पटना जिले के धनरुआ थाना क्षेत्र स्थित झंमनचक तालाब के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में 12 वर्षीय छात्र आदित्य कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। आदित्य मसौढ़ी से पढ़ाई कर अपने गांव छमनचक लौट रहा था, तभी मोहन ओपन माइंड्स स्कूल की गाड़ी ने उसे ज़ोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बच्चा सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायल छात्र को जेएम मेमोरियल नर्सिंग होम पहुंचाया, जहां चिकित्सक डॉ. सतेंद्र सिंह की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। घायल छात्र के पिता सलेस कुमार ने बताया कि बेटे के सिर और आंख के ऊपर गंभीर चोट लगी है, जिसके चलते डॉक्टरों को छह टांके लगाने पड़े हैं। इसके अलावा माथे, हाथ, पैर और जांघ में भी गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित पिता ने स्कूल प्रशासन से इलाज का पूरा खर्च वहन करने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। मामले में समाचार लिखे जाने तक स्कूल प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। वहीं पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या स्कूल वाहन की लापरवाही इस हादसे की वजह बनी और पीड़ित परिवार को न्याय व मुआवजा कब मिलेगा।
पटना जिले के धनरुआ थाना क्षेत्र स्थित झंमनचक तालाब के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में 12 वर्षीय छात्र आदित्य कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। आदित्य मसौढ़ी से पढ़ाई कर अपने गांव छमनचक लौट रहा था, तभी मोहन ओपन माइंड्स स्कूल की गाड़ी ने उसे ज़ोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बच्चा सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायल छात्र को जेएम मेमोरियल नर्सिंग होम पहुंचाया, जहां चिकित्सक डॉ. सतेंद्र सिंह की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। घायल छात्र के पिता सलेस कुमार ने बताया कि बेटे के सिर और आंख के ऊपर गंभीर चोट लगी है, जिसके चलते डॉक्टरों को छह टांके लगाने पड़े हैं। इसके अलावा माथे, हाथ, पैर और जांघ में भी गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित पिता ने स्कूल प्रशासन से इलाज का पूरा खर्च वहन करने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। मामले में समाचार लिखे जाने तक स्कूल प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। वहीं पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या स्कूल वाहन की लापरवाही इस हादसे की वजह बनी और पीड़ित परिवार को न्याय व मुआवजा कब मिलेगा।
- वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अगर कोई शख्स अपने घर भी जा रहा है, तो उस पर भी लाठीचार्ज किया जा रहा है। सवाल उठाया जा रहा है कि मोदी जी इतने दिनों से यह सब ठीक करवा रहे हैं, फिर भी लोगों पर इस तरह लाठियां बरसाई जा रही हैं।1
- जहानाबाद जिले के हुलासगंज प्रखंड अंतर्गत घोसी थाना क्षेत्र स्थित चैती पिपर गांव में 4 जुलाई को हुई गोलीबारी की घटना को लेकर भाकपा (माले) जिला कमेटी ने गुरुवार को जिलाधिकारी को पांच सूत्री मांगपत्र सौंपा। पार्टी नेताओं ने पीड़ित परिवारों को न्याय, सुरक्षा और राहत उपलब्ध कराने की मांग उठाई। ज्ञापन में कहा गया है कि घटना के बाद से गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है तथा पीड़ित परिवार दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं। माले नेताओं ने आरोप लगाया कि घटना में शामिल कुछ आरोपितों पर ही कार्रवाई हुई है, जबकि मुख्य साजिशकर्ताओं के विरुद्ध अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने निष्पक्ष और त्वरित जांच कराकर सभी दोषियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की। इसके साथ ही प्रत्येक प्रभावित परिवार को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने, सभी घायलों का इलाज सरकारी खर्च पर कराने तथा उनके पूर्ण स्वस्थ होने तक समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी गई है। ग्रामीणों की सुरक्षा और स्थिति सामान्य होने तक गांव में स्थायी पुलिस कैंप स्थापित रखने की मांग की गई है। इसके अलावा, घटना के कारण बच्चों की प्रभावित हो रही पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए गांव में अस्थायी विद्यालय की व्यवस्था करने और बुनियादी सुविधाओं के लिए सार्वजनिक शौचालय व स्वच्छ पेयजल हेतु चापाकल लगाने की मांग की गई। माले नेताओं और पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से संवेदनशीलता दिखाते हुए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने की अपील की है।1
- पटना और दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर LJP (रामविलास) की नेत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और इस मुद्दे पर अपनी बात सामने रखी है।1
- बिहार में उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा है कि छात्रों के साथ जो घटना हुई है, उस पर कार्रवाई होगी।1
- Post by Aman Yadav1
- केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। मुलाकात के दौरान सरकार की ओर से रुख स्पष्ट करते हुए बताया गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। इसके अलावा NEET पेपर लीक और परीक्षा सुधारों के मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाएगी। सरकार हालिया NEET पेपर लीक की वजह से आत्महत्या करने वाले पीड़ित छात्रों के परिवारों को उपयुक्त मुआवजा देने पर भी सकारात्मक रूप से विचार कर रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि युवाओं के हित उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और पेपर लीक में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- मोतिहारी के विधायक द्वारा विधानसभा में दिए गए एक बयान को लेकर जमकर बवाल मच गया है। विधायक के इस वक्तव्य के बाद सदन के भीतर का माहौल पूरी तरह गरमा गया।1
- पटना जिले के धनरुआ थाना क्षेत्र स्थित झंमनचक तालाब के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में 12 वर्षीय छात्र आदित्य कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। आदित्य मसौढ़ी से पढ़ाई कर अपने गांव छमनचक लौट रहा था, तभी मोहन ओपन माइंड्स स्कूल की गाड़ी ने उसे ज़ोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बच्चा सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घायल छात्र को जेएम मेमोरियल नर्सिंग होम पहुंचाया, जहां चिकित्सक डॉ. सतेंद्र सिंह की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। घायल छात्र के पिता सलेस कुमार ने बताया कि बेटे के सिर और आंख के ऊपर गंभीर चोट लगी है, जिसके चलते डॉक्टरों को छह टांके लगाने पड़े हैं। इसके अलावा माथे, हाथ, पैर और जांघ में भी गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित पिता ने स्कूल प्रशासन से इलाज का पूरा खर्च वहन करने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। मामले में समाचार लिखे जाने तक स्कूल प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। वहीं पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या स्कूल वाहन की लापरवाही इस हादसे की वजह बनी और पीड़ित परिवार को न्याय व मुआवजा कब मिलेगा।1