उमरिया जिले में कंचन ओपन माइंस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के कारण शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घुलघुली संकुल को अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया जा रहा है। प्रशासन के निर्णय अनुसार, कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को ग्राम पंचायत नरवार-29 स्थित विद्यालय में, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को अस्थायी तौर पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जरहा में भेजा जाएगा। इस संबंध में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घुलघुली में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें एसडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी, विद्यालय स्टाफ, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। बैठक में जिला प्रशासन ने नए विद्यालय के निर्माण तक विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए अस्थायी स्थानांतरण का निर्णय लिया। हालांकि, अभिभावकों और छात्रों ने इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि वे अपने वर्तमान विद्यालय से स्थानांतरित नहीं होना चाहते और यहीं अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं। बैठक के दौरान जिला प्रशासन ने कोल माइंस प्रबंधन से विद्यार्थियों के आवागमन के लिए परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही, लेकिन कोल माइंस अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों से चर्चा के बाद ही निर्णय लेने की बात कहकर कोई ठोस लिखित आश्वासन नहीं दिया। ग्रामीण और अभिभावकों का तर्क है कि यदि परिवहन की समुचित व्यवस्था नहीं हुई, तो लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित विद्यालय तक छोटे बच्चों का प्रतिदिन आना-जाना बेहद कठिन हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय के विस्थापन से पहले ही नए विद्यालय का निर्माण और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कंचन ओपन माइंस में हो रही तेज गति की ब्लास्टिंग से आसपास के कई गांव प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में, क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन और कोल माइंस प्रबंधन से विद्यार्थियों की शिक्षा, सुरक्षा और आवागमन के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। अब सभी की नजर जिला प्रशासन और कोल माइंस प्रबंधन के अगले निर्णय पर टिकी है कि विद्यार्थियों के हित में क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
उमरिया जिले में कंचन ओपन माइंस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के कारण शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घुलघुली संकुल को अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया जा रहा है। प्रशासन के निर्णय अनुसार, कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को ग्राम पंचायत नरवार-29 स्थित विद्यालय में, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को अस्थायी तौर पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जरहा में भेजा जाएगा। इस संबंध में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घुलघुली में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की
गई, जिसमें एसडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी, विद्यालय स्टाफ, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। बैठक में जिला प्रशासन ने नए विद्यालय के निर्माण तक विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए अस्थायी स्थानांतरण का निर्णय लिया। हालांकि, अभिभावकों और छात्रों ने इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि वे अपने वर्तमान विद्यालय से स्थानांतरित नहीं होना चाहते और यहीं अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं। बैठक के दौरान जिला प्रशासन ने कोल माइंस प्रबंधन से विद्यार्थियों के आवागमन के लिए
परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही, लेकिन कोल माइंस अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों से चर्चा के बाद ही निर्णय लेने की बात कहकर कोई ठोस लिखित आश्वासन नहीं दिया। ग्रामीण और अभिभावकों का तर्क है कि यदि परिवहन की समुचित व्यवस्था नहीं हुई, तो लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित विद्यालय तक छोटे बच्चों का प्रतिदिन आना-जाना बेहद कठिन हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय के विस्थापन से पहले ही नए विद्यालय का निर्माण और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जानी चाहिए
थी। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कंचन ओपन माइंस में हो रही तेज गति की ब्लास्टिंग से आसपास के कई गांव प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में, क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन और कोल माइंस प्रबंधन से विद्यार्थियों की शिक्षा, सुरक्षा और आवागमन के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। अब सभी की नजर जिला प्रशासन और कोल माइंस प्रबंधन के अगले निर्णय पर टिकी है कि विद्यार्थियों के हित में क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
- उमरिया के मानपुर में हुई पहली तेज बारिश ने नवगठित नगर परिषद की तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। वार्ड क्रमांक 10 में बारिश का पानी कई घरों में घुस गया, जिससे निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह स्थिति उन दावों के विपरीत है कि बारिश आने से पहले छत की मरम्मत होनी चाहिए, न कि बाद में। वार्डवासियों ने बताया कि नालियों की उचित सफाई और जल निकासी प्रणाली के अभाव के कारण बारिश का पानी सीधे घरों में प्रवेश कर रहा है। इससे न केवल दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। नगर परिषद के गठन के समय लोगों को बेहतर सड़कें, पक्की नालियां, स्वच्छ पेयजल और आधुनिक नागरिक सुविधाओं का आश्वासन दिया गया था, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कई वार्ड आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिससे विकास के दावे और धरातल की तस्वीर में स्पष्ट अंतर दिख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और जल निकासी पर ध्यान दिया जाता, तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। शुक्रवार को, वार्डवासियों ने नवागत मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को एक आवेदन सौंपकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग की। सीएमओ ने आवेदन प्राप्त कर आवश्यक जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि यह आश्वासन केवल कागजी खानापूर्ति साबित होता है या वार्डवासियों को वास्तव में जलभराव की समस्या से निजात मिलती है।2
- राज्य सरकार ने देर रात नौ आईपीएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। इन तबादलों में शहडोल और शाजापुर के पुलिस अधीक्षक (SP) भी बदले गए हैं, साथ ही सागर, नर्मदापुरम और भोपाल ग्रामीण को नए पुलिस महानिरीक्षक (IG) मिले हैं। आदेश के अनुसार, संजय कुमार अग्रवाल को शहडोल का SP और प्रियंका शुक्ला को शाजापुर का SP बनाया गया है। वहीं, मिथिलेश शुक्ला को सागर रेंज का IG नियुक्त किया गया है; वे वर्तमान में नर्मदापुरम जोन के IG थे और उनके पास ही सागर IG का अतिरिक्त प्रभार भी था, क्योंकि हिमानी खन्ना के सेवानिवृत्त होने के बाद से यह पद अतिरिक्त प्रभार के रूप में संचालित हो रहा था। गृह विभाग ने चंद्रशेखर सोलंकी, जो वर्तमान में इंदौर एसएएफ रेंज में पदस्थ हैं, उन्हें IG नर्मदापुरम बनाया है। इसके अतिरिक्त, रुचि वर्धन मिश्रा, जो IG प्रशासन, पीएचक्यू के पद पर थीं, को IG ग्रामीण जोन भोपाल के रूप में पदस्थ किया गया है।1
- शहडोल जिले में 41.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते किसानों के चेहरों पर खुशी साफ देखी जा सकती है। यह बारिश खेतों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, इस बारिश ने शहडोल के लिए मानसून की अपनी चुनौतियां भी पेश की हैं। जिले के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। इन हालातों से निपटने के लिए लोगों ने अपनी छतरी के साथ-साथ मोमबत्ती और पावरबैंक को भी सक्रिय कर लिया है।1
- शहडोल के वार्ड नंबर 39 से पानी की समस्या सामने आई है, जहाँ स्थानीय लोगों के अनुसार, वार्ड का नल अभी तक ठीक नहीं किया गया है।2
- मध्य प्रदेश कांग्रेस ने युवाओं के भविष्य, किसानों की समस्याओं, कथित भ्रष्टाचार और उज्जैन भूमि प्रकरण सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में चरणबद्ध जनआंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। इसी सिलसिले में शहडोल जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय अवस्थी ने इस आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा और पार्टी की मांगों को सबके सामने रखा। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यह अभियान प्रदेश के युवाओं, किसानों और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा, शासन की जवाबदेही तय करने तथा भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ एक लोकतांत्रिक संघर्ष है। कांग्रेस ने युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश में लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है, जहाँ नीट और सीबीएसई से जुड़े विवादों तथा परीक्षा संबंधी शिकायतों ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रभावित छात्रों को समय पर राहत नहीं मिली, जिससे उनमें असंतोष है। पार्टी ने लगातार छात्रों के पक्ष में आवाज उठाई है और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस विषय को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया। अब प्रदेश कांग्रेस 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और न्याय की मांग करेगी। किसानों की समस्याओं पर सरकार को घेरते हुए पत्रकार वार्ता में खरीफ सीजन के दौरान खाद और अन्य कृषि संसाधनों की उपलब्धता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में डीएपी और यूरिया समय पर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं, जबकि एनपीके उर्वरक महंगे दामों पर बेचे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि टोकन व्यवस्था के कारण किसानों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं खाद की कथित कालाबाजारी, मनमाने दाम और पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से खरीफ की बुवाई प्रभावित हुई है। साथ ही मूंग खरीदी का कोटा कम किए जाने और समर्थन मूल्य पर सीमित खरीद के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। कांग्रेस ने इन सभी मुद्दों पर गांव-गांव जाकर आंदोलन करने की बात कही है। पार्टी ने उज्जैन भूमि प्रकरण पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जवाब मांगा है, राष्ट्रीय समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्टों का हवाला देते हुए इस कथित प्रकरण पर सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री पर लगे आरोप निराधार हैं तो पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराकर सभी तथ्य सार्वजनिक किए जाएं। इसके अतिरिक्त, महाकाल लोक परियोजना के निर्माण और सार्वजनिक धन के उपयोग को लेकर समय-समय पर उठे सवालों पर भी जवाबदेही तय करने और कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चंदे और वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में सार्वजनिक हुए आरोपों का उल्लेख करते हुए, कांग्रेस ने आस्था से जुड़े संस्थानों में वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे। पत्रकार वार्ता में कांग्रेस ने सरकार से कई प्रमुख सवाल पूछे, जिनमें उज्जैन भूमि प्रकरण पर मुख्यमंत्री के सार्वजनिक जवाब, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की तैयारी, रियायती दर या एक रुपये में किन ट्रस्टों और संस्थाओं को सरकारी भूमि आवंटित की गई इसकी सूची सार्वजनिक न किए जाने का कारण, किसानों को समय पर डीएपी, यूरिया, पर्याप्त बिजली और अन्य कृषि संसाधन उपलब्ध कराने में सरकार की विफलता, खाद की कथित कालाबाजारी रोकने के लिए हुई कार्रवाई, विद्यार्थियों को न्याय और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदम, तथा महाकाल लोक सहित सार्वजनिक परियोजनाओं में उठे सवालों की निष्पक्ष जांच कब होगी, शामिल हैं। आंदोलन के तहत, कांग्रेस ने जल्द ही एक विशेष डिजिटल पोर्टल शुरू करने की घोषणा की है, जहाँ नागरिक भ्रष्टाचार, सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग या कथित अवैध संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज और जानकारी गोपनीय रूप से साझा कर सकेंगे। पार्टी ने दावा किया कि शिकायतकर्ता की पहचान सुरक्षित रखी जाएगी तथा तथ्यों के सत्यापन के बाद आवश्यक जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। प्रदेश कांग्रेस ने आंदोलन के तहत कई चरणों में कार्यक्रम आयोजित करने की भी घोषणा की है, जिनमें प्रदेशभर में पत्रकार वार्ताएं, 'छात्रों की गूंज' अभियान, 14 और 15 जुलाई को इंदौर से भोपाल तक Gen Z Cyclothon, मुख्यमंत्री के जिला दौरों के दौरान सार्वजनिक रूप से सवाल पूछने का अभियान, 15 जुलाई को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव, जुलाई के अंतिम सप्ताह में उज्जैन भूमि प्रकरण को लेकर विशाल रैली और जनआंदोलन, तथा विधानसभा सत्र में इन सभी मुद्दों को प्रमुखता से उठाना शामिल है। जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी का संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य, किसानों के अधिकार, पारदर्शी शासन, लोकतांत्रिक जवाबदेही और जनता के हितों की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय, किसानों को राहत, जनता को जवाब और भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं होती, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। इस पत्रकार वार्ता में नगरपालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल, पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष कुलदीप निगम, जिला मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष अनुज मिश्रा तथा नगर अध्यक्ष प्रभात पाण्डेय सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- शाहडोल जिले में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने बदलते हुए दौर में रोजगार के महत्व पर अपना विचार व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आज के समय में रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ रोजगार का होना भी उतना ही आवश्यक है।1
- अभिनेता आमिर खान द्वारा कथित रूप से तीसरी बार 5 जुलाई 2026 को एक हिंदू युवती से विवाह करने की सार्वजनिक घोषणा पर जय महाकाल संघ अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल ने गहरी आपत्ति, आक्रोश और चिंता व्यक्त की है। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कन्हैया रामकृष्ण तिवारी ने इस विषय पर अपना बयान देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति का निजी जीवन उसका अपना विषय है। हालांकि, जब कोई सार्वजनिक व्यक्तित्व बार-बार एक ही समुदाय की युवतियों से विवाह करता है, तो समाज में स्वाभाविक रूप से प्रश्न उठते हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आमिर खान के तीनों विवाह हिंदू लड़कियों से हुए हैं और यह सामाजिक विमर्श का विषय है कि उनके बच्चों का पालन-पोषण मुस्लिम समाज में या किस पंथ में हो रहा है। श्री तिवारी ने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएँ कहीं न कहीं 'लव जिहाद' जैसी सामाजिक बुराई को अप्रत्यक्ष रूप से प्रोत्साहन देती हैं और युवाओं को दिग्भ्रमित करती हैं। जय महाकाल संघ ने इस पूरे प्रकरण की शासन-प्रशासन से संज्ञान लेने और जांच की मांग की है। संघ ने पूछा है कि क्या आमिर खान के पूर्व के विवाहों में हिंदू विवाह अधिनियम या विशेष विवाह अधिनियम की सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था और क्या विधिवत तलाक के बाद ही आगामी विवाह किया जा रहा है। इसके साथ ही, संघ ने सार्वजनिक जीवन जीने वाले सेलिब्रिटीज की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि उनके आचरण से समाज में गलत संदेश नहीं जाना चाहिए, क्योंकि बार-बार एक ही तरीके से समाज में भ्रम पैदा होता है। संघ ने केंद्र और राज्य सरकारों से 'लव जिहाद' जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कठोर और प्रभावी कानून बनाने की भी मांग की है, ताकि कोई भी व्यक्ति धर्मांतरण के उद्देश्य से विवाह न कर सके। श्री कन्हैया तिवारी ने स्पष्ट किया कि वे किसी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता के विरुद्ध नहीं हैं, लेकिन सनातन समाज 'गजवा-ए-हिंद' जैसी कट्टरपंथी सोच को बढ़ावा देने वाले किसी भी कृत्य का विरोध करेगा। उन्होंने हिंदू लड़कियों की सुरक्षा और अस्मिता से कोई समझौता न करने की बात कहते हुए सरकार से इस मानसिकता पर तुरंत रोक लगाने का आह्वान किया। अंत में, जय महाकाल संघ ने समस्त हिंदू समाज और अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को सनातन संस्कारों से जोड़ें और उन्हें ऐसी घटनाओं के प्रति जागरूक करें।2
- डिंडौरी जिले के शाहपुरा से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां लगातार दो दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। इसी के बीच एक बड़ा हादसा हुआ है जब डुकरीगांव से बस्तर रोड के बीच पुल पार करते समय एक कार तेज बहाव की चपेट में आकर नदी में बह गई। बताया गया है कि कार करीब आधा किलोमीटर तक बहने के बाद नदी के बीच फंस गई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए, और राहत एवं बचाव के प्रयास लगातार जारी हैं। शाहपुरा क्षेत्र में लगातार बारिश से आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। फिलहाल, इस घटना में किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और अधिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।4