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शहडोल के वार्ड नंबर 39 से पानी की समस्या सामने आई है, जहाँ स्थानीय लोगों के अनुसार, वार्ड का नल अभी तक ठीक नहीं किया गया है।
MD Sikandar Khàn
शहडोल के वार्ड नंबर 39 से पानी की समस्या सामने आई है, जहाँ स्थानीय लोगों के अनुसार, वार्ड का नल अभी तक ठीक नहीं किया गया है।
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- शहडोल जिले में 41.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते किसानों के चेहरों पर खुशी साफ देखी जा सकती है। यह बारिश खेतों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, इस बारिश ने शहडोल के लिए मानसून की अपनी चुनौतियां भी पेश की हैं। जिले के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। इन हालातों से निपटने के लिए लोगों ने अपनी छतरी के साथ-साथ मोमबत्ती और पावरबैंक को भी सक्रिय कर लिया है।1
- शहडोल के वार्ड नंबर 39 से पानी की समस्या सामने आई है, जहाँ स्थानीय लोगों के अनुसार, वार्ड का नल अभी तक ठीक नहीं किया गया है।2
- शाहडोल जिले में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने बदलते हुए दौर में रोजगार के महत्व पर अपना विचार व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आज के समय में रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के साथ-साथ रोजगार का होना भी उतना ही आवश्यक है।1
- राज्य सरकार ने देर रात नौ आईपीएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं, जिसके तहत शहडोल और शाजापुर के पुलिस अधीक्षकों को बदला गया है। इन आदेशों के अनुसार, संजय कुमार अग्रवाल को शहडोल का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है, वहीं प्रियंका शुक्ला को शाजापुर का एसपी बनाया गया है। इन तबादलों में सागर, नर्मदापुरम और भोपाल ग्रामीण में भी नए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) की पदस्थापना की गई है। मिथिलेश शुक्ला को सागर रेंज का आईजी बनाया गया है; वे वर्तमान में नर्मदापुरम जोन के आईजी हैं और पहले से ही उनके पास सागर आईजी का अतिरिक्त प्रभार भी था। यह पद हिमानी खन्ना के सेवानिवृत्त होने के बाद से अतिरिक्त प्रभार के रूप में संचालित हो रहा था। गृह विभाग ने चंद्रशेखर सोलंकी को, जो वर्तमान में इंदौर एसएएफ रेंज में पदस्थ थे, आईजी नर्मदापुरम के पद पर नियुक्त किया है। इसके अतिरिक्त, रुचि वर्धन मिश्रा, जो पीएचक्यू में आईजी प्रशासन के पद पर थीं, उन्हें भोपाल ग्रामीण जोन का आईजी बनाया गया है।1
- राज्य सरकार ने देर रात नौ आईपीएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। इन तबादलों में शहडोल और शाजापुर के पुलिस अधीक्षक (SP) भी बदले गए हैं, साथ ही सागर, नर्मदापुरम और भोपाल ग्रामीण को नए पुलिस महानिरीक्षक (IG) मिले हैं। आदेश के अनुसार, संजय कुमार अग्रवाल को शहडोल का SP और प्रियंका शुक्ला को शाजापुर का SP बनाया गया है। वहीं, मिथिलेश शुक्ला को सागर रेंज का IG नियुक्त किया गया है; वे वर्तमान में नर्मदापुरम जोन के IG थे और उनके पास ही सागर IG का अतिरिक्त प्रभार भी था, क्योंकि हिमानी खन्ना के सेवानिवृत्त होने के बाद से यह पद अतिरिक्त प्रभार के रूप में संचालित हो रहा था। गृह विभाग ने चंद्रशेखर सोलंकी, जो वर्तमान में इंदौर एसएएफ रेंज में पदस्थ हैं, उन्हें IG नर्मदापुरम बनाया है। इसके अतिरिक्त, रुचि वर्धन मिश्रा, जो IG प्रशासन, पीएचक्यू के पद पर थीं, को IG ग्रामीण जोन भोपाल के रूप में पदस्थ किया गया है।1
- मध्य प्रदेश कांग्रेस ने युवाओं के भविष्य, किसानों की समस्याओं, कथित भ्रष्टाचार और उज्जैन भूमि प्रकरण सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में चरणबद्ध जनआंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। इसी सिलसिले में शहडोल जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय अवस्थी ने इस आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा और पार्टी की मांगों को सबके सामने रखा। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यह अभियान प्रदेश के युवाओं, किसानों और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा, शासन की जवाबदेही तय करने तथा भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ एक लोकतांत्रिक संघर्ष है। कांग्रेस ने युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश में लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है, जहाँ नीट और सीबीएसई से जुड़े विवादों तथा परीक्षा संबंधी शिकायतों ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रभावित छात्रों को समय पर राहत नहीं मिली, जिससे उनमें असंतोष है। पार्टी ने लगातार छात्रों के पक्ष में आवाज उठाई है और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस विषय को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया। अब प्रदेश कांग्रेस 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और न्याय की मांग करेगी। किसानों की समस्याओं पर सरकार को घेरते हुए पत्रकार वार्ता में खरीफ सीजन के दौरान खाद और अन्य कृषि संसाधनों की उपलब्धता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में डीएपी और यूरिया समय पर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं, जबकि एनपीके उर्वरक महंगे दामों पर बेचे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि टोकन व्यवस्था के कारण किसानों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं खाद की कथित कालाबाजारी, मनमाने दाम और पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से खरीफ की बुवाई प्रभावित हुई है। साथ ही मूंग खरीदी का कोटा कम किए जाने और समर्थन मूल्य पर सीमित खरीद के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। कांग्रेस ने इन सभी मुद्दों पर गांव-गांव जाकर आंदोलन करने की बात कही है। पार्टी ने उज्जैन भूमि प्रकरण पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जवाब मांगा है, राष्ट्रीय समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्टों का हवाला देते हुए इस कथित प्रकरण पर सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री पर लगे आरोप निराधार हैं तो पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराकर सभी तथ्य सार्वजनिक किए जाएं। इसके अतिरिक्त, महाकाल लोक परियोजना के निर्माण और सार्वजनिक धन के उपयोग को लेकर समय-समय पर उठे सवालों पर भी जवाबदेही तय करने और कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चंदे और वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में सार्वजनिक हुए आरोपों का उल्लेख करते हुए, कांग्रेस ने आस्था से जुड़े संस्थानों में वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे। पत्रकार वार्ता में कांग्रेस ने सरकार से कई प्रमुख सवाल पूछे, जिनमें उज्जैन भूमि प्रकरण पर मुख्यमंत्री के सार्वजनिक जवाब, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की तैयारी, रियायती दर या एक रुपये में किन ट्रस्टों और संस्थाओं को सरकारी भूमि आवंटित की गई इसकी सूची सार्वजनिक न किए जाने का कारण, किसानों को समय पर डीएपी, यूरिया, पर्याप्त बिजली और अन्य कृषि संसाधन उपलब्ध कराने में सरकार की विफलता, खाद की कथित कालाबाजारी रोकने के लिए हुई कार्रवाई, विद्यार्थियों को न्याय और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदम, तथा महाकाल लोक सहित सार्वजनिक परियोजनाओं में उठे सवालों की निष्पक्ष जांच कब होगी, शामिल हैं। आंदोलन के तहत, कांग्रेस ने जल्द ही एक विशेष डिजिटल पोर्टल शुरू करने की घोषणा की है, जहाँ नागरिक भ्रष्टाचार, सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग या कथित अवैध संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज और जानकारी गोपनीय रूप से साझा कर सकेंगे। पार्टी ने दावा किया कि शिकायतकर्ता की पहचान सुरक्षित रखी जाएगी तथा तथ्यों के सत्यापन के बाद आवश्यक जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। प्रदेश कांग्रेस ने आंदोलन के तहत कई चरणों में कार्यक्रम आयोजित करने की भी घोषणा की है, जिनमें प्रदेशभर में पत्रकार वार्ताएं, 'छात्रों की गूंज' अभियान, 14 और 15 जुलाई को इंदौर से भोपाल तक Gen Z Cyclothon, मुख्यमंत्री के जिला दौरों के दौरान सार्वजनिक रूप से सवाल पूछने का अभियान, 15 जुलाई को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव, जुलाई के अंतिम सप्ताह में उज्जैन भूमि प्रकरण को लेकर विशाल रैली और जनआंदोलन, तथा विधानसभा सत्र में इन सभी मुद्दों को प्रमुखता से उठाना शामिल है। जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी का संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य, किसानों के अधिकार, पारदर्शी शासन, लोकतांत्रिक जवाबदेही और जनता के हितों की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय, किसानों को राहत, जनता को जवाब और भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं होती, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। इस पत्रकार वार्ता में नगरपालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल, पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष कुलदीप निगम, जिला मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष अनुज मिश्रा तथा नगर अध्यक्ष प्रभात पाण्डेय सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- शहडोल जिले में 41.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। हालांकि, इस बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। आमजनों को इन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, और लोग छतरियों के साथ-साथ मोमबत्तियों तथा पावरबैंक का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। यह स्थिति शहडोल में मानसून से पैदा हुई चुनौतियों को उजागर करती है।1
- शहडोल जिले के धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र में सड़कें अब सड़कों जैसी नहीं, बल्कि बड़े-बड़े गड्ढों और कीचड़ के दलदल में बदल गई हैं। SECL और नगर पालिका, जिन दोनों की जिम्मेदारी इन सड़कों के रखरखाव की है, ने इन गड्ढों को डामर या गिट्टी के बजाय कच्ची मिट्टी से पाट दिया, जिसका परिणाम यह हुआ कि पहली बारिश में ही पूरा रास्ता कीचड़ का तालाब बन गया। इस स्थिति में गाड़ियां फँस रही हैं, पैदल चलना बेहद मुश्किल हो गया है, और हर कदम पर हादसों का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस समस्या की जड़ में गड्ढों का गलत तरीके से भराव है, जहाँ कच्ची मिट्टी डालने से वह तुरंत कीचड़ में बदल गई। इसके अलावा, नगर पालिका और SECL दोनों अपनी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर थोप रहे हैं, जिससे कोई भी ठोस काम नहीं हो पा रहा है। इसका खामियाजा स्थानीय जनता भुगत रही है: स्कूल बसें, एम्बुलेंस, बाइक और ऑटो जैसे सभी वाहन फँस रहे हैं, दुकानदारों का धंधा चौपट हो गया है, और बुजुर्ग व बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। जनता SECL से सीधा सवाल कर रही है कि करोड़ों का मुनाफा कमाने वाली यह कंपनी सड़कें क्यों नहीं बना सकती और CSR फंड का पैसा कहाँ जा रहा है, जब उसके अपने कर्मचारी और आम जनता कीचड़ में फँस रहे हैं। यह भी पूछा जा रहा है कि भारी वाहनों से टूटी सड़कों के लिए स्थायी WBM या कंक्रीट रोड की जगह मिट्टी डालकर लीपापोती क्यों की जा रही है, और खनन क्षेत्र में आवश्यक सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी क्यों की जा रही है। वहीं, नगर पालिका से सवाल है कि हाउस टैक्स और वॉटर टैक्स वसूलने के बावजूद बुनियादी सड़क सुविधा क्यों नहीं दी जा रही है। मिट्टी से गड्ढे भरने के इस तरीके पर इंजीनियरिंग दक्षता पर सवाल उठाए गए हैं, और यह पूछा जा रहा है कि क्या इस साल का मानसून प्लान केवल कागजों पर ही पूरा हो गया है। जनता की स्पष्ट मांग है कि लीपापोती के बजाय स्थायी समाधान निकाला जाए। इसमें तुरंत कीचड़ हटाकर मुरम या गिट्टी डालने, 15 दिनों के भीतर डामरीकरण शुरू करने के लिए नगर पालिका और SECL द्वारा संयुक्त एस्टीमेट बनाने और काम शुरू करने की मांग शामिल है। साथ ही, जिस अधिकारी ने मिट्टी डालने का आदेश दिया, उसकी जवाबदेही तय कर कार्रवाई की मांग की गई है। SECL के CSR फंड का सार्वजनिक ऑडिट करवाकर यह जानने की मांग भी की गई है कि पिछले तीन सालों में धनपुरी की सड़कों पर कितना खर्च हुआ है। यह स्थिति विकास का मजाक है, क्योंकि धनपुरी एक नगरपालिका क्षेत्र है और SECL एक महारत्न कंपनी, फिर भी यहाँ की सड़कें आदिवासी इलाके के कच्चे रास्तों से भी बदतर हैं।4