logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

आज 22 जून को अंबिकापुर महापौर मंजूषा भगत ने मीडिया के सामने आकर अपने 'ऑडियो ट्रेडिंग' को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके खिलाफ एक षड्यंत्र किया जा रहा है। मीडिया से बात करते हुए महापौर मंजूषा भगत के आंसू छलक पड़े, और उन्होंने खुद को एक मजबूर महिला बताया। भगत ने कहा कि उनके साथ गलत हो रहा है, और यह 'ऑडियो ट्रेडिंग' इसी षड्यंत्र का हिस्सा है।

7 hrs ago
user_Maharaj Shubham Pathak
Maharaj Shubham Pathak
Media house अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
7 hrs ago

आज 22 जून को अंबिकापुर महापौर मंजूषा भगत ने मीडिया के सामने आकर अपने 'ऑडियो ट्रेडिंग' को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके खिलाफ एक षड्यंत्र किया जा रहा है। मीडिया से बात करते हुए महापौर मंजूषा भगत के आंसू छलक पड़े, और उन्होंने खुद को एक मजबूर महिला बताया। भगत ने कहा कि उनके साथ गलत हो रहा है, और यह 'ऑडियो ट्रेडिंग' इसी षड्यंत्र का हिस्सा है।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • आज 22 जून को अंबिकापुर महापौर मंजूषा भगत ने मीडिया के सामने आकर अपने 'ऑडियो ट्रेडिंग' को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके खिलाफ एक षड्यंत्र किया जा रहा है। मीडिया से बात करते हुए महापौर मंजूषा भगत के आंसू छलक पड़े, और उन्होंने खुद को एक मजबूर महिला बताया। भगत ने कहा कि उनके साथ गलत हो रहा है, और यह 'ऑडियो ट्रेडिंग' इसी षड्यंत्र का हिस्सा है।
    1
    आज 22 जून को अंबिकापुर महापौर मंजूषा भगत ने मीडिया के सामने आकर अपने 'ऑडियो ट्रेडिंग' को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके खिलाफ एक षड्यंत्र किया जा रहा है।

मीडिया से बात करते हुए महापौर मंजूषा भगत के आंसू छलक पड़े, और उन्होंने खुद को एक मजबूर महिला बताया। भगत ने कहा कि उनके साथ गलत हो रहा है, और यह 'ऑडियो ट्रेडिंग' इसी षड्यंत्र का हिस्सा है।
    user_Maharaj Shubham Pathak
    Maharaj Shubham Pathak
    Media house अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के सीतापुर इलाके से रोजगार की तलाश में चेन्नई गई तीन युवतियां वहां फंस गई हैं। इन युवतियों ने एक वीडियो जारी कर मदद की गुहार लगाई है, जिसके बाद सीतापुर के स्थानीय विधायक रामकुमार टोप्पो ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह पूरा मामला सीतापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम भरतपुर, बेलजोरा और बिनई की युवतियों से जुड़ा है। बताया गया है कि जशपुर में तीन महीने का सिलाई प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, उन्हें प्लेसमेंट दिलाने का झांसा देकर चेन्नई के कांचीपुरम ले जाया गया था। युवतियों का आरोप है कि दो युवतियों और एक युवक ने उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर चेन्नई पहुंचाया था। अब उन्हें घर वापस लौटने के लिए परेशान किया जा रहा है और घर वापसी के नाम पर प्रत्येक युवती से दस-दस हजार रुपये की मांग की जा रही है। चेन्नई में फंसी युवतियों ने सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो से संपर्क कर अपनी आपबीती सुनाई और सुरक्षित घर वापसी की गुहार लगाई। विधायक रामकुमार टोप्पो ने शिकायत मिलते ही तुरंत संज्ञान लिया और स्थानीय पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि इस गंभीर मामले में जल्द से जल्द युवतियों को सकुशल वापस लाया जाए। विधायक टोप्पो ने कहा, "युवतियों के साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी मिली है। यह बहुत गंभीर मामला है। मैंने पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया है कि वे तुरंत कार्रवाई करें और चेन्नई में फंसी हमारी बेटियों को सुरक्षित घर वापस लाएं।" सीतापुर थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और उन लोगों की तलाश कर रही है जो युवतियों को प्लेसमेंट के नाम पर चेन्नई ले गए थे। इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
    1
    छत्तीसगढ़ के सीतापुर इलाके से रोजगार की तलाश में चेन्नई गई तीन युवतियां वहां फंस गई हैं। इन युवतियों ने एक वीडियो जारी कर मदद की गुहार लगाई है, जिसके बाद सीतापुर के स्थानीय विधायक रामकुमार टोप्पो ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

यह पूरा मामला सीतापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम भरतपुर, बेलजोरा और बिनई की युवतियों से जुड़ा है। बताया गया है कि जशपुर में तीन महीने का सिलाई प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, उन्हें प्लेसमेंट दिलाने का झांसा देकर चेन्नई के कांचीपुरम ले जाया गया था। युवतियों का आरोप है कि दो युवतियों और एक युवक ने उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर चेन्नई पहुंचाया था। अब उन्हें घर वापस लौटने के लिए परेशान किया जा रहा है और घर वापसी के नाम पर प्रत्येक युवती से दस-दस हजार रुपये की मांग की जा रही है।

चेन्नई में फंसी युवतियों ने सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो से संपर्क कर अपनी आपबीती सुनाई और सुरक्षित घर वापसी की गुहार लगाई। विधायक रामकुमार टोप्पो ने शिकायत मिलते ही तुरंत संज्ञान लिया और स्थानीय पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि इस गंभीर मामले में जल्द से जल्द युवतियों को सकुशल वापस लाया जाए। विधायक टोप्पो ने कहा, "युवतियों के साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी मिली है। यह बहुत गंभीर मामला है। मैंने पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया है कि वे तुरंत कार्रवाई करें और चेन्नई में फंसी हमारी बेटियों को सुरक्षित घर वापस लाएं।" सीतापुर थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और उन लोगों की तलाश कर रही है जो युवतियों को प्लेसमेंट के नाम पर चेन्नई ले गए थे। इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
    user_Raza
    Raza
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • सरगुजा जिले की तीन युवतियों को सिलाई प्रशिक्षण के बाद प्लेसमेंट के बहाने चेन्नई ले जाया गया, जहाँ अब उन्हें घर लौटने के लिए प्रत्येक से 10-10 हजार रुपए की मांग की जा रही है। युवतियों ने एक वीडियो बनाकर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो से मदद की गुहार लगाई है। यह घटना सरगुजा संभाग के सीतापुर, मैनपाट और जशपुर क्षेत्र से मानव तस्करी की लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच हुई है, जहाँ अक्सर नाबालिगों को महानगरों में अच्छे काम और पैसों का लालच देकर ले जाया जाता है, और फिर उन्हें घर नहीं आने दिया जाता या बेच दिया जाता है। सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत भरतपुर के बेलजोरा बिनई की इन तीनों युवतियों ने अपने वीडियो में बताया कि उन्होंने जशपुर में तीन महीने का सिलाई प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद दो युवतियों और एक युवक द्वारा उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर चेन्नई के कांचीपुरम ले जाया गया। वे अब वहाँ फँस गई हैं और घर वापस आना चाहती हैं, लेकिन उन्हें छोड़ा नहीं जा रहा। उनका कहना है कि जो लोग उन्हें वहाँ लाए थे, उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया है। कुछ दिन पहले हुई बातचीत में उनसे कहा गया था कि अगर वे घर जाना चाहती हैं, तो प्रत्येक लड़की को 10-10 हजार रुपए देने होंगे। युवतियों ने अपनी तबीयत खराब होने की भी बात कही है। विधायक रामकुमार टोप्पो के संज्ञान में यह वीडियो आने के बाद उन्होंने तत्काल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी। उन्होंने प्रशासन व पुलिस को चेन्नई में फंसी तीनों युवतियों को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के निर्देश दिए हैं। यह भी बताया गया है कि सीतापुर और मैनपाट क्षेत्र के कई नाबालिग लड़के-लड़कियां मानव तस्करी का शिकार हो चुके हैं, जिनमें से कई की घर वापसी हो चुकी है, जबकि कई का अभी तक पता नहीं चल सका है।
    1
    सरगुजा जिले की तीन युवतियों को सिलाई प्रशिक्षण के बाद प्लेसमेंट के बहाने चेन्नई ले जाया गया, जहाँ अब उन्हें घर लौटने के लिए प्रत्येक से 10-10 हजार रुपए की मांग की जा रही है। युवतियों ने एक वीडियो बनाकर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो से मदद की गुहार लगाई है। यह घटना सरगुजा संभाग के सीतापुर, मैनपाट और जशपुर क्षेत्र से मानव तस्करी की लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच हुई है, जहाँ अक्सर नाबालिगों को महानगरों में अच्छे काम और पैसों का लालच देकर ले जाया जाता है, और फिर उन्हें घर नहीं आने दिया जाता या बेच दिया जाता है।

सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत भरतपुर के बेलजोरा बिनई की इन तीनों युवतियों ने अपने वीडियो में बताया कि उन्होंने जशपुर में तीन महीने का सिलाई प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद दो युवतियों और एक युवक द्वारा उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर चेन्नई के कांचीपुरम ले जाया गया। वे अब वहाँ फँस गई हैं और घर वापस आना चाहती हैं, लेकिन उन्हें छोड़ा नहीं जा रहा। उनका कहना है कि जो लोग उन्हें वहाँ लाए थे, उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया है। कुछ दिन पहले हुई बातचीत में उनसे कहा गया था कि अगर वे घर जाना चाहती हैं, तो प्रत्येक लड़की को 10-10 हजार रुपए देने होंगे। युवतियों ने अपनी तबीयत खराब होने की भी बात कही है।

विधायक रामकुमार टोप्पो के संज्ञान में यह वीडियो आने के बाद उन्होंने तत्काल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी। उन्होंने प्रशासन व पुलिस को चेन्नई में फंसी तीनों युवतियों को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के निर्देश दिए हैं। यह भी बताया गया है कि सीतापुर और मैनपाट क्षेत्र के कई नाबालिग लड़के-लड़कियां मानव तस्करी का शिकार हो चुके हैं, जिनमें से कई की घर वापसी हो चुकी है, जबकि कई का अभी तक पता नहीं चल सका है।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • भारत एनकाउंटर मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिसके तहत इस घटना की पूरी सच्चाई सामने आ गई है। दर्शकों से अपनी राय साझा करने और इस जानकारी को आगे शेयर करने का आग्रह किया गया है।
    1
    भारत एनकाउंटर मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिसके तहत इस घटना की पूरी सच्चाई सामने आ गई है। दर्शकों से अपनी राय साझा करने और इस जानकारी को आगे शेयर करने का आग्रह किया गया है।
    user_Guru Reality Show
    Guru Reality Show
    पटना, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • अम्बिकापुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष और महापौर से संबंधित कथित वायरल ऑडियो विवाद को लेकर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष सफी अहमद ने एक बड़ा बयान जारी किया है।
    1
    अम्बिकापुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष और महापौर से संबंधित कथित वायरल ऑडियो विवाद को लेकर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष सफी अहमद ने एक बड़ा बयान जारी किया है।
    user_Suraj Gupta
    Suraj Gupta
    सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • बलरामपुर में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाडे शामिल होने पहुँचीं।
    1
    बलरामपुर में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाडे शामिल होने पहुँचीं।
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • MCB केल्हारी क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में मीडिया द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद, केंद्रीय खनिज विभाग की उड़नदस्ता टीम ने MCB जिले में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विभाग ने न केवल रेत के अवैध भंडारण को लेकर छापेमारी की, बल्कि तय सीमा से अधिक मात्रा में रेत मिलने पर संबंधितों को कड़े नोटिस भी जारी किए हैं। इस औचक निरीक्षण के दौरान विभाग ने पूरी पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता के साथ काम किया। रेत के अवैध भंडारण की सटीक जानकारी जुटाने और खनन माफियाओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टीम ने ड्रोन का उपयोग किया। अब जिले में रेत खनन और भंडारण पर पूरी तरह से हाईटेक तकनीक से निगरानी रखी जा रही है, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाई जा सके। खनिज अधिकारी दयानंद तिग्गा (MCB) ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि केंद्रीय टीम के साथ मिलकर केल्हारी क्षेत्र में रेत भंडारण का औचक निरीक्षण किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रोन सर्विलांस के माध्यम से डेटा जुटाया गया है और तय मात्रा से अधिक रेत पाए जाने पर नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। तिग्गा ने यह भी कहा कि भविष्य में भी अवैध खनन और भंडारण के खिलाफ ऐसी कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।
    1
    MCB केल्हारी क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में मीडिया द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद, केंद्रीय खनिज विभाग की उड़नदस्ता टीम ने MCB जिले में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विभाग ने न केवल रेत के अवैध भंडारण को लेकर छापेमारी की, बल्कि तय सीमा से अधिक मात्रा में रेत मिलने पर संबंधितों को कड़े नोटिस भी जारी किए हैं।

इस औचक निरीक्षण के दौरान विभाग ने पूरी पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता के साथ काम किया। रेत के अवैध भंडारण की सटीक जानकारी जुटाने और खनन माफियाओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टीम ने ड्रोन का उपयोग किया। अब जिले में रेत खनन और भंडारण पर पूरी तरह से हाईटेक तकनीक से निगरानी रखी जा रही है, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाई जा सके।

खनिज अधिकारी दयानंद तिग्गा (MCB) ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि केंद्रीय टीम के साथ मिलकर केल्हारी क्षेत्र में रेत भंडारण का औचक निरीक्षण किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रोन सर्विलांस के माध्यम से डेटा जुटाया गया है और तय मात्रा से अधिक रेत पाए जाने पर नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। तिग्गा ने यह भी कहा कि भविष्य में भी अवैध खनन और भंडारण के खिलाफ ऐसी कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।
    user_Raza
    Raza
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड मुख्यालय में 22 जून 2026 को सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग और संयुक्त सामाजिक संगठनों के तत्वावधान में एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के तहत प्रतापपुर थाना परिसर के समीप से एक रैली निकाली गई, जो मुख्य मार्गों से होते हुए कदमपारा चौक पहुँची। वहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्रित होकर विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया और सांकेतिक पुतला दहन भी किया। कार्यक्रम के दौरान सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष रामकुमार बंछोर ने समाज के लोगों से एकजुट रहने की अपील की, अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन और एकता को अत्यंत आवश्यक बताया। सोशल एक्टिविस्ट एवं सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग के जिला अध्यक्ष बीपीएस पोया ने अपने संबोधन में बताया कि रायपुर में 6 जून 2026 को हुई आदिवासी संगठनों की संयुक्त बैठक में पारित प्रस्तावों के आधार पर तैयार एक संयुक्त ज्ञापन 22 जून को महामहिम राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव को सौंपा गया। इसी क्रम में प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों में भी ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। पोया ने केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा 'वनवासी' शब्द के उपयोग पर कड़ी आपत्ति जताई, यह कहते हुए कि इससे आदिवासी समाज की पहचान और अस्मिता आहत होती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “हम वनवासी नहीं, बल्कि आदिवासी हैं और प्रकृति के रक्षक हैं। अपनी पहचान, परंपरा और संस्कृति से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।” इसके अतिरिक्त, बीपीएस पोया ने शिक्षा विभाग द्वारा जारी मंत्रोच्चारण संबंधी निर्देशों पर भी सवाल उठाया, शिक्षा व्यवस्था को धर्मनिरपेक्ष, वैज्ञानिक और समावेशी बनाने की वकालत करते हुए विज्ञान एवं पर्यावरण आधारित दृष्टिकोण को प्राथमिकता देने की बात कही। प्रदर्शन के दौरान प्रमुख मांगों में स्थानीय भर्ती में प्राथमिकता एवं 32 प्रतिशत आरक्षण लागू करना, निजीकरण का विरोध, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा, भू-माफियाओं पर नियंत्रण के लिए कठोर कानून बनाना, आदिवासी धर्म कोड की मान्यता, परिसीमन से जुड़े मुद्दों का समाधान, ग्राम सभा की अनिवार्य सहमति, उद्योग-व्यापार एवं खनन में आदिवासियों की भागीदारी सुनिश्चित करना, नक्सल प्रभावित निर्दोष बंदियों की रिहाई, डीलिस्टिंग का विरोध, आस्था केंद्रों एवं देवगुड़ियों का संरक्षण, पेसा एवं वन अधिकार कानून का प्रभावी क्रियान्वयन, तथा आदिवासी शिक्षा, मातृभाषा और पाँचवीं अनुसूची के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल रहे। आयोजकों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार एवं प्रशासन द्वारा इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो राज्यव्यापी आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर बिमला अगरिया, गौरीशंकर नेताम, विनय पावले, लक्ष्मण आर्मो, सफलाल, अमर बहादुर सिंह आयाम, बनवारी खलखो, राजू सिंह आयाम, जीतन सोनहा, रामचंद्र मांझी, अंजली आयाम, लक्ष्मी बैगा, इंद्रपाल सिंह चेरवा, प्रदीप सिंह, राजेश सिंह पोया, राम सिंह पोया (GSU जिलाध्यक्ष), त्रिभुवन सिंह टेकाम, मंजू मिंज (पूर्व जिला पंचायत सदस्य) सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
    1
    छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड मुख्यालय में 22 जून 2026 को सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग और संयुक्त सामाजिक संगठनों के तत्वावधान में एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के तहत प्रतापपुर थाना परिसर के समीप से एक रैली निकाली गई, जो मुख्य मार्गों से होते हुए कदमपारा चौक पहुँची। वहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्रित होकर विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया और सांकेतिक पुतला दहन भी किया।

कार्यक्रम के दौरान सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष रामकुमार बंछोर ने समाज के लोगों से एकजुट रहने की अपील की, अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन और एकता को अत्यंत आवश्यक बताया। सोशल एक्टिविस्ट एवं सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग के जिला अध्यक्ष बीपीएस पोया ने अपने संबोधन में बताया कि रायपुर में 6 जून 2026 को हुई आदिवासी संगठनों की संयुक्त बैठक में पारित प्रस्तावों के आधार पर तैयार एक संयुक्त ज्ञापन 22 जून को महामहिम राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव को सौंपा गया। इसी क्रम में प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों में भी ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। पोया ने केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा 'वनवासी' शब्द के उपयोग पर कड़ी आपत्ति जताई, यह कहते हुए कि इससे आदिवासी समाज की पहचान और अस्मिता आहत होती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “हम वनवासी नहीं, बल्कि आदिवासी हैं और प्रकृति के रक्षक हैं। अपनी पहचान, परंपरा और संस्कृति से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।” इसके अतिरिक्त, बीपीएस पोया ने शिक्षा विभाग द्वारा जारी मंत्रोच्चारण संबंधी निर्देशों पर भी सवाल उठाया, शिक्षा व्यवस्था को धर्मनिरपेक्ष, वैज्ञानिक और समावेशी बनाने की वकालत करते हुए विज्ञान एवं पर्यावरण आधारित दृष्टिकोण को प्राथमिकता देने की बात कही।

प्रदर्शन के दौरान प्रमुख मांगों में स्थानीय भर्ती में प्राथमिकता एवं 32 प्रतिशत आरक्षण लागू करना, निजीकरण का विरोध, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा, भू-माफियाओं पर नियंत्रण के लिए कठोर कानून बनाना, आदिवासी धर्म कोड की मान्यता, परिसीमन से जुड़े मुद्दों का समाधान, ग्राम सभा की अनिवार्य सहमति, उद्योग-व्यापार एवं खनन में आदिवासियों की भागीदारी सुनिश्चित करना, नक्सल प्रभावित निर्दोष बंदियों की रिहाई, डीलिस्टिंग का विरोध, आस्था केंद्रों एवं देवगुड़ियों का संरक्षण, पेसा एवं वन अधिकार कानून का प्रभावी क्रियान्वयन, तथा आदिवासी शिक्षा, मातृभाषा और पाँचवीं अनुसूची के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल रहे।

आयोजकों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार एवं प्रशासन द्वारा इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो राज्यव्यापी आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर बिमला अगरिया, गौरीशंकर नेताम, विनय पावले, लक्ष्मण आर्मो, सफलाल, अमर बहादुर सिंह आयाम, बनवारी खलखो, राजू सिंह आयाम, जीतन सोनहा, रामचंद्र मांझी, अंजली आयाम, लक्ष्मी बैगा, इंद्रपाल सिंह चेरवा, प्रदीप सिंह, राजेश सिंह पोया, राम सिंह पोया (GSU जिलाध्यक्ष), त्रिभुवन सिंह टेकाम, मंजू मिंज (पूर्व जिला पंचायत सदस्य) सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
    user_Shivnath bagheL
    Shivnath bagheL
    Newspaper publisher सूरजपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    14 min ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.