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मजबूरी बनी वजह: दाम न मिलने पर किसान ने खेत में जुतवाई आलू की फसल फर्रुखाबाद। मेहनत, लागत और उम्मीदों से उगी फसल जब मंडी में बेकार साबित हो जाए, तो किसान के पास मजबूरी के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। जिले में आलू की बंपर पैदावार के बीच दामों में भारी गिरावट और रोगग्रस्त फसल ने किसानों की कमर तोड़ दी है। इसी मजबूरी का दर्द कमालगंज ब्लॉक क्षेत्र के गांव तेरी निवासी किसान दरवाजे सिंह के फैसले में साफ झलकता है। दरवाजे सिंह ने बताया कि आलू की खुदाई के बाद उन्होंने कई व्यापारियों को फसल के नमूने दिखाए, लेकिन चेचक और झुलसा रोग के कारण किसी भी व्यापारी ने आलू खरीदने में रुचि नहीं दिखाई। लागत निकलती न देख मजबूर होकर उन्होंने अपनी 5 बीघा आलू की फसल को खेत में ही रोटावेटर से जुतवा दिया। किसान का कहना है कि बीज, खाद, दवा, सिंचाई और मजदूरी पर भारी खर्च करने के बाद भी फसल का एक भी खरीदार न मिलना बेहद पीड़ादायक है। फिलहाल उनकी करीब 8 बीघा आलू की फसल अभी भी खेत में खड़ी है, जिसे लेकर चिंता बनी हुई है। नुकसान से उबरने के लिए उन्होंने उक्त खेत में अब मक्का की फसल बोने का निर्णय लिया है और बीज भी खरीद लिया है। उधर, सातनपुर मंडी में सोमवार को आलू के भाव भी किसानों की परेशानी को ही दर्शा रहे हैं। चेकप वाला आलू 251 से 301 रुपये प्रति क्विंटल, गड्डू वाला आलू 301 से 451 रुपये प्रति क्विंटल और छटा आलू 451 से 511 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका, जो उत्पादन लागत से भी कम बताए जा रहे हैं। एशिया की सबसे बड़ी आलू मंडी फर्रुखाबाद में होने के बावजूद किसानों को उचित मूल्य न मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से आलू के समर्थन मूल्य तय करने, रोगग्रस्त फसल के लिए मुआवजा देने और मंडी व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

12 hrs ago
user_पत्रकार गोपाल सक्सेना
पत्रकार गोपाल सक्सेना
अमृतपुर, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
12 hrs ago

मजबूरी बनी वजह: दाम न मिलने पर किसान ने खेत में जुतवाई आलू की फसल फर्रुखाबाद। मेहनत, लागत और उम्मीदों से उगी फसल जब मंडी में बेकार साबित हो जाए, तो किसान के पास मजबूरी के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। जिले में आलू की बंपर पैदावार के बीच दामों में भारी गिरावट और रोगग्रस्त फसल ने किसानों की कमर तोड़ दी है। इसी मजबूरी का दर्द कमालगंज ब्लॉक क्षेत्र के गांव तेरी निवासी किसान दरवाजे सिंह के फैसले में साफ झलकता है। दरवाजे सिंह ने बताया कि आलू की खुदाई के बाद उन्होंने कई व्यापारियों को फसल के नमूने दिखाए, लेकिन चेचक और झुलसा रोग के कारण किसी भी व्यापारी ने आलू खरीदने में रुचि नहीं दिखाई। लागत निकलती न देख मजबूर होकर उन्होंने अपनी 5 बीघा आलू की फसल को खेत में ही रोटावेटर से जुतवा दिया। किसान का कहना है कि बीज, खाद, दवा, सिंचाई और मजदूरी पर भारी खर्च करने के बाद भी फसल का

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एक भी खरीदार न मिलना बेहद पीड़ादायक है। फिलहाल उनकी करीब 8 बीघा आलू की फसल अभी भी खेत में खड़ी है, जिसे लेकर चिंता बनी हुई है। नुकसान से उबरने के लिए उन्होंने उक्त खेत में अब मक्का की फसल बोने का निर्णय लिया है और बीज भी खरीद लिया है। उधर, सातनपुर मंडी में सोमवार को आलू के भाव भी किसानों की परेशानी को ही दर्शा रहे हैं। चेकप वाला आलू 251 से 301 रुपये प्रति क्विंटल, गड्डू वाला आलू 301 से 451 रुपये प्रति क्विंटल और छटा आलू 451 से 511 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका, जो उत्पादन लागत से भी कम बताए जा रहे हैं। एशिया की सबसे बड़ी आलू मंडी फर्रुखाबाद में होने के बावजूद किसानों को उचित मूल्य न मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से आलू के समर्थन मूल्य तय करने, रोगग्रस्त फसल के लिए मुआवजा देने और मंडी व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

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  • रोड न बनने से ganne भरा ट्रक ऐसे पेलता है राहगीर बाल बाल बच्चे रोड की हालत बहुत खराब है
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    रोड न बनने से ganne भरा ट्रक ऐसे पेलता है राहगीर बाल बाल बच्चे रोड की हालत बहुत खराब है
    user_Manoj kumar
    Manoj kumar
    अमृतपुर, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • कढ़हर से अमृतपुर तक निकलेगी विशाल जन चेतना पदयात्रा, तटबंध निर्माण की मांग को लेकर सौंपा जाएगा ज्ञापन अमृतपुर (फर्रुखाबाद) तटबंध बनाओ जन संघर्ष समिति के आह्वान पर कढ़हर से अमृतपुर तक तटबंध निर्माण के समर्थन में एक विशाल जन चेतना पदयात्रा निकाली जाएगी। यह पदयात्रा 11 फरवरी, बुधवार को सुबह 11 बजे कढ़हर से प्रारंभ होगी और विभिन्न गांवों से होते हुए अमृतपुर पहुंचेगी। यात्रा के समापन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन अमृतपुर के उप जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। तटबंध बनाओ जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने बताया कि पदयात्रा कढ़हर से शुरू होकर सरी सवासी, खुटिया, बाराखेड़ा अंतर, अर्जुनपुर, ज्ञानपुर, सलेमपुर होते हुए भरका पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा। इसके बाद 12 फरवरी की सुबह यात्रा भरका से पुनः प्रारंभ होकर तारापुर, चाचूपुर, जमापुर, गोटिया, इमादपुर, रामपुर, जोगराजपुर होते हुए अलीगढ़ तिराहे पर पहुंचेगी और वहां से अमृतपुर के लिए प्रस्थान करेगी। भईयन मिश्रा ने दावा किया कि जिस तरह से यात्रा की तैयारियां चल रही हैं और क्षेत्रीय जनता का उत्साह देखने को मिल रहा है, उससे यह पदयात्रा ऐतिहासिक साबित होगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष कोमल पांडे लगातार क्षेत्र में संपर्क कर रहे हैं और जिलेभर में संगठन की बैठकें कर कार्यकर्ताओं को यात्रा में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। हाईकोर्ट के अधिवक्ता राजीव प्रताप सिंह भी गांव-गांव जाकर लोगों को यात्रा के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके साथ नितेश मिश्रा, अनूप प्रधान, अनमोल अग्निहोत्री, दारापुर, बहादुरपुर और बदनपुर के प्रधान भी लगातार जनसंपर्क में जुटे हैं। वहीं विपिन तिवारी, अनूप मिश्रा और संजीव अग्निहोत्री की टीम क्षेत्र में घूम-घूमकर लोगों को यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रही है। यात्रा के स्वागत और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी प्रशांत पाठक (निवासी बमियारी) अपनी टीम के साथ संभाल रहे हैं। वीरपुर हरिहरपुर निवासी सोनू सिंह भी अपनी टीम के साथ दिन-रात तैयारियों में जुटे हैं। इसके अलावा पंकज राठौर, राजीव वर्मा, धर्मवीर राजपूत, शान खान, आदिल खान, अतीक खान और नरसिंह राजपूत के कार्यकर्ता भी यात्रा को सफल बनाने में लगे हुए हैं। हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री राजेश मिश्रा और प्रदेश अध्यक्ष अंकित तिवारी ने पदयात्रा को पूर्ण समर्थन देते हुए कार्यकर्ताओं के साथ जनसंपर्क तेज कर दिया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष धीरज पांडे, प्रदेश उपाध्यक्ष श्याम सुंदर लाला और जिला अध्यक्ष सावन मिश्रा भी अपनी टीम के साथ इस जन आंदोलन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
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    कढ़हर से अमृतपुर तक निकलेगी विशाल जन चेतना पदयात्रा, तटबंध निर्माण की मांग को लेकर सौंपा जाएगा ज्ञापन
अमृतपुर (फर्रुखाबाद)
तटबंध बनाओ जन संघर्ष समिति के आह्वान पर कढ़हर से अमृतपुर तक तटबंध निर्माण के समर्थन में एक विशाल जन चेतना पदयात्रा निकाली जाएगी। यह पदयात्रा 11 फरवरी, बुधवार को सुबह 11 बजे कढ़हर से प्रारंभ होगी और विभिन्न गांवों से होते हुए अमृतपुर पहुंचेगी। यात्रा के समापन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन अमृतपुर के उप जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा।
तटबंध बनाओ जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने बताया कि पदयात्रा कढ़हर से शुरू होकर सरी सवासी, खुटिया, बाराखेड़ा अंतर, अर्जुनपुर, ज्ञानपुर, सलेमपुर होते हुए भरका पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा। इसके बाद 12 फरवरी की सुबह यात्रा भरका से पुनः प्रारंभ होकर तारापुर, चाचूपुर, जमापुर, गोटिया, इमादपुर, रामपुर, जोगराजपुर होते हुए अलीगढ़ तिराहे पर पहुंचेगी और वहां से अमृतपुर के लिए प्रस्थान करेगी।
भईयन मिश्रा ने दावा किया कि जिस तरह से यात्रा की तैयारियां चल रही हैं और क्षेत्रीय जनता का उत्साह देखने को मिल रहा है, उससे यह पदयात्रा ऐतिहासिक साबित होगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष कोमल पांडे लगातार क्षेत्र में संपर्क कर रहे हैं और जिलेभर में संगठन की बैठकें कर कार्यकर्ताओं को यात्रा में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं।
हाईकोर्ट के अधिवक्ता राजीव प्रताप सिंह भी गांव-गांव जाकर लोगों को यात्रा के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके साथ नितेश मिश्रा, अनूप प्रधान, अनमोल अग्निहोत्री, दारापुर, बहादुरपुर और बदनपुर के प्रधान भी लगातार जनसंपर्क में जुटे हैं। वहीं विपिन तिवारी, अनूप मिश्रा और संजीव अग्निहोत्री की टीम क्षेत्र में घूम-घूमकर लोगों को यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रही है।
यात्रा के स्वागत और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी प्रशांत पाठक (निवासी बमियारी) अपनी टीम के साथ संभाल रहे हैं। वीरपुर हरिहरपुर निवासी सोनू सिंह भी अपनी टीम के साथ दिन-रात तैयारियों में जुटे हैं। इसके अलावा पंकज राठौर, राजीव वर्मा, धर्मवीर राजपूत, शान खान, आदिल खान, अतीक खान और नरसिंह राजपूत के कार्यकर्ता भी यात्रा को सफल बनाने में लगे हुए हैं।
हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री राजेश मिश्रा और प्रदेश अध्यक्ष अंकित तिवारी ने पदयात्रा को पूर्ण समर्थन देते हुए कार्यकर्ताओं के साथ जनसंपर्क तेज कर दिया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष धीरज पांडे, प्रदेश उपाध्यक्ष श्याम सुंदर लाला और जिला अध्यक्ष सावन मिश्रा भी अपनी टीम के साथ इस जन आंदोलन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
    user_रामू राजपूत पत्रकार
    रामू राजपूत पत्रकार
    Court reporter अमृतपुर, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • फर्रुखाबाद अमृतपुर व्यूरो रिपोर्ट फर्रुखाबाद के अमृतपुर थाना क्षेत्र स्थित मंझा गांव के पास जमीन से डीजल निकालने की अफवाह फैल गई ।
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    फर्रुखाबाद अमृतपुर व्यूरो रिपोर्ट फर्रुखाबाद के अमृतपुर थाना क्षेत्र स्थित मंझा गांव के पास जमीन से डीजल निकालने की अफवाह फैल गई ।
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Amritpur, Farrukhabad•
    12 hrs ago
  • फर्रुखाबाद। मेहनत, लागत और उम्मीदों से उगी फसल जब मंडी में बेकार साबित हो जाए, तो किसान के पास मजबूरी के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। जिले में आलू की बंपर पैदावार के बीच दामों में भारी गिरावट और रोगग्रस्त फसल ने किसानों की कमर तोड़ दी है। इसी मजबूरी का दर्द कमालगंज ब्लॉक क्षेत्र के गांव तेरी निवासी किसान दरवाजे सिंह के फैसले में साफ झलकता है। दरवाजे सिंह ने बताया कि आलू की खुदाई के बाद उन्होंने कई व्यापारियों को फसल के नमूने दिखाए, लेकिन चेचक और झुलसा रोग के कारण किसी भी व्यापारी ने आलू खरीदने में रुचि नहीं दिखाई। लागत निकलती न देख मजबूर होकर उन्होंने अपनी 5 बीघा आलू की फसल को खेत में ही रोटावेटर से जुतवा दिया। किसान का कहना है कि बीज, खाद, दवा, सिंचाई और मजदूरी पर भारी खर्च करने के बाद भी फसल का एक भी खरीदार न मिलना बेहद पीड़ादायक है। फिलहाल उनकी करीब 8 बीघा आलू की फसल अभी भी खेत में खड़ी है, जिसे लेकर चिंता बनी हुई है। नुकसान से उबरने के लिए उन्होंने उक्त खेत में अब मक्का की फसल बोने का निर्णय लिया है और बीज भी खरीद लिया है। उधर, सातनपुर मंडी में सोमवार को आलू के भाव भी किसानों की परेशानी को ही दर्शा रहे हैं। चेकप वाला आलू 251 से 301 रुपये प्रति क्विंटल, गड्डू वाला आलू 301 से 451 रुपये प्रति क्विंटल और छटा आलू 451 से 511 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका, जो उत्पादन लागत से भी कम बताए जा रहे हैं। एशिया की सबसे बड़ी आलू मंडी फर्रुखाबाद में होने के बावजूद किसानों को उचित मूल्य न मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से आलू के समर्थन मूल्य तय करने, रोगग्रस्त फसल के लिए मुआवजा देने और मंडी व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
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    फर्रुखाबाद। मेहनत, लागत और उम्मीदों से उगी फसल जब मंडी में बेकार साबित हो जाए, तो किसान के पास मजबूरी के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। जिले में आलू की बंपर पैदावार के बीच दामों में भारी गिरावट और रोगग्रस्त फसल ने किसानों की कमर तोड़ दी है। इसी मजबूरी का दर्द कमालगंज ब्लॉक क्षेत्र के गांव तेरी निवासी किसान दरवाजे सिंह के फैसले में साफ झलकता है।
दरवाजे सिंह ने बताया कि आलू की खुदाई के बाद उन्होंने कई व्यापारियों को फसल के नमूने दिखाए, लेकिन चेचक और झुलसा रोग के कारण किसी भी व्यापारी ने आलू खरीदने में रुचि नहीं दिखाई। लागत निकलती न देख मजबूर होकर उन्होंने अपनी 5 बीघा आलू की फसल को खेत में ही रोटावेटर से जुतवा दिया।
किसान का कहना है कि बीज, खाद, दवा, सिंचाई और मजदूरी पर भारी खर्च करने के बाद भी फसल का एक भी खरीदार न मिलना बेहद पीड़ादायक है। फिलहाल उनकी करीब 8 बीघा आलू की फसल अभी भी खेत में खड़ी है, जिसे लेकर चिंता बनी हुई है। नुकसान से उबरने के लिए उन्होंने उक्त खेत में अब मक्का की फसल बोने का निर्णय लिया है और बीज भी खरीद लिया है।
उधर, सातनपुर मंडी में सोमवार को आलू के भाव भी किसानों की परेशानी को ही दर्शा रहे हैं। चेकप वाला आलू 251 से 301 रुपये प्रति क्विंटल, गड्डू वाला आलू 301 से 451 रुपये प्रति क्विंटल और छटा आलू 451 से 511 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका, जो उत्पादन लागत से भी कम बताए जा रहे हैं।
एशिया की सबसे बड़ी आलू मंडी फर्रुखाबाद में होने के बावजूद किसानों को उचित मूल्य न मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से आलू के समर्थन मूल्य तय करने, रोगग्रस्त फसल के लिए मुआवजा देने और मंडी व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
    user_पत्रकार गोपाल सक्सेना
    पत्रकार गोपाल सक्सेना
    अमृतपुर, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • बड़ी खबर
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    बड़ी खबर
    user_Rahul katheriya
    Rahul katheriya
    Samaj Sevak फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • शाहजहांपुर जनपद के थाना जलालाबाद में प्रार्थना पत्र देकर सुखेंद्र सिंह प्रिया ट्रैक्टर एजेंसी के कर्मचारियों पर अभद्र भाषा का प्रयोग एवं मारपीट करने का आरोप लगाया है पुलिस ने घायल सुखेंद्र सिंह व की मां को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी
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    शाहजहांपुर जनपद के थाना जलालाबाद में प्रार्थना पत्र देकर सुखेंद्र सिंह प्रिया ट्रैक्टर एजेंसी के कर्मचारियों पर अभद्र भाषा का प्रयोग एवं मारपीट करने का आरोप लगाया है पुलिस ने घायल सुखेंद्र सिंह व की मां को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी
    user_R. N. SHARMA
    R. N. SHARMA
    पत्रकार जलालाबाद, शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • फाइलेरिया दवा वितरण का कार्य ठप, आशा-आशा संगिनियों का सीएचसी जलालाबाद में धरना जलालाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलालाबाद में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब आशा व आशा संगिनियों ने फाइलेरिया की दवा उठाने से इंकार कर दिया। आशाओं का कहना है कि बीते काफी समय से उनका और बीटी का भुगतान लंबित है, जब तक बकाया भुगतान नहीं किया जाता तब तक वे कोई कार्य नहीं करेंगी। अपनी मांगों को लेकर सैकड़ों की संख्या में आशा व आशा संगिनी अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गईं। धरने का नेतृत्व कर रहीं आशा संगिनी रजनी गुप्ता ने कहा कि आशाओं से लगातार काम तो लिया जा रहा है, लेकिन भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। आशा व आशा संगिनियों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन बीसीपीएम विमलेश कुमार यादव को सौंपा और जल्द से जल्द भुगतान कराए जाने की मांग की। आशाओं ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक बीटी, आशा व आशा संगिनी का लंबित भुगतान नहीं होता, तब तक फाइलेरिया दवा वितरण सहित कोई भी कार्य नहीं किया जाएगा। इस मौके पर आशा व आशा संगिनी भारती, मंजू, पूनम, मनोरमा, सरला सहित सैकड़ों महिलाएं मौजूद रहीं। वहीं बीटी कर्मचारियों में राजेश, राधेश्याम यादव, रविन्द्र कुमार आदि भी धरने में शामिल रहे। धरने के चलते फाइलेरिया अभियान प्रभावित होता नजर आया। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक ठोस कदम उठाता है।
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    फाइलेरिया दवा वितरण का कार्य ठप, आशा-आशा संगिनियों का सीएचसी जलालाबाद में धरना
जलालाबाद।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलालाबाद में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब आशा व आशा संगिनियों ने फाइलेरिया की दवा उठाने से इंकार कर दिया। आशाओं का कहना है कि बीते काफी समय से उनका और बीटी का भुगतान लंबित है, जब तक बकाया भुगतान नहीं किया जाता तब तक वे कोई कार्य नहीं करेंगी।
अपनी मांगों को लेकर सैकड़ों की संख्या में आशा व आशा संगिनी अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गईं। धरने का नेतृत्व कर रहीं आशा संगिनी रजनी गुप्ता ने कहा कि आशाओं से लगातार काम तो लिया जा रहा है, लेकिन भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
आशा व आशा संगिनियों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन बीसीपीएम विमलेश कुमार यादव को सौंपा और जल्द से जल्द भुगतान कराए जाने की मांग की। आशाओं ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक बीटी, आशा व आशा संगिनी का लंबित भुगतान नहीं होता, तब तक फाइलेरिया दवा वितरण सहित कोई भी कार्य नहीं किया जाएगा।
इस मौके पर आशा व आशा संगिनी भारती, मंजू, पूनम, मनोरमा, सरला सहित सैकड़ों महिलाएं मौजूद रहीं। वहीं बीटी कर्मचारियों में राजेश, राधेश्याम यादव, रविन्द्र कुमार आदि भी धरने में शामिल रहे।
धरने के चलते फाइलेरिया अभियान प्रभावित होता नजर आया। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक ठोस कदम उठाता है।
    user_तेजपाल कठेरिया
    तेजपाल कठेरिया
    जलालाबाद, शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • कमलापति का रेलवे स्टेशन
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    कमलापति का रेलवे स्टेशन
    user_Rahul katheriya
    Rahul katheriya
    Samaj Sevak फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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