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मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की पुलिस के लिए शनिवार, 18 जुलाई 2026 का दिन बेहद गौरवपूर्ण रहा। पुलिस अधीक्षक (SP) ऋषिकेश मीना के कुशल नेतृत्व में नरसिंहपुर जिले के 14 पुलिस थानों को एक साथ ISO सर्टिफिकेट प्रदान किया गया है। इस बड़ी उपलब्धि को पुलिस की बेहतर कार्यप्रणाली, आधुनिक व्यवस्थाओं, पारदर्शी प्रशासन और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। नरसिंहपुर पुलिस के इस ऐतिहासिक दिन के अवसर पर आईजी (IG) द्वारा इंडियन कॉफी हाउस का भी शुभारंभ किया गया।
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मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की पुलिस के लिए शनिवार, 18 जुलाई 2026 का दिन बेहद गौरवपूर्ण रहा। पुलिस अधीक्षक (SP) ऋषिकेश मीना के कुशल नेतृत्व में नरसिंहपुर जिले के 14 पुलिस थानों को एक साथ ISO सर्टिफिकेट प्रदान किया गया है। इस बड़ी उपलब्धि को पुलिस की बेहतर कार्यप्रणाली, आधुनिक व्यवस्थाओं, पारदर्शी प्रशासन और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। नरसिंहपुर पुलिस के इस ऐतिहासिक दिन के अवसर पर आईजी (IG) द्वारा इंडियन कॉफी हाउस का भी शुभारंभ किया गया।
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- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की पुलिस के लिए शनिवार, 18 जुलाई 2026 का दिन बेहद गौरवपूर्ण रहा। पुलिस अधीक्षक (SP) ऋषिकेश मीना के कुशल नेतृत्व में नरसिंहपुर जिले के 14 पुलिस थानों को एक साथ ISO सर्टिफिकेट प्रदान किया गया है। इस बड़ी उपलब्धि को पुलिस की बेहतर कार्यप्रणाली, आधुनिक व्यवस्थाओं, पारदर्शी प्रशासन और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। नरसिंहपुर पुलिस के इस ऐतिहासिक दिन के अवसर पर आईजी (IG) द्वारा इंडियन कॉफी हाउस का भी शुभारंभ किया गया।1
- मध्य प्रदेश शासन के निर्देश पर जबलपुर में शनिवार को 15 से 30 जुलाई तक चलने वाले नशा मुक्ति जनजागरण अभियान के तहत एक जागरूकता दौड़ का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक जबलपुर सम्पत उपाध्याय के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सूर्यकांत शर्मा के नेतृत्व में वंदेमातरम चौक से इस दौड़ की शुरुआत की गई। "नशे से दूरी, है जरूरी" अभियान के अंतर्गत आयोजित इस दौड़ के माध्यम से लोगों को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में सचेत किया गया। दौड़ के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक तथा आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशा कई अपराधों की जड़ है और इससे दूर रहना परिवार और समाज दोनों के लिए बेहद जरूरी है। यह जागरूकता दौड़ वंदेमातरम चौक से शुरू होकर रज्जू मिस्त्री तिराहा, तीन पत्ती, बस स्टैंड तिराहा, ब्लूम चौक और मानकुंवर बाई कॉलेज से होते हुए शिवाजी चौक पर संपन्न हुई। इस अवसर पर जबलपुर शहर को नशामुक्त बनाने के लिए उपस्थित सभी लोगों को शपथ दिलाई गई और जनजागरूकता बढ़ाने हेतु पंपलेट भी वितरित किए गए। इस जागरूकता अभियान के दौरान उत्तर विधानसभा विधायक अभिलाष पांडेय, नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन के साथ-साथ समाजसेवी, पुलिस अधिकारी, स्कूली छात्र-छात्राएं, शिक्षक और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।4
- जबलपुर के अधारताल तालाब में खुलेआम अवैध रूप से मछली पकड़ने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। न्यूज़ रिपोर्टर मोहित संघी के अनुसार, वीडियो में कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से तालाब में अवैध मछली पकड़ने की गतिविधि को देखा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस गंभीर विषय पर बार-बार शिकायतें किए जाने के बाद भी संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से कोई भी प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस तालाब के सौंदर्यीकरण और विकास पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जिसके कारण अब इसकी देखरेख और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोग सीधे तौर पर सवाल पूछ रहे हैं कि तालाब के संरक्षण और रखरखाव की जिम्मेदारी आखिर किस विभाग की है और इसके विकास के लिए स्वीकृत किए गए भारी-भरकम बजट का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे सच हैं, तो यह सरकारी व्यवस्थाओं और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। क्षेत्र के लोग अब इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग उठा रहे हैं।1
- जबलपुर में धर्म संगठन को खुद को सबसे अलग रखने और दूसरों की बातों में आए बिना अपने मन से स्वतंत्र निर्णय लेने की सीख दी गई है। इसमें अपने फैसले खुद करते हुए जीवन में निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया गया है और साथ ही 'जय श्री राम' का उद्घोष भी किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के भागड टोला गांव में मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण एक मरीज को खाट पर लेटाकर अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस गांव में पिछले 40 वर्षों से ग्रामीण निवास कर रहे हैं, लेकिन वे आज भी बुनियादी सुविधाओं के लाभ से पूरी तरह वंचित हैं। सुविधाओं के इस भारी अभाव के कारण ग्रामीणों को बारिश के मौसम में भी बीमार लोगों को खाट पर लिटाकर अस्पताल ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।2
- जबलपुर के गोरा बाजार क्षेत्र में अवैध शराब की दुकान को हटाने के लिए चल रहे आंदोलन में भूख हड़ताल पर बैठे हेमंत मलिक की तबीयत खराब हो गई है। उनकी तबीयत बिगड़ते ही क्षेत्रीय नागरिकों ने तत्काल उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया, जबकि नकुल गुप्ता अभी भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं।1
- जबलपुर के भेड़ाघाट अंतर्गत राजा बरखेड़ा में शराब के नशे में एक दोस्त ही अपने दोस्त का कातिल बन गया। नशे की हालत में आरोपी ने अपने दोस्त पर डंडे से हमला कर उसकी जान ले ली।1