गंगा का रौद्र रूप, छह प्रखंडों की 28 पंचायतें बाढ़ की चपेट में खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, 35 हजार आबादी प्रभावित; घर छोड़ ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे लोग मुंगेर: गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि से मुंगेर जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। जिले के छह प्रखंडों की 28 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब 35 हजार की आबादी इसकी चपेट में है। कई गांवों में घरों के अंदर पानी प्रवेश कर गया है। बड़ी संख्या में लोग परिवार और मवेशियों के साथ घर छोड़कर ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का प्रतिदिन भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेने और अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है। अधिक प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई शुरू कराने का भी निर्देश दिया गया है। जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा पार के इलाकों में कटाव भी तेज हो गया है। जाफरनगर पंचायत में कटाव को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंताओं को मौके पर कैंप कर कटावरोधी कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया गया है। प्रभावित परिवारों को अस्थायी रूप से रहने के लिए पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों के आवागमन के लिए प्रशासन ने कुल 118 नावों की व्यवस्था की है, जिनमें 25 नावों का संचालन वर्तमान में प्रभावित क्षेत्रों में किया जा रहा है। धरहरा के शिवकुंड, हेमजापुर और बाहाचौकी तथा जमालपुर के सिंघिया, परहम और इंदरुख पश्चिमी पंचायत के कई गांव प्रभावित हैं। सदर के कुतलुपुर, जाफरनगर, मोहली, नौवागढ़ी उत्तरी और तौफीर दियारा समेत बरियारपुर के कई इलाके भी बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ के कारण खेतों और दियारा क्षेत्रों में पानी फैलने से हरे चारे का संकट गहरा गया है। पशुपालक मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीम भेजने और जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य शिविर लगाने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से बाढ़ के पानी में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। गंगा का रौद्र रूप, छह प्रखंडों की 28 पंचायतें बाढ़ की चपेट में खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, 35 हजार आबादी प्रभावित; घर छोड़ ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे लोग मुंगेर: गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि से मुंगेर जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। जिले के छह प्रखंडों की 28 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब 35 हजार की आबादी इसकी चपेट में है। कई गांवों में घरों के अंदर पानी प्रवेश कर गया है। बड़ी संख्या में लोग परिवार और मवेशियों के साथ घर छोड़कर ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का प्रतिदिन भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेने और अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है। अधिक प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई शुरू कराने का भी निर्देश दिया गया है। जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा पार के इलाकों में कटाव भी तेज हो गया है। जाफरनगर पंचायत में कटाव को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंताओं को मौके पर कैंप कर कटावरोधी कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया गया है। प्रभावित परिवारों को अस्थायी रूप से रहने के लिए पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों के आवागमन के लिए प्रशासन ने कुल 118 नावों की व्यवस्था की है, जिनमें 25 नावों का संचालन वर्तमान में प्रभावित क्षेत्रों में किया जा रहा है। धरहरा के शिवकुंड, हेमजापुर और बाहाचौकी तथा जमालपुर के सिंघिया, परहम और इंदरुख पश्चिमी पंचायत के कई गांव प्रभावित हैं। सदर के कुतलुपुर, जाफरनगर, मोहली, नौवागढ़ी उत्तरी और तौफीर दियारा समेत बरियारपुर के कई इलाके भी बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ के कारण खेतों और दियारा क्षेत्रों में पानी फैलने से हरे चारे का संकट गहरा गया है। पशुपालक मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीम भेजने और जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य शिविर लगाने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से बाढ़ के पानी में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है।
गंगा का रौद्र रूप, छह प्रखंडों की 28 पंचायतें बाढ़ की चपेट में खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, 35 हजार आबादी प्रभावित; घर छोड़ ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे लोग मुंगेर: गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि से मुंगेर जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। जिले के छह प्रखंडों की 28 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब 35 हजार की आबादी इसकी चपेट में है। कई गांवों में घरों के अंदर पानी प्रवेश कर गया है। बड़ी संख्या में लोग परिवार और मवेशियों के साथ घर छोड़कर ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का प्रतिदिन भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेने और अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है। अधिक प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई शुरू कराने का भी निर्देश दिया गया है। जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा पार के इलाकों में कटाव भी तेज हो गया है। जाफरनगर पंचायत में कटाव को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंताओं को मौके पर कैंप कर कटावरोधी कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया गया है। प्रभावित परिवारों को अस्थायी रूप से रहने के लिए पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों के आवागमन के लिए प्रशासन ने कुल 118 नावों की व्यवस्था की है, जिनमें 25 नावों का संचालन वर्तमान में प्रभावित क्षेत्रों में किया जा रहा है। धरहरा के शिवकुंड, हेमजापुर और बाहाचौकी तथा जमालपुर के सिंघिया, परहम और इंदरुख पश्चिमी पंचायत के कई गांव प्रभावित हैं। सदर के कुतलुपुर, जाफरनगर, मोहली, नौवागढ़ी उत्तरी और तौफीर दियारा समेत बरियारपुर के कई इलाके भी बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ के कारण खेतों और दियारा क्षेत्रों में पानी फैलने से हरे चारे का संकट गहरा गया है। पशुपालक मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीम भेजने और जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य शिविर लगाने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से बाढ़ के पानी में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। गंगा का रौद्र रूप, छह प्रखंडों की 28 पंचायतें बाढ़ की चपेट में खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, 35 हजार आबादी प्रभावित; घर छोड़ ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे लोग मुंगेर: गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि से मुंगेर जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। जिले के छह प्रखंडों की 28 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब 35 हजार की आबादी इसकी चपेट में है। कई गांवों में घरों के अंदर पानी प्रवेश कर गया है। बड़ी संख्या में लोग परिवार और मवेशियों के साथ घर छोड़कर ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का प्रतिदिन भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेने और अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है। अधिक प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई शुरू कराने का भी निर्देश दिया गया है। जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा पार के इलाकों में कटाव भी तेज हो गया है। जाफरनगर पंचायत में कटाव को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंताओं को मौके पर कैंप कर कटावरोधी कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया गया है। प्रभावित परिवारों को अस्थायी रूप से रहने के लिए पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों के आवागमन के लिए प्रशासन ने कुल 118 नावों की व्यवस्था की है, जिनमें 25 नावों का संचालन वर्तमान में प्रभावित क्षेत्रों में किया जा रहा है। धरहरा के शिवकुंड, हेमजापुर और बाहाचौकी तथा जमालपुर के सिंघिया, परहम और इंदरुख पश्चिमी पंचायत के कई गांव प्रभावित हैं। सदर के कुतलुपुर, जाफरनगर, मोहली, नौवागढ़ी उत्तरी और तौफीर दियारा समेत बरियारपुर के कई इलाके भी बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ के कारण खेतों और दियारा क्षेत्रों में पानी फैलने से हरे चारे का संकट गहरा गया है। पशुपालक मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीम भेजने और जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य शिविर लगाने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से बाढ़ के पानी में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है।
- जमालपुर में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का आज जनसंवाद, डीएम-एसपी ने तैयारियों का लिया जायजा व्यापारी वर्ग से करेंगे सीधा संवाद, सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट जमालपुर: केंद्रीय मंत्री सह मुंगेर सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का रविवार को जमालपुर में जनसंपर्क सह जनसंवाद कार्यक्रम होगा। केंद्रीय मंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। शनिवार को डीएम निखिल धनराज, एसपी सैय्यद इमरान मसूद और विधायक नचिकेता मंडल ने जदयू प्रखंड अध्यक्ष मुनीलाल मंडल एवं नगर अध्यक्ष डॉ. रवि रंजन उर्फ बब्बू सिंह के साथ कार्यक्रम स्थलों का जायजा लिया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सांसद सुबह 9:45 बजे मुंगेर सर्किट हाउस से रवाना होंगे। सुबह 10 बजे सफियासराय भागीचक और रामनगर तालाब के पास उनका स्वागत किया जाएगा। इसके बाद वे आशिकपुर, मुगदौरा दुर्गा स्थान और ब्लॉक रोड होते हुए वार्ड-16 पहुंचेंगे। मुख्य कार्यक्रम मारवाड़ी धर्मशाला के समीप स्थित सिद्धी विनायक हॉल में आयोजित किया जाएगा। यहां केंद्रीय मंत्री व्यापारी वर्ग के लोगों से सीधा संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं व सुझावों को सुनेंगे। इसके बाद वे वलीपुर, भारत माता चौक होते हुए रामपुर स्थित नगर अध्यक्ष डॉ. रवि रंजन के आवास पर पहुंचेंगे। केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है। डीएम ने अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन को लेकर आवश्यक निर्देश दिए हैं। वहीं एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ ट्रैफिक नियंत्रण को लेकर पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने और निर्धारित रूट पर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जमालपुर में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का आज जनसंवाद, डीएम-एसपी ने तैयारियों का लिया जायजा व्यापारी वर्ग से करेंगे सीधा संवाद, सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट जमालपुर: केंद्रीय मंत्री सह मुंगेर सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का रविवार को जमालपुर में जनसंपर्क सह जनसंवाद कार्यक्रम होगा। केंद्रीय मंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। शनिवार को डीएम निखिल धनराज, एसपी सैय्यद इमरान मसूद और विधायक नचिकेता मंडल ने जदयू प्रखंड अध्यक्ष मुनीलाल मंडल एवं नगर अध्यक्ष डॉ. रवि रंजन उर्फ बब्बू सिंह के साथ कार्यक्रम स्थलों का जायजा लिया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सांसद सुबह 9:45 बजे मुंगेर सर्किट हाउस से रवाना होंगे। सुबह 10 बजे सफियासराय भागीचक और रामनगर तालाब के पास उनका स्वागत किया जाएगा। इसके बाद वे आशिकपुर, मुगदौरा दुर्गा स्थान और ब्लॉक रोड होते हुए वार्ड-16 पहुंचेंगे। मुख्य कार्यक्रम मारवाड़ी धर्मशाला के समीप स्थित सिद्धी विनायक हॉल में आयोजित किया जाएगा। यहां केंद्रीय मंत्री व्यापारी वर्ग के लोगों से सीधा संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं व सुझावों को सुनेंगे। इसके बाद वे वलीपुर, भारत माता चौक होते हुए रामपुर स्थित नगर अध्यक्ष डॉ. रवि रंजन के आवास पर पहुंचेंगे। केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है। डीएम ने अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन को लेकर आवश्यक निर्देश दिए हैं। वहीं एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ ट्रैफिक नियंत्रण को लेकर पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने और निर्धारित रूट पर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।1
- पिपरपाती में झाड़ फूंक के चक्कर में गई महिला की जान,परिजनों में मचा कोहराम। गोगरी। पसराहा थाना क्षेत्र के पिपरपांती गांव में शनिवार को सर्पदंश से एक 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान पिपरपांती निवासी निर्मला देवी के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में भी मातम का माहौल है। मिली जानकारी के अनुसार, निर्मला देवी शनिवार को घर से घास लाने के लिए गई थीं। इसी दौरान रास्ते में एक सर्प ने उन्हें डंस लिया। सर्पदंश के बाद परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़फूंक कराने में लग गए। काफी देर तक झाड़फूंक कराने के बाद जब महिला की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी तो परिजन उन्हें इलाज के लिए गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने महिला की जांच की, जिसके बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चर्चा है कि समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलने से महिला की जान बच सकती थी। लोगों ने कहा कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़फूंक कराने के बजाय बिना देरी किए पीड़ित को अस्पताल पहुंचाना चाहिए, ताकि चिकित्सकों द्वारा समय पर उपचार शुरू किया जा सके। घटना ने एक बार फिर सर्पदंश के मामलों में अंधविश्वास छोड़कर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की जरूरत को उजागर किया है।1
- राघोपुर पहुंचे CM सम्राट, काज़ीकोरिया बांध का निरीक्षण राघोपुर पहुंचे CM सम्राट, काज़ीकोरिया बांध का निरीक्षण1
- कृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब, आधी रात गूंजा ‘नंद के आनंद भयो’ शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के राधा-कृष्ण मंदिरों में देर रात तक चला भजन-कीर्तन, जन्मोत्सव पर झूमे श्रद्धालु प्रतिनिधि, हवेली खड़गपुर. नगर एवं प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार की देर रात श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया. नगर क्षेत्र के मुरली मनोहर ठाकुरवाड़ी, साहू ठाकुरवाड़ी, केशरवानी मंदिर तथा प्रखंड क्षेत्र के कठना गांव स्थित ठाकुरवाड़ी मंदिर समेत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न राधा-कृष्ण मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही. मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना की गई. जन्माष्टमी को लेकर देर शाम से ही मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान और भजन-कीर्तन का दौर शुरू हो गया. स्थानीय कलाकारों एवं श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के भजन और गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया. देर रात तक श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए. मंदिर परिसर राधे-राधे, जय श्रीकृष्ण और हरे कृष्ण के जयघोष से गुंजायमान होता रहा. रात के 12 बजते ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशियां चरम पर पहुंच गईं. घंटे-घड़ियाल और शंख की ध्वनि के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा-अर्चना और आरती की. इस दौरान ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे से मंदिर परिसर गूंज उठे. श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं. जन्मोत्सव के बाद भगवान श्रीकृष्ण को विशेष भोग लगाया गया और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. कई स्थानों पर आकर्षक झांकियां भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं. जन्माष्टमी को लेकर देर रात तक पूरे क्षेत्र में उत्सवी और भक्तिमय माहौल बना रहा. कृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब, आधी रात गूंजा ‘नंद के आनंद भयो’ शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के राधा-कृष्ण मंदिरों में देर रात तक चला भजन-कीर्तन, जन्मोत्सव पर झूमे श्रद्धालु प्रतिनिधि, हवेली खड़गपुर. नगर एवं प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार की देर रात श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया. नगर क्षेत्र के मुरली मनोहर ठाकुरवाड़ी, साहू ठाकुरवाड़ी, केशरवानी मंदिर तथा प्रखंड क्षेत्र के कठना गांव स्थित ठाकुरवाड़ी मंदिर समेत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न राधा-कृष्ण मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही. मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना की गई. जन्माष्टमी को लेकर देर शाम से ही मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान और भजन-कीर्तन का दौर शुरू हो गया. स्थानीय कलाकारों एवं श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के भजन और गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया. देर रात तक श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए. मंदिर परिसर राधे-राधे, जय श्रीकृष्ण और हरे कृष्ण के जयघोष से गुंजायमान होता रहा. रात के 12 बजते ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशियां चरम पर पहुंच गईं. घंटे-घड़ियाल और शंख की ध्वनि के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा-अर्चना और आरती की. इस दौरान ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे से मंदिर परिसर गूंज उठे. श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं. जन्मोत्सव के बाद भगवान श्रीकृष्ण को विशेष भोग लगाया गया और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. कई स्थानों पर आकर्षक झांकियां भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं. जन्माष्टमी को लेकर देर रात तक पूरे क्षेत्र में उत्सवी और भक्तिमय माहौल बना रहा.2
- 06/09/2026: 20 जगह कम्यूनिटी किचन आज से चालू । बिजली बहाल हो प्रयास जारी । जनहित में इसे शेयर करें | शाम्हो बेगूसराय । Mobile Tv News1
- सत्ता सुख के लिए बिहार के हित बेच दिए’, फरक्का संधि पर जदयू का विपक्ष पर सीधा हमला* बक्सर से रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम *‘सत्ता सुख के लिए बिहार के हित बेच दिए’, फरक्का संधि पर जदयू का विपक्ष पर सीधा हमला* फरक्का जल संधि को बिहार के हितों के खिलाफ बताते हुए जदयू ने शनिवार को बक्सर से बड़ा राजनीतिक अभियान शुरू कर दिया। ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के जरिए पांच हजार से अधिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में पार्टी ने गंगा के पानी पर बिहार के अधिकार का मुद्दा उठाया। जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के बक्सर पहुंचने पर जगह-जगह भव्य स्वागत हुआ। दोनों नेता गंगा और ठोरा नदी के संगम त्रिमुहानी पहुंचे और गंगा का निरीक्षण करने के बाद बगीचा उत्सव लॉन में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। संजय झा ने कहा कि *12 दिसंबर 2026 को भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि के 30 वर्ष* पूरे होने वाले हैं। आरोप लगाया कि तीन दशक पहले बिहार के हितों की अनदेखी कर ऐसी व्यवस्था बनाई गई, जिसका खामियाजा आज बिहार को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गंगा का पानी बिहार के लोगों का हक है और इसका सीधा संबंध खेती, सिंचाई और पेयजल से है। *‘आपकी ही सरकार है, फिर मांग पूरी क्यों नहीं?’* कार्यक्रम के दौरान जब संजय झा से सवाल किया गया कि बिहार और केंद्र दोनों जगह जदयू सत्ता में है, फिर बिहार के हित से जुड़ी यह मांग अब तक पूरी क्यों नहीं हुई, तो उन्होंने सीधे तौर पर पूर्ववर्ती सरकारों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि 1996 में जब जल संधि लागू की गई थी, उस समय किसकी सरकार थी, यह किसी से छिपा नहीं है। संजय झा ने आरोप लगाया कि उस समय *सत्ता सुख के लिए जनता के हितों की अनदेखी की गई।* आज सवाल उठाने वालों को यह भी बताना चाहिए कि उन्होंने ऐसी संधि क्यों की, जिसमें बिहार के हितों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। *फरक्का बैराज से गाद और बाढ़ का मुद्दा* संजय झा ने कहा कि फरक्का बैराज के कारण गंगा में गाद की समस्या गंभीर हुई है। गर्मी में पानी की किल्लत और मानसून में बाढ़ बिहार की बड़ी समस्या है। 1975 में फरक्का बैराज बनने के बाद गंगा में भारी मात्रा में गाद जमा होने लगी, जिसका असर नदी के प्रवाह और सिंचाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने संधि की जल बंटवारे की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि 70 हजार क्यूसेक या उससे कम पानी होने पर बांग्लादेश को 35 हजार क्यूसेक पानी देने का प्रावधान था। उन्होंने कहा कि बिहार के हित से जुड़ा यह मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखा गया है और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। *12 जिलों में चलेगा जनसंवाद* संजय झा ने कहा कि गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में जनता से संवाद किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य लोगों को फरक्का जल संधि के प्रभावों से अवगत कराना और बिहार के जल अधिकार, सिंचाई, कृषि तथा बाढ़ की समस्या को लेकर जनमत तैयार करना है। कार्यक्रम में जदयू प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा, डुमरांव विधायक राहुल सिंह, राजपुर विधायक संतोष निराला, जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा समेत पार्टी के कई नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। बाइट- संजय झा कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जदयू4
- बेगूसराय बीरपुर थाना क्षेत्र शिक्षक को मिला इंसाफ न्यायालय से। शिक्षक के वकील ने पूरी जानकारी दी। बेगूसराय पुलिसिया जांच पर बड़ा सवाल । कोर्ट ने शिक्षक आबिद को 5 वर्षों बाद किया मुकदमा में निर्दोष साबित । बेगूसराय पुलिसिया जांच पर बड़ा सवाल । कोर्ट ने शिक्षक आबिद को 5 वर्षों बाद किया मुकदमा में निर्दोष साबित । मई 2022 में तत्कालीन थानेदार समरेंद्र कुमार ने 59/22 के मुदालय के मिलीभगत से फर्जी मुकदमा दर्ज किए थे । मैं मो आबिद ( बी पी एस सी शिक्षक ) पेसर मो उमर साकिन जिंदपुर,थाना बीरपुर,जिला बेगुसराय का स्थायी निवासी हूँ वर्तमान में उर्दू मध्य विद्यालय मुजफ्फरा में कार्यरत हूँ । सभी प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कर्मियों को सादर पूर्वक लिखित रूप से विज्ञप्ति जारी कर रहा हूं कि दिनांक 20/05/2022 को बीरपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष समरेन्द्र कुमार कांड संख्या 59/22 के अभियुक्त के पिता ( रामबाबू महतों ) के साथ मिलीभगत से मुझे व मेरे तीन भाइयों के विरुद्ध फर्जी मारपीट और 2200 रुपये छिनने के आरोप में कांड संख्या 60/22 अन्तर्गत धारा 308/324/341/504/506/379/34 आई पी सी दर्ज कर लिए ,अनुसंधानकर्ता दयाशंकर राम और पर्यवेक्षी पदाधिकारी अभियुक्त के मेल में आकर अपराधियों को गलत तरीके से सहयोग करके मुझे व मेरे भाईयों के विरुद्ध केश को सत्य करार दिया गया। तब हमलोग निष्पक्ष जांच और न्याय के गुहार के लिए मानवाधिकार आयोग पटना का दरवाजा खटखटाया, आयोग से एस पी बेगुसराय को कार्रवाई हेतु आदेश निर्गत कर चिट्ठी भेजी गई फिर भी कार्रवाई नहीं होने पर क्षुब्ध होकर मै और मेरा पूरा परिवार हड़ताली चौक बेगुसराय में दिनांक 23/01/2023 से बीरपुर थानेदार के पुलिसिया दमन के विरुद्ध अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठा परंतु एस पी एवं डी एम साहब के आश्वासन पर यह कहकर धरना समाप्त करवा दिया गया कि निष्पक्ष जांच कर थानेदार पर कार्रवाई करते हुए मांगे पूरी की जाएगी लेकिन बाद में आईoओo द्वारा मेरे तीनों भाइयों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया और उसके बाद J M F S न्यायालय बेगुसराय रोहित कुमार गौरव द्वारा दिनांक 27/06/2024 को अन्तर्गत धारा 324/341/504/506/34 आई पी सी में कॉग्निजेंस ले लिया गया और हमलोग के विरुद्ध कोर्ट में उपस्थिति हेतु सम्मन निर्गत किया गया परंतु मैंने फिर भी हार नहीं मानी बल्कि कॉग्निजेंस आदेश के विरुद्ध जिला एवं अपर सत्र न्यायधीश साहब के न्यायालय में क्रिमिनल रिवीजन संख्या 25/2025 दिनांक 14/02/2025 को दाखिल किया जिसमें दिनांक 02/02/2026 को माननीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश बारहवाँ महोदय के द्वारा क्रिमनल रिवीजन को allow कर दिया गया मै घटना के तिथि 19/05/2022 व घटना के समय 7:30 बजे सुबह घटनास्थल पर मौजूद नहीं पाया गया उक्त तिथि व समय को मध्य वि महमदपुर बेगुसराय में शिक्षक प्रशिक्षण गतिविधि में सम्मिलित पाया गया जिसका सत्यापन उपस्थिति पंजी में बनी हुई हाजरी तथा प्रधानाध्यापिका का शपथ पर बयान लिया गया और माननीय न्यायाधीश के द्वारा यह आदेश पारित किया गया कि मैं उक्त कांड में पूर्णता निर्दोष हूं तथा निचले न्यायालय को मेरे विरुद्ध सभी कार्रवाही निरस्त करने का आदेश दिया गया । अनुलग्नक - माननीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश बारहवाँ महोदय बेगुसराय द्वारा पारित आदेश का छायाप्रति ।1
- गंगा का रौद्र रूप, छह प्रखंडों की 28 पंचायतें बाढ़ की चपेट में खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, 35 हजार आबादी प्रभावित; घर छोड़ ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे लोग मुंगेर: गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि से मुंगेर जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। जिले के छह प्रखंडों की 28 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब 35 हजार की आबादी इसकी चपेट में है। कई गांवों में घरों के अंदर पानी प्रवेश कर गया है। बड़ी संख्या में लोग परिवार और मवेशियों के साथ घर छोड़कर ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का प्रतिदिन भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेने और अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है। अधिक प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई शुरू कराने का भी निर्देश दिया गया है। जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा पार के इलाकों में कटाव भी तेज हो गया है। जाफरनगर पंचायत में कटाव को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंताओं को मौके पर कैंप कर कटावरोधी कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया गया है। प्रभावित परिवारों को अस्थायी रूप से रहने के लिए पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों के आवागमन के लिए प्रशासन ने कुल 118 नावों की व्यवस्था की है, जिनमें 25 नावों का संचालन वर्तमान में प्रभावित क्षेत्रों में किया जा रहा है। धरहरा के शिवकुंड, हेमजापुर और बाहाचौकी तथा जमालपुर के सिंघिया, परहम और इंदरुख पश्चिमी पंचायत के कई गांव प्रभावित हैं। सदर के कुतलुपुर, जाफरनगर, मोहली, नौवागढ़ी उत्तरी और तौफीर दियारा समेत बरियारपुर के कई इलाके भी बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ के कारण खेतों और दियारा क्षेत्रों में पानी फैलने से हरे चारे का संकट गहरा गया है। पशुपालक मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीम भेजने और जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य शिविर लगाने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से बाढ़ के पानी में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। गंगा का रौद्र रूप, छह प्रखंडों की 28 पंचायतें बाढ़ की चपेट में खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, 35 हजार आबादी प्रभावित; घर छोड़ ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे लोग मुंगेर: गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि से मुंगेर जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। जिले के छह प्रखंडों की 28 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब 35 हजार की आबादी इसकी चपेट में है। कई गांवों में घरों के अंदर पानी प्रवेश कर गया है। बड़ी संख्या में लोग परिवार और मवेशियों के साथ घर छोड़कर ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का प्रतिदिन भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेने और अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है। अधिक प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई शुरू कराने का भी निर्देश दिया गया है। जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा पार के इलाकों में कटाव भी तेज हो गया है। जाफरनगर पंचायत में कटाव को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंताओं को मौके पर कैंप कर कटावरोधी कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया गया है। प्रभावित परिवारों को अस्थायी रूप से रहने के लिए पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों के आवागमन के लिए प्रशासन ने कुल 118 नावों की व्यवस्था की है, जिनमें 25 नावों का संचालन वर्तमान में प्रभावित क्षेत्रों में किया जा रहा है। धरहरा के शिवकुंड, हेमजापुर और बाहाचौकी तथा जमालपुर के सिंघिया, परहम और इंदरुख पश्चिमी पंचायत के कई गांव प्रभावित हैं। सदर के कुतलुपुर, जाफरनगर, मोहली, नौवागढ़ी उत्तरी और तौफीर दियारा समेत बरियारपुर के कई इलाके भी बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ के कारण खेतों और दियारा क्षेत्रों में पानी फैलने से हरे चारे का संकट गहरा गया है। पशुपालक मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीम भेजने और जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य शिविर लगाने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से बाढ़ के पानी में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है।1