रायगढ़ पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे "ऑपरेशन शंखनाद" के तहत गौवंशों की क्रूरता और अवैध तस्करी पर बड़ी कार्रवाई की है। धरमजयगढ़ पुलिस ने 22 जून को 14 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि गौवंशों की तस्करी और पशुओं के प्रति क्रूरता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। यह कार्रवाई 20 जून 2026 को धरमजयगढ़ पुलिस को मिली मुखबिर सूचना के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि ग्राम भंडारीमुड़ा के पास दो व्यक्ति गौवंशों को क्रूरतापूर्वक पीटते हुए बूचड़खाने में बेचने के लिए ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी धरमजयगढ़ निरीक्षक राजेश जांगड़े और सहायक उप निरीक्षक मंजु मिश्रा ने स्टाफ के साथ घेराबंदी की। मौके पर, पुलिस ने चरखापारा की ओर 07 जोड़ी, कुल 14 बैलों को हांकते हुए सियाराम राठिया (50 वर्ष) निवासी धौराभांठा और बलराम उरांव (45 वर्ष) निवासी धौराभांठा बरपाली, चौकी रैरूमा, थाना धरमजयगढ़ को पकड़ा। पूछताछ में दोनों आरोपी मवेशियों की खरीद-बिक्री या परिवहन संबंधी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और अंततः यह पाया गया कि वे इन मवेशियों को बूचड़खाने ले जा रहे थे। धरमजयगढ़ कॉलोनी निवासी बिंकल विश्वास पिता सुदीप विश्वास की लिखित शिकायत पर आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई। आरोपियों से मवेशियों से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, किंतु वे ऐसा कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाए। आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर 14 गौवंशों को जप्त कर पशु चिकित्सक से उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने पुनः दोहराया है कि रायगढ़ पुलिस "ऑपरेशन शंखनाद" के माध्यम से गौवंश तस्करी और पशु क्रूरता के मामलों पर लगातार कड़ी निगरानी रख रही है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते गौवंशों को सुरक्षित बचाया जा सके और तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सके।
रायगढ़ पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे "ऑपरेशन शंखनाद" के तहत गौवंशों की क्रूरता और अवैध तस्करी पर बड़ी कार्रवाई की है। धरमजयगढ़ पुलिस ने 22 जून को 14 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि गौवंशों की तस्करी और पशुओं के प्रति क्रूरता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। यह कार्रवाई 20 जून 2026 को धरमजयगढ़ पुलिस को मिली मुखबिर सूचना के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि ग्राम भंडारीमुड़ा के पास दो व्यक्ति गौवंशों को क्रूरतापूर्वक पीटते हुए बूचड़खाने में बेचने के लिए ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी धरमजयगढ़ निरीक्षक राजेश जांगड़े और सहायक उप निरीक्षक मंजु मिश्रा ने स्टाफ के साथ घेराबंदी की। मौके पर, पुलिस ने चरखापारा की ओर 07 जोड़ी, कुल 14 बैलों को हांकते हुए सियाराम राठिया (50 वर्ष) निवासी धौराभांठा और बलराम उरांव (45 वर्ष) निवासी धौराभांठा बरपाली, चौकी रैरूमा, थाना धरमजयगढ़ को पकड़ा। पूछताछ में दोनों आरोपी मवेशियों की खरीद-बिक्री या परिवहन संबंधी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और अंततः यह पाया गया कि वे इन मवेशियों को बूचड़खाने ले जा रहे थे। धरमजयगढ़ कॉलोनी निवासी बिंकल विश्वास पिता सुदीप विश्वास की लिखित शिकायत पर आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई। आरोपियों से मवेशियों से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, किंतु वे ऐसा कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाए। आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर 14 गौवंशों को जप्त कर पशु चिकित्सक से उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने पुनः दोहराया है कि रायगढ़ पुलिस "ऑपरेशन शंखनाद" के माध्यम से गौवंश तस्करी और पशु क्रूरता के मामलों पर लगातार कड़ी निगरानी रख रही है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते गौवंशों को सुरक्षित बचाया जा सके और तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सके।
- अम्बिकापुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष और महापौर से संबंधित कथित वायरल ऑडियो विवाद को लेकर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष सफी अहमद ने एक बड़ा बयान जारी किया है।1
- भगवान श्री जगन्नाथ की पावन रथ यात्रा का आयोजन 20 जुलाई 2026, सोमवार को किया जाएगा। यह दिव्य आयोजन रायगढ़ जिले की तमनार तहसील के ग्राम बालजोर में संपन्न होगा, जहां सभी से श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ इस महोत्सव को भव्य एवं सफल बनाने का आह्वान किया गया है। इस रथ यात्रा महोत्सव के तहत रथ यात्रा प्रतियोगिता और रात्रिकालीन डांस प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करने का निवेदन किया है। इच्छुक व्यक्ति 9165050372 पर संपर्क कर सकते हैं।2
- छत्तीसगढ़ के नागरिकों से उन बच्चों की मदद के लिए आगे आने की मार्मिक अपील की गई है जो काम की तलाश में बाहर गए हैं। इस गुहार में विशेष रूप से 'किसी की बेटी' का जिक्र किया गया है और सभी बच्चों के लिए सहायता मांगी गई है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे इस संदेश को सभी गांवों में यथासंभव साझा करें और इन बच्चों की सहायता करें, क्योंकि यह संभावना है कि इनमें से कोई अपना या संबंधी हो।1
- कबीरधाम जिले के ग्राम दामापुर बाजार निवासी 108 वर्षीय गजानंद सिंह परिहार आज के दौर में प्रेरणा के बड़े स्तंभ बनकर उभरे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी वे शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ हैं, जिसका श्रेय वे पिछले 70 वर्षों से कर रहे नियमित योगाभ्यास को देते हैं। गजानंद सिंह आज भी योग के कठिन आसन और प्राणायाम बेहद सहजता के साथ कर लेते हैं, जो लोगों के लिए आश्चर्य का विषय है। उनकी जीवनशैली इतनी अनुशासित है कि 108 वर्ष की आयु में भी वे प्रतिदिन सुबह-शाम 8 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हैं। उनका दावा है कि योग और सात्विक दिनचर्या के बल पर ही उन्होंने कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को हराकर जीवन की जंग जीती है। गजानंद सिंह का मानना है कि दीर्घायु और निरोग रहने के लिए संतुलित खान-पान और सकारात्मक सोच का होना अनिवार्य है। गजानंद सिंह ने आज की युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि यदि युवा आज से ही योग को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बना लें, तो वे भविष्य में कई गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं। एक लंबी उम्र जीने के बाद भी उनकी सक्रियता समाज के लिए स्वस्थ जीवन जीने का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।1
- आज 22 जून को अंबिकापुर महापौर मंजूषा भगत ने मीडिया के सामने आकर अपने 'ऑडियो ट्रेडिंग' को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके खिलाफ एक षड्यंत्र किया जा रहा है। मीडिया से बात करते हुए महापौर मंजूषा भगत के आंसू छलक पड़े, और उन्होंने खुद को एक मजबूर महिला बताया। भगत ने कहा कि उनके साथ गलत हो रहा है, और यह 'ऑडियो ट्रेडिंग' इसी षड्यंत्र का हिस्सा है।1
- सरगुजा जिले की तीन युवतियों को सिलाई प्रशिक्षण के बाद प्लेसमेंट के बहाने चेन्नई ले जाया गया, जहाँ अब उन्हें घर लौटने के लिए प्रत्येक से 10-10 हजार रुपए की मांग की जा रही है। युवतियों ने एक वीडियो बनाकर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो से मदद की गुहार लगाई है। यह घटना सरगुजा संभाग के सीतापुर, मैनपाट और जशपुर क्षेत्र से मानव तस्करी की लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच हुई है, जहाँ अक्सर नाबालिगों को महानगरों में अच्छे काम और पैसों का लालच देकर ले जाया जाता है, और फिर उन्हें घर नहीं आने दिया जाता या बेच दिया जाता है। सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत भरतपुर के बेलजोरा बिनई की इन तीनों युवतियों ने अपने वीडियो में बताया कि उन्होंने जशपुर में तीन महीने का सिलाई प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद दो युवतियों और एक युवक द्वारा उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर चेन्नई के कांचीपुरम ले जाया गया। वे अब वहाँ फँस गई हैं और घर वापस आना चाहती हैं, लेकिन उन्हें छोड़ा नहीं जा रहा। उनका कहना है कि जो लोग उन्हें वहाँ लाए थे, उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया है। कुछ दिन पहले हुई बातचीत में उनसे कहा गया था कि अगर वे घर जाना चाहती हैं, तो प्रत्येक लड़की को 10-10 हजार रुपए देने होंगे। युवतियों ने अपनी तबीयत खराब होने की भी बात कही है। विधायक रामकुमार टोप्पो के संज्ञान में यह वीडियो आने के बाद उन्होंने तत्काल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी। उन्होंने प्रशासन व पुलिस को चेन्नई में फंसी तीनों युवतियों को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के निर्देश दिए हैं। यह भी बताया गया है कि सीतापुर और मैनपाट क्षेत्र के कई नाबालिग लड़के-लड़कियां मानव तस्करी का शिकार हो चुके हैं, जिनमें से कई की घर वापसी हो चुकी है, जबकि कई का अभी तक पता नहीं चल सका है।1
- सूरजपुर जिले के पटना थाना क्षेत्र के पंडोपारा, काटकोना गांव में एक मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। चरित्र पर शक के चलते, पति जितेंद्र घसिया ने अपनी पत्नी के हाथ-पैर बांधकर उसके साथ बर्बरता की। इस दौरान उसने पत्नी के बाल काटकर उसका सिर मुंडवा दिया और कालिख भी पोती। इतना ही नहीं, पति ने इस पूरी घटना का खुद वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।1
- कोरबा के तिलकेजा में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ एक ट्रैक्टर की टक्कर से एक युवक की जान चली गई। घटना के बाद मिले दस्तावेजों के आधार पर, मृतक की पहचान गजानंद चौहान के रूप में होने की संभावना जताई जा रही है, जिसके रायगढ़ निवासी होने की बात सामने आई है। उर्गा थाना पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच में जुट गई है।1