उरुवा ब्लॉक प्रधानों ने सौंपा ज्ञापन प्रशासक नियुक्ति रोकने की मांग पंचायत चुनाव में देरी, प्रधान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन मेजा, प्रयागराज। उरूवा विकास खंड क्षेत्र में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में हो रही देरी को लेकर प्रधान संघ ने अपना आक्रोश व्यक्त किया है। सोमवार को प्रधान संघ उरूवा़ के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द पंचायत चुनाव कराने की मांग की। पदाधिकारियों ने इस दौरान कहा कि चुनाव में लगातार हो रही देरी से न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि गांवों के विकास कार्य भी ठप पड़ते जा रहे हैं। उनका कहना था कि यह स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों के लिए चिंताजनक है। प्रधान संघ के अध्यक्ष राजेश द्विवेदी ने इस संबंध में कहा कि पंचायत चुनाव समय पर कराना संवैधानिक दायित्व है, लेकिन इसमें हो रही देरी लोकतंत्र की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने जोर दिया कि पंचायतें ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ होती हैं और यदि समय पर चुनाव नहीं होंगे तो गांवों में विकास की गति स्वतः ही धीमी पड़ जाएगी। उन्होंने शासन से अपील की कि जल्द चुनाव की तिथि घोषित कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुचारू किया जाए। वहीं, प्रधान संघ के सक्रिय सदस्य ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव में देरी करना लोकतंत्र की हत्या के समान है। उन्होंने बताया कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के बिना गांवों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द चुनाव कराने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो प्रधान संघ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगा। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पंचायत स्तर पर विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। कई योजनाएं अधर में लटकी हुई हैं और प्रशासनिक स्तर पर समन्वय की कमी देखने को मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं के कार्य बाधित हो रहे हैं, जिससे आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रधान संघ के पदाधिकारियों ने दोहराया कि पंचायत चुनाव केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि ग्रामीण लोकतंत्र का आधार है। यदि इसे समय पर नहीं कराया गया तो इसका सीधा असर गांवों की प्रगति पर पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि संविधान द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर चुनाव कराए जाएं। अतः आपसे निम्नलिखित मांगें की जाती हैं-1- पंचायत चुनावों को संविधान के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से संपन्न कराया जाए। 2- किसी भी परिस्थिति में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त न किए जाएं। अन्य प्रदेशों की भांति वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार ग्राम पंचायत के पास ही रहे इसकी स्पष्ट नीति उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशन में बनाई जाए 3- पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों एवं गरिमा की रक्षा हेतु स्पष्ट नीति बनाई जाए। ग्राम पंचायतों को स्वायत्त एवं सशक्त बनाने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं। हमें पूर्ण विश्वास है कि आप लोकतंत्र की भावना का सम्मान करते हुए हमारी मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार करेंगे एवं शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेंगे। अन्यथा, संगठन को बाध्य होकर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन प्रारंभ करना पड़ेगा।
उरुवा ब्लॉक प्रधानों ने सौंपा ज्ञापन प्रशासक नियुक्ति रोकने की मांग पंचायत चुनाव में देरी, प्रधान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन मेजा, प्रयागराज। उरूवा विकास खंड क्षेत्र में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में हो रही देरी को लेकर प्रधान संघ ने अपना आक्रोश व्यक्त किया है। सोमवार को प्रधान संघ उरूवा़ के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द पंचायत चुनाव कराने की मांग की। पदाधिकारियों ने इस दौरान कहा कि चुनाव में लगातार हो रही देरी से न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि गांवों के विकास कार्य भी ठप पड़ते जा रहे हैं। उनका कहना था कि यह स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों के लिए चिंताजनक है। प्रधान संघ के अध्यक्ष राजेश द्विवेदी ने इस संबंध में कहा कि पंचायत चुनाव समय पर कराना संवैधानिक दायित्व है, लेकिन इसमें हो रही देरी लोकतंत्र की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने जोर दिया कि पंचायतें ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ होती हैं और यदि समय पर चुनाव नहीं होंगे तो गांवों में विकास की गति
स्वतः ही धीमी पड़ जाएगी। उन्होंने शासन से अपील की कि जल्द चुनाव की तिथि घोषित कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुचारू किया जाए। वहीं, प्रधान संघ के सक्रिय सदस्य ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव में देरी करना लोकतंत्र की हत्या के समान है। उन्होंने बताया कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के बिना गांवों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द चुनाव कराने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो प्रधान संघ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगा। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पंचायत स्तर पर विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। कई योजनाएं अधर में लटकी हुई हैं और प्रशासनिक स्तर पर समन्वय की कमी देखने को मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं के कार्य बाधित हो रहे हैं, जिससे आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रधान संघ के पदाधिकारियों ने दोहराया
कि पंचायत चुनाव केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि ग्रामीण लोकतंत्र का आधार है। यदि इसे समय पर नहीं कराया गया तो इसका सीधा असर गांवों की प्रगति पर पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि संविधान द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर चुनाव कराए जाएं। अतः आपसे निम्नलिखित मांगें की जाती हैं-1- पंचायत चुनावों को संविधान के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से संपन्न कराया जाए। 2- किसी भी परिस्थिति में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त न किए जाएं। अन्य प्रदेशों की भांति वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार ग्राम पंचायत के पास ही रहे इसकी स्पष्ट नीति उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशन में बनाई जाए 3- पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों एवं गरिमा की रक्षा हेतु स्पष्ट नीति बनाई जाए। ग्राम पंचायतों को स्वायत्त एवं सशक्त बनाने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं। हमें पूर्ण विश्वास है कि आप लोकतंत्र की भावना का सम्मान करते हुए हमारी मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार करेंगे एवं शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेंगे। अन्यथा, संगठन को बाध्य होकर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन प्रारंभ करना पड़ेगा।
- Post by चंद्र दीप सिंह1
- Post by Ptrkar deepak Shukla meja1
- पंचायत चुनावों में देरी और प्रशासकों की नियुक्ति के विरोध में उतरा 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' मेजा, प्रयागराज। स्थानीय ग्राम पंचायतों के विकास और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' ने बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर पंचायत चुनावों को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने और पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का आरोप संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश द्विवेदी (प्रधान संघ उरुवा) के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायती राज व्यवस्था भारत के लोकतंत्र की आधारशिला है। ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की प्रथम इकाई हैं, जिनका संचालन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से ही होना चाहिए। पत्र में खेद जताया गया है कि विगत वर्षों में पंचायत चुनावों में अनावश्यक विलंब किया जाता रहा है और इस अवधि में प्रशासकों की नियुक्ति कर दी जाती है, जो न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में भी बाधा डालती है। संगठन की प्रमुख मांगें: समय पर चुनाव: संविधान के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अनिवार्य रूप से पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएं। प्रशासक नियुक्ति पर रोक: किसी भी परिस्थिति में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त न किए जाएं। अन्य राज्यों की तर्ज पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार ग्राम पंचायतों के पास ही रहने की स्पष्ट नीति बनाई जाए। पंचायत चुनावों में देरी और प्रशासकों की नियुक्ति के विरोध में उतरा 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' मेजा, प्रयागराज। स्थानीय ग्राम पंचायतों के विकास और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' ने बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर पंचायत चुनावों को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने और पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का आरोप संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश द्विवेदी (प्रधान संघ उरुवा) के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायती राज व्यवस्था भारत के लोकतंत्र की आधारशिला है। ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की प्रथम इकाई हैं, जिनका संचालन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से ही होना चाहिए। पत्र में खेद जताया गया है कि विगत वर्षों में पंचायत चुनावों में अनावश्यक विलंब किया जाता रहा है और इस अवधि में प्रशासकों की नियुक्ति कर दी जाती है, जो न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में भी बाधा डालती है। संगठन की प्रमुख मांगें: समय पर चुनाव: संविधान के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अनिवार्य रूप से पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएं। प्रशासक नियुक्ति पर रोक: किसी भी परिस्थिति में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त न किए जाएं। अन्य राज्यों की तर्ज पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार ग्राम पंचायतों के पास ही रहने की स्पष्ट नीति बनाई जाए।1
- Post by दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा1
- Post by Vaibhav Yadav India Tv1
- मेजा विधानसभा क्षेत्र के उरुवा ब्लॉक अंतर्गत परवा ग्राम में आग लगने की अत्यंत दुःखद घटना में राज बहादुर सोनकर सहित पाँच अन्य परिवारों के घर एवं समस्त संसाधन नष्ट हो गए। इस विषम परिस्थिति में हरी कृष्णा शुक्ला द्वारा पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। साथ ही, सोनकर समाज के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद विद्याशंकर सोनकर तथा जिलाधिकारी प्रयागराज से वार्ता कर पीड़ित परिवारों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया, ताकि उन्हें इस संकट से उबरने में सहयोग मिल सके।1
- प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के इरादतगंज बाजार में रविवार–सोमवार की दरम्यानी रात एक बड़ा हादसा हो गया, जब तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर एक मकान में घुस गया। हादसे में मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और लाखों रुपये के सामान का नुकसान हुआ। मिली जानकारी के अनुसार, अशोक पटेल का मकान सड़क किनारे स्थित है, जहां उनके भट्टे का ऑफिस और स्टोर रूम भी बना हुआ है। रविवार रात करीब 3 बजे एक ट्रक अचानक स्टोर रूम से टकराते हुए मकान के अंदर घुस गया। तेज धमाके से पूरा घर हिल गया, जिससे परिवार के लोग घबराकर बाहर की ओर भागे। परिवार के बाहर आने पर देखा कि ट्रक का अगला हिस्सा मकान के अंदर घुसा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक चालक मौके पर अपना मोबाइल ढूंढ रहा था, लेकिन कुछ ही देर बाद वह मोबाइल लेकर वहां से फरार हो गया। एक अन्य ट्रक चालक ने बताया कि उसकी गाड़ी आगे चल रही थी, तभी पीछे से आ रहे सीमेंट लदे ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर लगने से उसकी गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई, जबकि सीमेंट वाला ट्रक अनियंत्रित होकर बाईं ओर मकान में जा घुसा। मकान मालिक अशोक पटेल ने लगभग 5 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। घटना की लिखित शिकायत पुलिस को दे दी गई है। समाचार लिखे जाने तक ट्रक घटनास्थल पर ही फंसा हुआ था और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- Post by Vaibhav Yadav India Tv1