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तपती राह, पैरों में छाले… फिर भी नहीं रुका बोलबम का सफर... #deoghar #katoriya #babadhamvlog #babamandirdeoghar #jharkhandnews #katoriyapath #suiya #suiya_pahar_latest_video
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तपती राह, पैरों में छाले… फिर भी नहीं रुका बोलबम का सफर... #deoghar #katoriya #babadhamvlog #babamandirdeoghar #jharkhandnews #katoriyapath #suiya #suiya_pahar_latest_video
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- JPSC-JSSC प्रोटेस्ट पर मंत्री दीपिका पांडेय का बड़ा बयान रांची: JPSC-JSSC छात्रों के आंदोलन को लेकर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सरकार का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करती है और उनकी जायज मांगों को लेकर गंभीर है। मंत्री ने कहा, “हम छात्रों के साथ हैं, प्रदर्शनकारियों पर लाठियां नहीं चलनी चाहिए।” उन्होंने आंदोलन के दौरान संयम बरतने और छात्रों की बात सुनने पर जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच बातचीत के जरिए जल्द समाधान निकलेगा। JPSC-JSSC प्रोटेस्ट पर मंत्री दीपिका पांडेय का बड़ा बयान रांची: JPSC-JSSC छात्रों के आंदोलन को लेकर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सरकार का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करती है और उनकी जायज मांगों को लेकर गंभीर है। मंत्री ने कहा, “हम छात्रों के साथ हैं, प्रदर्शनकारियों पर लाठियां नहीं चलनी चाहिए।” उन्होंने आंदोलन के दौरान संयम बरतने और छात्रों की बात सुनने पर जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच बातचीत के जरिए जल्द समाधान निकलेगा।1
- विधानसभा से बस कुछ ही दूरी पर अब देवेंद्र नाथ महतो पहुँच गए हैं। विधानसभा से बस कुछ ही दूरी पर अब देवेंद्र नाथ महतो पहुँच गए हैं।1
- तपती राह, पैरों में छाले… फिर भी नहीं रुका बोलबम का सफर... #deoghar #katoriya #babadhamvlog #babamandirdeoghar #jharkhandnews #katoriyapath #suiya #suiya_pahar_latest_video1
- रांची डीसी-एसएसपी की संयुक्त प्रेस वार्ता, 14 से अधिक पुलिसकर्मियों के घायल होने का दावा; बाहर से आए छात्रों की सुरक्षित वापसी में प्रशासन देगा सहयोग। रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के विधानसभा घेराव के बाद जिला प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखा। संयुक्त प्रेस वार्ता में डीसी मंजूनाथ भजंत्री और एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि अधिकांश छात्रों ने शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से प्रदर्शन किया, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। प्रशासन के अनुसार, स्थिति नियंत्रित करने के लिए केवल आवश्यक और न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया। प्रशासन ने बताया कि घटनाक्रम के दौरान 14 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे छोटे-छोटे वीडियो क्लिप को लेकर भी सावधानी बरतने की अपील की गई। अधिकारियों का कहना है कि अधूरी जानकारी के आधार पर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। डीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि दूसरे जिलों से आंदोलन में शामिल होने आए छात्रों को घर लौटने में यदि किसी प्रकार की परेशानी होती है तो जिला प्रशासन उनकी हरसंभव मदद करेगा। वहीं प्रस्तावित झारखंड बंद को लेकर चेतावनी दी गई कि शांतिपूर्ण विरोध सभी का अधिकार है, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने, शांति बनाए रखने और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील की है।1
- तबीयत नाजुक, लेकिन हौसला बुलंद! देवेंद्र नाथ महतो स्ट्रेचर पर पहुंचे विधानसभा मार्च, समर्थकों का भारी हुजूम, पुलिस से तीखी नोकझोंक रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के विधानसभा मार्च के दौरान उस वक्त माहौल बेहद गर्म हो गया, जब लगातार भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो गंभीर रूप से अस्वस्थ होने के बावजूद एम्बुलेंस और स्ट्रेचर के सहारे आंदोलन में शामिल होने पहुंचे। उनकी एक झलक पाने और समर्थन देने के लिए बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक मौके पर जुट गए। जैसे ही मार्च जगन्नाथपुर मंदिर के पास पुलिस बैरिकेडिंग तक पहुंचा, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद छात्र और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। पूरे इलाके में जोरदार नारेबाजी गूंजती रही और कुछ समय तक अफरा-तफरी जैसा माहौल बना रहा। छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे रहे, जबकि पुलिस सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में जुटी रही। कमजोर शारीरिक स्थिति के बावजूद देवेंद्र नाथ महतो स्ट्रेचर से ही आंदोलन का नेतृत्व करते दिखाई दिए। उनका यह दृश्य वहां मौजूद छात्रों और समर्थकों के लिए भावुक पल बन गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग दोहराते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा। विधानसभा मार्च के दौरान सुरक्षा के मद्देनज़र बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी रही।1