बरेली साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े जीएसटी और आईटीसी फ्रॉड का पर्दाफाश करते हुए करीब 118 करोड़ रुपये के फर्जी कारोबार का खुलासा किया है। सहायक आयुक्त राज्य कर की शिकायत पर दर्ज इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों, गाजियाबाद निवासी योगेंद्र शर्मा और मध्य प्रदेश निवासी टिम्पू अहिरवार को 21 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी अस्तित्वहीन फर्मों के जरिए फर्जी खरीद-बिक्री दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत फायदा उठा रहे थे और सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे थे। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, चेकबुक, डेबिट कार्ड, फर्जी आधार कार्ड, 107 महत्वपूर्ण दस्तावेज और करीब 117.18 करोड़ रुपये के लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड बरामद किए हैं। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह वर्ष 2017-18 से सक्रिय था। आरोपी सैकड़ों फर्जी फर्मों के माध्यम से फर्जी ई-वे बिल और जीएसटी रिटर्न दाखिल करके करोड़ों रुपये का आईटीसी क्लेम करते थे और फिर उस रकम को कई बैंक खातों तथा डिजिटल वॉलेट में घुमाकर नकदी में तब्दील कर लेते थे। एसएसपी बरेली के निर्देशन में गठित एसआईटी और साइबर क्राइम टीम की इस कार्रवाई में अब तक करीब एक दर्जन फर्जी फर्मों के माध्यम से 118 करोड़ रुपये के फर्जी टर्नओवर की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश लगातार जारी है और आगे की जांच के दौरान मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
बरेली साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े जीएसटी और आईटीसी फ्रॉड का पर्दाफाश करते हुए करीब 118 करोड़ रुपये के फर्जी कारोबार का खुलासा किया है। सहायक आयुक्त राज्य कर की शिकायत पर दर्ज इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों, गाजियाबाद निवासी योगेंद्र शर्मा और मध्य प्रदेश निवासी टिम्पू अहिरवार को 21 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी अस्तित्वहीन फर्मों के जरिए फर्जी खरीद-बिक्री दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत फायदा उठा रहे थे और सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे थे। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, चेकबुक, डेबिट कार्ड, फर्जी आधार कार्ड, 107 महत्वपूर्ण दस्तावेज और करीब 117.18 करोड़ रुपये के लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड बरामद किए हैं। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह वर्ष 2017-18 से सक्रिय था। आरोपी सैकड़ों फर्जी फर्मों के माध्यम से फर्जी ई-वे बिल और जीएसटी रिटर्न दाखिल करके करोड़ों रुपये का आईटीसी क्लेम करते थे और फिर उस रकम को कई बैंक खातों तथा डिजिटल वॉलेट में घुमाकर नकदी में तब्दील कर लेते थे। एसएसपी बरेली के निर्देशन में गठित एसआईटी और साइबर क्राइम टीम की इस कार्रवाई में अब तक करीब एक दर्जन फर्जी फर्मों के माध्यम से 118 करोड़ रुपये के फर्जी टर्नओवर की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश लगातार जारी है और आगे की जांच के दौरान मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
- बरेली के फतेहगंज पश्चिमी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं की शुरुआत हुई है। इस आयोजन का शुभारंभ भाजपा नेता जतिन चौहान ने किया।1
- बरेली साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े जीएसटी और आईटीसी फ्रॉड का पर्दाफाश करते हुए करीब 118 करोड़ रुपये के फर्जी कारोबार का खुलासा किया है। सहायक आयुक्त राज्य कर की शिकायत पर दर्ज इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों, गाजियाबाद निवासी योगेंद्र शर्मा और मध्य प्रदेश निवासी टिम्पू अहिरवार को 21 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी अस्तित्वहीन फर्मों के जरिए फर्जी खरीद-बिक्री दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत फायदा उठा रहे थे और सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे थे। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, चेकबुक, डेबिट कार्ड, फर्जी आधार कार्ड, 107 महत्वपूर्ण दस्तावेज और करीब 117.18 करोड़ रुपये के लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड बरामद किए हैं। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह वर्ष 2017-18 से सक्रिय था। आरोपी सैकड़ों फर्जी फर्मों के माध्यम से फर्जी ई-वे बिल और जीएसटी रिटर्न दाखिल करके करोड़ों रुपये का आईटीसी क्लेम करते थे और फिर उस रकम को कई बैंक खातों तथा डिजिटल वॉलेट में घुमाकर नकदी में तब्दील कर लेते थे। एसएसपी बरेली के निर्देशन में गठित एसआईटी और साइबर क्राइम टीम की इस कार्रवाई में अब तक करीब एक दर्जन फर्जी फर्मों के माध्यम से 118 करोड़ रुपये के फर्जी टर्नओवर की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश लगातार जारी है और आगे की जांच के दौरान मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।1
- आज बरेली में माननीय उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जी के आगमन पर उनका स्वागत किया गया। इसके साथ ही उन्होंने सभागार में एक बैठक भी की।1
- बरेली के बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना पर पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर आवश्यक कानूनी कदम उठा रही है। इस पूरी पुलिस कार्यवाही के संबंध में सीओ हाईवे बरेली श्री देवेश सिंह ने बाइट जारी कर मामले में की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी है।1
- बरेली के भमोरा में पुलिस ने पशु चिकित्सालय से दरवाजे, चौखट और खिड़कियां चुराने वाले एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर लिया है। भमोरा पुलिस ने इस चोरी के राज से पर्दा उठाते हुए चोरी का पूरा सामान भी बरामद कर लिया है।1
- कस्बा मीरगंज में एक ट्रक में अचानक आग लगने से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद समय रहते आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। फायर ब्रिगेड और शासन-प्रशासन की इस सतर्कता, तत्परता और त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की है।1