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जालौर जिले के पादरली में जवाई टनल मार्ग को खोल दिया गया है।
Bhavesh champalal ji jain
जालौर जिले के पादरली में जवाई टनल मार्ग को खोल दिया गया है।
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- जालौर जिले के पादरली में जवाई टनल मार्ग को खोल दिया गया है।1
- जालौर शहर में गुरुवार शाम को हुई तेज बारिश से मौसम में ठंडक आ गई है। बारिश के दौरान शहर की मुख्य सड़कों पर पानी तेज गति से बहता हुआ नजर आया। तेज बारिश के चलते शहर के निचले इलाकों में पानी का भराव हो चुका है। नया बस स्टेशन, वाडिया कॉलोनी, रूपनगर और एफसीआई कॉलोनी सहित अन्य स्थानों पर भारी मात्रा में बारिश का पानी जमा हो गया है।4
- राजस्थान सरकार के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक जोराराम कुमावत सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, गुरुवार सुबह 10:30 बजे वे तखतगढ़ पहुंचकर बीएसएनएल कार्यालय के सामने बनने वाले भव्य प्रवेश द्वार का भूमिपूजन करेंगे। इसके बाद वे राजकीय महाविद्यालय में आयोजित प्रवेशोत्सव में विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे तथा दोपहर 3 बजे पुराडा में विभिन्न विभागों के विकास कार्यों का शिलान्यास व लोकार्पण करेंगे। दौरे के दौरान उपखंड अधिकारी कालूराम कुम्हार, नगर पालिका के निवर्तमान अध्यक्ष ललित रांकावत, निवर्तमान उपाध्यक्ष मनोज नामा, अधिशासी अधिकारी महेंद्र बंजारा सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहेंगे। शुक्रवार, 24 जुलाई को सुबह 10:30 बजे सुमेरपुर स्थित विधायक कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। इसके पश्चात मंत्री जोराराम कुमावत चिकित्सा, पशुपालन और पीएचईडी विभाग के विकास कार्यों के शिलान्यास व लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लेंगे तथा दोपहर 3 बजे स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। क्षेत्र में विकास कार्यों और जनसंपर्क की दृष्टि से मंत्री के इस दो दिवसीय दौरे को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- राजस्थान के जालोर स्थित धवला क्षेत्र में पत्थर परिवहन करने वाले ट्रैक्टर चालकों से कथित रूप से हो रही अवैध वसूली के मामले में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने खनिज विभाग को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। 22 जुलाई को जिला प्रमुख रूपराज पुरोहित के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों ने जालोर खनिज विभाग के समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि धवला क्षेत्र में खनिज विभाग और रॉयल्टी ठेके के नाम पर प्रति ट्रैक्टर लगभग ₹300 की राशि वसूली जा रही है। यह वसूली खेजरला निवासी इंसाफ खान नामक व्यक्ति द्वारा की जा रही है और बदले में दी जा रही रसीदों पर किसी अधिकृत ठेकेदार का नाम, टेंडर आवंटन संख्या, जीएसटी नंबर या खनिज विभाग की स्वीकृति दर्ज नहीं है। रूपराज पुरोहित ने कहा कि फर्जी रसीदों के जरिए गरीब ट्रैक्टर चालकों, मजदूरों व छोटे परिवहन व्यवसायियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, तथा राशि न देने पर वाहनों को रोके जाने और परेशान किए जाने का डर बना रहता है। इस मामले में खनिज विभाग के कुछ अधिकारियों या कर्मचारियों की संभावित मिलीभगत की आशंका भी जताई गई है, जिसके प्रमाण के रूप में संदिग्ध रसीदों की प्रतियां विभाग को सौंपी गई हैं। शिवसेना (UBT) ने मांग रखी है कि वसूली से संबंधित टेंडर आदेश व स्वीकृतियां सार्वजनिक की जाएं, फर्जीवाड़ा साबित होने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी व अवैध वसूली की धाराओं में एफआईआर दर्ज हो, संलिप्त कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाए और चालकों से ऐंठी गई राशि वापस दिलाई जाए। रूपराज पुरोहित ने चेतावनी दी है कि यदि खनिज विभाग द्वारा शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन व्यापक जनआंदोलन व धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान जालोर शहर प्रमुख मिश्रीमल परिहार, उप शहर प्रमुख रामसिंह राव, उप शहर प्रमुख पुनमोजी माली, वार्ड प्रमुख सुरेश सरगरा, सूरज बामणिया और दिनेश राणा सहित अनेक शिवसैनिक उपस्थित रहे।2
- आज के समय में मोबाइल और इंटरनेट बच्चों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन पढ़ाई के समय मोबाइल देखने से रोकने पर बच्चों में सामने आ रहा असहिष्णु व्यवहार केवल एक पारिवारिक समस्या न होकर एक सामाजिक चेतावनी है। छोटी-सी रोकटोक पर बच्चों में बढ़ता गुस्सा और चिड़चिड़ापन आगे चलकर उन्हें समाज से अलग-थलग कर सकता है। बचपन में दी गई आदतें ही आगे चलकर व्यक्तित्व का स्थायी हिस्सा बनती हैं। यदि बच्चों को अनुशासन और संयम सिखाया जाए तो वे जीवनभर उसका पालन करते हैं, जबकि लापरवाही और असंयम आगे चलकर व्यसन और असहिष्णुता का रूप ले लेते हैं। बच्चों को केवल तकनीक पर निर्भर रहने के बजाय बचपन से ही देशभक्ति, समाज सेवा और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देना आवश्यक है। भारतीय पुराणों और इतिहास के आदर्श उदाहरणों से प्रेरणा लेकर बच्चे सही दिशा में आगे बढ़ेंगे और अपने विवेक व मूल्यों के आधार पर समाज को दिशा देंगे। इस स्थिति में माता-पिता और शिक्षकों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यही है कि वे बचपन से ही बच्चों को सही आदतें और संस्कार दें। बच्चों के लिए मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग सीमित और नियंत्रित होना चाहिए, जबकि देशभक्ति, इतिहास और नैतिक शिक्षा का स्थान हमेशा सर्वोपरि रहना चाहिए क्योंकि बचपन की आदतें ही भविष्य का चरित्र गढ़ती हैं।1