*हेडलाइन: सिस्टम की सुस्त चाल पर सवाल - क्या चंद रुपयों में उड़ रही हैं सिस्टम की धज्जियां? आम आदमी कहां जाए?* *भदोही।* आज देश का सिस्टम जिस गति से काम कर रहा है, उस पर हर आम आदमी के मन में एक ही सवाल है - क्या इस रफ्तार से किसी को न्याय मिल सकता है? हमारी टीम जब गांव-कस्बों में उतरी तो एक ही तस्वीर सामने आई। *1. न्याय के लिए भटकता आम आदमी:* IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज होती है, कुछ दिनों बाद "निस्तारित" का ठप्पा लग जाता है, लेकिन जमीन पर शिकायत जस की तस। फाइलें धूल खाती हैं, उम्मीदें टूटती हैं। लोग पूछ रहे हैं - "आम आदमी को सिस्टम की ढीली चाल कब सुधरेगी साहब?" *2. महंगाई और बेरोजगारी की दोहरी मार:* देश-प्रदेश में महंगाई चरम पर है, रोजगार के अवसर सिकुड़ रहे हैं। ऐसे में लोगों की सोच बदल रही है। हर कोई सिस्टम का हिस्सा बनकर सिर्फ रुपया कमाने की होड़ में लगा है। सेवा भाव कहीं पीछे छूट गया है। *3. सरकारी सुविधाओं की जमीनी हकीकत:* ये सबसे बड़ा सवाल है जो हर नागरिक पूछ रहा है। - *सरकारी अस्पताल में लंबी लाइन, प्राइवेट में तुरंत इलाज?* सरकारी अस्पताल में मरीज सुबह 4 बजे से लाइन में लगता है, डॉक्टर दोपहर तक नहीं मिलते, लेकिन वही डॉक्टर शाम को अपने प्राइवेट क्लिनिक में हजारों की फीस लेकर तुरंत देख लेते हैं। क्या सरकार को ये नहीं मालूम? - *सरकारी स्कूल बनाम प्राइवेट स्कूल:* सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले कई गुरुजी अपने खुद के बच्चों को प्राइवेट कान्वेंट में पढ़ाते हैं। सरकारी स्कूल में ताला और प्राइवेट में मेला, आखिर क्यों? - *चंद रुपयों में बिकता ईमान:* समाज की सच्चाई ये बन गई है कि "अगर आपके पास रुपया है तो आप रईस ईमानदार, और नहीं है तो सबसे बड़े बेईमान।" इज्जत अब नोटों से तोली जाती है, किरदार से नहीं। *सवाल सरकार से नहीं, सिस्टम से है:* ये खबर किसी एक विभाग या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। ये उस पूरी मानसिकता के खिलाफ है जहां चंद रुपयों के लिए पूरे सिस्टम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जनता अब जागरूक हो रही है। लोग कैमरा उठा रहे हैं, सवाल पूछ रहे हैं। क्योंकि उन्हें पता है - जब तक आवाज नहीं उठेगी, तब तक फर्जी निस्तारण और ढीली चाल चलती रहेगी *रिपोर्ट - रामेश्वर तिवारी, उजाला स्पीड न्यूज,ज्ञानपुर भदोही*
*हेडलाइन: सिस्टम की सुस्त चाल पर सवाल - क्या चंद रुपयों में उड़ रही हैं सिस्टम की धज्जियां? आम आदमी कहां जाए?* *भदोही।* आज देश का सिस्टम जिस गति से काम कर रहा है, उस पर हर आम आदमी के मन में एक ही सवाल है - क्या इस रफ्तार से किसी को न्याय मिल सकता है? हमारी टीम जब गांव-कस्बों में उतरी तो एक ही तस्वीर सामने आई। *1. न्याय के लिए भटकता आम आदमी:* IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज होती है, कुछ दिनों बाद "निस्तारित" का ठप्पा लग जाता है, लेकिन जमीन पर शिकायत जस की
तस। फाइलें धूल खाती हैं, उम्मीदें टूटती हैं। लोग पूछ रहे हैं - "आम आदमी को सिस्टम की ढीली चाल कब सुधरेगी साहब?" *2. महंगाई और बेरोजगारी की दोहरी मार:* देश-प्रदेश में महंगाई चरम पर है, रोजगार के अवसर सिकुड़ रहे हैं। ऐसे में लोगों की सोच बदल रही है। हर कोई सिस्टम का हिस्सा बनकर सिर्फ रुपया कमाने की होड़ में लगा है। सेवा भाव कहीं पीछे छूट गया है। *3. सरकारी सुविधाओं की जमीनी हकीकत:* ये सबसे बड़ा सवाल है जो हर नागरिक पूछ रहा है। - *सरकारी अस्पताल में लंबी लाइन, प्राइवेट में तुरंत इलाज?* सरकारी
अस्पताल में मरीज सुबह 4 बजे से लाइन में लगता है, डॉक्टर दोपहर तक नहीं मिलते, लेकिन वही डॉक्टर शाम को अपने प्राइवेट क्लिनिक में हजारों की फीस लेकर तुरंत देख लेते हैं। क्या सरकार को ये नहीं मालूम? - *सरकारी स्कूल बनाम प्राइवेट स्कूल:* सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले कई गुरुजी अपने खुद के बच्चों को प्राइवेट कान्वेंट में पढ़ाते हैं। सरकारी स्कूल में ताला और प्राइवेट में मेला, आखिर क्यों? - *चंद रुपयों में बिकता ईमान:* समाज की सच्चाई ये बन गई है कि "अगर आपके पास रुपया है तो आप रईस ईमानदार, और
नहीं है तो सबसे बड़े बेईमान।" इज्जत अब नोटों से तोली जाती है, किरदार से नहीं। *सवाल सरकार से नहीं, सिस्टम से है:* ये खबर किसी एक विभाग या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। ये उस पूरी मानसिकता के खिलाफ है जहां चंद रुपयों के लिए पूरे सिस्टम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जनता अब जागरूक हो रही है। लोग कैमरा उठा रहे हैं, सवाल पूछ रहे हैं। क्योंकि उन्हें पता है - जब तक आवाज नहीं उठेगी, तब तक फर्जी निस्तारण और ढीली चाल चलती रहेगी *रिपोर्ट - रामेश्वर तिवारी, उजाला स्पीड न्यूज,ज्ञानपुर भदोही*
- भदोही: कुएं में जहरीली गैस की चपेट में आए पिता-पुत्र, पुलिस-फायर टीम ने सुरक्षित निकाला यूपी के भदोही से खबर है, जहां गोपीगंज थाना क्षेत्र के घाटमपुर गांव में रविवार सुबह कुएं में जहरीली गैस की चपेट में आने से पिता-पुत्र की हालत बिगड़ गई। दोनों कुएं में ट्यूबेलब मोटर से पानी न उठाने की समस्या ठीक करने कुएँ में उतरे थे। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस, डायल-112 और फायर सर्विस की टीम ने ग्रामीणों की मदद से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते हुए हुए रेस्क्यू से बड़ा हादसा टल गया। गोपीगंज थाना क्षेत्र के घाटमपुर निवासी शिव कुमार विश्वकर्मा (52) पुत्र लदन विश्वकर्मा ट्यूबवेल पंप से पानी न उठाने की समस्या देखने के लिए कुएं में उतरे थे। कुआं काफी समय से ढका हुआ था, जिसके चलते उसके अंदर गैस जमा थी। गैस के प्रभाव से शिव कुमार की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर कुएं में गिर पड़े। पिता को इस हालत में देखकर उनके पुत्र कैलाश विश्वकर्मा (30) उन्हें बचाने कुएं में उतर गए। अंदर पहुंचने पर कैलाश भी गैस की चपेट में आकर अस्वस्थ महसूस करने लगे। उन्होंने किसी तरह आसपास मौजूद लोगों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कसीदहां चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक गणेशराम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद PRV-5528 और फायर सर्विस की टीम भी पहुंची। ग्रामीणों के सहयोग से संयुक्त टीम ने बचाव अभियान चलाकर दोनों को कुएं से बाहर निकाला। शिव कुमार के सिर में हल्की चोट लगी थी, इसलिए उन्हें एंबुलेंस से महाराजा चेत सिंह जिला चिकित्सालय, ज्ञानपुर भेजा गया। दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। बचाव अभियान में PRV-5528 के उपनिरीक्षक अर्जुन सिंह, हेड कांस्टेबल अशोक राम, होमगार्ड चालक जयनाथ यादव, कसीदहां चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक गणेशराम, उपनिरीक्षक संत देव सिंह के अलावा फायर सर्विस के अग्निशमन अधिकारी ओम प्रकाश, लीडिंग फायरमैन कमलेश कुमार सिंह, चालक गिरीश कुमार शुक्ला, फायरमैन विवेक कुमार, ओम प्रकाश, अनूप कुमार सन्तोषी और पीआरओडी रामचन्द्र शामिल रहे।1
- *हेडलाइन: सिस्टम की सुस्त चाल पर सवाल - क्या चंद रुपयों में उड़ रही हैं सिस्टम की धज्जियां? आम आदमी कहां जाए?* *भदोही।* आज देश का सिस्टम जिस गति से काम कर रहा है, उस पर हर आम आदमी के मन में एक ही सवाल है - क्या इस रफ्तार से किसी को न्याय मिल सकता है? हमारी टीम जब गांव-कस्बों में उतरी तो एक ही तस्वीर सामने आई। *1. न्याय के लिए भटकता आम आदमी:* IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज होती है, कुछ दिनों बाद "निस्तारित" का ठप्पा लग जाता है, लेकिन जमीन पर शिकायत जस की तस। फाइलें धूल खाती हैं, उम्मीदें टूटती हैं। लोग पूछ रहे हैं - "आम आदमी को सिस्टम की ढीली चाल कब सुधरेगी साहब?" *2. महंगाई और बेरोजगारी की दोहरी मार:* देश-प्रदेश में महंगाई चरम पर है, रोजगार के अवसर सिकुड़ रहे हैं। ऐसे में लोगों की सोच बदल रही है। हर कोई सिस्टम का हिस्सा बनकर सिर्फ रुपया कमाने की होड़ में लगा है। सेवा भाव कहीं पीछे छूट गया है। *3. सरकारी सुविधाओं की जमीनी हकीकत:* ये सबसे बड़ा सवाल है जो हर नागरिक पूछ रहा है। - *सरकारी अस्पताल में लंबी लाइन, प्राइवेट में तुरंत इलाज?* सरकारी अस्पताल में मरीज सुबह 4 बजे से लाइन में लगता है, डॉक्टर दोपहर तक नहीं मिलते, लेकिन वही डॉक्टर शाम को अपने प्राइवेट क्लिनिक में हजारों की फीस लेकर तुरंत देख लेते हैं। क्या सरकार को ये नहीं मालूम? - *सरकारी स्कूल बनाम प्राइवेट स्कूल:* सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले कई गुरुजी अपने खुद के बच्चों को प्राइवेट कान्वेंट में पढ़ाते हैं। सरकारी स्कूल में ताला और प्राइवेट में मेला, आखिर क्यों? - *चंद रुपयों में बिकता ईमान:* समाज की सच्चाई ये बन गई है कि "अगर आपके पास रुपया है तो आप रईस ईमानदार, और नहीं है तो सबसे बड़े बेईमान।" इज्जत अब नोटों से तोली जाती है, किरदार से नहीं। *सवाल सरकार से नहीं, सिस्टम से है:* ये खबर किसी एक विभाग या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। ये उस पूरी मानसिकता के खिलाफ है जहां चंद रुपयों के लिए पूरे सिस्टम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जनता अब जागरूक हो रही है। लोग कैमरा उठा रहे हैं, सवाल पूछ रहे हैं। क्योंकि उन्हें पता है - जब तक आवाज नहीं उठेगी, तब तक फर्जी निस्तारण और ढीली चाल चलती रहेगी *रिपोर्ट - रामेश्वर तिवारी, उजाला स्पीड न्यूज,ज्ञानपुर भदोही*4
- सतीश पाल का sed #song#love#status#jbj#muick#prjent#up#now#short#vayrl#video#trending#topten goodLook1
- शिक्षक दिवस पर वुडवर्ड पब्लिक स्कूल में गूंजा गुरु सम्मान का संदेश शिक्षकों के समर्पण और मार्गदर्शन को विद्यार्थियों ने किया नमन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां शिक्षक दिवस पर वुडवर्ड पब्लिक स्कूल में गूंजा गुरु सम्मान का संदेश शिक्षकों के समर्पण और मार्गदर्शन को विद्यार्थियों ने किया नमन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां भदोही। शिक्षक केवल पाठ्यपुस्तकों का ज्ञान देने वाले व्यक्ति नहीं होते, बल्कि वे विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत और भविष्य के निर्माता होते हैं। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए वुडवर्ड पब्लिक स्कूल, सिविल लाइंस, पावर हाउस रोड, भदोही में शिक्षक दिवस का आयोजन बड़े उत्साह, सम्मान और गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ-साथ विद्यार्थियों को गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व से परिचित कराना था। विद्यालय परिसर में सुबह से ही उत्सव जैसा वातावरण देखने को मिला। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के सम्मान में विद्यालय को आकर्षक ढंग से सजाया तथा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपने गुरुजनों के प्रति प्रेम, सम्मान और आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती शालिनी मेहरा के मार्गदर्शन में हुआ। उन्होंने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एक शिक्षक का वास्तविक योगदान केवल परीक्षा के परिणामों तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, चरित्र, आत्मविश्वास और जीवन-मूल्यों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने शिक्षकों के निरंतर परिश्रम और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने शिक्षकों के सम्मान में अनेक मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। गीत, नृत्य, कविताएं, भाषण, लघु नाटिका एवं मनोरंजक प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि उनके जीवन में शिक्षकों का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में गुरु के प्रति सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षकों के लिए विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों एवं खेलों का भी आयोजन किया। सामान्यतः विद्यार्थियों को अनुशासन और सीख का संदेश देने वाले शिक्षक इस अवसर पर विद्यार्थियों के साथ हंसी-खुशी के माहौल में सहभागी बने। इससे शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच आत्मीयता एवं सहयोग की भावना और अधिक मजबूत हुई। शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों को कार्ड, पुष्प एवं शुभकामना संदेश भेंट कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। कई विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के अनुभव, मार्गदर्शन और प्रेरणा से जुड़ी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि शिक्षक उनके लिए केवल कक्षा में पढ़ाने वाले व्यक्ति नहीं, बल्कि उनके जीवन की चुनौतियों में सही मार्ग दिखाने वाले सच्चे मार्गदर्शक हैं। विद्यालय के शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें निरंतर सीखने, अनुशासन का पालन करने, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने तथा एक अच्छे विद्यार्थी के साथ-साथ एक अच्छे इंसान बनने के लिए प्रेरित किया। शिक्षकों ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान और पुरस्कार है। इस अवसर पर विद्यालय परिवार की ओर से सभी शिक्षकों के योगदान को विशेष रूप से सराहा गया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की वास्तविक शक्ति उसके समर्पित शिक्षक होते हैं। शिक्षकों का ज्ञान, अनुभव, धैर्य और सकारात्मक दृष्टिकोण विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य की ओर ले जाता है। कार्यक्रम के समापन पर वातावरण भावुक और प्रेरणादायक हो गया। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर शिक्षा, संस्कार और सकारात्मक सोच के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि एक शिक्षक का प्रभाव कक्षा की चारदीवारी से कहीं आगे तक जाता है—वह विद्यार्थियों के विचारों, सपनों और पूरे जीवन को प्रभावित करता है। शिक्षक दिवस का यह आयोजन वुडवर्ड पब्लिक स्कूल के उस संकल्प को भी दर्शाता है, जिसमें शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और नेतृत्व क्षमता का विकास करना प्रमुख उद्देश्य है। शिक्षक दिवस पर आयोजित इस भव्य समारोह ने एक बार फिर सिद्ध किया कि शिक्षक केवल भविष्य पढ़ाते नहीं हैं, वे भविष्य का निर्माण करते हैं।4
- उपचार के दौरान महिला की मौत, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव उपचार के दौरान महिला की मौत, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव1
- प्रयागराज में बड़ा फर्जीवाड़ा: टैगोर टाउन स्थित प्राइम प्राइम इलेक्ट्रॉराइड शोरूम पर जनता को ठगने और भारी वित्तीय धोखाधड़ी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रयागराज में बड़ा फर्जीवाड़ा: टैगोर टाउन स्थित प्राइम प्राइम इलेक्ट्रॉराइड शोरूम पर जनता को ठगने और भारी वित्तीय धोखाधड़ी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। , दलालों का जाल: सस्ते दामों और लुभावने झूठे वाठदों का लालच देकर भोले-भाले ग्राहकों को सुनियोजित तरीके से फंसाया जा रहा है। , महज दो दिनों में दम तोड़ती गाड़ियां: ग्राहकों द्वारा वाहन खरीदने के सिर्फ दो-तीन दिन के भीतर ही गाड़ियों में गंभीर तकनीकी और आंतरिक खराबियां सामने आ रही हैं। ,बिक्री के बाद नो रिस्पांस: गाड़ी बिकते ही शोरूम के मालिक और कर्मचारी ग्राहकों की समस्या सुनने से साफ इनकार कर देते हैं और बातचीत तक बंद कर देते हैं। ,गरीबों की गाढ़ी कमाई पर डाका: पाई-पाई जोड़कर पूंजी जुटाने वाले आम और गरीब उपभोक्ताओं की मेहनत के पैसों को ये फर्जी कंपनियां खुलेआम लूट रही हैं। ,राहुल मिश्रा की अवैध कारगुजारियां: ,अंदावा का फर्जीवाड़ा केंद्र: कटका मोड़ चौराहे के पास स्थित अड्डे से अभिषेक भाई द्वारा लगातार जनता को बेवकूफ बनाकर घटिया गाड़ियां बेची जा रही हैं। , दिल्ली से चल रहा खेल: बैक्टीरिया कंपनी का मुख्य मालिक विनोद जैन दिल्ली से बैठकर इस पूरे ठगी के नेटवर्क का संचालन कर रहा है। , कैश ग्राहकों के साथ छल: जो ग्राहक नगद (कैश) भुगतान कर गाड़ियां खरीदते हैं, उन्हें जानबूझकर बेकार और डिफेक्टिव गाड़ियां थमाई जा रही हैं। , डेढ़ महीने से चक्कर काट रहे पीड़ित: पिछले डेढ़ महीने से कंपनी के चक्कर लगा-लगाकर थक चुके ग्राहकों की फरियाद सुनने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं बचा है। ,पुलिस सहायता भी बेअसर: गंभीर ठगी के मामलों में पीड़ित जब 112 पर कॉल करते हैं, तब भी वहां से कोई ठोस सुनवाई या मदद नहीं मिलती है। , बिना नंबर प्लेट के धड़ल्ले से वाहन: कंपनी से बिना नंबर प्लेट के सीधे आधार पर गाड़ियां निकाली जा रही हैं और प्रशासन की नाक के नीचे महीनेभर तक अवैध रूप से सड़कों पर दौड़ाई जा रही हैं। ,आरटीओ की कार्यप्रणाली पर सवाल: आरटीओ अधिकारियों की कथित मिलीभगत और लापरवाही के कारण प्रयागराज में यह अवैध कारोबार बेखौफ फल-फूल रहा है। , न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें: सुनवाई न होने के कारण गरीब ग्राहकों को अपनी ही गाढ़ी कमाई के इंसाफ के लिए कोर्ट-कचहरी और कानूनी चक्कर काटने पड़ रहे हैं। ,योगी सरकार से सीधी गुहार: आक्रोशित जनता ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि राहुल मिश्रा, अभिषेक भाई और विनोद जैन जैसे जालसाजों पर तुरंत सख्त कार्रवाई हो और ठगाए गए ग्राहकों को नई गाड़ियां रिप्लेस करके दी जाएं।1
- प्रोस्टेट कैंसर के इलाज में बड़ी कामयाबी! बिना सर्जरी 125+ मरीजों का इलाज, सिर्फ 5 सेशन में रेडिएशन प्रोस्टेट कैंसर के इलाज को लेकर मुंबई से बड़ी खबर सामने आई है। एचसीजी कैंसर अस्पताल के अनुसार, 125 से अधिक मरीजों का उन्नत एसबीआरटी रेडिएशन तकनीक से उपचार किया जा चुका है। उपयुक्त मरीजों में यह उपचार केवल पांच सत्रों में पूरा हो सकता है और ओपीडी आधार पर होने के कारण लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने की आवश्यकता नहीं होती। अस्पताल में वर्सा एचडी के साथ साइबरनाइफ रोबोटिक रेडिएशन तकनीक भी उपलब्ध है। हालांकि उपचार का विकल्प हर मरीज की उम्र, कैंसर के चरण, जोखिम और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर विशेषज्ञ डॉक्टर तय करते हैं। नोट: यह वीडियो सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। कैंसर के उपचार से जुड़ा कोई भी निर्णय योग्य ऑन्कोलॉजिस्ट की सलाह से ही लें।1
- भदोही के महुआरी गांव में मकानों के पास दिखा विशालकाय अजगर, दहशत में ग्रामीण; सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम, तलाश जारी भदोही। गोपीगंज थाना क्षेत्र के महुआरी गांव में रविवार दोपहर बाद एक विशालकाय अजगर दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। बताया जाता है कि ग्रामीण बस्ती के मकानों के पास अचानक अजगर नजर आया, जिसे देखकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के शोरगुल के बीच अजगर तेजी से झाड़ियों की ओर बढ़ गया और देखते ही देखते ओझल हो गया। घटना की सूचना ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अजगर की तलाश शुरू कर दी। टीम आसपास की झाड़ियों और खेतों में सर्च अभियान चला रही है। वहीं, गांव के लोगों को सतर्क रहने और अजगर के दिखाई देने पर तुरंत सूचना देने की सलाह दी गई है। अजगर के गांव के पास दिखाई देने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है ताकि अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में छोड़ा जा सके।1