*ट्रेन में बेखौफ नशेड़ी: रेल प्रशासन की लापरवाही से आम यात्रियों का सफर बना असुरक्षित* जन जागरण संदेश राहुल नामदेव/विदिशा - रेल मंडल: भारतीय रेलवे को देश की जीवनरेखा माना जाता है, जहां हर दिन लाखों लोग सुरक्षित और आरामदायक सफर की उम्मीद लेकर कदम रखते हैं। लेकिन हाल ही में सामने आई तस्वीरों और वीडियो ने रेल प्रशासन के सुरक्षा दावों की कलई खोलकर रख दी है। चलती ट्रेनों के कोच और दरवाजों के पास सरेआम नशे का सेवन किया जा रहा है, जिससे आम यात्रियों का सफर मुश्किलों से भर गया है। *खुलेआम हो रहा है नशा* वायरल वीडियो और यात्रियों से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रेनों के जनरल और स्लीपर डिब्बों के साथ-साथ दरवाजों के पास असामाजिक तत्व खुलेआम चिलम, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करते नजर आते हैं। धुएं और दुर्गंध से आम यात्रियों, विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों का दम घुटने लगता है। विरोध करने पर ये असामाजिक तत्व मारपीट और गाली-गलौज पर उतारू हो जाते हैं। *रेल प्रशासन और RPF मौन* रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) का दावा रहता है कि ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगातार गश्त (Patrolling) की जाती है। लेकिन धरातल पर स्थिति बिल्कुल उलट है। चेकिंग अमले और सुरक्षाकर्मियों की अनुपस्थिति के कारण नशेड़ियों के हौसले बुलंद हैं। यात्रियों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी कोई त्वरित कार्रवाई नहीं होती, जिससे लगता है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। *यात्रियों में भय का माहौल* सफर कर रहे यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों में नशे के इस अवैध धंधे और खुले सेवन से आपराधिक घटनाओं (जैसे चोरी, छीना-झपटी और छेड़खानी) का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है। रात के समय परिवार के साथ सफर करना किसी बुरे सपने से कम नहीं लगता *नागरिकों मे उठते बड़े सवाल* *सुरक्षा में चूक क्यों* - रेलवे स्टेशनों पर कड़ी चेकिंग के बाद भी नशीले पदार्थ ट्रेनों के अंदर तक कैसे पहुंच रहे हैं? *RPF की गश्त कहाँ है*- लंबी दूरी की ट्रेनों में RPF और GRP के जवान ड्यूटी के दौरान कहाँ रहते हैं? *कब जागेगा प्रशासन* - क्या रेल प्रशासन किसी बड़े हादसे या अपराध के होने का इंतजार कर रहा है? यात्रियों ने जन जागरण समाचार पत्र के माध्यम से रेल मंत्रालय और वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि ट्रेनों में त्वरित गश्त बढ़ाई जाए और ट्रेनों में नशा करने वाले असामाजिक तत्वों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकें।
*ट्रेन में बेखौफ नशेड़ी: रेल प्रशासन की लापरवाही से आम यात्रियों का सफर बना असुरक्षित* जन जागरण संदेश राहुल नामदेव/विदिशा - रेल मंडल: भारतीय रेलवे को देश की जीवनरेखा माना जाता है, जहां हर दिन लाखों लोग सुरक्षित और आरामदायक सफर की उम्मीद लेकर कदम रखते हैं। लेकिन हाल ही में सामने आई तस्वीरों और वीडियो ने रेल प्रशासन के सुरक्षा दावों की कलई खोलकर रख दी है। चलती ट्रेनों के कोच और दरवाजों के पास सरेआम नशे का सेवन किया जा रहा है, जिससे आम यात्रियों का सफर मुश्किलों से भर गया है। *खुलेआम हो रहा है नशा* वायरल वीडियो और यात्रियों से
मिली जानकारी के अनुसार, ट्रेनों के जनरल और स्लीपर डिब्बों के साथ-साथ दरवाजों के पास असामाजिक तत्व खुलेआम चिलम, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करते नजर आते हैं। धुएं और दुर्गंध से आम यात्रियों, विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों का दम घुटने लगता है। विरोध करने पर ये असामाजिक तत्व मारपीट और गाली-गलौज पर उतारू हो जाते हैं। *रेल प्रशासन और RPF मौन* रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) का दावा रहता है कि ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगातार गश्त (Patrolling) की जाती है। लेकिन धरातल पर स्थिति बिल्कुल उलट है। चेकिंग अमले और सुरक्षाकर्मियों
की अनुपस्थिति के कारण नशेड़ियों के हौसले बुलंद हैं। यात्रियों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी कोई त्वरित कार्रवाई नहीं होती, जिससे लगता है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। *यात्रियों में भय का माहौल* सफर कर रहे यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों में नशे के इस अवैध धंधे और खुले सेवन से आपराधिक घटनाओं (जैसे चोरी, छीना-झपटी और छेड़खानी) का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है। रात के समय परिवार के साथ सफर करना किसी बुरे सपने से कम नहीं लगता *नागरिकों मे उठते बड़े सवाल* *सुरक्षा में चूक क्यों* - रेलवे स्टेशनों
पर कड़ी चेकिंग के बाद भी नशीले पदार्थ ट्रेनों के अंदर तक कैसे पहुंच रहे हैं? *RPF की गश्त कहाँ है*- लंबी दूरी की ट्रेनों में RPF और GRP के जवान ड्यूटी के दौरान कहाँ रहते हैं? *कब जागेगा प्रशासन* - क्या रेल प्रशासन किसी बड़े हादसे या अपराध के होने का इंतजार कर रहा है? यात्रियों ने जन जागरण समाचार पत्र के माध्यम से रेल मंत्रालय और वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि ट्रेनों में त्वरित गश्त बढ़ाई जाए और ट्रेनों में नशा करने वाले असामाजिक तत्वों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकें।
- अभाविप - अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत कलेक्ट्रेट का घेराव कर सोपा ज्ञापन - महाविद्यालय में अव्यवस्थाओं को लेकर उठाए सवाल मूलभूत सुविधाएं देने की करी मांग लोकेशन :- विदिशा अभाविप - अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत कलेक्ट्रेट का घेराव कर सोपा ज्ञापन - महाविद्यालय में अव्यवस्थाओं को लेकर उठाए सवाल मूलभूत सुविधाएं देने की करी मांग लोकेशन :- विदिशा एंकर :- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारीयों ,छात्रों और सदस्यों ने कलेक्ट्रेट का घेराव करते हुए विभिन्न मांगों का ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा छात्रों ने बताया कि महाविद्यालयों की स्थिति काफी दयनीय हो चुकी है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारीयों ने बताया की विदिशा जिले के कई महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की कमी है कई जगहों पर भवन जर्जर हो चुके हैं कुछ स्थानों पर तो कुछ कॉलेज दो कमरों में चल रहे हैं बाउंड्री वाल ना होने से असामाजिक तत्वों का डेरा कॉलेज परिसरों में लगा रहता है छात्र-छात्राओं को पेयजल भी सुचारू व्यवस्था के रूप में नहीं मिल पाता कक्षाओं में बेंच और कुर्सी नहीं है इन सब समस्याओं को लेकर उन्हें सुधारने की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव करने का प्रयास किया गया भारी पुलिस बल के बीच काफी गहमागहमी का माहौल हो गया बाद में मुख्यमंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंप कर व्यवस्था चालू करने की मांग की गई बाईट : गोविंद सिह, जिलाअध्यक्ष बाईट : वंदना यादव, विभाग प्रमुख बाईट : सूर्याश4
- विदिशा बाईपास पर फिर चोरी, सूने आवास को बनाया निशाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर की पड़ताल विदिशा। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बाईपास स्थित गिरधर कॉलोनी में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने एक सूने आवास को निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर मकान का ताला तोड़कर घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात और करीब 25 हजार रुपये नकद सहित लगभग डेढ़ लाख रुपये का सामान चोरी कर ले गए। मकान मालिक किसी काम से अपने गांव गए हुए थे और गुरुवार सुबह वापस लौटे, तब उन्हें घर का ताला टूटा मिला और चोरी की जानकारी सामने आई। घटना की सूचना सिविल लाइन पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं घटनास्थल के पास स्थित एक मंदिर के भी ताले टूटे होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर चोरों का सुराग जुटाने में लगी है।1
- कुरवाई में महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, रक्षाबंधन पर शक्कर के बढ़े दामों को लेकर जताया आक्रोश कुरवाई में महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, रक्षाबंधन पर शक्कर के बढ़े दामों को लेकर जताया आक्रोश कुरवाई, विदिशा। देश में लगातार बढ़ती बेलगाम महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व पर शक्कर के दामों में बेतहाशा वृद्धि ने बहनों की राखी की मिठास भी फीकी कर दी है। इसी जनविरोधी महंगाई और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आज कुरवाई ब्लॉक एवं शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसजनों ने महंगाई पर रोक लगाने और शक्कर सहित रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम कम करने की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में *ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष उमेश तिवारी, शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जफर शेख के नेतृत्व में समस्त कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि त्योहारों के समय भी आम जनता को राहत नहीं मिल रही है, जो सरकार की नाकामी को दर्शाता है।3
- शमशाबाद में महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन,शक्कर बांटकर जताया विरोध #विदिशा#JANTAKHABAR शमशाबाद में महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन,शक्कर बांटकर जताया विरोध #विदिशा#JANTAKHABAR1
- रक्षाबंधन त्यौहार पर बाजारों में रौनक की कमी गंजबासौदा नगर के बाजारों में रक्षाबंधन त्यौहार आने पर रौनक में कमी देखी जा रही है राखी की दुकानों पर गिनी चुनी महिलाएं देखी जा सकती हैं दुकानदार का कहना है महंगाई के चलते राखी की दुकानों पर महिला बहनों की आवाजाही कम है राखी बिक्री पर महंगाई का काफी असर पड़ा है राखी की कीमत₹5 से लेकर₹100 तक है दुकानों पर राखी की बिक्री बहुत कम है दुकानदारों को अपनी पूंजी निकालने में काफी दिक्कत है दुकानदारों ने लाखों रुपए की राखी अपनी दुकान पर रखी है जिसमें बिक्री न होने की दशा में मुनाफा की जगह अच्छा खासा नुकसान होने का डर बना हुआ है1
- नेपाल में सैलाब का खौफनाक मंजर! नेपाल से सामने आया एक और खौफनाक वीडियो नेपाल में सैलाब का खौफनाक मंजर! 😱🌊 नेपाल से सामने आया एक और खौफनाक वीडियो, जिसमें सैलाब का रौद्र रूप साफ नजर आ रहा है। चारों तरफ पानी का कहर और लोगों में चीख-पुकार का माहौल दिखाई दे रहा है। प्रकृति के इस विकराल रूप ने हर किसी को दहला दिया है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। देखिए कैसे पलभर में तबाही का मंजर बन गया पूरा इलाका!1
- महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन लोकेशन विदिशा - महंगी शक्कर को बंदूक के पहरे में लेकर सड़कों पर उतरी कांग्रेस - महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, प्याज की माला पहनकर जताया विरोध - माधवगंज से तिलक चौक तक निकाली गई रैली, सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन लोकेशन विदिशा - महंगी शक्कर को बंदूक के पहरे में लेकर सड़कों पर उतरी कांग्रेस - महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, प्याज की माला पहनकर जताया विरोध - माधवगंज से तिलक चौक तक निकाली गई रैली, सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी विदिशा में बढ़ती महंगाई के विरोध में कांग्रेस ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस के निर्देशन में नगर कांग्रेस ने माधवगंज चौराहे से तिलक चौक तक रैली निकाली। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगी शक्कर को बंदूक के पहरे में रखकर और प्याज की माला पहनकर महंगाई के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध जताया। वीओ : विदिशा में महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस सड़क पर उतरी। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी और नगर कांग्रेस अध्यक्ष रवि साहू की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने माधवगंज चौराहे से तिलक चौक तक रैली निकाली। प्रदर्शन के दौरान महंगी शक्कर को सुरक्षा घेरे में बंदूक के साथ लेकर चला गया, जबकि कुछ कार्यकर्ताओं ने प्याज की माला पहनकर अर्धनग्न होकर विरोध जताया। ऑटो रिक्शा में लाउडस्पीकर के जरिए महंगाई विरोधी गाने भी बजाए गए। कांग्रेस ने शक्कर, पेट्रोल, बिजली के बढ़ते बिल और रसोई गैस के दामों को लेकर सरकार को घेरा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों से आम परिवार का घरेलू बजट बिगड़ गया है। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने ढपले और दल-दल घोड़ी के साथ नारेबाजी करते हुए महंगाई के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और विभिन्न मोर्चा संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। बाइट मोहित रघुवंशी बाइट रवि साहू4
- नेपाल में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ से तबाही, खौफनाक वीडियो ने दिखाया जलप्रलय का मंजर नेपाल में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ से तबाही, खौफनाक वीडियो ने दिखाया जलप्रलय का मंजर काठमांडू/रसुवा। बाढ़ का ऐसा खौफनाक मंजर शायद ही किसी ने देखा हो। नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई अचानक भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। तेज रफ्तार पानी और मलबे के सैलाब ने देखते ही देखते घरों, सड़कों, पुलों, वाहनों और नदी किनारे बने ढांचों को अपनी चपेट में ले लिया। सामने आए वीडियो में पानी का रौद्र रूप देखकर तबाही की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में टिमुरे और स्याफ्रुबेसी शामिल हैं। बाढ़ ने बाजारों, पुलों, सड़क मार्गों और जलविद्युत परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों का संपर्क टूट गया और राहत-बचाव अभियान में भी मुश्किलें सामने आ रही हैं। कुछ ही मिनटों में मच गई तबाही रिपोर्टों के मुताबिक 26 अगस्त की सुबह भोटेकोशी नदी में अचानक पानी का सैलाब आया। नदी का पानी मलबे के साथ इतनी तेजी से नीचे की ओर बढ़ा कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। टिमुरे से लेकर स्याफ्रुबेसी और आगे के इलाकों तक कई स्थानों पर भारी नुकसान दर्ज किया गया है। नेपाल के अधिकारियों के अनुसार 27 अगस्त तक मृतकों की संख्या 157 तक पहुंच गई है और बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। बचाव और राहत अभियान लगातार जारी है, जबकि खराब मौसम और क्षतिग्रस्त संपर्क मार्ग अभियान में बाधा बन रहे हैं। सेना और सुरक्षा बल राहत अभियान में जुटे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नेपाल सेना, पुलिस और सशस्त्र सुरक्षा बलों की टीमें खोज एवं बचाव अभियान में लगी हैं। कई स्थानों पर सड़क और संचार व्यवस्था क्षतिग्रस्त होने के कारण प्रभावित लोगों तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है। प्रशासन ने नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। भोटेकोशी नदी का यह जलप्रलय नेपाल के लिए बड़ी प्राकृतिक आपदा बनकर सामने आया है। वीडियो में दिखाई दे रहा मंजर इस बात की गवाही दे रहा है कि पानी का बहाव कितना विनाशकारी था—जहां कुछ समय पहले घर, सड़कें और पुल मौजूद थे, वहां अब मलबे और तबाही के निशान दिखाई दे रहे हैं।2