विदिशा बाईपास पर फिर चोरी, सूने आवास को बनाया निशाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर की पड़ताल विदिशा। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बाईपास स्थित गिरधर कॉलोनी में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने एक सूने आवास को निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर मकान का ताला तोड़कर घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात और करीब 25 हजार रुपये नकद सहित लगभग डेढ़ लाख रुपये का सामान चोरी कर ले गए। मकान मालिक किसी काम से अपने गांव गए हुए थे और गुरुवार सुबह वापस लौटे, तब उन्हें घर का ताला टूटा मिला और चोरी की जानकारी सामने आई। घटना की सूचना सिविल लाइन पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं घटनास्थल के पास स्थित एक मंदिर के भी ताले टूटे होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर चोरों का सुराग जुटाने में लगी है।
विदिशा बाईपास पर फिर चोरी, सूने आवास को बनाया निशाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर की पड़ताल विदिशा। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बाईपास स्थित गिरधर कॉलोनी में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने एक सूने आवास को निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर मकान का ताला तोड़कर घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात और करीब 25 हजार रुपये नकद सहित लगभग डेढ़ लाख रुपये का सामान चोरी कर ले गए। मकान मालिक किसी काम से अपने गांव गए हुए थे और गुरुवार सुबह वापस लौटे, तब उन्हें घर का ताला टूटा मिला और चोरी की जानकारी सामने आई। घटना की सूचना सिविल लाइन पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं घटनास्थल के पास स्थित एक मंदिर के भी ताले टूटे होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर चोरों का सुराग जुटाने में लगी है।
- विदिशा बाईपास पर फिर चोरी, सूने आवास को बनाया निशाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर की पड़ताल विदिशा। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बाईपास स्थित गिरधर कॉलोनी में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने एक सूने आवास को निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर मकान का ताला तोड़कर घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात और करीब 25 हजार रुपये नकद सहित लगभग डेढ़ लाख रुपये का सामान चोरी कर ले गए। मकान मालिक किसी काम से अपने गांव गए हुए थे और गुरुवार सुबह वापस लौटे, तब उन्हें घर का ताला टूटा मिला और चोरी की जानकारी सामने आई। घटना की सूचना सिविल लाइन पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं घटनास्थल के पास स्थित एक मंदिर के भी ताले टूटे होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर चोरों का सुराग जुटाने में लगी है।1
- गंदे जानवर आवारा सुअर रायसेन दरगाह में घुसे रायसेन। आवारा सुअर शहर में विचरण कर ही रहे हैं। पर अब यह रायसेन स्थित बाबा पीर फतेह उल्लाह साहब की मजार के आसपास भी घूम रहे हैं इससे मुस्लिम धर्म के लोगों में खासी नाराजगी है। शहर काजी जहीरूद्दीन साहब ने हमें बताया कि इसे लेकर उन्होंने पिछले दिनों एसडीएम को भी शिकायत की थी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब सभी लोग मिलकर कलेक्टर से मिलने की तैयारी में है। इससे पहले मांग की जा रही है कि इन्हें पकड़ लिया जाए। गंदे जानवर आवारा सुअर रायसेन दरगाह में घुसे रायसेन। आवारा सुअर शहर में विचरण कर ही रहे हैं। पर अब यह रायसेन स्थित बाबा पीर फतेह उल्लाह साहब की मजार के आसपास भी घूम रहे हैं इससे मुस्लिम धर्म के लोगों में खासी नाराजगी है। शहर काजी जहीरूद्दीन साहब ने हमें बताया कि इसे लेकर उन्होंने पिछले दिनों एसडीएम को भी शिकायत की थी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब सभी लोग मिलकर कलेक्टर से मिलने की तैयारी में है। इससे पहले मांग की जा रही है कि इन्हें पकड़ लिया जाए।1
- जिनसे नगरीय निकायों की सड़कों के गड्ढे तक नहीं भरा पा रहे वो गणित के विशेषज्ञ बनकर बता रहे की 99 प्रतिशत लोग मीठा खाना पसंद नहीं करते1
- नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी का तांडव: भीषण बाढ़ में सड़कें और पुल बहे, भारी तबाही की आशंका नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई अचानक और भीषण बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। पहाड़ी ढलानों से तेज रफ्तार में उतरे मटमैले पानी के सैलाब ने कई निचले रिहाइशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, बाढ़ का मंजर इतना भयावह था कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। तबाही का प्रमुख ब्योरा बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान: सैलाब के तेज बहाव में कई पक्के मकान, संपर्क सड़कें और स्थानीय नदियों पर बने पुल ताश के पत्तों की तरह बह गए। यातायात और संपर्क पूरी तरह ठप्प: मुख्य मार्गों के बह जाने से रसुवा जिले के कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय और राजधानी काठमांडू से पूरी तरह कट गया है। व्यापक जन-जीवन प्रभावित: बाढ़ प्रभावित इलाकों से सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा है, जबकि कई लोग अब भी ऊंचे इलाकों में फंसे हुए हैं। राहत और बचाव कार्य में चुनौतियाँ नेपाल सेना, सशस्त्रा प्रहरी बल और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं। हालांकि, लगातार खराब मौसम और टूट चुके संपर्क मार्गों के कारण दूरदराज के इलाकों तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासनिक बयान: "जलस्तर बेहद तेज गति से बढ़ा, जिससे नुकसान का दायरा काफी बड़ा है। हमारी पहली प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और अस्थाई राहत पहुंचाना है। वास्तविक आर्थिक और भौतिक नुकसान का सटीक आकलन जलस्तर कम होने के बाद ही संभव हो पाएगा।" अस्थाई स्थिति और आगे का जोखिम भोटेकोशी नदी का बेसिन भौगोलिक रूप से बेहद संवेदनशील और तीव्र ढलान वाला माना जाता है। भूस्खलन या ऊपरी इलाकों में बादल फटने जैसी स्थितियों में यह नदी बेहद आक्रामक रूप ले लेती है। मौसम विभाग ने तटीय और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर बने रहने की सख्त चेतावनी जारी की है।1
- विदिशा में वाहन चोर पर पुलिस का शिकंजा, 16 चोरी की बाइक बरामद#JANTAKHABAR विदिशा में वाहन चोर पर पुलिस का शिकंजा, 16 चोरी की बाइक बरामद#JANTAKHABAR1
- रक्षाबंधन त्यौहार पर बाजारों में रौनक की कमी गंजबासौदा नगर के बाजारों में रक्षाबंधन त्यौहार आने पर रौनक में कमी देखी जा रही है राखी की दुकानों पर गिनी चुनी महिलाएं देखी जा सकती हैं दुकानदार का कहना है महंगाई के चलते राखी की दुकानों पर महिला बहनों की आवाजाही कम है राखी बिक्री पर महंगाई का काफी असर पड़ा है राखी की कीमत₹5 से लेकर₹100 तक है दुकानों पर राखी की बिक्री बहुत कम है दुकानदारों को अपनी पूंजी निकालने में काफी दिक्कत है दुकानदारों ने लाखों रुपए की राखी अपनी दुकान पर रखी है जिसमें बिक्री न होने की दशा में मुनाफा की जगह अच्छा खासा नुकसान होने का डर बना हुआ है1
- विदिशा के बस स्टैंड क्षेत्र में भीषण सड़क हादसा चार लोग गंभीर रूप से घायल बस स्टैंड क्षेत्र में देर रात भीषण सड़क हादसा विदिशा के बस स्टैंड क्षेत्र में बीती रात लगभग 2 बजे के आसपास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की मदद से घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद अधिक गंभीर रूप से घायल लोगों को भोपाल रेफर किया गया है। हादसे की सूचना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी जानकारी सामने आना बाकी है।1
- नेपाल में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ से तबाही, खौफनाक वीडियो ने दिखाया जलप्रलय का मंजर नेपाल में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ से तबाही, खौफनाक वीडियो ने दिखाया जलप्रलय का मंजर काठमांडू/रसुवा। बाढ़ का ऐसा खौफनाक मंजर शायद ही किसी ने देखा हो। नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई अचानक भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। तेज रफ्तार पानी और मलबे के सैलाब ने देखते ही देखते घरों, सड़कों, पुलों, वाहनों और नदी किनारे बने ढांचों को अपनी चपेट में ले लिया। सामने आए वीडियो में पानी का रौद्र रूप देखकर तबाही की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में टिमुरे और स्याफ्रुबेसी शामिल हैं। बाढ़ ने बाजारों, पुलों, सड़क मार्गों और जलविद्युत परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों का संपर्क टूट गया और राहत-बचाव अभियान में भी मुश्किलें सामने आ रही हैं। कुछ ही मिनटों में मच गई तबाही रिपोर्टों के मुताबिक 26 अगस्त की सुबह भोटेकोशी नदी में अचानक पानी का सैलाब आया। नदी का पानी मलबे के साथ इतनी तेजी से नीचे की ओर बढ़ा कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। टिमुरे से लेकर स्याफ्रुबेसी और आगे के इलाकों तक कई स्थानों पर भारी नुकसान दर्ज किया गया है। नेपाल के अधिकारियों के अनुसार 27 अगस्त तक मृतकों की संख्या 157 तक पहुंच गई है और बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। बचाव और राहत अभियान लगातार जारी है, जबकि खराब मौसम और क्षतिग्रस्त संपर्क मार्ग अभियान में बाधा बन रहे हैं। सेना और सुरक्षा बल राहत अभियान में जुटे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नेपाल सेना, पुलिस और सशस्त्र सुरक्षा बलों की टीमें खोज एवं बचाव अभियान में लगी हैं। कई स्थानों पर सड़क और संचार व्यवस्था क्षतिग्रस्त होने के कारण प्रभावित लोगों तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है। प्रशासन ने नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। भोटेकोशी नदी का यह जलप्रलय नेपाल के लिए बड़ी प्राकृतिक आपदा बनकर सामने आया है। वीडियो में दिखाई दे रहा मंजर इस बात की गवाही दे रहा है कि पानी का बहाव कितना विनाशकारी था—जहां कुछ समय पहले घर, सड़कें और पुल मौजूद थे, वहां अब मलबे और तबाही के निशान दिखाई दे रहे हैं।2