अलवर जिले के बानसूर में राज शाला दर्पण मोबाइल ऐप के जरिए लगातार होने वाले निरीक्षण और आरटीई पुनर्भरण राशि मिलने में हो रही देरी से परेशान निजी स्कूल संचालकों ने एकजुट होकर उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। स्कूल संचालकों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सरकार की नीतियों के प्रति अपनी भारी नाराजगी व्यक्त की है। निजी स्कूल संघ बानसूर के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार शिक्षा सम्बलन के नाम पर राज शाला दर्पण ऐप के माध्यम से बार-बार निजी स्कूलों का निरीक्षण कर रही है, जिससे उनकी स्वायत्तता प्रभावित हो रही है और बच्चों का शैक्षणिक कार्य भी बाधित हो रहा है। इसके साथ ही आरटीई अधिनियम के तहत प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों की पुनर्भरण राशि समय पर न मिलने से बानसूर के निजी स्कूलों का आर्थिक संचालन बुरी तरह चरमरा गया है, जिससे कई स्कूलों पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। स्कूल संघ ने सरकार से मांग की है कि निजी स्कूलों के इस अनावश्यक निरीक्षण पर तुरंत रोक लगाई जाए और लंबित आरटीई राशि का भुगतान जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए। सरकार को चेतावनी देते हुए संघ ने ऐलान किया है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। सरकार की इन नीतियों के विरोध में संचालकों ने घोषणा की है कि आगामी 15 जुलाई को बानसूर क्षेत्र के सभी निजी विद्यालय पूरी तरह बंद रखे जाएंगे। इस ज्ञापन सौंपने और विरोध जताने के दौरान बानसूर के कई संचालक उपस्थित रहे, जिनमें अजय यादव, विजय सैनी, अजीत सिंह लाम्बा, देशराज यादव, ख्यालीराम, कृष्ण, महावीर सैनी, राखी गुप्ता, राजेश यादव, नरेश शर्मा, रमेश चंद यादव, जसवंत सिंह यादव, हंसराज कुमावत और विजय यादव सहित बड़ी संख्या में निजी विद्यालय संचालक शामिल थे।
अलवर जिले के बानसूर में राज शाला दर्पण मोबाइल ऐप के जरिए लगातार होने वाले निरीक्षण और आरटीई पुनर्भरण राशि मिलने में हो रही देरी से परेशान निजी स्कूल संचालकों ने एकजुट होकर उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। स्कूल संचालकों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सरकार की नीतियों के प्रति अपनी भारी नाराजगी व्यक्त की है। निजी स्कूल संघ बानसूर के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार शिक्षा सम्बलन के नाम पर राज शाला दर्पण ऐप के माध्यम से बार-बार निजी स्कूलों का निरीक्षण कर रही है, जिससे उनकी स्वायत्तता प्रभावित हो रही है और बच्चों का शैक्षणिक कार्य भी बाधित हो रहा है। इसके साथ ही आरटीई अधिनियम के तहत प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों की पुनर्भरण राशि समय पर न मिलने से बानसूर के निजी स्कूलों का आर्थिक संचालन बुरी तरह चरमरा गया है, जिससे कई स्कूलों पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। स्कूल संघ ने सरकार से मांग की है कि निजी स्कूलों के इस अनावश्यक निरीक्षण पर तुरंत रोक लगाई जाए और लंबित आरटीई राशि का भुगतान जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए। सरकार को चेतावनी देते हुए संघ ने ऐलान किया है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। सरकार की इन नीतियों के विरोध में संचालकों ने घोषणा की है कि आगामी 15 जुलाई को बानसूर क्षेत्र के सभी निजी विद्यालय पूरी तरह बंद रखे जाएंगे। इस ज्ञापन सौंपने और विरोध जताने के दौरान बानसूर के कई संचालक उपस्थित रहे, जिनमें अजय यादव, विजय सैनी, अजीत सिंह लाम्बा, देशराज यादव, ख्यालीराम, कृष्ण, महावीर सैनी, राखी गुप्ता, राजेश यादव, नरेश शर्मा, रमेश चंद यादव, जसवंत सिंह यादव, हंसराज कुमावत और विजय यादव सहित बड़ी संख्या में निजी विद्यालय संचालक शामिल थे।
- अलवर जिले के बानसूर में राज शाला दर्पण मोबाइल ऐप के जरिए लगातार होने वाले निरीक्षण और आरटीई पुनर्भरण राशि मिलने में हो रही देरी से परेशान निजी स्कूल संचालकों ने एकजुट होकर उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। स्कूल संचालकों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सरकार की नीतियों के प्रति अपनी भारी नाराजगी व्यक्त की है। निजी स्कूल संघ बानसूर के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार शिक्षा सम्बलन के नाम पर राज शाला दर्पण ऐप के माध्यम से बार-बार निजी स्कूलों का निरीक्षण कर रही है, जिससे उनकी स्वायत्तता प्रभावित हो रही है और बच्चों का शैक्षणिक कार्य भी बाधित हो रहा है। इसके साथ ही आरटीई अधिनियम के तहत प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों की पुनर्भरण राशि समय पर न मिलने से बानसूर के निजी स्कूलों का आर्थिक संचालन बुरी तरह चरमरा गया है, जिससे कई स्कूलों पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। स्कूल संघ ने सरकार से मांग की है कि निजी स्कूलों के इस अनावश्यक निरीक्षण पर तुरंत रोक लगाई जाए और लंबित आरटीई राशि का भुगतान जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए। सरकार को चेतावनी देते हुए संघ ने ऐलान किया है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। सरकार की इन नीतियों के विरोध में संचालकों ने घोषणा की है कि आगामी 15 जुलाई को बानसूर क्षेत्र के सभी निजी विद्यालय पूरी तरह बंद रखे जाएंगे। इस ज्ञापन सौंपने और विरोध जताने के दौरान बानसूर के कई संचालक उपस्थित रहे, जिनमें अजय यादव, विजय सैनी, अजीत सिंह लाम्बा, देशराज यादव, ख्यालीराम, कृष्ण, महावीर सैनी, राखी गुप्ता, राजेश यादव, नरेश शर्मा, रमेश चंद यादव, जसवंत सिंह यादव, हंसराज कुमावत और विजय यादव सहित बड़ी संख्या में निजी विद्यालय संचालक शामिल थे।1
- कोटपुतली-बहरोड़ जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर सोमवार को विराटनगर ब्लॉक की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी महिलाओं की मुख्य मांग मानदेय बढ़ाने और उन्हें स्थायी सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की है। प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर एसडीएम, डीएसपी और महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी इन मांगों को सरकार तक पहुंचा दिया जाएगा।1
- जयपुर स्थित पुलिस कमिश्नरेट के सामने शहीद स्मारक पर वॉइस ऑफ मीडिया के बैनर तले पत्रकारों का एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन में अलवर के राजगढ़ सहित राजस्थान के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में पत्रकारों ने हिस्सा लिया। पत्रकारों ने एकजुटता दिखाते हुए अपने अधिकार, सुरक्षा और सम्मान के लिए आवाज उठाई और मुख्यमंत्री के नाम एक 30 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। धरने को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष केशव सिंह सोलंकी ने कहा कि यह आंदोलन पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा, सम्मान और लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर आयोजित किया गया है। वरिष्ठ पदाधिकारी गोपाल गुप्ता ने पत्रकारों को एकजुट होकर संघर्ष करने की बात कही। प्रेस क्लब वेलफेयर वर्ल्ड वाइज फाउंडेशन के जयपुर जिला अध्यक्ष डॉक्टर सुरेश चंद शर्मा ने मांग उठाई कि ग्रामीण पत्रकारों को विशेष सुरक्षा दी जाए, उनके बच्चों की फीस माफ की जाए और उन्हें मासिक राशि दी जाए। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री से लगातार पत्राचार करने की बात भी कही। पत्रकार संघ तहसील उपाध्यक्ष नागपाल शर्मा माचाड़ी ने सभी संगठनों को एक मंच पर आकर बड़ा आंदोलन करने की आवश्यकता जताई। धरना-प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि को 30 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा, जिस पर प्रतिनिधि ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। संगठन ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो इस आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन की समाप्ति के बाद सभी पत्रकारों ने अल्पाहार किया और आगामी रणनीति पर चर्चा की।3
- अलवर के नाहरपुर में लोगों और मजदूरों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां चलने के लिए सड़क नहीं बची है, बल्कि यह पूरी तरह से संघर्ष का रास्ता बन चुकी है। नाहरपुर के आम निवासी और श्रमिक हर दिन इस मार्ग पर परेशानी झेलने को मजबूर हैं।1
- महेंद्रगढ़ के अटेली में इंसान के चरित्र और व्यवहार को लेकर एक महत्वपूर्ण सीख साझा की जा रही है कि लोमड़ी भले ही कुत्ते से अधिक चालाक होती है, लेकिन लोग हमेशा कुत्ते को ही पालना पसंद करते हैं। इसके पीछे का कारण यह है कि हर कोई वफादारी को पसंद करता है, चालाकी को नहीं। इसी तरह, मनुष्य की असली पहचान भी उसके शब्दों और व्यवहार से ही होती है, क्योंकि चेहरा और हैसियत तो आज हैं और कल नहीं रहेंगे।1
- विराटनगर के बड़नगर में श्री वीर तेजाजी महाराज की मूर्ति स्थापना के शुभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होकर दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का पावन अवसर मिला। इस गरिमामयी अवसर पर राजस्थान सरकार के माननीय मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा जी, विराटनगर विधायक श्री कुलदीप धनकड़ जी तथा जयपुर ग्रामीण लोकसभा प्रत्याशी श्री अनिल चौपड़ा जी की उपस्थिति रही। इस पावन अवसर पर श्री वीर तेजाजी महाराज से सभी पर अपनी कृपा बनाए रखने और समाज में सुख, समृद्धि तथा सद्भाव का संचार करने की मंगलकामना की गई।1
- जयपुर के पांवटा के निकटवर्ती ग्राम सुन्दरपुरा स्थित बावरिया बस्ती में सोमवार दोपहर बाद किसी बात को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। दोनों पक्षों के बीच आपसी कहासुनी से शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से जमकर लाठियां, पत्थर और कुल्हाड़ियां चलने लगीं। इस हिंसक झड़प में करीब 8 लोग घायल हो गए हैं। ग्रामीणों ने फौरन इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। इस खूनी झगड़े में एक पक्ष से राहुल (20) पुत्र सतवीर, हैप्पी (25) पुत्र जलेसिंह, विशाल (19) पुत्र बाबूलाल और अरविंद (20) पुत्र सुंदर लाल घायल हुए हैं। वहीं, दूसरे पक्ष से कलावती (75) पत्नी मुंशी, तोताराम (45) पुत्र मुंशी, शकुंतला (40) पत्नी तोताराम और जसवंत (20) पुत्र तोताराम को चोटें आई हैं। सभी घायलों को तुरंत उपचार के लिए राजकीय बीडीएम जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर नर्सिंग अधिकारी श्रीराम सराधना ने बताया कि घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है, हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस थाने में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।1