जनपद कासगंज के थाना सिढ़पुरा क्षेत्र में पुलिस ने वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस कप्तान ओ पी सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार गंगाप्रसाद के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी पटियाली अमित कुमार के निर्देश पर, स्थानीय पुलिस ने थानाध्यक्ष रंजीत कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर 13 वर्ष से फरार चल रहे डकैती के एक वांछित अभियुक्त ऋषिपाल उर्फ रिषिया को गिरफ्तार किया गया है। उसे न्यायालय स्पेशल एटा में डकैती से संबंधित मुकदमे में पेश किया जा रहा है। गिरफ्तार किया गया अभियुक्त ऋषिपाल उर्फ रिषिया पुत्र पतीराम उर्फ सूबेदार है, जो थाना सिढ़पुरा के शेरगढ़ का निवासी है और 2013 से फरार चल रहा था। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष रंजीत कुमार के साथ उपनिरीक्षक महावीर सिंह, कांस्टेबल शशांक दुबे और कांस्टेबल नीरज शामिल थे।
जनपद कासगंज के थाना सिढ़पुरा क्षेत्र में पुलिस ने वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस कप्तान ओ पी सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार गंगाप्रसाद के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी पटियाली अमित कुमार के निर्देश पर, स्थानीय पुलिस ने थानाध्यक्ष रंजीत कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर 13 वर्ष से फरार चल रहे डकैती के एक वांछित
अभियुक्त ऋषिपाल उर्फ रिषिया को गिरफ्तार किया गया है। उसे न्यायालय स्पेशल एटा में डकैती से संबंधित मुकदमे में पेश किया जा रहा है। गिरफ्तार किया गया अभियुक्त ऋषिपाल उर्फ रिषिया पुत्र पतीराम उर्फ सूबेदार है, जो थाना सिढ़पुरा के शेरगढ़ का निवासी है और 2013 से फरार चल रहा था। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष रंजीत कुमार के साथ उपनिरीक्षक महावीर सिंह, कांस्टेबल शशांक दुबे और कांस्टेबल नीरज शामिल थे।
- जनपद कासगंज के थाना सिढ़पुरा क्षेत्र में पुलिस ने वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस कप्तान ओ पी सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार गंगाप्रसाद के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी पटियाली अमित कुमार के निर्देश पर, स्थानीय पुलिस ने थानाध्यक्ष रंजीत कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर 13 वर्ष से फरार चल रहे डकैती के एक वांछित अभियुक्त ऋषिपाल उर्फ रिषिया को गिरफ्तार किया गया है। उसे न्यायालय स्पेशल एटा में डकैती से संबंधित मुकदमे में पेश किया जा रहा है। गिरफ्तार किया गया अभियुक्त ऋषिपाल उर्फ रिषिया पुत्र पतीराम उर्फ सूबेदार है, जो थाना सिढ़पुरा के शेरगढ़ का निवासी है और 2013 से फरार चल रहा था। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष रंजीत कुमार के साथ उपनिरीक्षक महावीर सिंह, कांस्टेबल शशांक दुबे और कांस्टेबल नीरज शामिल थे।2
- पुलिस अधीक्षक कासगंज ओ.पी. सिंह के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के पर्यवेक्षण में जनपदभर में एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत, पुलिस ने 27/28 जून 2026 की रात बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 19 वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इन सभी गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे, लेकिन वे लगातार अदालत में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा रहे थे। अभियान के दौरान, विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने इन वारंटियों को नियमानुसार गिरफ्तार किया और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया। थानावार गिरफ्तारियों का विवरण इस प्रकार है: कोतवाली कासगंज से 2 वारंटी, ढोलना से 2 वारंटी, सहावर से 1 वारंटी, अमांपुर से 2 वारंटी, सुन्नगढ़ी से 1 वारंटी, पटियाली से 4 वारंटी, गंजडुण्डवारा से 3 वारंटी, सिढ़पुरा से 2 वारंटी और सिकन्दरपुर वैश्य से 2 वारंटी शामिल हैं। कासगंज पुलिस ने यह भी बताया कि न्यायालय से जारी वारंटों की तामील करने और वांछित व वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।4
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज हाथरस जिले के सादाबाद में 148 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कुल 143 परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा।1
- बदायूं-बिजनौर स्टेट हाईवे पर स्थित गांव चाचीपुर के निकट सड़क किनारे एक खाई में एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव निवासी जितेंद्र चंदेल के रूप में हुई है, जो पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड के तहत जल जीवन मिशन परियोजना में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। वे पिछले लगभग एक साल से बदायूं में तैनात थे। मौके पर उनकी बाइक भी मिली है, जिसमें उनका शव फंसा हुआ था। जितेंद्र चंदेल इस्लामनगर थाना क्षेत्र के चरसौरा गांव में जल जीवन मिशन के कार्य की गुणवत्ता जांचने गए थे, जिसके बाद से वे लापता थे। उनके शव के चेहरे पर रगड़ने के निशान साफ दिख रहे हैं। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1
- बदायूं जिले में पूर्व विधानसभा प्रत्याशी और भाजपा नेत्री ने बिल्सी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों का तूफानी दौरा कर सघन जनसंपर्क किया। इस दौरे के दौरान, उन्होंने ग्रामीणों से सीधे मुलाकात की, उनकी समस्याओं को सुना और पार्टी संगठन को और अधिक मजबूत बनाने पर बल दिया। जनसंपर्क अभियान के तहत, जब भाजपा नेत्री ग्राम सराय स्वाले पहुँचीं, तो ग्रामीणों ने उनका फूल-मालाओं से भव्य स्वागत और हार्दिक सम्मान किया। इस आत्मीय स्वागत से अभिभूत होकर भाजपा नेत्री ने ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सराय स्वाले के निवासियों द्वारा दिया गया यह सम्मान और स्नेह उन्हें जनसेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि क्षेत्र की जनता का प्रेम ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है और वे गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं के समाधान तथा विकास के मुद्दों को प्राथमिकता देती रहेंगी। इस दौरे के समय बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- अलीगढ़ के गंगीरी क्षेत्र में गर्भपात के बाद एक महिला की कथित झोलाछाप डॉक्टर से इलाज के दौरान मौत होने से हड़कंप मच गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मिरगौला निवासी 40 वर्षीय कुसुमा देवी पत्नी ओमप्रकाश का गर्भपात के बाद एक झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराया गया, जिसके बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान महिला की मृत्यु हो गई। जानकारी के अनुसार, करीब दो माह पहले कुसुमा देवी का गर्भपात हुआ था। परिजनों का आरोप है कि गर्भपात के बाद महिला का इलाज कथित झोलाछाप डॉक्टर से कराया गया और 25 जून को गर्भाशय की सफाई (डी एंड सी) भी की गई, जिसके बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई। पहले उन्हें छर्रा ले जाया गया, जहाँ से गंभीर हालत देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान चिकित्सकों ने महिला की आँत फटी होने की बात बताई। इलाज के दौरान शनिवार देर शाम कुसुमा देवी की मृत्यु हो गई। मृतका अपने पीछे तीन बेटियाँ और एक बेटा छोड़ गई हैं, जिससे परिवार में गहरा सदमा है। महिला की मौत के बाद, परिजन शव लेकर गंगीरी थाने पहुँचे और कथित झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए तहरीर दी। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जाँच शुरू कर दी है। इस घटना की सूचना फैलते ही क्षेत्र में संचालित कई कथित झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक और मेडिकल स्टोर बंद हो गए, जिससे पूरे इलाके में दिनभर चर्चाओं का माहौल बना रहा और झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।1
- कासगंज पुलिस ने वारंटियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस विशेष कार्रवाई के तहत, पुलिस ने कुल 19 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।1
- कासगंज जिले में ढोलना रोड पर दो बाइकों के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस सड़क हादसे में तीन व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।1