उत्तर प्रदेश के बरेली में दिल्ली हाईवे पर बस में हुई फायरिंग और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। मीरगंज पुलिस के अनुसार, जिसे शुरुआत में गैंगवार समझा जा रहा था, वह वास्तव में बस ऑपरेटरों की पुरानी रंजिश और कारोबारी प्रतिस्पर्धा का परिणाम था। आरोपियों ने अपने प्रतिद्वंद्वी पक्ष के खिलाफ झूठी या क्रॉस एफआईआर दर्ज कराने के इरादे से खुद अपनी ही बस पर गोलियां चलवाईं और तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया। इस साजिश का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने बिलाल और अरबाज नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि यह पूरी साजिश टीपू चौधरी के कहने पर रची गई थी, ताकि दूसरे बस संचालक को कानूनी मामलों में फंसाकर उसके कारोबार को प्रभावित किया जा सके। क्षेत्राधिकारी मीरगंज के अनुसार, पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
उत्तर प्रदेश के बरेली में दिल्ली हाईवे पर बस में हुई फायरिंग और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। मीरगंज पुलिस के अनुसार, जिसे शुरुआत में गैंगवार समझा जा रहा था, वह वास्तव में बस ऑपरेटरों की पुरानी रंजिश और कारोबारी प्रतिस्पर्धा का परिणाम था। आरोपियों ने अपने प्रतिद्वंद्वी पक्ष के खिलाफ झूठी या क्रॉस एफआईआर दर्ज कराने के इरादे से खुद अपनी ही बस पर गोलियां चलवाईं और तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया। इस साजिश का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने बिलाल और अरबाज नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि यह पूरी साजिश टीपू चौधरी के कहने पर रची गई थी, ताकि दूसरे बस संचालक को कानूनी मामलों में फंसाकर उसके कारोबार को प्रभावित किया जा सके। क्षेत्राधिकारी मीरगंज के अनुसार, पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
- बरेली के धौंराटांडा भोजीपुरा में कुंडे वाले तालाब और मार्ग पर पसरी गंदगी के खिलाफ उठाई गई आवाज का बड़ा असर देखने को मिला है। कल ही इस गंदगी की समस्या का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था, जिसके बाद स्थानीय नगर पंचायत प्रशासन तुरंत हरकत में आया। प्रशासन ने आज त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे क्षेत्र में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया और इस समस्या का पूरी तरह से समाधान कर दिया है। इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि उठाए गए मुद्दे और खबर का प्रशासन पर पूरा असर हुआ है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के भवनों पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के विरोध में सोमवार को समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद सपा नेताओं ने महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपकर इस कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान बहेड़ी विधायक अताउर्रहमान, सपा जिलाध्यक्ष सुभलेश यादव, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन, पूर्व सांसद वीरपाल सिंह, डॉक्टर अनीस बेग और प्रमोद यादव सहित अन्य नेताओं ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में बने 40 भवनों में से 38 भवनों को अवैध बताते हुए ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया गया है। नेताओं का कहना है कि इस विश्वविद्यालय में हजारों छात्र-छात्राएं अलग-अलग पाठ्यक्रमों में पढ़ाई कर रहे हैं, और यदि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई तो उनकी पढ़ाई बीच में ही बाधित हो जाएगी और उनका भविष्य पूरी तरह प्रभावित होगा। सपा नेताओं ने जोर देकर कहा कि शिक्षा पाना प्रत्येक छात्र का संवैधानिक अधिकार है, इसलिए किसी भी कार्रवाई से पहले विद्यार्थियों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि इस विश्वविद्यालय के निर्माण में सैकड़ों करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत लगी है, अतः सरकार को मानवीय और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए इस पूरे मामले पर पुनर्विचार करना चाहिए। सौंपे गए ज्ञापन के जरिए राज्यपाल से अनुरोध किया गया है कि वे प्रदेश सरकार को आवश्यक निर्देश जारी कर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाएं, ताकि छात्र-छात्राओं की शिक्षा और भविष्य सुरक्षित रह सके। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान आरिफ कुरैशी, गौरव सक्सेना, विधायक सहजिल इस्लाम, राजेश अग्रवाल, अगम मौर्य, मनोहर पटेल, इंद्रपाल सिंह, हसनैन खा, अवनेश कुमार, संजीव कुमार सक्सेना, भद्रसेन गंगवार, जोगेन्द्र सिंह, अशोक यादव, जितेंद्र और पीयूष वर्मा सहित कई अन्य वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता प्रमुख रूप से मौजूद रहे।1
- बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र के संजय नगर स्थित महर्षि कश्यप चौक पर सोमवार को बारिश के दौरान एक सीएनजी टैंकर मोड़ लेते समय अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। बारिश के कारण सड़क पर फिसलन होने से यह हादसा हुआ, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में टैंकर के चालक को मामूली चोटें आई हैं, जबकि अन्य किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया। संभावित गैस रिसाव के बड़े खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन आसपास के इलाके की बिजली आपूर्ति को अस्थायी रूप से बंद करा दिया। इसके साथ ही, करीब 200 मीटर के दायरे में बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया गया। फायर स्टेशन ऑफिसर (एफएसओ) संजीव यादव ने मामले की जानकारी दी है। वर्तमान में दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर मुस्तैद हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। टैंकर को सुरक्षित हटाने के लिए हाईड्रा मशीन और गैस कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों को बुलाया गया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी होने तक वे घटनास्थल से दूरी बनाए रखें।4
- उत्तर प्रदेश में जौहर यूनिवर्सिटी को तोड़ने के आदेश के खिलाफ सपा ने प्रदर्शन किया है। इस दौरान सपा ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उस पर शिक्षा विरोधी होने का आरोप लगाया है।1
- बरेली के दर्शकों के लिए मनोरंजन की दुनिया से एक बड़ा अपडेट सामने आया है। बहुप्रतीक्षित फैमिली एंटरटेनर फिल्म "दुल्हनिया ले आएगी" आगामी 24 जुलाई 2026 से बरेली के फीनिक्स यूनाइटेड मॉल स्थित PVR में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है। हंसी, रोमांस और भरपूर मनोरंजन से सजी इस फिल्म को लेकर स्थानीय सिनेमाप्रेमियों में खासा उत्साह है। 'बरेली की हलचल' ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे 24 जुलाई को भारी संख्या में सिनेमाघर पहुंचें और अपने परिवार व दोस्तों के साथ बड़े पर्दे पर इस फिल्म का आनंद लें। इस रिलीज के माध्यम से स्थानीय स्तर पर सिनेमा का एक शानदार माहौल बनाने और सामूहिक रूप से मनोरंजन का हिस्सा बनने का आग्रह किया गया है।1
- बरेली के देवरनिया थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के कथित अपहरण के मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पीड़ित पिता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को शिकायती पत्र देकर मामले की विवेचना बदलने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि मुकदमा अपराध संख्या 260/2026 दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है। शिकायत के अनुसार, पुलिस ने 27 जून को 16 वर्षीय किशोरी को बरामद तो कर लिया था, लेकिन उसके नाबालिग होने के बावजूद मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराएं नहीं जोड़ी गईं। पीड़ित पिता का आरोप है कि उनकी बेटी अपने साथ साढ़े तीन लाख रुपये नकद और सोने के आभूषण लेकर गई थी, जिसकी बरामदगी भी अभी तक नहीं की गई है। इसके साथ ही, उन्होंने मामले के विवेचक पर गवाहों के बयान दर्ज न करने और उल्टा पीड़ित परिवार पर ही समझौते का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसके अलावा, आरोपी ने कथित तौर पर इंस्टाग्राम पर नाबालिग की अश्लील तस्वीरें भी वायरल कर दी हैं। पीड़ित परिवार ने एसएसपी से इस पूरे मामले की विवेचना किसी अन्य सक्षम अधिकारी को सौंपकर निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है। यह सभी आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा दिए गए शिकायती पत्र पर आधारित हैं और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से दिखाया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के भवनों पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के विरोध में सोमवार को समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद सपाइयों ने महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपकर इस कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। सपा नेताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में बने 40 भवनों में से 38 भवनों को अवैध घोषित कर ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया गया है। प्रदर्शन के दौरान बहेड़ी विधायक अताउर्रहमान, सपा जिलाध्यक्ष सुभलेश यादव, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन, पूर्व सांसद वीरपाल सिंह, डॉक्टर अनीस बेग और प्रमोद यादव समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने सरकार के इस कदम का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय में हजारों छात्र-छात्राएं विभिन्न पाठ्यक्रमों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यदि ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई होती है, तो उनकी पढ़ाई बीच में ही बाधित हो जाएगी और उनका भविष्य पूरी तरह प्रभावित होगा। नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि शिक्षा पाना प्रत्येक छात्र का संवैधानिक अधिकार है, इसलिए किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से पहले विद्यार्थियों के हितों और उनके भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सपा नेताओं ने व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की मांग करते हुए कहा कि इस विश्वविद्यालय के निर्माण में सैकड़ों करोड़ रुपये की भारी लागत आई है, इसलिए सरकार को इस मामले में पुनर्विचार करना चाहिए। ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से अनुरोध किया गया है कि वे प्रदेश सरकार को आवश्यक निर्देश देकर इस प्रस्तावित कार्रवाई पर तुरंत रोक लगवाएं। इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर विधायक सहजिल इस्लाम, आरिफ कुरैशी, गौरव सक्सेना, राजेश अग्रवाल, अगम मौर्य, मनोहर पटेल, इंद्रपाल सिंह, हसनैन खा, अवनेश कुमार, संजीव कुमार सक्सेना, भद्रसेन गंगवार, जोगेन्द्र सिंह, अशोक यादव, जितेंद्र और पीयूष वर्मा सहित कई अन्य कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे।2
- बरेली में कई बार ज्ञापन देने के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने से नाराज भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत के जिलाध्यक्ष दुर्गेश मौर्य ने आत्मदाह की चेतावनी दी। इस मामले की सूचना मिलते ही एलआईयू के अमित कुमार मौके पर पहुंचे और उन्हें समझा-बुझाकर आत्मदाह जैसा कदम उठाने से रोका। दुर्गेश मौर्य का आरोप है कि तहसील मीरगंज के ग्राम टिटौली में स्थित सरकारी तालाब पर लेखपाल नवरतन ने अवैध कब्जा कर रखा है, जिससे ग्रामीणों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि सरकार इस तालाब को अवैध कब्जे से तुरंत मुक्त कराए। इसके अलावा उनकी मांगों में किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना, खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाना, इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल व्यवस्था की समीक्षा कर उसे बंद करना और स्मार्ट मीटर व्यवस्था को समाप्त कर पुरानी व्यवस्था बहाल करना शामिल है। भाकियू नेता ने कहा कि तालाब सार्वजनिक उपयोग की संपत्ति है और इसका संरक्षण बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने जिले में खाद की किल्लत का मुद्दा उठाते हुए कहा कि समय पर उर्वरक न मिलने से किसानों की खेती बुरी तरह प्रभावित हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ही प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो किसान संगठन बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगा और आत्मदाह करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1
- उत्तर प्रदेश के रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को गिराने का नोटिस जारी होने के बाद हड़कंप मच गया है। यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर की गाज गिरने की इस तैयारी से नाराज सपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। इसी सिलसिले में बरेली में तमाम कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर एक ज्ञापन सौंपा है। इस संभावित बुलडोजर एक्शन से भड़के सपा नेता अब सीधे राज्यपाल के पास पहुंच गए हैं और यह पूरा विवाद राजभवन तक पहुंच चुका है। यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए सपा नेताओं ने जमकर हंगामा किया है और इस कार्रवाई को रोकने के लिए राज्यपाल से गुहार लगाई है।1