गैंगस्टर एक्ट के वांछित आरोपी पर कसी पुलिस की शिकंजा, न्यायालय के आदेश पर उद्घोषणा तामील संतकबीरनगर। जनपद में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के एक वांछित अभियुक्त के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए न्यायालय के आदेश पर उद्घोषणा की कार्रवाई संपन्न की है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चल रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद अमित कुमार के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश दुबे द्वारा यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार मु0अ0सं0 277/2025, धारा 2(b)(I), 3(1) यूपी गैंगस्टर एक्ट थाना दुधारा जनपद संतकबीरनगर से संबंधित वांछित अभियुक्त शराकत पुत्र रजमुन उर्फ लंबू, निवासी ग्राम परदेसवा थाना कोतवाली खलीलाबाद के विरुद्ध माननीय न्यायालय के आदेशानुसार धारा 84 बीएनएसएस के तहत उद्घोषणा तामील की गई। यह कार्रवाई ग्राम परदेसवा में विधिवत रूप से संपन्न कराई गई। पुलिस का कहना है कि अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जनपद पुलिस अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है और वांछित अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के प्रयास जारी रहेगा।
गैंगस्टर एक्ट के वांछित आरोपी पर कसी पुलिस की शिकंजा, न्यायालय के आदेश पर उद्घोषणा तामील संतकबीरनगर। जनपद में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के एक वांछित अभियुक्त के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए न्यायालय के आदेश पर उद्घोषणा की कार्रवाई संपन्न की है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चल रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद अमित कुमार के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश दुबे द्वारा यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार मु0अ0सं0 277/2025, धारा 2(b)(I), 3(1) यूपी गैंगस्टर एक्ट थाना दुधारा जनपद संतकबीरनगर से संबंधित वांछित अभियुक्त शराकत पुत्र रजमुन उर्फ लंबू, निवासी ग्राम परदेसवा थाना कोतवाली खलीलाबाद के विरुद्ध माननीय न्यायालय के आदेशानुसार धारा 84 बीएनएसएस के तहत उद्घोषणा तामील की गई। यह कार्रवाई ग्राम परदेसवा में विधिवत रूप से संपन्न कराई गई। पुलिस का कहना है कि अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जनपद पुलिस अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है और वांछित अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के प्रयास जारी रहेगा।
- अयोग्यता पर तैनाती का खेल! संतकबीरनगर में जिला मैटरनल हेल्थ कंसल्टेंट की नियुक्ति पर उठे गंभीर सवाल संतकबीरनगर। जनपद संतकबीरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में तैनात जिला मैटरनल हेल्थ कंसल्टेंट श्रीमती संगीता की नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शासन को भेजी गई एक शिकायत में नियुक्ति प्रक्रिया को अनियमित बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता चंद्रेश प्रताप सिंह ने प्रमुख सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ को प्रेषित पत्र में आरोप लगाया है कि श्रीमती संगीता अपने पद के लिए निर्धारित शैक्षिक अर्हता पूरी नहीं करती हैं, इसके बावजूद 02 सितंबर 2019 को जिला स्वास्थ्य समिति, संतकबीरनगर के अंतर्गत उनकी तैनाती कर दी गई। पत्र में उल्लेख है कि उनका मानव संपदा eHRMS कोड 1053839 है। बताया गया है कि उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार श्रीमती संगीता की शैक्षिक योग्यता परास्नातक (समाजशास्त्र) अंकित है, जबकि विज्ञप्ति के अनुसार जिला मैटरनल हेल्थ कंसल्टेंट पद के लिए एमपीएच/एमबीए/परास्नातक (सामाजिक विज्ञान) के साथ एक वर्षीय डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (मान्यता प्राप्त संस्थान से) तथा कम से कम 5 वर्ष का पब्लिक हेल्थ प्रोग्राम में अनुभव अनिवार्य रूप से अपेक्षित था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि निर्धारित अर्हता एवं अनुभव की शर्तों की अनदेखी कर की गई नियुक्ति न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है। मामले में सतर्कता जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। अब देखना यह है कि शासन इस गंभीर प्रकरण पर क्या रुख अपनाता है और क्या नियुक्ति प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या नहीं। जनपद में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।1
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- 🥋 Self Defence से जुड़ी 10 महत्वपूर्ण बातें 1. आत्मरक्षा का अर्थ – किसी भी खतरे या हमले की स्थिति में खुद को सुरक्षित रखना ही सेल्फ डिफेंस है। 2. सतर्कता सबसे बड़ा हथियार – आसपास के माहौल पर ध्यान रखना कई खतरों से पहले ही बचा सकता है। 3. आवाज़ उठाना जरूरी – खतरे में जोर से चिल्लाना या लोगों को बुलाना हमलावर को डरा सकता है। 4. शारीरिक फिटनेस जरूरी – ताकत, संतुलन और फुर्ती आत्मरक्षा में बहुत मदद करते हैं। 5. कमजोर हिस्सों पर वार – आंख, नाक, गला, घुटना जैसे हिस्से पर वार कर बचाव किया जा सकता है। 6. बचाव पहले, हमला बाद में – सेल्फ डिफेंस का उद्देश्य भागकर सुरक्षित होना है, लड़ाई करना नहीं। 7. ट्रेनिंग का महत्व – नियमित अभ्यास से आत्मविश्वास और प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ती है। 8. मानसिक मजबूती – घबराहट पर काबू रखना और तुरंत निर्णय लेना जरूरी है। 9. महिलाओं और बच्चों के लिए जरूरी – आज के समय में सभी को बेसिक सेल्फ डिफेंस आना चाहिए। 10. कराटे व अन्य मार्शल आर्ट्स सहायक – कराटे, ताइक्वांडो, जूडो जैसी विधाएं आत्मरक्षा में प्रभावी हैं।1
- उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों व जबरन स्मार्ट मीटर के विरोध में संघर्ष समिति का ऐलान मार्च-अप्रैल में प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी, चेयरमैन को सौंपा जाएगा ज्ञापन संतकबीरनगर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केंद्रीय पदाधिकारियों की लखनऊ में आयोजित बैठक में बिजली कर्मियों पर की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों एवं उनके आवासों पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में कड़ा रुख अपनाने का निर्णय लिया गया। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही दमनात्मक कार्यवाहियां वापस नहीं ली गईं और जबरन स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया बंद नहीं की गई, तो मार्च और अप्रैल माह में प्रदेशभर में व्यापक एवं चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि मार्च माह में सभी क्षेत्रीय एवं परियोजना मुख्यालयों पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद अप्रैल में राजधानी लखनऊ स्थित शक्ति भवन पर विशाल प्रदर्शन कर आगे की रणनीति की घोषणा की जाएगी। संघर्ष समिति के पदाधिकारी ई. राजेश कुमार ने बताया कि यदि मीटर न लगवाने वाले कर्मचारियों की बिजली काटने अथवा अवैध रूप से विद्युत आपूर्ति बाधित करने की कार्रवाई जारी रही, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। समिति के अनुसार 20 फरवरी को लखनऊ के प्राग नारायण मार्ग स्थित हाइडिल कॉलोनी की विद्युत आपूर्ति जबरन स्मार्ट मीटर लगाने के उद्देश्य से अवैधानिक ढंग से काट दी गई थी, जिससे कर्मचारियों के परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पदाधिकारी ई. चंद्र भूषण ने बताया कि मार्च 2023 के आंदोलन के बाद ऊर्जा मंत्री द्वारा पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन को सभी उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयां वापस लेने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक उनका प्रभावी अनुपालन नहीं हुआ है। समिति का आरोप है कि निजीकरण के विरोध में पिछले 15 महीनों से चल रहे आंदोलन के दौरान संविदा कर्मियों को सेवा से हटाया गया, बड़े पैमाने पर तबादले किए गए तथा फेसियल अटेंडेंस के नाम पर वेतन रोके जाने जैसी कार्रवाइयां की जा रही हैं। संघर्ष समिति के आह्वान पर निजीकरण विरोधी आंदोलन के 456 दिन पूर्ण होने पर प्रदेश के सभी जनपदों व परियोजनाओं में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया गया। संतकबीरनगर में आयोजित प्रदर्शन में ई. राजेश कुमार, ई. अमित सिंह, ई. सुनील यादव, ई. चंद्र भूषण, सहायक लेखाकार संतोष गुप्ता, प्रिंस गुप्ता, कार्यकारी सहायक दिलीप सिंह, अमरनाथ यादव, दुर्गा प्रसाद, सुनील प्रजापति, मनोज यादव, अशोक कुमार, धीरेन्द्र यादव, संजय यादव, सूरज प्रजापति, आर्यन कुमार, वीरेंद्र मौर्य सहित अन्य बिजली कर्मी उपस्थित रहे।1
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- gorakhpur भारतीय मजदूर संघ के लोग गोरखपुर के जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचे अपनी मांगों को लेकर #संख्या में6