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देवा मेला की सुरक्षा को लेकर बाराबंकी पुलिस अलर्ट, मॉक ड्रिल के जरिए परखी आपातकालीन तैयारियां बाराबंकी | 27 अक्टूबर 2026 देवा मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने कसी कमर। जनपद बाराबंकी में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध देवा मेला को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में आज दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्रीमती रवीना त्यागी के निर्देशन में देवा मेला परिसर में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से किसी भी संभावित आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन की तैयारियों, त्वरित कार्रवाई की क्षमता और रिस्पांस टाइम का परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य मेले के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी आकस्मिक स्थिति में प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा श्रद्धालुओं, आगंतुकों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस अभ्यास के माध्यम से संबंधित विभागों के बीच आपसी समन्वय, राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता तथा उपलब्ध संसाधनों की कार्यशीलता को परखा गया। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य है कि मेले के दौरान किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करते हुए परिस्थितियों को नियंत्रित किया जा सके। मॉक ड्रिल के जरिए सुरक्षा व्यवस्था में संभावित कमियों की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, जिससे जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य बिना किसी अनावश्यक देरी के शुरू किए जा सकें। देवा मेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। मॉक ड्रिल जैसे अभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर तालमेल, त्वरित निर्णय और प्रभावी कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बाराबंकी पुलिस का उद्देश्य स्पष्ट है—देवा मेला में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, शांति व्यवस्था बनाए रखना और मेले का आयोजन सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना। जन जन की आवाज न्यूज़ भारत सच की जीत, झूठ की हार उत्तर प्रदेश डेस्क | बाराबंकी देवा मेला की सुरक्षा को लेकर बाराबंकी पुलिस अलर्ट, मॉक ड्रिल के जरिए परखी आपातकालीन तैयारियां बाराबंकी | 27 अक्टूबर 2026 देवा मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने कसी कमर। जनपद बाराबंकी में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध देवा मेला को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में आज दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्रीमती रवीना त्यागी के निर्देशन में देवा मेला परिसर में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से किसी भी संभावित आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन की तैयारियों, त्वरित कार्रवाई की क्षमता और रिस्पांस टाइम का परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य मेले के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी आकस्मिक स्थिति में प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा श्रद्धालुओं, आगंतुकों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस अभ्यास के माध्यम से संबंधित विभागों के बीच आपसी समन्वय, राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता तथा उपलब्ध संसाधनों की कार्यशीलता को परखा गया। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य है कि मेले के दौरान किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करते हुए परिस्थितियों को नियंत्रित किया जा सके। मॉक ड्रिल के जरिए सुरक्षा व्यवस्था में संभावित कमियों की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, जिससे जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य बिना किसी अनावश्यक देरी के शुरू किए जा सकें। देवा मेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। मॉक ड्रिल जैसे अभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर तालमेल, त्वरित निर्णय और प्रभावी कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बाराबंकी पुलिस का उद्देश्य स्पष्ट है—देवा मेला में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, शांति व्यवस्था बनाए रखना और मेले का आयोजन सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना। जन जन की आवाज न्यूज़ भारत सच की जीत, झूठ की हार उत्तर प्रदेश डेस्क | बाराबंकी

13 hrs ago
user_Virendra Kumar patrkaar
Virendra Kumar patrkaar
फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
13 hrs ago

देवा मेला की सुरक्षा को लेकर बाराबंकी पुलिस अलर्ट, मॉक ड्रिल के जरिए परखी आपातकालीन तैयारियां बाराबंकी | 27 अक्टूबर 2026 देवा मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने कसी कमर। जनपद बाराबंकी में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध देवा मेला को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में आज दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्रीमती रवीना त्यागी के निर्देशन में देवा मेला परिसर में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से किसी भी संभावित आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन की तैयारियों, त्वरित कार्रवाई की क्षमता और रिस्पांस टाइम का परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य मेले के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी आकस्मिक स्थिति में प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा श्रद्धालुओं, आगंतुकों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस अभ्यास के माध्यम से संबंधित विभागों के बीच आपसी समन्वय, राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता तथा उपलब्ध संसाधनों की कार्यशीलता को परखा गया। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य है कि मेले के दौरान किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करते हुए परिस्थितियों को नियंत्रित किया जा सके। मॉक ड्रिल के जरिए सुरक्षा व्यवस्था में संभावित कमियों की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, जिससे जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य बिना किसी अनावश्यक देरी के शुरू किए जा सकें। देवा मेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। मॉक ड्रिल जैसे अभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर तालमेल, त्वरित निर्णय और प्रभावी कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बाराबंकी पुलिस का उद्देश्य स्पष्ट है—देवा मेला में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, शांति व्यवस्था बनाए रखना और मेले का आयोजन सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना। जन जन की आवाज न्यूज़ भारत सच की जीत, झूठ की हार उत्तर प्रदेश डेस्क | बाराबंकी देवा मेला की सुरक्षा को लेकर बाराबंकी पुलिस अलर्ट, मॉक ड्रिल के जरिए परखी आपातकालीन तैयारियां बाराबंकी | 27 अक्टूबर 2026 देवा मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने कसी कमर। जनपद बाराबंकी में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध देवा मेला को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में आज दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्रीमती रवीना त्यागी के निर्देशन में देवा मेला परिसर में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से किसी भी संभावित आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन की तैयारियों, त्वरित कार्रवाई की क्षमता और रिस्पांस टाइम का परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य मेले के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी आकस्मिक स्थिति में प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा श्रद्धालुओं, आगंतुकों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस अभ्यास के माध्यम से संबंधित विभागों के बीच आपसी समन्वय, राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता तथा उपलब्ध संसाधनों की कार्यशीलता को परखा गया। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य है कि मेले के दौरान किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करते हुए परिस्थितियों को नियंत्रित किया जा सके। मॉक ड्रिल के जरिए सुरक्षा व्यवस्था में संभावित कमियों की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, जिससे जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य बिना किसी अनावश्यक देरी के शुरू किए जा सकें। देवा मेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। मॉक ड्रिल जैसे अभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर तालमेल, त्वरित निर्णय और प्रभावी कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बाराबंकी पुलिस का उद्देश्य स्पष्ट है—देवा मेला में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, शांति व्यवस्था बनाए रखना और मेले का आयोजन सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना। जन जन की आवाज न्यूज़ भारत सच की जीत, झूठ की हार उत्तर प्रदेश डेस्क | बाराबंकी

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  • भगौतीपुर में जनसंपर्क अभियान, शैलेंद्र प्रताप मौर्य ने जनता के सामने रखे विकास क बाराबंकी के कुर्सी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत भगौतीपुर मजरे सिपाह हिदायतपुर में निर्दलीय विधायक प्रत्याशी एवं अधिवक्ता शैलेंद्र प्रताप मौर्य के जनसंपर्क अभियान को लेकर विकास के मुद्दे चर्चा में हैं। उन्होंने क्षेत्र की जनता के सामने विकास से जुड़े 10 प्रमुख संकल्प प्रस्तुत करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, किसान कल्याण और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही है। शैलेंद्र प्रताप मौर्य ने अपने अभियान का नारा “एक वोट और एक नोट” रखा है। इसके माध्यम से उन्होंने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास में स्थानीय लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उनके संदेश में कुर्सी विधानसभा क्षेत्र को बाहरी राजनीतिक प्रभाव से मुक्त कर स्थानीय समस्याओं और जनता की आवाज को प्रमुखता देने की बात कही गई है। स्वास्थ्य और शिक्षा को प्राथमिकता प्रस्तुत 10 संकल्पों में हर 10 किलोमीटर पर अस्पताल की सुविधा, तीन नए सरकारी डिग्री कॉलेज और क्षेत्र में आधुनिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना का प्रस्ताव शामिल है। इसके साथ ही युवाओं की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए स्पोर्ट्स कॉलेज, स्कूलों में खेल सुविधाओं का विकास और स्थानीय स्तर पर खेल मैदान बनवाने की बात कही गई है। किसानों और युवाओं के लिए योजनाएं किसानों के हित में उचित फसल मूल्य, उन्नत बीज एवं खाद की उपलब्धता और क्षेत्र में किसान हाट स्थापित करने का संकल्प रखा गया है। वहीं, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए स्कूलों में कौशल विकास केंद्र शुरू करने तथा छोटे और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर विकसित करना बताया गया है। प्रत्याशी के संकल्पों में पात्र जरूरतमंद परिवारों को आवास, शौचालय और सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ दिलाने की बात कही गई है। इसके अलावा गांवों में पक्की सड़कें, बेहतर बिजली व्यवस्था और खेतों से जलभराव की समस्या दूर करने के लिए जल निकासी की व्यवस्था विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। शैलेंद्र प्रताप मौर्य ने जनता से जनसंपर्क अभियान में सहयोग करने और क्षेत्र की समस्याओं को सामने लाने की अपील की। उनके द्वारा प्रस्तुत ये 10 संकल्प कुर्सी विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, रोजगार और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित हैं। इन प्रस्तावों का क्रियान्वयन संबंधित स्वीकृतियों और उपलब्ध संसाधनों पर निर्भर करेगा।
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    भगौतीपुर में जनसंपर्क अभियान, शैलेंद्र प्रताप मौर्य ने जनता के सामने रखे विकास क
बाराबंकी के कुर्सी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत भगौतीपुर मजरे सिपाह हिदायतपुर में निर्दलीय विधायक प्रत्याशी एवं अधिवक्ता शैलेंद्र प्रताप मौर्य के जनसंपर्क अभियान को लेकर विकास के मुद्दे चर्चा में हैं। उन्होंने क्षेत्र की जनता के सामने विकास से जुड़े 10 प्रमुख संकल्प प्रस्तुत करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, किसान कल्याण और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही है।
शैलेंद्र प्रताप मौर्य ने अपने अभियान का नारा “एक वोट और एक नोट” रखा है। इसके माध्यम से उन्होंने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास में स्थानीय लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उनके संदेश में कुर्सी विधानसभा क्षेत्र को बाहरी राजनीतिक प्रभाव से मुक्त कर स्थानीय समस्याओं और जनता की आवाज को प्रमुखता देने की बात कही गई है।
स्वास्थ्य और शिक्षा को प्राथमिकता
प्रस्तुत 10 संकल्पों में हर 10 किलोमीटर पर अस्पताल की सुविधा, तीन नए सरकारी डिग्री कॉलेज और क्षेत्र में आधुनिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना का प्रस्ताव शामिल है। इसके साथ ही युवाओं की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए स्पोर्ट्स कॉलेज, स्कूलों में खेल सुविधाओं का विकास और स्थानीय स्तर पर खेल मैदान बनवाने की बात कही गई है।
किसानों और युवाओं के लिए योजनाएं
किसानों के हित में उचित फसल मूल्य, उन्नत बीज एवं खाद की उपलब्धता और क्षेत्र में किसान हाट स्थापित करने का संकल्प रखा गया है। वहीं, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए स्कूलों में कौशल विकास केंद्र शुरू करने तथा छोटे और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर विकसित करना बताया गया है।
प्रत्याशी के संकल्पों में पात्र जरूरतमंद परिवारों को आवास, शौचालय और सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ दिलाने की बात कही गई है। इसके अलावा गांवों में पक्की सड़कें, बेहतर बिजली व्यवस्था और खेतों से जलभराव की समस्या दूर करने के लिए जल निकासी की व्यवस्था विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
शैलेंद्र प्रताप मौर्य ने जनता से जनसंपर्क अभियान में सहयोग करने और क्षेत्र की समस्याओं को सामने लाने की अपील की। उनके द्वारा प्रस्तुत ये 10 संकल्प कुर्सी विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, रोजगार और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित हैं। इन प्रस्तावों का क्रियान्वयन संबंधित स्वीकृतियों और उपलब्ध संसाधनों पर निर्भर करेगा।
    user_रवि रावत पत्रकार फतेहपुर बाराबंकी
    रवि रावत पत्रकार फतेहपुर बाराबंकी
    फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • गोरखपुर में त्रिकोणीय मुकाबला, काशी मे ं सपा आगे: अखिलेश बोले- आगरा में MLC चुनाव की मतगणना रोकी गई, हंगामा
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    गोरखपुर में त्रिकोणीय मुकाबला, काशी मे ं सपा आगे: अखिलेश बोले- आगरा में MLC चुनाव की मतगणना रोकी गई, हंगामा
    user_Anoop singh
    Anoop singh
    Newspaper advertising department फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • देवा मेला की सुरक्षा को लेकर बाराबंकी पुलिस अलर्ट, मॉक ड्रिल के जरिए परखी आपातकालीन तैयारियां बाराबंकी | 27 अक्टूबर 2026 देवा मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने कसी कमर। जनपद बाराबंकी में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध देवा मेला को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में आज दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्रीमती रवीना त्यागी के निर्देशन में देवा मेला परिसर में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से किसी भी संभावित आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन की तैयारियों, त्वरित कार्रवाई की क्षमता और रिस्पांस टाइम का परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य मेले के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी आकस्मिक स्थिति में प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा श्रद्धालुओं, आगंतुकों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस अभ्यास के माध्यम से संबंधित विभागों के बीच आपसी समन्वय, राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता तथा उपलब्ध संसाधनों की कार्यशीलता को परखा गया। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य है कि मेले के दौरान किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करते हुए परिस्थितियों को नियंत्रित किया जा सके। मॉक ड्रिल के जरिए सुरक्षा व्यवस्था में संभावित कमियों की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, जिससे जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य बिना किसी अनावश्यक देरी के शुरू किए जा सकें। देवा मेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। मॉक ड्रिल जैसे अभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर तालमेल, त्वरित निर्णय और प्रभावी कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बाराबंकी पुलिस का उद्देश्य स्पष्ट है—देवा मेला में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, शांति व्यवस्था बनाए रखना और मेले का आयोजन सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना। जन जन की आवाज न्यूज़ भारत सच की जीत, झूठ की हार उत्तर प्रदेश डेस्क | बाराबंकी देवा मेला की सुरक्षा को लेकर बाराबंकी पुलिस अलर्ट, मॉक ड्रिल के जरिए परखी आपातकालीन तैयारियां बाराबंकी | 27 अक्टूबर 2026 देवा मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने कसी कमर। जनपद बाराबंकी में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध देवा मेला को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में आज दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्रीमती रवीना त्यागी के निर्देशन में देवा मेला परिसर में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से किसी भी संभावित आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन की तैयारियों, त्वरित कार्रवाई की क्षमता और रिस्पांस टाइम का परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य मेले के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी आकस्मिक स्थिति में प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा श्रद्धालुओं, आगंतुकों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस अभ्यास के माध्यम से संबंधित विभागों के बीच आपसी समन्वय, राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता तथा उपलब्ध संसाधनों की कार्यशीलता को परखा गया। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य है कि मेले के दौरान किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करते हुए परिस्थितियों को नियंत्रित किया जा सके। मॉक ड्रिल के जरिए सुरक्षा व्यवस्था में संभावित कमियों की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, जिससे जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य बिना किसी अनावश्यक देरी के शुरू किए जा सकें। देवा मेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। मॉक ड्रिल जैसे अभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर तालमेल, त्वरित निर्णय और प्रभावी कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बाराबंकी पुलिस का उद्देश्य स्पष्ट है—देवा मेला में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, शांति व्यवस्था बनाए रखना और मेले का आयोजन सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना। जन जन की आवाज न्यूज़ भारत सच की जीत, झूठ की हार उत्तर प्रदेश डेस्क | बाराबंकी
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    देवा मेला की सुरक्षा को लेकर बाराबंकी पुलिस अलर्ट, मॉक ड्रिल के जरिए परखी आपातकालीन तैयारियां

बाराबंकी | 27 अक्टूबर 2026

देवा मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने कसी कमर।

जनपद बाराबंकी में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध देवा मेला को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में आज दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्रीमती रवीना त्यागी के निर्देशन में देवा मेला परिसर में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से किसी भी संभावित आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन की तैयारियों, त्वरित कार्रवाई की क्षमता और रिस्पांस टाइम का परीक्षण किया गया।

मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य मेले के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी आकस्मिक स्थिति में प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा श्रद्धालुओं, आगंतुकों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस अभ्यास के माध्यम से संबंधित विभागों के बीच आपसी समन्वय, राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता तथा उपलब्ध संसाधनों की कार्यशीलता को परखा गया।

पुलिस प्रशासन का उद्देश्य है कि मेले के दौरान किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करते हुए परिस्थितियों को नियंत्रित किया जा सके। मॉक ड्रिल के जरिए सुरक्षा व्यवस्था में संभावित कमियों की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, जिससे जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य बिना किसी अनावश्यक देरी के शुरू किए जा सकें।

देवा मेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। मॉक ड्रिल जैसे अभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर तालमेल, त्वरित निर्णय और प्रभावी कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बाराबंकी पुलिस का उद्देश्य स्पष्ट है—देवा मेला में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, शांति व्यवस्था बनाए रखना और मेले का आयोजन सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना।

जन जन की आवाज न्यूज़ भारत
सच की जीत, झूठ की हार
उत्तर प्रदेश डेस्क | बाराबंकी


देवा मेला की सुरक्षा को लेकर बाराबंकी पुलिस अलर्ट, मॉक ड्रिल के जरिए परखी आपातकालीन तैयारियां
बाराबंकी | 27 अक्टूबर 2026
देवा मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने कसी कमर।
जनपद बाराबंकी में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध देवा मेला को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में आज दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्रीमती रवीना त्यागी के निर्देशन में देवा मेला परिसर में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से किसी भी संभावित आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन की तैयारियों, त्वरित कार्रवाई की क्षमता और रिस्पांस टाइम का परीक्षण किया गया।
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य मेले के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी आकस्मिक स्थिति में प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा श्रद्धालुओं, आगंतुकों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस अभ्यास के माध्यम से संबंधित विभागों के बीच आपसी समन्वय, राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता तथा उपलब्ध संसाधनों की कार्यशीलता को परखा गया।
पुलिस प्रशासन का उद्देश्य है कि मेले के दौरान किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करते हुए परिस्थितियों को नियंत्रित किया जा सके। मॉक ड्रिल के जरिए सुरक्षा व्यवस्था में संभावित कमियों की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, जिससे जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य बिना किसी अनावश्यक देरी के शुरू किए जा सकें।
देवा मेला में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। मॉक ड्रिल जैसे अभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर तालमेल, त्वरित निर्णय और प्रभावी कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बाराबंकी पुलिस का उद्देश्य स्पष्ट है—देवा मेला में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, शांति व्यवस्था बनाए रखना और मेले का आयोजन सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना।
जन जन की आवाज न्यूज़ भारत
सच की जीत, झूठ की हार
उत्तर प्रदेश डेस्क | बाराबंकी
    user_Virendra Kumar patrkaar
    Virendra Kumar patrkaar
    फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • "देवा मेला के शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित आयोजन के दृष्टिगत, आपातकालीन परिस्थितियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु पुलिस प्रशासन द्वारा मेला परिसर में मॉक ड्रिल का आयोजन कर सुरक्षा तैयारियों व रिस्पांस टाइम को परखा गया। दिनांक 27.10.2026 को देवा मेला के आयोजन के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्रीमती रवीना त्यागी के निर्देशन में सकुशल एवं सुरक्षित आयोजन तथा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से देवा मेला परिसर में मॉक ड्रिल आयोजन किया गया। *"मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों की तत्परता, आपसी समन्वय, राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता तथा उपलब्ध संसाधनों की कार्यशीलता का वास्तविक परीक्षण करना है। इसके माध्यम से वर्तमान व्यवस्थाओं की कमियों की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि मेले के दौरान किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित, सुरक्षित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
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    "देवा मेला के शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित आयोजन के दृष्टिगत, आपातकालीन परिस्थितियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु पुलिस प्रशासन द्वारा मेला परिसर में मॉक ड्रिल का आयोजन कर सुरक्षा तैयारियों व रिस्पांस टाइम को परखा गया।
दिनांक 27.10.2026 को देवा मेला के आयोजन के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्रीमती रवीना त्यागी के निर्देशन में सकुशल एवं सुरक्षित आयोजन तथा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से देवा मेला परिसर में मॉक ड्रिल आयोजन किया गया। *"मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों की तत्परता, आपसी समन्वय, राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता तथा उपलब्ध संसाधनों की कार्यशीलता का वास्तविक परीक्षण करना है। इसके माध्यम से वर्तमान व्यवस्थाओं की कमियों की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि मेले के दौरान किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित, सुरक्षित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
    user_Sandeep Kumar Patrakaar
    Sandeep Kumar Patrakaar
    फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • # टिकैतगंज की ऐतिहासिक रामलीला में राम वनवास का मार्मिक मंचन, भावुक हुए दर्शक **टिकैतगंज/निंदूरा, बाराबंकी।** निंदूरा क्षेत्र के टिकैतगंज कस्बे में आयोजित सैकड़ों वर्ष पुरानी ऐतिहासिक रामलीला में ताड़का वध, सीता स्वयंवर और धनुष यज्ञ के बाद बीती रात भगवान श्रीराम के वनवास की मार्मिक लीला का मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और देर रात तक भक्तिमय वातावरण में लीला का आनंद लेते रहे। रामलीला के मंचन में दिखाया गया कि अयोध्या के राजा दशरथ अपने ज्येष्ठ पुत्र भगवान श्रीराम को राजगद्दी सौंपने का निर्णय लेते हैं। इसकी जानकारी मिलने पर पूरी अयोध्या में खुशी का माहौल बन जाता है। इसी बीच दासी मंथरा महारानी कैकेयी को अपनी बातों में उलझाकर उनके मन में भरत को राजा बनाने की इच्छा जगा देती है। मंथरा के बहकावे में आकर कैकेयी राजा दशरथ से पूर्व में दिए गए दो वरदान मांगती हैं। पहले वरदान में वह भरत के लिए अयोध्या का राजसिंहासन और दूसरे में भगवान श्रीराम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांग लेती हैं। कैकेयी की मांग सुनकर राजा दशरथ गहरे सदमे में आ जाते हैं। पुत्र वियोग की कल्पना से उनका हृदय व्याकुल हो उठता है, लेकिन वचनबद्ध होने के कारण वह विवश नजर आते हैं। पिता के वचन की मर्यादा बनाए रखने के लिए भगवान श्रीराम बिना किसी विरोध के वन जाने के लिए तैयार हो जाते हैं। भगवान श्रीराम के वनवास जाने की बात सुनकर माता सीता और लक्ष्मण भी उनके साथ वन जाने का निर्णय लेते हैं। तीनों के वन प्रस्थान का दृश्य देखकर रामलीला पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुति के बीच जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा। रामलीला के माध्यम से मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और पारिवारिक संबंधों की महत्ता का संदेश दिया गया। रामलीला कमेटी के अनुसार, आगामी मंचन में कैकेयी-मंथरा संवाद और चित्रकूट की लीला प्रस्तुत की जाएगी।
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    # टिकैतगंज की ऐतिहासिक रामलीला में राम वनवास का मार्मिक मंचन, भावुक हुए दर्शक
**टिकैतगंज/निंदूरा, बाराबंकी।** निंदूरा क्षेत्र के टिकैतगंज कस्बे में आयोजित सैकड़ों वर्ष पुरानी ऐतिहासिक रामलीला में ताड़का वध, सीता स्वयंवर और धनुष यज्ञ के बाद बीती रात भगवान श्रीराम के वनवास की मार्मिक लीला का मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और देर रात तक भक्तिमय वातावरण में लीला का आनंद लेते रहे।
रामलीला के मंचन में दिखाया गया कि अयोध्या के राजा दशरथ अपने ज्येष्ठ पुत्र भगवान श्रीराम को राजगद्दी सौंपने का निर्णय लेते हैं। इसकी जानकारी मिलने पर पूरी अयोध्या में खुशी का माहौल बन जाता है। इसी बीच दासी मंथरा महारानी कैकेयी को अपनी बातों में उलझाकर उनके मन में भरत को राजा बनाने की इच्छा जगा देती है। मंथरा के बहकावे में आकर कैकेयी राजा दशरथ से पूर्व में दिए गए दो वरदान मांगती हैं। पहले वरदान में वह भरत के लिए अयोध्या का राजसिंहासन और दूसरे में भगवान श्रीराम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांग लेती हैं।
कैकेयी की मांग सुनकर राजा दशरथ गहरे सदमे में आ जाते हैं। पुत्र वियोग की कल्पना से उनका हृदय व्याकुल हो उठता है, लेकिन वचनबद्ध होने के कारण वह विवश नजर आते हैं। पिता के वचन की मर्यादा बनाए रखने के लिए भगवान श्रीराम बिना किसी विरोध के वन जाने के लिए तैयार हो जाते हैं।
भगवान श्रीराम के वनवास जाने की बात सुनकर माता सीता और लक्ष्मण भी उनके साथ वन जाने का निर्णय लेते हैं। तीनों के वन प्रस्थान का दृश्य देखकर रामलीला पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुति के बीच जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा।
रामलीला के माध्यम से मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और पारिवारिक संबंधों की महत्ता का संदेश दिया गया। रामलीला कमेटी के अनुसार, आगामी मंचन में कैकेयी-मंथरा संवाद और चित्रकूट की लीला प्रस्तुत की जाएगी।
    user_पत्रकार श्रियांक शर्मा
    पत्रकार श्रियांक शर्मा
    Local News Reporter फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • बाराबंकी में ऐतिहासिक देवा मेले का भव्य शुभारंभ | हाजी वारिस अली शाह की सरजमीं पर उमड़ी रौनक | बाराबंकी में ऐतिहासिक देवा मेले का भव्य शुभारंभ | हाजी वारिस अली शाह की सरजमीं पर उमड़ी रौनक |
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    बाराबंकी में ऐतिहासिक देवा मेले का भव्य शुभारंभ | हाजी वारिस अली शाह की सरजमीं पर उमड़ी रौनक |
बाराबंकी में ऐतिहासिक देवा मेले का भव्य शुभारंभ | हाजी वारिस अली शाह की सरजमीं पर उमड़ी रौनक |
    user_Public News Network24
    Public News Network24
    Newspaper publisher नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • बाराबंकी। जिले में मेंथा कारोबार से जुड़े व्यापारियों के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी से हड़कंप मच गया। बाराबंकी में मेंथा कारोबारियों के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी, देर रात तक चली जांच बाराबंकी। जिले में मेंथा कारोबार से जुड़े व्यापारियों के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी से हड़कंप मच गया। सोमवार रात फतेहपुर और मसौली क्षेत्र में आयकर विभाग की टीमों ने अचानक पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू की। अधिकारियों ने कारोबारी प्रतिष्ठानों और आवासों पर दस्तावेजों तथा अभिलेखों की जांच की। देर रात तक कार्रवाई जारी रहने से व्यापारिक क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। जानकारी के मुताबिक, फतेहपुर कस्बे के ब्राह्मणी टोला में मेंथा कारोबारी सचिन जैन के आवास पर आयकर विभाग की टीम पहुंची। बताया जा रहा है कि टीम में करीब एक दर्जन अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने घर में मौजूद दस्तावेजों और कारोबारी अभिलेखों की बारीकी से जांच की। अचानक हुई इस कार्रवाई से आसपास के क्षेत्र में भी हलचल देखने को मिली। वहीं, मसौली क्षेत्र में स्थित वर्मा ट्रेडिंग कंपनी पर भी आयकर विभाग की टीम ने कार्रवाई की। कंपनी के मालिक प्रेम किशोर वर्मा ग्राम सादामऊ के निवासी बताए गए हैं। टीम ने मेंथा ऑयल के कारोबार से जुड़ी दुकान पर पहुंचकर आवश्यक दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच-पड़ताल की। दो अलग-अलग स्थानों पर हुई इस कार्रवाई को लेकर कारोबारियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। हालांकि, आयकर विभाग की ओर से अभी तक छापेमारी के कारणों, जांच के दायरे और कार्रवाई के दौरान सामने आए तथ्यों के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल, विभाग की जांच में क्या सामने आया और कार्रवाई का आगे क्या परिणाम होगा, इसकी जानकारी आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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    बाराबंकी। जिले में मेंथा कारोबार से जुड़े व्यापारियों के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी से हड़कंप मच गया।
बाराबंकी में मेंथा कारोबारियों के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी, देर रात तक चली जांच
बाराबंकी। जिले में मेंथा कारोबार से जुड़े व्यापारियों के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी से हड़कंप मच गया। सोमवार रात फतेहपुर और मसौली क्षेत्र में आयकर विभाग की टीमों ने अचानक पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू की। अधिकारियों ने कारोबारी प्रतिष्ठानों और आवासों पर दस्तावेजों तथा अभिलेखों की जांच की। देर रात तक कार्रवाई जारी रहने से व्यापारिक क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
जानकारी के मुताबिक, फतेहपुर कस्बे के ब्राह्मणी टोला में मेंथा कारोबारी सचिन जैन के आवास पर आयकर विभाग की टीम पहुंची। बताया जा रहा है कि टीम में करीब एक दर्जन अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने घर में मौजूद दस्तावेजों और कारोबारी अभिलेखों की बारीकी से जांच की। अचानक हुई इस कार्रवाई से आसपास के क्षेत्र में भी हलचल देखने को मिली।
वहीं, मसौली क्षेत्र में स्थित वर्मा ट्रेडिंग कंपनी पर भी आयकर विभाग की टीम ने कार्रवाई की। कंपनी के मालिक प्रेम किशोर वर्मा ग्राम सादामऊ के निवासी बताए गए हैं। टीम ने मेंथा ऑयल के कारोबार से जुड़ी दुकान पर पहुंचकर आवश्यक दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच-पड़ताल की।
दो अलग-अलग स्थानों पर हुई इस कार्रवाई को लेकर कारोबारियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। हालांकि, आयकर विभाग की ओर से अभी तक छापेमारी के कारणों, जांच के दायरे और कार्रवाई के दौरान सामने आए तथ्यों के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
फिलहाल, विभाग की जांच में क्या सामने आया और कार्रवाई का आगे क्या परिणाम होगा, इसकी जानकारी आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
    user_Mukesh Kumar Verma
    Mukesh Kumar Verma
    नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • # टिकैतगंज की ऐतिहासिक रामलीला में राम वनवास का मार्मिक मंचन, भावुक हुए दर्शक **टिकैतगंज/निंदूरा, बाराबंकी।** निंदूरा क्षेत्र के टिकैतगंज कस्बे में आयोजित सैकड़ों वर्ष पुरानी ऐतिहासिक रामलीला में ताड़का वध, सीता स्वयंवर और धनुष यज्ञ के बाद बीती रात भगवान श्रीराम के वनवास की मार्मिक लीला का मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और देर रात तक भक्तिमय वातावरण में लीला का आनंद लेते रहे। रामलीला के मंचन में दिखाया गया कि अयोध्या के राजा दशरथ अपने ज्येष्ठ पुत्र भगवान श्रीराम को राजगद्दी सौंपने का निर्णय लेते हैं। इसकी जानकारी मिलने पर पूरी अयोध्या में खुशी का माहौल बन जाता है। इसी बीच दासी मंथरा महारानी कैकेयी को अपनी बातों में उलझाकर उनके मन में भरत को राजा बनाने की इच्छा जगा देती है। मंथरा के बहकावे में आकर कैकेयी राजा दशरथ से पूर्व में दिए गए दो वरदान मांगती हैं। पहले वरदान में वह भरत के लिए अयोध्या का राजसिंहासन और दूसरे में भगवान श्रीराम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांग लेती हैं। कैकेयी की मांग सुनकर राजा दशरथ गहरे सदमे में आ जाते हैं। पुत्र वियोग की कल्पना से उनका हृदय व्याकुल हो उठता है, लेकिन वचनबद्ध होने के कारण वह विवश नजर आते हैं। पिता के वचन की मर्यादा बनाए रखने के लिए भगवान श्रीराम बिना किसी विरोध के वन जाने के लिए तैयार हो जाते हैं। भगवान श्रीराम के वनवास जाने की बात सुनकर माता सीता और लक्ष्मण भी उनके साथ वन जाने का निर्णय लेते हैं। तीनों के वन प्रस्थान का दृश्य देखकर रामलीला पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुति के बीच जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा। रामलीला के माध्यम से मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और पारिवारिक संबंधों की महत्ता का संदेश दिया गया। रामलीला कमेटी के अनुसार, आगामी मंचन में कैकेयी-मंथरा संवाद और चित्रकूट की लीला प्रस्तुत की जाएगी।
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    # टिकैतगंज की ऐतिहासिक रामलीला में राम वनवास का मार्मिक मंचन, भावुक हुए दर्शक

**टिकैतगंज/निंदूरा, बाराबंकी।** निंदूरा क्षेत्र के टिकैतगंज कस्बे में आयोजित सैकड़ों वर्ष पुरानी ऐतिहासिक रामलीला में ताड़का वध, सीता स्वयंवर और धनुष यज्ञ के बाद बीती रात भगवान श्रीराम के वनवास की मार्मिक लीला का मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और देर रात तक भक्तिमय वातावरण में लीला का आनंद लेते रहे।
रामलीला के मंचन में दिखाया गया कि अयोध्या के राजा दशरथ अपने ज्येष्ठ पुत्र भगवान श्रीराम को राजगद्दी सौंपने का निर्णय लेते हैं। इसकी जानकारी मिलने पर पूरी अयोध्या में खुशी का माहौल बन जाता है। इसी बीच दासी मंथरा महारानी कैकेयी को अपनी बातों में उलझाकर उनके मन में भरत को राजा बनाने की इच्छा जगा देती है। मंथरा के बहकावे में आकर कैकेयी राजा दशरथ से पूर्व में दिए गए दो वरदान मांगती हैं। पहले वरदान में वह भरत के लिए अयोध्या का राजसिंहासन और दूसरे में भगवान श्रीराम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांग लेती हैं।
कैकेयी की मांग सुनकर राजा दशरथ गहरे सदमे में आ जाते हैं। पुत्र वियोग की कल्पना से उनका हृदय व्याकुल हो उठता है, लेकिन वचनबद्ध होने के कारण वह विवश नजर आते हैं। पिता के वचन की मर्यादा बनाए रखने के लिए भगवान श्रीराम बिना किसी विरोध के वन जाने के लिए तैयार हो जाते हैं।
भगवान श्रीराम के वनवास जाने की बात सुनकर माता सीता और लक्ष्मण भी उनके साथ वन जाने का निर्णय लेते हैं। तीनों के वन प्रस्थान का दृश्य देखकर रामलीला पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुति के बीच जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा।
रामलीला के माध्यम से मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और पारिवारिक संबंधों की महत्ता का संदेश दिया गया। रामलीला कमेटी के अनुसार, आगामी मंचन में कैकेयी-मंथरा संवाद और चित्रकूट की लीला प्रस्तुत की जाएगी।
    user_पत्रकार श्रियांक शर्मा
    पत्रकार श्रियांक शर्मा
    Local News Reporter फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
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