विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर शनिवार को पटना में सवेरा कैंसर हॉस्पिटल, रोटरी पटना मिडटाउन, आर.एस. मेमोरियल कैंसर सोसाइटी एवं IGLAM के संयुक्त तत्वावधान में एक “तंबाकू दहन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथि पटना के एएसपी अभिनव द्वारा उपस्थित लोगों को तंबाकू सेवन न करने की शपथ दिलाकर किया गया। शपथ ग्रहण के पश्चात एएसपी अभिनव, पद्मश्री डॉ. आर.एन. सिंह एवं सवेरा कैंसर हॉस्पिटल के निदेशक एवं वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. वी.पी. सिंह ने प्रतीकात्मक रूप से खैनी, सिगरेट एवं गुटखा के पुतलों का दहन कर समाज को तंबाकू सेवन के विरुद्ध सशक्त संदेश दिया। इस अवसर पर युवाओं द्वारा लगभग 25 जागरूकता पोस्टरों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिनमें तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया था। अपने संबोधन में एएसपी अभिनव ने लोगों से तंबाकू एवं अन्य नशे की आदतों से दूर रहने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की। उन्होंने पटना पुलिस द्वारा नशा मुक्ति के लिए चलाए जा रहे विभिन्न जन-जागरूकता अभियानों की भी जानकारी दी। पद्मश्री डॉ. आर.एन. सिंह ने धूम्रपान और तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परिवार में एक व्यक्ति के धूम्रपान करने से पूरा परिवार ‘पैसिव स्मोकिंग’ का शिकार बन जाता है। उन्होंने सभी से नशामुक्त और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया। सवेरा कैंसर हॉस्पिटल के निदेशक एवं वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. वी.पी. सिंह ने स्पष्ट किया कि तंबाकू सेवन केवल मुंह, गले और फेफड़ों के कैंसर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हृदय रोग, न्यूरोवैस्कुलर विकार, नेत्र रोग, ब्लैडर कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर सहित अनेक गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण है। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग 40 प्रतिशत ओरल कैंसर के मामलों का मुख्य कारण तंबाकू सेवन है, और विशेष रूप से खैनी, गुटखा, जर्दा और पान मसाला का बढ़ता उपयोग युवाओं को तेजी से इसकी गिरफ्त में ले रहा है। डॉ. सिंह ने इस चुनौती का प्रभावी समाधान केवल समाज में जागरूकता बढ़ाकर ही किया जा सकने पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में चिकित्सकों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों एवं बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया, जिसमें डॉ. रणवीर नारायण, डॉ. राहुल चौधरी, डॉ. आकाश, डॉ. अमृता राकेश, डॉ. शांभवी शर्मा, शरद रंजन सहित शहर के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर शनिवार को पटना में सवेरा कैंसर हॉस्पिटल, रोटरी पटना मिडटाउन, आर.एस. मेमोरियल कैंसर सोसाइटी एवं IGLAM के संयुक्त तत्वावधान में एक “तंबाकू दहन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथि पटना के एएसपी अभिनव द्वारा उपस्थित लोगों को तंबाकू सेवन न करने की शपथ दिलाकर किया गया। शपथ ग्रहण के पश्चात एएसपी अभिनव, पद्मश्री डॉ. आर.एन. सिंह एवं सवेरा कैंसर हॉस्पिटल के निदेशक एवं वरिष्ठ कैंसर
सर्जन डॉ. वी.पी. सिंह ने प्रतीकात्मक रूप से खैनी, सिगरेट एवं गुटखा के पुतलों का दहन कर समाज को तंबाकू सेवन के विरुद्ध सशक्त संदेश दिया। इस अवसर पर युवाओं द्वारा लगभग 25 जागरूकता पोस्टरों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिनमें तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया था। अपने संबोधन में एएसपी अभिनव ने लोगों से तंबाकू एवं अन्य नशे की आदतों से दूर रहने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की। उन्होंने पटना पुलिस द्वारा नशा मुक्ति के लिए चलाए जा रहे विभिन्न जन-जागरूकता अभियानों की भी जानकारी दी। पद्मश्री डॉ. आर.एन.
सिंह ने धूम्रपान और तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परिवार में एक व्यक्ति के धूम्रपान करने से पूरा परिवार ‘पैसिव स्मोकिंग’ का शिकार बन जाता है। उन्होंने सभी से नशामुक्त और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया। सवेरा कैंसर हॉस्पिटल के निदेशक एवं वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. वी.पी. सिंह ने स्पष्ट किया कि तंबाकू सेवन केवल मुंह, गले और फेफड़ों के कैंसर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हृदय रोग, न्यूरोवैस्कुलर विकार, नेत्र रोग, ब्लैडर कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर सहित अनेक गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण है। उन्होंने यह भी बताया कि
लगभग 40 प्रतिशत ओरल कैंसर के मामलों का मुख्य कारण तंबाकू सेवन है, और विशेष रूप से खैनी, गुटखा, जर्दा और पान मसाला का बढ़ता उपयोग युवाओं को तेजी से इसकी गिरफ्त में ले रहा है। डॉ. सिंह ने इस चुनौती का प्रभावी समाधान केवल समाज में जागरूकता बढ़ाकर ही किया जा सकने पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में चिकित्सकों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों एवं बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया, जिसमें डॉ. रणवीर नारायण, डॉ. राहुल चौधरी, डॉ. आकाश, डॉ. अमृता राकेश, डॉ. शांभवी शर्मा, शरद रंजन सहित शहर के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
- विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर शनिवार को पटना में सवेरा कैंसर हॉस्पिटल, रोटरी पटना मिडटाउन, आर.एस. मेमोरियल कैंसर सोसाइटी एवं IGLAM के संयुक्त तत्वावधान में एक “तंबाकू दहन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथि पटना के एएसपी अभिनव द्वारा उपस्थित लोगों को तंबाकू सेवन न करने की शपथ दिलाकर किया गया। शपथ ग्रहण के पश्चात एएसपी अभिनव, पद्मश्री डॉ. आर.एन. सिंह एवं सवेरा कैंसर हॉस्पिटल के निदेशक एवं वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. वी.पी. सिंह ने प्रतीकात्मक रूप से खैनी, सिगरेट एवं गुटखा के पुतलों का दहन कर समाज को तंबाकू सेवन के विरुद्ध सशक्त संदेश दिया। इस अवसर पर युवाओं द्वारा लगभग 25 जागरूकता पोस्टरों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिनमें तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया था। अपने संबोधन में एएसपी अभिनव ने लोगों से तंबाकू एवं अन्य नशे की आदतों से दूर रहने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की। उन्होंने पटना पुलिस द्वारा नशा मुक्ति के लिए चलाए जा रहे विभिन्न जन-जागरूकता अभियानों की भी जानकारी दी। पद्मश्री डॉ. आर.एन. सिंह ने धूम्रपान और तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परिवार में एक व्यक्ति के धूम्रपान करने से पूरा परिवार ‘पैसिव स्मोकिंग’ का शिकार बन जाता है। उन्होंने सभी से नशामुक्त और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया। सवेरा कैंसर हॉस्पिटल के निदेशक एवं वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. वी.पी. सिंह ने स्पष्ट किया कि तंबाकू सेवन केवल मुंह, गले और फेफड़ों के कैंसर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हृदय रोग, न्यूरोवैस्कुलर विकार, नेत्र रोग, ब्लैडर कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर सहित अनेक गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण है। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग 40 प्रतिशत ओरल कैंसर के मामलों का मुख्य कारण तंबाकू सेवन है, और विशेष रूप से खैनी, गुटखा, जर्दा और पान मसाला का बढ़ता उपयोग युवाओं को तेजी से इसकी गिरफ्त में ले रहा है। डॉ. सिंह ने इस चुनौती का प्रभावी समाधान केवल समाज में जागरूकता बढ़ाकर ही किया जा सकने पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में चिकित्सकों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों एवं बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया, जिसमें डॉ. रणवीर नारायण, डॉ. राहुल चौधरी, डॉ. आकाश, डॉ. अमृता राकेश, डॉ. शांभवी शर्मा, शरद रंजन सहित शहर के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।4
- बिहार में एक महिला दरोगा और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आरोप है कि किसी विवाद या कार्रवाई के दौरान महिला दरोगा ने ग्रामीणों की ओर पिस्तौल तान दी। इसके बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए दरोगा को ललकारा और कहा, "हिम्मत है तो गोली चलाओ।" इस घटना के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और लोगों की भीड़ जुट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस और ग्रामीणों के बीच कहासुनी बढ़ने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। हालांकि, घटना के पीछे का पूरा कारण और प्रशासनिक पक्ष अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस की कार्रवाई और ग्रामीणों के आरोपों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद लोग पुलिस के रवैये और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सवाल उठा रहे हैं। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति तभी स्पष्ट हो सकेगी, जब प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।1
- बक्सर रेलवे स्टेशन पर भागलपुर-दिलदारनगर-दानापुर रूट की ट्रेन संख्या 12336 में शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान उत्पाद विभाग की टीम को एक बड़े हंगामे का सामना करना पड़ा। जांच के दौरान जैसे ही टीम ने एक महिला तस्कर को पकड़ा, उसके अन्य साथियों ने उत्पाद और एस्कॉर्ट टीम का पुरजोर विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गई, जिसका फायदा उठाकर महिला तस्कर सहित कुछ आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए रेल पुलिस अधीक्षक पटना, अनंत कुमार राय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक विशेष एसआईटी टीम का गठन किया। रेल पुलिस उपाधीक्षक कंचन राज के नेतृत्व में गठित इस टीम ने तकनीकी जांच, खुफिया सूचनाओं और फॉरवर्ड लिंक के आधार पर गहन कार्रवाई की। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, फरार हुई महिला तस्कर सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, दो मोटरसाइकिल और अंग्रेजी शराब बरामद की गई है। पुलिस अब इस शराब तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। रेल पुलिस उपाधीक्षक कंचन राज (बाइट में कंचन कुमारी के रूप में उल्लिखित) ने पुष्टि की कि बक्सर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन संख्या 12336 में उत्पाद विभाग की टीम के साथ शराब तस्करों द्वारा धक्का-मुक्की की गई थी।1
- बिहार भाजपा के नए कार्यालय मंत्री विनय केसरी को वरिष्ठ भाजपा नेता और प्रदेश प्रवक्ता पंकज सिंह ने शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पार्टी के कई अन्य नेता और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। यह सम्मान भाजपा द्वारा अपनी प्रादेशिक टीम में कई पदाधिकारियों के मनोनयन के बाद किया गया है। पार्टी ने कुल 14 उपाध्यक्ष और 14 प्रदेश मंत्री बनाए हैं। इसके अतिरिक्त, पांच प्रदेश महामंत्री के साथ एक कोषाध्यक्ष और दो सह कोषाध्यक्ष भी नियुक्त किए गए हैं।2
- जो व्यक्ति गर्दन या कमर में किसी समस्या अथवा दर्द का अनुभव कर रहे हैं, उन्हें संबंधित सहायता प्राप्त करने के लिए संपर्क करने का सुझाव दिया गया है।1
- राजधानी पटना के 'विनिता स्पीच एंड हियरिंग ऑटिज्म सेंटर' के निदेशक DR SUJEET के साथ एक खास बातचीत की गई।1
- केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से निर्मित एक सोलर गाड़ी चलाते हुए देखा गया। इस दौरान उन्होंने खुद गाड़ी चलाकर इसका संचालन करके दिखाया।1
- फतुहा नगर परिषद में सशक्त स्थायी समिति के तीन सदस्य पदों के लिए शनिवार को चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न हुआ। तीन रिक्त पदों के लिए कुल पांच पार्षद चुनाव मैदान में थे, जिससे नगर परिषद परिसर में पूरे दिन चुनावी गतिविधियाँ और हलचल बनी रही। चुनाव प्रक्रिया के दौरान वार्ड संख्या-16 के पार्षद संतोष कुमार चंद्रवंशी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। शेष दो पदों के लिए हुए मतदान में वार्ड संख्या-11 की पार्षद सुजाता देवी और वार्ड संख्या-18 के पार्षद संजय कुमार उर्फ संजू यादव ने जीत दर्ज की, जिससे सशक्त स्थायी समिति में उनकी जगह सुनिश्चित हो गई। मतगणना के बाद वार्ड संख्या-21 के पार्षद अवधेश कुमार और वार्ड संख्या-10 की पार्षद गुड़िया देवी को हार का सामना करना पड़ा। परिणाम घोषित होते ही विजयी उम्मीदवारों के समर्थकों में खुशी का माहौल देखा गया और बधाई देने वालों का तांता लग गया। पूरी चुनाव प्रक्रिया प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। इस अवसर पर एसडीएम सत्यम सहाय, डीसीएलआर अभिलाषा सिन्हा, प्रखंड विकास पदाधिकारी गौतम सिन्हा और दनियावां बीपीआरओ विकास कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर पैनी नजर बनाए रखी।1