मुख्यमंत्री मोहन यादव पहुंचे लोक भवन, राज्यपाल मंगू भाई पटेल से की मुलाकात मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव आज लोक भवन पहुंचे, जहां उन्होंने राज्यपाल मंगू भाई पटेल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच हुई इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के लोक भवन पहुंचने के बाद उन्होंने राज्यपाल मंगू भाई पटेल से शिष्टाचार भेंट की। दोनों के बीच विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, मुलाकात के एजेंडे को लेकर फिलहाल आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में बैठक के दौरान किन मुद्दों पर चर्चा होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। मुख्यमंत्री और राज्यपाल की इस मुलाकात को लेकर आने वाले आधिकारिक अपडेट का इंतजार है। मुख्यमंत्री मोहन यादव पहुंचे लोक भवन, राज्यपाल मंगू भाई पटेल से की मुलाकात मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव आज लोक भवन पहुंचे, जहां उन्होंने राज्यपाल मंगू भाई पटेल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच हुई इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के लोक भवन पहुंचने के बाद उन्होंने राज्यपाल मंगू भाई पटेल से शिष्टाचार भेंट की। दोनों के बीच विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, मुलाकात के एजेंडे को लेकर फिलहाल आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में बैठक के दौरान किन मुद्दों पर चर्चा होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। मुख्यमंत्री और राज्यपाल की इस मुलाकात को लेकर आने वाले आधिकारिक अपडेट का इंतजार है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव पहुंचे लोक भवन, राज्यपाल मंगू भाई पटेल से की मुलाकात मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव आज लोक भवन पहुंचे, जहां उन्होंने राज्यपाल मंगू भाई पटेल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच हुई इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के लोक भवन पहुंचने के बाद उन्होंने राज्यपाल मंगू भाई पटेल से शिष्टाचार भेंट की। दोनों के बीच विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, मुलाकात के एजेंडे को लेकर फिलहाल आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में बैठक के दौरान किन मुद्दों पर चर्चा होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। मुख्यमंत्री और राज्यपाल की इस मुलाकात को लेकर आने वाले आधिकारिक अपडेट का इंतजार है। मुख्यमंत्री मोहन यादव पहुंचे लोक भवन, राज्यपाल मंगू भाई पटेल से की मुलाकात मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव आज लोक भवन पहुंचे, जहां उन्होंने राज्यपाल मंगू भाई पटेल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच हुई इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के लोक भवन पहुंचने के बाद उन्होंने राज्यपाल मंगू भाई पटेल से शिष्टाचार भेंट की। दोनों के बीच विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, मुलाकात के एजेंडे को लेकर फिलहाल आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में बैठक के दौरान किन मुद्दों पर चर्चा होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। मुख्यमंत्री और राज्यपाल की इस मुलाकात को लेकर आने वाले आधिकारिक अपडेट का इंतजार है।
- *जतारा में रजिस्ट्री के दौरान 1.30 लाख की लूट, पीड़ित ने SP से लगाई न्याय की गुहार* *टीकमगढ़।* लहर बुजुर्ग थाना पलेरा निवासी मनोज पाण्डेय ने पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ को आवेदन देकर लूट की घटना की शिकायत की है। आवेदक के अनुसार दिनांक 03.08.2026 को वह महेश खंगार की कृषि भूमि की रजिस्ट्री कराने उप पंजीयक कार्यालय जतारा गया था। तभी तहसील जतारा के बाहर कैलाश कुशवाहा, कमलापत उर्फ कल्लू कुशवाहा निवासी लहरबुजुर्ग और सुखनंदन निवासी गोवा ने उसके साथ लात-घूंसों से मारपीट कर 1,30,000 रुपये लूट लिए। पीड़ित का आरोप है कि थाना जतारा में आवेदन देने के बाद भी न तो पावती दी गई और न ही कोई कार्रवाई हुई। दिनांक 12.08.2026 को SDOP जतारा को भी आवेदन दिया गया। आवेदक का कहना है कि अनावेदकगणों पर बम्होरी कला थाने में पूर्व से लूट-चोरी के प्रकरण दर्ज हैं और वे आदतन अपराधी हैं। आरोपियों द्वारा जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। आवेदक ने SP महोदय से लूटी गई राशि वापस दिलाने, आरोपियों पर FIR दर्ज कर गिरफ्तारी करने और जान-माल की सुरक्षा की मांग की है। *जतारा में रजिस्ट्री के दौरान 1.30 लाख की लूट, पीड़ित ने SP से लगाई न्याय की गुहार* *टीकमगढ़।* लहर बुजुर्ग थाना पलेरा निवासी मनोज पाण्डेय ने पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ को आवेदन देकर लूट की घटना की शिकायत की है। आवेदक के अनुसार दिनांक 03.08.2026 को वह महेश खंगार की कृषि भूमि की रजिस्ट्री कराने उप पंजीयक कार्यालय जतारा गया था। तभी तहसील जतारा के बाहर कैलाश कुशवाहा, कमलापत उर्फ कल्लू कुशवाहा निवासी लहरबुजुर्ग और सुखनंदन निवासी गोवा ने उसके साथ लात-घूंसों से मारपीट कर 1,30,000 रुपये लूट लिए। पीड़ित का आरोप है कि थाना जतारा में आवेदन देने के बाद भी न तो पावती दी गई और न ही कोई कार्रवाई हुई। दिनांक 12.08.2026 को SDOP जतारा को भी आवेदन दिया गया। आवेदक का कहना है कि अनावेदकगणों पर बम्होरी कला थाने में पूर्व से लूट-चोरी के प्रकरण दर्ज हैं और वे आदतन अपराधी हैं। आरोपियों द्वारा जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। आवेदक ने SP महोदय से लूटी गई राशि वापस दिलाने, आरोपियों पर FIR दर्ज कर गिरफ्तारी करने और जान-माल की सुरक्षा की मांग की है।3
- सीएम के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, रोजगार सुरक्षा समेत कई मांगें उठाईं युवा सर्वेयरों ने सौंपा ज्ञापन, एक सप्ताह में मांगें नहीं मानीं तो हड़ताल1
- दो साल से मेहनताना नहीं मिला, स्व सहायता समूह की महिलाओं ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन दो साल से मेहनताना नहीं मिला, स्व सहायता समूह की महिलाओं ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन पलेरा। शासकीय स्कूलों में रसोई का काम कर रहीं स्व सहायता समूह की महिलाओं को करीब दो साल से मेहनताना नहीं मिलने का मामला सामने आया है। भुगतान की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रामकुमार यादव के नेतृत्व में महिलाओं ने मंगलवार को पलेरा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में महिलाओं ने बताया कि वे लगातार दो वर्षों से शासकीय स्कूलों में रोटी बनाने सहित रसोई का काम कर रही हैं, लेकिन उनकी मेहनत की राशि का भुगतान नहीं किया गया है। भुगतान नहीं होने से परिवार के भरण-पोषण में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं ने मांग की कि उन्हें जल्द से जल्द लंबित राशि का भुगतान कराया जाए और दो साल से उन्हें गुमराह करने वाले एवं लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस दौरान सपा ओबीसी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रामकुमार यादव ने कहा कि महिलाओं के साथ अन्याय और अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से महिलाओं की लंबित राशि जल्द उनके खातों में जमा कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में रामकुमार यादव, महिमा, विद्या, तारा, अवध, चंदा, सुनीता, मुन्नी, अंगूरी, शांति, सुधा, जानकी, दोरियाबाई, लड़कुंवर, गुड़िया, श्रीदेवी सहित अनेक महिलाएं मौजूद रहीं।1
- टीकमगढ़ के चंद्रपुरा गांव से शुरू हुई भूमिगत जल निकासी व्यवस्था को जिला प्रशासन ने मॉडल के तौर पर दूसरे गांवों में भी लागू किया। टीकमगढ़ टीकमगढ़ की ग्राम पंचायतों का कमाल, ग्रे वॉटर प्रबंधन में राष्ट्रीय पुरस्कार गंदे पानी से मुक्ति का टीकमगढ़ मॉडल, देश में मिला पहला स्थान एंकर: कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की मुहिम को मिली राष्ट्रीय स्तर पर पहचान टीकमगढ़ की ग्राम पंचायतों के प्रयासों को अब राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। गांवों की गलियों में बहते गंदे पानी, कीचड़ और जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए किए गए अभिनव प्रयोग को आईएससी-फिक्की स्वच्छता पुरस्कार में ग्रे वॉटर प्रबंधन श्रेणी में राष्ट्रीय विजेता चुना गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ नवीत कुमार धुर्वे और जिला समन्वयक मनीष जैन ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। खास बात ये है कि जिस प्रयोग की शुरुआत एक गांव से हुई थी, वो महज दो साल में 225 गांवों तक पहुंच गया। टीकमगढ़ के चंद्रपुरा गांव से शुरू हुई भूमिगत जल निकासी व्यवस्था को जिला प्रशासन ने मॉडल के तौर पर दूसरे गांवों में भी लागू किया। इस व्यवस्था में घरों से निकलने वाले स्नान, कपड़े धोने और रसोई के पानी को खुले में बहने से रोकने के लिए घरों के बाहर सिल्ट चैम्बर बनाए जाते हैं। इन चैम्बरों को करीब 8 इंच के पाइप से जोड़ा जाता है और पानी को भूमिगत पाइपलाइन के जरिए गांव के अंतिम छोर तक पहुंचाया जाता है। जहां सोख्ता गड्ढे के जरिए पानी का निस्तारण किया जाता है। यानी जिस गंदे पानी की वजह से कभी गांव की गलियां कीचड़ से सराबोर रहती थीं, उसी समस्या का समाधान अब जमीन के नीचे पाइपलाइन बिछाकर किया जा रहा है। इसका असर गांवों की तस्वीर पर भी दिखाई दे रहा है। गलियों में गंदा पानी कम हुआ... कीचड़ और जलभराव से राहत मिली... और ग्रामीणों का आवागमन भी आसान हुआ। ग्रामीण इस बदलाव को कुछ यूं बयां कर रहे हैं— हमारे गांव की गलियां अब आंगन में बदल गई हैं। इस पूरे मॉडल में जिला प्रशासन की योजना, तकनीकी मार्गदर्शन और ग्राम पंचायतों की भागीदारी के साथ उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का उपयोग किया गया। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने इस उपलब्धि को ग्राम पंचायतों के संकल्प, विश्वास और प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि चंद्रपुरा से शुरू हुई यह पहल अब 225 गांवों तक पहुंच चुकी है और इसका उद्देश्य सिर्फ भूमिगत पाइपलाइन बिछाना नहीं, बल्कि गांवों की जीवन गुणवत्ता और ग्रामीण परिवेश को बदलना है। एक गांव से शुरू हुआ प्रयोग... 225 गांवों तक पहुंचा... और अब राष्ट्रीय पुरस्कार तक। टीकमगढ़ का ये मॉडल बताता है कि अगर स्थानीय समस्या का स्थानीय समाधान, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी एक साथ आए... तो गांव की तस्वीर बदली जा सकती है।1
- नामांतरण के एवज में 15 हजार की रिश्वत लेते तहसील का बाबू गिरफ्तार गनेश रैकवार पत्रकार बक्सवाहा, छतरपुर। जमीन के नामांतरण के एवज में रिश्वत लेने के मामले में सागर लोकायुक्त की टीम ने बक्सवाहा तहसील कार्यालय में कार्रवाई करते हुए तहसील के बाबू राजेंद्र श्रीवास्तव को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार फरियादी कृष्णकांत बिलथरे से जमीन के नामांतरण के एवज में कथित तौर पर 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। इसमें से 10 हजार रुपए पहले दिए जा चुके थे, जबकि 15 हजार रुपए की शेष राशि बुधवार को देना तय हुई थी। फरियादी की शिकायत के बाद सागर लोकायुक्त ने ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई। जैसे ही फरियादी ने तहसील कार्यालय में बाबू राजेंद्र श्रीवास्तव को 15 हजार रुपए दिए, लोकायुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम बरामद की गई और नामांतरण से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- दाह संस्कार भी बना मुसीबत, कीचड़ भरे पानी से होकर गुजरने को मजबूर ग्रामीण दाह संस्कार भी बना मुसीबत, कीचड़ भरे पानी से होकर गुजरने को मजबूर ग्रामीण बल्देवगढ़ के गणेशपुरा में बदहाल रास्ते से ग्रामीण परेशान, जिम्मेदारों की अनदेखी पर उठ रहे सवाल बल्देवगढ़। गणेशपुरा गांव में दाह संस्कार के लिए जाने वाला रास्ता इन दिनों बदहाली का शिकार है। रास्ते में कीचड़ और पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों को शव लेकर भी गंदे और कीचड़ भरे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि अंतिम यात्रा के दौरान ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के बाद रास्ते की स्थिति और भी खराब हो गई है। जहां अंतिम संस्कार के समय लोगों को श्रद्धा और सम्मान के साथ अंतिम यात्रा पूरी करनी चाहिए, वहीं उन्हें कीचड़ और जलभराव से जूझना पड़ रहा है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार जिम्मेदारों का ध्यान इस समस्या की ओर दिलाया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि दाह संस्कार स्थल तक जाने वाले मार्ग की तत्काल मरम्मत कर जलभराव और कीचड़ की समस्या दूर कराई जाए, ताकि किसी परिवार को अंतिम यात्रा के समय ऐसी परेशानी न उठानी पड़े। ग्रामीणों का सवाल है—जब इंसान की अंतिम यात्रा के रास्ते की भी सुध नहीं ली जा रही, तो जिम्मेदार आखिर कब जागेंगे?1
- *हनोता में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष, लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी से हमला, एक पक्ष गंभीर घायल* (पलेरा/टीकमगढ़)। ग्राम हनोता में जमीनी विवाद के चलते दो पक्षों में जमकर लाठी-डंडे, लोहे की रॉड और कुल्हाड़ी से हमला हो गया। बताया जा रहा है कि कुशवाहा परिवार के सगे-संबंधियों के बीच ही जमीन को लेकर पुराना विवाद चला आ रहा है, जो आज मारपीट में बदल गया। हमले में एक पक्ष गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि दूसरे पक्ष द्वारा सरपंच के संरक्षण की धमकी दी जा रही है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- युवा सर्वेयरों ने सौंपा ज्ञापन, एक सप्ताह में मांगें नहीं मानीं तो हड़ताल सीएम के नाम तहसीलदार को दिया ज्ञापन, रोजगार सुरक्षा समेत कई मांगें उठाईं युवा सर्वेयरों ने सौंपा ज्ञापन, एक सप्ताह में मांगें नहीं मानीं तो हड़ताल सीएम के नाम तहसीलदार को दिया ज्ञापन, रोजगार सुरक्षा समेत कई मांगें उठाईं पलेरा। स्थानीय युवा सर्वेयरों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मध्यप्रदेश सहायक पटवारी संगठन ने मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के स्थानीय युवा सर्वेयर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष हरिश्चंद्र चढ़ार ने कहा कि सर्वेयरों की समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन को कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक ठोस निर्णय नहीं हुआ है। इससे सर्वेयरों में असंतोष बढ़ रहा है। ये प्रमुख मांगें रखीं ज्ञापन में स्थानीय युवाओं को मौसम के अनुसार सुरक्षा किट उपलब्ध कराने, 29 अप्रैल 2026 के आदेश को निरस्त करने, स्थानीय युवाओं को सहायक पटवारी का दर्जा देने, स्थायी एवं नियमित रोजगार उपलब्ध कराने और लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान करने की मांग की गई। इसके अलावा गिरदावरी कार्य के दौरान उज्जैन जिले की झारड़ा तहसील में दिवंगत हुए स्व. मुकेश कुमार अमलादिया के परिवार को आर्थिक सहायता देने तथा खरीफ सीजन में GPS लोकेशन की दूरी 10 मीटर से बढ़ाकर 100 मीटर करने की मांग भी रखी गई। अनुभवी सर्वेयरों को हटाने पर जताई आपत्ति संगठन ने कहा कि पूर्व सीजन में काम कर चुके स्थानीय युवाओं को केवल सीजन बदलने के आधार पर हटाना उचित नहीं है। अनुभवी युवाओं के पास तकनीकी और व्यवहारिक अनुभव है। हर सीजन में नए युवाओं का चयन, सत्यापन और प्रशिक्षण कराने से शासन पर अतिरिक्त प्रशासनिक व वित्तीय भार पड़ेगा। अनुभवहीन लोगों से डिजिटल सर्वे कराने पर गलतियों की संभावना भी बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर किसानों के फसल रिकॉर्ड और राजस्व अभिलेखों पर पड़ सकता है। संगठन के अनुसार प्रदेश में करीब 90 हजार स्थानीय युवा सर्वेयर रोजगार सुरक्षा की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। पदाधिकारियों ने सरकार से मांगों का शीघ्र निराकरण करने की मांग की है। ज्ञापन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष हरिश्चंद्र चढ़ार, प्रदेश मंत्री मनोज विश्वकर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश चढ़ार, रोहित कुमार राजपूत, विशाल यादव, पुमित रावत, रहिश राजपूत, हेमंत यादव, करन राजपूत, मुलायम राजपूत, रामस्वरूप चढ़ार, अकलेश प्रजापति, अनिल कुमार अहिरवार, श्यामलाल कुशवाहा, जगदीश विश्वकर्मा, दीपक कुमार, भरत राजपाली और रामकुमार सहित अन्य युवा सर्वेयर मौजूद रहे।1
- गलत फहमी का शिकार ग्राहक और फिर शराब दुकान दार ने न कुछ सुना और न समझा सीधे पीटने लगा.. छतरपुर। मप्र।आकाशवाणी तिराहे पर एक ग्राहक शराब लेने गया उसने शराब खरीदी और 220 रु दे कर जाने लगा जल्दबाजी में दुकानदार ने ध्यान नहीं दिया और उसे लगा कि 120 रुपए देकर भागने लगा है फिर क्या बिना सोचे समझे दुकान ने ग्राहक पीटना शुरू कर दिया अब आगे आप खुद देख लो...1