद्धांजलि दी गई तथा उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। सर्वप्रथम भाजपा नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा सहित भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेन्द्र प्रसाद अधिवक्ता संतोष ठाकुर सहित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र पर माला-पुष्प अर्पित कर नमन किया। इसके पश्चात उन्होंने कहा पंडित जी के जीवन, उनके विचार और विशेष रूप से “समर्पण” की भावना पर विस्तार से प्रकाश डाला।डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र और समाज के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कभी व्यक्तिगत सुख-सुविधा, पद या प्रतिष्ठा को महत्व नहीं दिया। उनका मानना था कि राजनीति सत्ता प्राप्ति का साधन नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान का माध्यम है। इसी सोच के आधार पर उन्होंने “एकात्म मानववाद” का सिद्धांत प्रस्तुत किया, जो भारतीय संस्कृति, समाज और अर्थव्यवस्था को समग्र दृष्टि से देखने की प्रेरणा देता है। पंडित जी का समर्पण केवल विचारों तक सीमित नहीं था, बल्कि उनके आचरण में भी पूर्ण रूप से दिखाई देता था। साधारण जीवन, उच्च विचार और कठोर अनुशासन उनके व्यक्तित्व की विशेषता थी। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण संगठन निर्माण, राष्ट्र जागरण और सामाजिक समरसता के लिए समर्पित किया। बिना किसी पद की लालसा के उन्होंने कार्यकर्ताओं को दिशा दी और भारतीय जनसंघ को मजबूत वैचारिक आधार प्रदान किया।इस अबसर पर भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेन्द्र प्रसाद अधिवक्ता ने कहा कि आज के समय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। किसान, मजदूर, युवा और समाज के वंचित वर्गों के कल्याण के लिए उनकी सोच हमें मार्गदर्शन देती है। हर भाजपा कार्यकर्ता का दायित्व है कि पंडित जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाया जाए और उनके बताए रास्ते पर चलकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया जाए। संतोष ठाकुर ने कहा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने, समाज सेवा में निष्ठा से कार्य करने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प लिया। आज के समर्पण दिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने वाले में भाजपा के वरिष्ठ नेता राणा रणजीत सिंह गोपाल प्रसाद यादव मंटू कुमार बबलू गुप्ता नीरज कुमार सिन्हा हीरा यादव अभिषेक कुमार महेश यादव सहित

5 hrs ago
user_त्रिलोकी नाथ
त्रिलोकी नाथ
Gaya Town C.D.Block, Bihar•
5 hrs ago

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का समर्पण: राष्ट्रसेवा की प्रेरणादायी गाथा डॉ मनीष भारतीय राजनीति और विचारधारा के क्षेत्र में पंडित दीनदयाल उपाध्याय का नाम समर्पण, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा का पर्याय है। आज पुण्यतिथि के अफसर पर उनके समर्पण दिवस पर भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा कार्यालय, गया जी में श्रद्धा और सम्मान के साथ उनका स्मरण किया गया। इस अवसर पर उनके चित्र पर माला एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें सच्चीश्रद्धांजलि दी गई तथा उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। सर्वप्रथम भाजपा नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा सहित भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेन्द्र प्रसाद अधिवक्ता संतोष ठाकुर सहित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र पर माला-पुष्प अर्पित कर नमन किया। इसके पश्चात उन्होंने कहा पंडित जी के जीवन, उनके विचार और विशेष रूप से “समर्पण” की भावना पर विस्तार से प्रकाश डाला।डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र और समाज के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कभी व्यक्तिगत सुख-सुविधा, पद या प्रतिष्ठा को महत्व नहीं दिया। उनका मानना था कि राजनीति सत्ता प्राप्ति का साधन नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान का माध्यम है। इसी सोच के आधार पर उन्होंने “एकात्म मानववाद” का सिद्धांत प्रस्तुत किया, जो भारतीय संस्कृति, समाज और अर्थव्यवस्था को समग्र दृष्टि से देखने की प्रेरणा देता है। पंडित जी का समर्पण केवल विचारों तक सीमित नहीं था, बल्कि उनके आचरण में भी पूर्ण रूप से दिखाई देता था। साधारण जीवन, उच्च विचार और कठोर अनुशासन उनके व्यक्तित्व की विशेषता थी। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण संगठन निर्माण, राष्ट्र जागरण और सामाजिक समरसता के लिए समर्पित किया। बिना किसी पद की लालसा के उन्होंने कार्यकर्ताओं को दिशा दी और भारतीय जनसंघ को मजबूत वैचारिक आधार प्रदान किया।इस अबसर पर भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेन्द्र प्रसाद अधिवक्ता ने कहा कि आज के समय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। किसान, मजदूर, युवा और समाज के वंचित वर्गों के कल्याण के लिए उनकी सोच हमें मार्गदर्शन देती है। हर भाजपा कार्यकर्ता का दायित्व है कि पंडित जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाया जाए और उनके बताए रास्ते पर चलकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया जाए। संतोष ठाकुर ने कहा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने, समाज सेवा में निष्ठा से कार्य करने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प लिया। आज के समर्पण दिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने वाले में भाजपा के वरिष्ठ नेता राणा रणजीत सिंह गोपाल प्रसाद यादव मंटू कुमार बबलू गुप्ता नीरज कुमार सिन्हा हीरा यादव अभिषेक कुमार महेश यादव सहित

  • user_Vijay Kumar
    Vijay Kumar
    शेरघाटी, गया, बिहार
    सादर नमन
    2 hrs ago
More news from बिहार and nearby areas
  • भयमुक्त भ्रष्टाचार बनाम जीरो टॉलरेंस : बिहार में सुशासन का असहज सच बिहार में “सुशासन” अब एक नारा भर रह गया है, जबकि ज़मीनी सच्चाई यह है कि भ्रष्टाचार भयमुक्त होकर फल-फूल रहा है। अगर ऐसा नहीं होता, तो गया नगर प्रखंड के बीडीओ को दिन के उजाले में, अपने ही चेंबर में ₹50,000 रिश्वत लेते हुए निगरानी विभाग की टीम द्वारा रंगे हाथ पकड़ा जाना संभव नहीं होता। पटना में सहायक निदेशक का ₹5 लाख रिश्वत लेते पकड़ा जाना भी इसी कड़ी का एक और उदाहरण है। सवाल यह नहीं है कि गिरफ्तारी हुई या नहीं, सवाल यह है कि गिरफ्तारी के बाद क्या हुआ? क्या भ्रष्टाचार रुका? क्या दोषियों को सजा मिली? गिरफ्तारी की राजनीति, सजा का अकाल बिहार में हर कुछ महीनों में कोई न कोई अधिकारी निगरानी के हत्थे चढ़ता है। प्रेस नोट जारी होता है, फोटो छपती है, सरकार अपनी पीठ थपथपा लेती है। लेकिन फिर वही अधिकारी कुछ समय बाद ज़मानत पर बाहर, कभी निलंबन से मुक्त, तो कभी बहाल होकर फिर उसी सिस्टम का हिस्सा बन जाता है। यदि यही “जीरो टॉलरेंस” है, तो यह नीति नहीं बल्कि डपोरशंखी घोषणा है। डर किसे नहीं है? आम नागरिक डरा हुआ है— फाइल आगे बढ़ाने से पहले, हक़ माँगने से पहले, शिकायत करने से पहले। लेकिन रिश्वतखोर लोक सेवक निडर है। क्योंकि उसे पता है: सजा की संभावना न्यूनतम है मुकदमे सालों चलेंगे विभागीय संरक्षण मिलेगा और अंततः “सब मैनेज हो जाएगा” निगरानी विभाग पर भी सवाल निगरानी विभाग की भूमिका केवल गिरफ्तारी तक सीमित क्यों है? चार्जशीट में देरी क्यों? दोष सिद्धि की दर इतनी कम क्यों? यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या सिस्टम के भीतर सिस्टम भ्रष्टाचार को बचा रहा है? यह आरोप नहीं, बल्कि लोकतंत्र में आवश्यक संदेह है— जिसका जवाब सरकार को देना होगा। "गिरफ्तारी बनाम मानवाधिकार" यदि कोई निर्दोष व्यक्ति गिरफ्तार होता है, तो वह निस्संदेह मानवाधिकार उल्लंघन है। लेकिन जब कोई अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा जाए तो उसे “निर्दोष” कहना कानून और नैतिकता—दोनों का अपमान है। फिर सवाल उठता है: अगर वह अपराधी नहीं है, तो गिरफ्तारी क्यों? और अगर अपराधी है, तो सजा क्यों नहीं? जब्त राशि और खोखला कानून रिश्वत की जब्त राशि सरकारी खजाने में चली जाती है, लेकिन जनता का भरोसा किस खजाने में जमा होता है? जब तक: समयबद्ध ट्रायल कठोर सजा संपत्ति जब्ती और स्थायी बर्खास्तगी नहीं होगी— तब तक भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं, बल्कि उसे सरकारी संरक्षण मिलता रहेगा। निष्कर्ष भ्रष्टाचार की गिरफ्तारी से सरकार की मंशा साबित नहीं होती, बल्कि भ्रष्टाचार की सजा से सुशासन साबित होता है। आज बिहार के सामने सवाल साफ़ है क्या सुशासन एक ब्रांड है, या फिर न्याय, भय और कानून पर आधारित एक वास्तविक शासन? अगर जवाब नहीं बदला, तो इतिहास लिखेगा— भ्रष्टाचार पकड़ा तो गया, पर सजा से बचा लिया गया।
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    भयमुक्त भ्रष्टाचार बनाम जीरो टॉलरेंस : बिहार में सुशासन का असहज सच
बिहार में “सुशासन” अब एक नारा भर रह गया है, जबकि ज़मीनी सच्चाई यह है कि भ्रष्टाचार भयमुक्त होकर फल-फूल रहा है। अगर ऐसा नहीं होता, तो गया नगर प्रखंड के बीडीओ को दिन के उजाले में, अपने ही चेंबर में ₹50,000 रिश्वत लेते हुए निगरानी विभाग की टीम द्वारा रंगे हाथ पकड़ा जाना संभव नहीं होता। पटना में सहायक निदेशक का ₹5 लाख रिश्वत लेते पकड़ा जाना भी इसी कड़ी का एक और उदाहरण है।
सवाल यह नहीं है कि गिरफ्तारी हुई या नहीं, सवाल यह है कि
गिरफ्तारी के बाद क्या हुआ?
क्या भ्रष्टाचार रुका?
क्या दोषियों को सजा मिली?
गिरफ्तारी की राजनीति, सजा का अकाल
बिहार में हर कुछ महीनों में कोई न कोई अधिकारी निगरानी के हत्थे चढ़ता है। प्रेस नोट जारी होता है, फोटो छपती है, सरकार अपनी पीठ थपथपा लेती है। लेकिन फिर वही अधिकारी कुछ समय बाद ज़मानत पर बाहर, कभी निलंबन से मुक्त, तो कभी बहाल होकर फिर उसी सिस्टम का हिस्सा बन जाता है।
यदि यही “जीरो टॉलरेंस” है, तो यह नीति नहीं बल्कि डपोरशंखी घोषणा है।
डर किसे नहीं है?
आम नागरिक डरा हुआ है—
फाइल आगे बढ़ाने से पहले,
हक़ माँगने से पहले,
शिकायत करने से पहले।
लेकिन रिश्वतखोर लोक सेवक निडर है।
क्योंकि उसे पता है:
सजा की संभावना न्यूनतम है
मुकदमे सालों चलेंगे
विभागीय संरक्षण मिलेगा
और अंततः “सब मैनेज हो जाएगा”
निगरानी विभाग पर भी सवाल
निगरानी विभाग की भूमिका केवल गिरफ्तारी तक सीमित क्यों है?
चार्जशीट में देरी क्यों?
दोष सिद्धि की दर इतनी कम क्यों?
यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि
क्या सिस्टम के भीतर सिस्टम भ्रष्टाचार को बचा रहा है?
यह आरोप नहीं, बल्कि लोकतंत्र में आवश्यक संदेह है—
जिसका जवाब सरकार को देना होगा।
"गिरफ्तारी बनाम मानवाधिकार"
यदि कोई निर्दोष व्यक्ति गिरफ्तार होता है, तो वह निस्संदेह मानवाधिकार उल्लंघन है।
लेकिन जब कोई अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा जाए
तो उसे “निर्दोष” कहना
कानून और नैतिकता—दोनों का अपमान है।
फिर सवाल उठता है:
अगर वह अपराधी नहीं है, तो गिरफ्तारी क्यों?
और अगर अपराधी है, तो सजा क्यों नहीं?
जब्त राशि और खोखला कानून
रिश्वत की जब्त राशि सरकारी खजाने में चली जाती है,
लेकिन जनता का भरोसा
किस खजाने में जमा होता है?
जब तक:
समयबद्ध ट्रायल
कठोर सजा
संपत्ति जब्ती
और स्थायी बर्खास्तगी
नहीं होगी—
तब तक भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं,
बल्कि उसे सरकारी संरक्षण मिलता रहेगा।
निष्कर्ष
भ्रष्टाचार की गिरफ्तारी से सरकार की मंशा साबित नहीं होती,
बल्कि भ्रष्टाचार की सजा से सुशासन साबित होता है।
आज बिहार के सामने सवाल साफ़ है
क्या सुशासन एक ब्रांड है,
या फिर न्याय, भय और कानून पर आधारित एक वास्तविक शासन?
अगर जवाब नहीं बदला,
तो इतिहास लिखेगा—
भ्रष्टाचार पकड़ा तो गया, पर सजा से बचा लिया गया।
    user_Vijay Kumar
    Vijay Kumar
    Photographer शेरघाटी, गया, बिहार•
    2 hrs ago
  • मुंह छिपाकर दूसरी शादी करने पहुंची महिला को कचहरी के बाहर पहले पति ने दबोच लिया। फिर क्या था तस्वीरें सब कुछ बयां कर रही... मोरे
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    मुंह छिपाकर दूसरी शादी करने पहुंची महिला को कचहरी के बाहर पहले पति ने दबोच लिया। फिर क्या था तस्वीरें सब कुछ बयां कर रही... मोरे
    user_Neha Sinha
    Neha Sinha
    Photographer Amas, Gaya•
    9 hrs ago
  • गोह (औरंगाबाद) मंगलवार की दोपहर करीब 1:00 बजे दीप ज्योति कल्याण संस्थान द्वारा गोह थाना परिसर में बाल विवाह उन्मूलन को लेकर शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प को सशक्त करना था। कार्यक्रम के दौरान दीप ज्योति कल्याण संस्थान के प्रतिनिधि डीसी रितेश कुमार ने उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई एवं गैरकानूनी कृत्य है, जो बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं समग्र विकास में सबसे बड़ी बाधा है। बाल विवाह न केवल उनके भविष्य को अंधकारमय करता है, बल्कि उनके सपनों को साकार होने से भी रोकता है। वहीं मौके पर थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार सिंह द्वारा बाल विवाह के विरुद्ध शपथ भी दिलाई गई। उन्होंने आगे कहा कि अगर आस पास कोई भी बाल विवाह की सूचना मिलती है तो सबंधित पदाधिकारी को सूचित करें। मौके पर दर्जनों पुलिस पदाधिकारी व समाजसेवी मौजूद थें।
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    गोह (औरंगाबाद) मंगलवार की दोपहर करीब 1:00 बजे दीप ज्योति कल्याण संस्थान द्वारा गोह थाना परिसर में बाल विवाह उन्मूलन को लेकर शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प को सशक्त करना था। कार्यक्रम के दौरान दीप ज्योति कल्याण संस्थान के प्रतिनिधि डीसी रितेश कुमार ने उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई एवं गैरकानूनी कृत्य है, जो बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं समग्र विकास में सबसे बड़ी बाधा है। बाल विवाह न केवल उनके भविष्य को अंधकारमय करता है, बल्कि उनके सपनों को साकार होने से भी रोकता है। वहीं मौके पर थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार सिंह द्वारा बाल विवाह के विरुद्ध शपथ भी दिलाई गई। उन्होंने आगे कहा कि अगर आस पास कोई भी बाल विवाह की सूचना मिलती है तो सबंधित पदाधिकारी को सूचित करें। मौके पर दर्जनों पुलिस पदाधिकारी व समाजसेवी मौजूद थें।
    user_Sukhendra kumar
    Sukhendra kumar
    पत्रकारिता गोह, औरंगाबाद, बिहार•
    21 hrs ago
  • नवाबगंज रोड से अज्ञात बदमाशों ने बाइक की डिक्की तोड़ ले भागे एक लाख निन्यानवें हजार रुपये मंगलवार की दोपहर मखदुमपुर नवाबगंज रोड से बेखोफ बदमाशों ने एक बाइक की डिक्की तोड़कर 1लाख निन्यानवें हजार रुपए ले भागे। इस बावत पीड़ित फतेहपुर गांव निवासी मुनिरका चौधरी ने बताया की पत्नी फुलमंती देवी के साथ पंजाब नेशनल बैंक मुससी गए थे। जहां बैंक से 150000 अपने खाता से एवं 49000 अपने पत्नी की खाता से निकाले थे। वही दुकान से समान लेने के लिए नवाबगंज रोड बाइक लगाए ओर पति पत्नी दूसरे दूसरे दुकान में समान खरीदने लगे।इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने बाइक का डिक्की तोड़ कर रखे एक लाख निन्यानवें हजार रुपये,पासबुक ले भागे।हालांकि बदमाशो का करतूत बाइक के सामने के दुकान में लगी सीसीटीवी कैमरा में कैद हो गया। थाना अध्यक्ष दिवाकर विश्वकर्मा ने बताया मामले की जानकारी मिली है पुलिस जांच में जुटी है।
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    नवाबगंज रोड से अज्ञात बदमाशों ने बाइक की डिक्की तोड़ ले भागे एक लाख निन्यानवें हजार रुपये
मंगलवार की दोपहर मखदुमपुर नवाबगंज रोड से बेखोफ बदमाशों ने एक बाइक की डिक्की तोड़कर 1लाख निन्यानवें हजार रुपए ले भागे। इस बावत पीड़ित फतेहपुर गांव निवासी मुनिरका चौधरी ने बताया की पत्नी फुलमंती देवी के साथ पंजाब नेशनल बैंक मुससी गए थे। जहां बैंक से 150000 अपने  खाता से एवं 49000 अपने पत्नी की खाता से निकाले थे। वही दुकान से समान लेने के लिए नवाबगंज रोड बाइक लगाए ओर पति पत्नी दूसरे दूसरे दुकान में समान खरीदने लगे।इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने बाइक का डिक्की तोड़ कर रखे एक लाख निन्यानवें हजार रुपये,पासबुक ले भागे।हालांकि बदमाशो का करतूत बाइक के सामने के दुकान में लगी सीसीटीवी कैमरा में कैद हो गया। थाना अध्यक्ष दिवाकर विश्वकर्मा ने बताया मामले की जानकारी मिली है पुलिस जांच में जुटी है।
    user_Ramesh Kumar
    Ramesh Kumar
    Local News Reporter मखदूमपुर, जहानाबाद, बिहार•
    21 hrs ago
  • जहानाबाद में मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना के तहत राजकीयकृत मध्य विद्यालय शकूराबाद से छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक परिभ्रमण के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। विद्यालय प्रबंधन समिति एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति में बस को हरी झंडी दिखाकर विदा किया गया। इस शैक्षणिक परिभ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पाठ्यपुस्तकों में पढ़ाए जाने वाले विषयों के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान एवं ऐतिहासिक, सांस्कृतिक स्थलों की प्रत्यक्ष जानकारी प्रदान करना है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि इस प्रकार के भ्रमण से छात्रों में सीखने की रुचि बढ़ती है और उनका सर्वांगीण विकास होता है। यात्रा पर रवाना होने से पूर्व शिक्षकों ने छात्रों को अनुशासन बनाए रखने, आपसी सहयोग करने तथा सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही यह भी बताया गया कि पूरे भ्रमण के दौरान शिक्षकों की निगरानी में ही गतिविधियां संचालित की जाएंगी। छात्र-छात्राओं में इस शैक्षणिक यात्रा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना के माध्यम से सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के छात्रों को समान रूप से शैक्षणिक अवसर एवं अनुभव मिल सके, जिससे वे भविष्य में बेहतर दिशा में आगे बढ़ सकें।
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    जहानाबाद में मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना के तहत राजकीयकृत मध्य विद्यालय शकूराबाद से छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक परिभ्रमण के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। विद्यालय प्रबंधन समिति एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति में बस को हरी झंडी दिखाकर विदा किया गया।
इस शैक्षणिक परिभ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पाठ्यपुस्तकों में पढ़ाए जाने वाले विषयों के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान एवं ऐतिहासिक, सांस्कृतिक स्थलों की प्रत्यक्ष जानकारी प्रदान करना है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि इस प्रकार के भ्रमण से छात्रों में सीखने की रुचि बढ़ती है और उनका सर्वांगीण विकास होता है।
यात्रा पर रवाना होने से पूर्व शिक्षकों ने छात्रों को अनुशासन बनाए रखने, आपसी सहयोग करने तथा सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही यह भी बताया गया कि पूरे भ्रमण के दौरान शिक्षकों की निगरानी में ही गतिविधियां संचालित की जाएंगी। छात्र-छात्राओं में इस शैक्षणिक यात्रा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना के माध्यम से सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के छात्रों को समान रूप से शैक्षणिक अवसर एवं अनुभव मिल सके, जिससे वे भविष्य में बेहतर दिशा में आगे बढ़ सकें।
    user_Pawan Kumar
    Pawan Kumar
    पत्रकार जहानाबाद, जहानाबाद, बिहार•
    22 hrs ago
  • तो हेलो गाइस मैं आपका बेटा श्रीकांत कट्टा राजा राज करेगा परसपुर देहरास रोड जिला गोंडा
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    तो हेलो गाइस मैं आपका बेटा श्रीकांत कट्टा राजा राज करेगा परसपुर देहरास रोड जिला गोंडा
    user_Shrikant Tiwari
    Shrikant Tiwari
    बेन, नालंदा, बिहार•
    1 hr ago
  • I am Neha pls subscribe my channel मणि.निमजा यह लड़की छोटे से होटल में बैठकर नाश्ता कर ही रही थी कि ऐसा क्या हुआ यह ट्रक के नीचे सीधा कूद गई#वायरस्रील्स
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    I am Neha pls subscribe my channel मणि.निमजा यह लड़की छोटे से होटल में बैठकर नाश्ता कर ही रही थी कि ऐसा क्या हुआ यह ट्रक के नीचे सीधा कूद गई#वायरस्रील्स
    user_Neha Sinha
    Neha Sinha
    Photographer Amas, Gaya•
    9 hrs ago
  • Post by Kr monu raj
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    Post by Kr monu raj
    user_Kr monu raj
    Kr monu raj
    Adult education centre Haspura, Aurangabad•
    2 hrs ago
  • नवादा MLC अशोक यादव ने शिक्षा में सुधार के लिए विधान परिषद उठाया सवाल #स्कूलों में बच्चों के अनुपात में शिक्षकों की कमी को दूर करने की मांग #मंत्री का आया कुछ यूं जवाब...#आप भी सुनिए...!
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    नवादा MLC अशोक यादव ने शिक्षा में सुधार के लिए विधान परिषद उठाया सवाल #स्कूलों में बच्चों के अनुपात में शिक्षकों की कमी को दूर करने की मांग #मंत्री का आया कुछ यूं जवाब...#आप भी सुनिए...!
    user_Varunendra kumar (Nawada Live)
    Varunendra kumar (Nawada Live)
    Nawada, Bihar•
    4 hrs ago
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