उमरिया के मानपुर में हुई पहली तेज बारिश ने नवगठित नगर परिषद की तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। वार्ड क्रमांक 10 में बारिश का पानी कई घरों में घुस गया, जिससे निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह स्थिति उन दावों के विपरीत है कि बारिश आने से पहले छत की मरम्मत होनी चाहिए, न कि बाद में। वार्डवासियों ने बताया कि नालियों की उचित सफाई और जल निकासी प्रणाली के अभाव के कारण बारिश का पानी सीधे घरों में प्रवेश कर रहा है। इससे न केवल दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। नगर परिषद के गठन के समय लोगों को बेहतर सड़कें, पक्की नालियां, स्वच्छ पेयजल और आधुनिक नागरिक सुविधाओं का आश्वासन दिया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कई वार्ड आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिससे विकास के दावे और धरातल की तस्वीर में स्पष्ट अंतर दिख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और जल निकासी पर ध्यान दिया जाता, तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। शुक्रवार को, वार्डवासियों ने नवागत मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को एक आवेदन सौंपकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग की। सीएमओ ने आवेदन प्राप्त कर आवश्यक जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि यह आश्वासन केवल कागजी खानापूर्ति साबित होता है या वार्डवासियों को वास्तव में जलभराव की समस्या से निजात मिलती है।
उमरिया के मानपुर में हुई पहली तेज बारिश ने नवगठित नगर परिषद की तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। वार्ड क्रमांक 10 में बारिश का पानी कई घरों में घुस गया, जिससे निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह स्थिति उन दावों के विपरीत है कि बारिश आने से पहले छत की मरम्मत होनी चाहिए, न कि बाद में। वार्डवासियों ने बताया कि नालियों की उचित सफाई और जल निकासी प्रणाली के अभाव के कारण बारिश का पानी सीधे घरों में प्रवेश कर रहा है। इससे न केवल दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। नगर परिषद के गठन के समय लोगों को बेहतर सड़कें, पक्की नालियां, स्वच्छ पेयजल और आधुनिक नागरिक सुविधाओं
का आश्वासन दिया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कई वार्ड आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिससे विकास के दावे और धरातल की तस्वीर में स्पष्ट अंतर दिख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और जल निकासी पर ध्यान दिया जाता, तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। शुक्रवार को, वार्डवासियों ने नवागत मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को एक आवेदन सौंपकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग की। सीएमओ ने आवेदन प्राप्त कर आवश्यक जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि यह आश्वासन केवल कागजी खानापूर्ति साबित होता है या वार्डवासियों को वास्तव में जलभराव की समस्या से निजात मिलती है।
- शहडोल जिले में 41.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। हालांकि, इस बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। आमजनों को इन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, और लोग छतरियों के साथ-साथ मोमबत्तियों तथा पावरबैंक का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। यह स्थिति शहडोल में मानसून से पैदा हुई चुनौतियों को उजागर करती है।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस विधायक ठाकुर रजनीश सिंह की गतिविधियाँ राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई हैं। कार्यक्रम के दौरान विधायक लगातार मुख्यमंत्री के आसपास ही नजर आए, कभी उनके पीछे तो कभी आगे चलते दिखे। हालांकि, विधायक होने के नाते ठाकुर रजनीश सिंह प्रोटोकॉल के तहत ही कार्यक्रम में शामिल हुए थे, लेकिन मंच पर उनकी अति-सक्रियता ने अब खूब सुर्खियां बटोरी हैं। एक दिलचस्प पल तब आया जब मुख्यमंत्री मंच पर अपना भाषण समाप्त कर रहे थे। तभी कांग्रेस विधायक उनके पास जाकर अपनी बात कहने लगे, जबकि मुख्यमंत्री ने अपना भाषण खत्म किया और आगे बढ़ गए।1
- कहा गया है कि व्यक्ति को ऐसे कर्म करने चाहिए जिनका शुभ फल उसे अपने आप प्राप्त हो। इस सिद्धांत पर जोर दिया गया है कि जो लोग निस्वार्थ भाव से दूसरों की मदद करते हैं, ईश्वर स्वयं उनकी सहायता करते हैं।1
- उमरिया जिले में कंचन ओपन माइंस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के कारण शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घुलघुली संकुल को अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया जा रहा है। प्रशासन के निर्णय अनुसार, कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को ग्राम पंचायत नरवार-29 स्थित विद्यालय में, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को अस्थायी तौर पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जरहा में भेजा जाएगा। इस संबंध में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घुलघुली में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें एसडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी, विद्यालय स्टाफ, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। बैठक में जिला प्रशासन ने नए विद्यालय के निर्माण तक विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए अस्थायी स्थानांतरण का निर्णय लिया। हालांकि, अभिभावकों और छात्रों ने इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि वे अपने वर्तमान विद्यालय से स्थानांतरित नहीं होना चाहते और यहीं अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं। बैठक के दौरान जिला प्रशासन ने कोल माइंस प्रबंधन से विद्यार्थियों के आवागमन के लिए परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही, लेकिन कोल माइंस अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों से चर्चा के बाद ही निर्णय लेने की बात कहकर कोई ठोस लिखित आश्वासन नहीं दिया। ग्रामीण और अभिभावकों का तर्क है कि यदि परिवहन की समुचित व्यवस्था नहीं हुई, तो लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित विद्यालय तक छोटे बच्चों का प्रतिदिन आना-जाना बेहद कठिन हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय के विस्थापन से पहले ही नए विद्यालय का निर्माण और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कंचन ओपन माइंस में हो रही तेज गति की ब्लास्टिंग से आसपास के कई गांव प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में, क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन और कोल माइंस प्रबंधन से विद्यार्थियों की शिक्षा, सुरक्षा और आवागमन के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। अब सभी की नजर जिला प्रशासन और कोल माइंस प्रबंधन के अगले निर्णय पर टिकी है कि विद्यार्थियों के हित में क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।4
- कांग्रेस ने युवाओं, किसानों और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों को लेकर एक प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया है। इस आंदोलन के माध्यम से कांग्रेस ने सीधे मुख्यमंत्री से इन गंभीर विषयों पर स्पष्टीकरण देने या अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है।1
- शुक्रवार दोपहर बाद शहडोल जिले में हुई तेज बारिश ने लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत दिलाई। हालांकि, इस बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों और मुख्य सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग ने बताया है कि मानसून के सक्रिय रहने के चलते अगले 24 घंटों तक जिले में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। देर शाम तक चली इस बारिश से शहर की कॉलोनियों, बाजारों और मुख्य मार्गों पर पानी जमा हो गया। कई जगहों पर नालियों का पानी सड़कों पर बहने लगा, जिसके कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान, जिले के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, ग्रामीण इलाकों में हुई अच्छी बारिश से किसानों में खुशी का माहौल है। धान और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई कर चुके किसानों का मानना है कि यह पानी उनकी फसलों के लिए अमृत के समान है। इसके अतिरिक्त, जिन खेतों में अभी बुवाई नहीं हुई है, उनमें भी पर्याप्त नमी आने से खेती के काम में तेजी आने की उम्मीद है।1
- डिंडौरी जिले के शाहपुरा से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां लगातार दो दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। इसी के बीच एक बड़ा हादसा हुआ है जब डुकरीगांव से बस्तर रोड के बीच पुल पार करते समय एक कार तेज बहाव की चपेट में आकर नदी में बह गई। बताया गया है कि कार करीब आधा किलोमीटर तक बहने के बाद नदी के बीच फंस गई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए, और राहत एवं बचाव के प्रयास लगातार जारी हैं। शाहपुरा क्षेत्र में लगातार बारिश से आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। फिलहाल, इस घटना में किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और अधिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।4