कस्बा फ्लावदा नगर के पुराना बस स्टैंड पर स्थित इमामबाड़ा ताजमियां में रविवार को कर्बला के शहीद इमाम हुसैन की याद में 'शबी ए जुलजनाह' निकाला गया। इस दौरान सोगवारों ने शबी ए जुलजनाह की ज़ियारत कर अपने इमाम को पुरसा दिया। यह जुलूस इमामबारगाह से शुरू होकर मुख्य मार्ग से होते हुए वापस इमामबारगाह पहुंचा। मजलिस के दौरान परवेज आलम, चांद रजा और ओन मोहम्मद ने मर्सियाख्वानी की। मौलाना सैयद अमर हैदर ने मजलिस को खिताब करते हुए आसरे आलमे इस्लाम को मित्तहिद होने और जवानों को अपना एजुकेशन सिस्टम बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कर्बला के मैदान की घटना का मार्मिक वर्णन करते हुए बताया कि जब इमाम हुसैन के असहाब-ओ-अंसार एक-एक कर शहीद हो गए और कोई मददगार नहीं बचा, तब इमाम ने मदद के लिए आवाज़ दी। यह सुनते ही अली असगर अपने झूले से गिर पड़े। इमाम हुसैन ने बीबीयों से अली असगर को मांगा और उन्हें मैदाने कर्बला में लेकर फौजे यजीद से मुखातिब होकर कहा कि अगर मैं खतावार हूँ, तो इस तीन दिन के भूखे-प्यासे बच्चे ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है, इसे चंद कतरे पानी दे दो। मगर फौजे यजीद से कोई जवाब नहीं मिला। इसी बीच उमरे साद ने हुरमला को आवाज़ देकर इमाम के बच्चे को तीर से क़त्ल करने का आदेश दिया। हुरमला का चलाया तीर अली असगर का गला चीरता हुआ निकल गया। इमाम हुसैन ने अली असगर के खून को अपने चेहरे पर मला और कहा कि 'बेटा, इसी हालत में नाना से मुलाक़ात करूंगा'। इसके बाद अंजुमन ए हैदरी मवाना और अंजुमन ए हुसैनी बातनौर ने मातम करके शहजादी फातिमा को उनके लाल का पुरसा दिया। रजी अब्बास और रहबर अब्बास ने नोहा पेश कर अपने इमाम को पुरसा पहुंचाया। इस दौरान अबुल हसन, डा. अली अब्बास, ओन मोहम्मद, नईम हुसैन, शमीम हसन, नसीम अख्तर सहित कई लोग मौजूद रहे।
कस्बा फ्लावदा नगर के पुराना बस स्टैंड पर स्थित इमामबाड़ा ताजमियां में रविवार को कर्बला के शहीद इमाम हुसैन की याद में 'शबी ए जुलजनाह' निकाला गया। इस दौरान सोगवारों ने शबी ए जुलजनाह की ज़ियारत कर अपने इमाम को पुरसा दिया। यह जुलूस इमामबारगाह से शुरू होकर मुख्य मार्ग से होते हुए वापस इमामबारगाह पहुंचा। मजलिस के दौरान परवेज आलम, चांद रजा और ओन मोहम्मद ने मर्सियाख्वानी की। मौलाना सैयद अमर हैदर ने मजलिस को खिताब करते हुए आसरे आलमे इस्लाम को मित्तहिद होने और जवानों को अपना एजुकेशन सिस्टम बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कर्बला के मैदान की घटना का मार्मिक वर्णन करते हुए बताया कि जब इमाम हुसैन के असहाब-ओ-अंसार एक-एक कर शहीद हो गए और कोई मददगार नहीं बचा, तब इमाम ने मदद के लिए आवाज़ दी। यह सुनते ही अली असगर अपने झूले से गिर पड़े। इमाम हुसैन ने बीबीयों से अली असगर को मांगा और उन्हें मैदाने कर्बला में लेकर फौजे यजीद से मुखातिब होकर कहा कि अगर मैं खतावार हूँ, तो इस तीन दिन के भूखे-प्यासे बच्चे ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है, इसे चंद कतरे पानी दे दो। मगर फौजे यजीद से कोई जवाब नहीं मिला। इसी बीच उमरे साद ने हुरमला को आवाज़ देकर इमाम के बच्चे को तीर से क़त्ल करने का आदेश दिया। हुरमला का चलाया तीर अली असगर का गला चीरता हुआ निकल गया। इमाम हुसैन ने अली असगर के खून को अपने चेहरे पर मला और कहा कि 'बेटा, इसी हालत में नाना से मुलाक़ात करूंगा'। इसके बाद अंजुमन ए हैदरी मवाना और अंजुमन ए हुसैनी बातनौर ने मातम करके शहजादी फातिमा को उनके लाल का पुरसा दिया। रजी अब्बास और रहबर अब्बास ने नोहा पेश कर अपने इमाम को पुरसा पहुंचाया। इस दौरान अबुल हसन, डा. अली अब्बास, ओन मोहम्मद, नईम हुसैन, शमीम हसन, नसीम अख्तर सहित कई लोग मौजूद रहे।
- भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर वकीलों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। इस घटना पर वकीलों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1
- बागपत जिले के खेकड़ा निवासी पंकज धामा की सहादरा रेलवे स्टेशन पर एक छोटी सी कहासुनी के बाद कुछ दबंगों ने हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात के बाद मृतक के परिजनों और बहुजन मुक्ति पार्टी ने हमलावरों को फाँसी देने तथा पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद प्रदान करने की मांग की है। बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजुद्दीन गादरे ने अपनी टीम के साथ मृतक पंकज धामा, पुत्र श्री राजेन्द्र सिंह धामा, के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। गादरे ने घटना की फुटेज देखने के बाद एक पुलिसकर्मी को भी दोषी ठहराया, आरोप है कि 8-10 दबंगों द्वारा हमले के दौरान पुलिसकर्मी ने कोई बीच-बचाव नहीं किया, जिससे पंकज को गंभीर चोटें आईं और उसने मौके पर ही होश खो दिए, जिसके फलस्वरूप उसकी मृत्यु हो गई। पंकज धामा की उम्र करीब 34 वर्ष थी और उनके पीछे साढ़े चार साल का एक बेटा तथा डेढ़ साल की एक बेटी है, जिनकी माँ का इस दुखद घड़ी में बुरा हाल है। इस दुखद घटना के बाद खेकड़ा और आसपास के गाँवों से बड़ी संख्या में लोग पंकज धामा के घर पहुँचे और शोक संतप्त परिजनों को ढाँढस बँधाया। राजुद्दीन गादरे ने घटना की गहनता से जाँच करने, दोषियों को तत्काल फाँसी की सज़ा देने और परिवार को करीब एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने शासन-प्रशासन से इस मामले में सख्ती से कदम उठाने का आह्वान किया। उनके साथ मोहम्मद असलम सैफी, मेरठ मंडल अध्यक्ष चौधरी गुल्लू बादशाह, चौ राजकुमार कृष्णपाल चौधरी फूल सिंह रविंद्र सिंह बाबा रणवीर सिंह कृपाल सिंह बंटी धामा गुल्लू बादशाह एडवोकेट शाइस्ता एंजेल निशांत धाम राजेश जयसवाल अनुज पासवान अतुल कुमार ओमवीर सिंह यादव सहित कई अन्य लोग भी मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने सरकार से इन मांगों को पूरा करने का आग्रह किया।4
- मेरठ के थिरोट गांव में एक भयावह घटना सामने आई है, जहां 15 मई, 2026 को एक लड़की परीक्षा देने गई थी और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म कर तेजाब डालकर उसकी हत्या कर दी गई। यह घटना उस समय हुई जब लड़की अपने पेपर देने के लिए निकली थी। इस जघन्य वारदात के बाद से ही न्याय की पुरज़ोर मांग उठ रही है, विशेष रूप से ललित गौतम के लिए न्याय की गुहार लगाई जा रही है। इस घटना को लेकर प्रदेश की बेटी पर हो रहे अत्याचार पर गहरा रोष व्यक्त किया गया है। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि क्या यही कानून का राज है और क्या अगर यह लड़की सवर्ण समाज की होती तो उसे और उसके परिवार को न्याय नहीं मिलता, क्योंकि तब यह उनके समाज का मामला होता। आरोप लगाया गया है कि जहां एक ओर प्रदेश की बेटी के ऊपर अत्याचार हो रहा है, वहीं माननीय योगी जी जातिवाद पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इसके चलते बार-बार न्याय की मांग दोहराई जा रही है।1
- मेरठ के थाना लाल कुर्ती अंतर्गत मैदा मोहल्ला निवासी भारतीय स्टेट बैंक के सेवानिवृत्त कर्मचारी स्वर्गीय सूरजभान सिंह बौद्ध की मृत्यु अथवा हत्या किए जाने की कथित सुनियोजित साजिश को लेकर विवाद गहरा गया है। मृतक की बहन धर्मबेरी ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। धर्मबेरी ने इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी मेरठ, थाना लाल कुर्ती और जनसुनवाई पोर्टल सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को शिकायत पत्र भेजा है। शिकायत में उन्होंने सूरजभान सिंह बौद्ध की बेदखल की गई पुत्री संघमित्रा, दामाद कपिल और नाती कन्हैया के साथ-साथ अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कराए जाने पर जोर दिया है।1
- मुजफ्फरनगर के खतौली क्षेत्र में स्कूली छात्राओं के सामने सोशल मीडिया के लिए रील बनाना एक युवक को भारी पड़ गया। वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेते हुए रॉबिन नामक युवक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, यह युवक सार्वजनिक स्थान पर छात्राओं के सामने वीडियो बना रहा था। वीडियो वायरल होने पर लोगों ने इस कृत्य पर आपत्ति जताई, जिसके बाद खतौली थाना पुलिस ने जाँच शुरू की। गिरफ्तारी के बाद युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता दिखाई दिया, मगर पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए उसे जेल भेज दिया। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा तथा सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। फिलहाल, पुलिस की इस कार्रवाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि वे सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए ऐसे कृत्यों से बचें, जिनसे दूसरों को असुविधा हो या उनकी सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े।1
- कोतवाली थाना क्षेत्र के हापुड़ रोड स्थित गुलमर्ग में हलीम बिरयानी खाने आई एक महिला का नोटों से भरा पर्स चोरी हो गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें चोर साफ नजर आ रहा है।2
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के पिलखुवा में शैलेश फार्म गेट के सामने रात करीब 11:45 बजे दो गाड़ियों के बीच भयंकर एक्सीडेंट हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ियां बहुत दूर तक कई पलटे खाते हुए एक एडवरटाइजिंग बोर्ड से जा टकराईं और ट्रांसफार्मर के ठीक करीब जाकर रुक गईं। इस घटना में एक बड़ी अनहोनी होने से बच गई। सूचना मिलते ही पिलखुवा पुलिस के थाना प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार चौहान की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने तुरंत क्रेन बुलाकर दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी को उठवाकर सीधा कराया।1