चिनिया प्रखंड मुख्यालय क्षेत्र की बिलैतीखर पंचायत के रानीचेरी गांव स्थित अकेलवा टोला में पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ा चापानल आखिरकार दोबारा चालू हो गया है। सहभागी शिक्षण केंद्र द्वारा संचालित पलामू वाटर इनिशिएटिव (PWI) परियोजना के तहत इस चापानल की मरम्मत और इसके प्लेटफॉर्म का नवीनीकरण कर ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत प्रदान की गई। अकेलवा टोला में लगभग आठ पीवीटीजी (कोरवा) परिवार रहते हैं, जिन्हें चापानल खराब होने के कारण पीने का पानी लाने के लिए रोजाना लगभग 800 मीटर दूर जाना पड़ता था, जिससे उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों की इस समस्या को देखते हुए संस्था ने चापानल के खराब हुए पार्ट्स को बदलकर उसे फिर से शुरू कराया और जर्जर प्लेटफॉर्म की भी मरम्मत की। इस पूरे कार्य में स्थानीय महिलाओं ने बढ़-चढ़कर श्रमदान किया, जो सामुदायिक भागीदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया। संस्था ने आवश्यक निर्माण सामग्री और मिस्त्री की व्यवस्था की, जबकि ग्रामीणों ने अपने श्रम सहयोग से इस कार्य को सफल बनाया। चापानल के फिर से चालू हो जाने के बाद पूरे टोले में खुशी का माहौल है और लोगों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा एक बार फिर से उपलब्ध हो गई है। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए सहभागी शिक्षण केंद्र और पंचायत का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। इसके साथ ही, पंचायत की ओर से जल निकासी व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सोकपिट निर्माण कराने का आश्वासन भी दिया गया है। यह पूरी पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक सहयोग और जल प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।
चिनिया प्रखंड मुख्यालय क्षेत्र की बिलैतीखर पंचायत के रानीचेरी गांव स्थित अकेलवा टोला में पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ा चापानल आखिरकार दोबारा चालू हो गया है। सहभागी शिक्षण केंद्र द्वारा संचालित पलामू वाटर इनिशिएटिव (PWI) परियोजना के तहत इस चापानल की मरम्मत और इसके प्लेटफॉर्म का नवीनीकरण कर ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत प्रदान की गई। अकेलवा टोला में लगभग आठ पीवीटीजी (कोरवा) परिवार रहते हैं, जिन्हें चापानल खराब होने के कारण पीने का पानी लाने के लिए रोजाना लगभग 800 मीटर दूर जाना पड़ता था, जिससे उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों की इस समस्या को देखते हुए संस्था ने चापानल के खराब हुए पार्ट्स को बदलकर उसे फिर से शुरू कराया और जर्जर प्लेटफॉर्म की भी मरम्मत की। इस पूरे कार्य में स्थानीय महिलाओं ने बढ़-चढ़कर श्रमदान किया, जो सामुदायिक भागीदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया। संस्था ने आवश्यक निर्माण सामग्री और मिस्त्री की व्यवस्था की, जबकि ग्रामीणों ने अपने श्रम सहयोग से इस कार्य को सफल बनाया। चापानल के फिर से चालू हो जाने के बाद पूरे टोले में खुशी का माहौल है और लोगों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा एक बार फिर से उपलब्ध हो गई है। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए सहभागी शिक्षण केंद्र और पंचायत का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। इसके साथ ही, पंचायत की ओर से जल निकासी व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सोकपिट निर्माण कराने का आश्वासन भी दिया गया है। यह पूरी पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक सहयोग और जल प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।
- उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने नगर ऊंटारी अस्पताल और अनुमंडल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने अस्पताल की साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताई। उनके इस 'एक्शन मोड' दौरे में अस्पताल में बिखरी सामग्री मिली, साथ ही दो कर्मी भी अनुपस्थित पाए गए। इन अनियमितताओं पर उपायुक्त ने अस्पताल के प्रभारी को फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार के सख्त निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से चेताया कि सरकारी संस्थानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत जानने के लिए यह दौरा किया, जहाँ अस्पताल परिसर की बदहाल व्यवस्था और कई खामियाँ सामने आईं। उपायुक्त ने साफ-सफाई और जवाबदेही पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जनसेवा में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार लाया जा सके।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विश्रामपुर नगर परिषद ने एक विशेष पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल की शुरुआत नगर परिषद कार्यालय परिसर में हुई, जहाँ नगर अध्यक्ष गीता देवी, कार्यपालक पदाधिकारी जयपाल सिंह, नगर प्रबंधक प्रभात कुमार और विधायक प्रतिनिधि कृष्णकांत यादव उर्फ मुन्ना यादव ने मिलकर कई इमारती, फलदार और औषधीय पौधे लगाए।1
- थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने नाबालिग बालिकाओं को बहला-फुसलाकर विभिन्न राज्यों में बेचने वाले एक गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर सोनभद्र, श्री रणधीर मिश्रा ने जानकारी दी।1
- सोनभद्र पुलिस ने विंढमगंज थाना क्षेत्र के जोरूखाड़ टोला बगबियानी में झाड़ियों से मिले युवक रजनि कांत हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। आरोपी को जिला पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत कर घटना की विस्तृत जानकारी साझा की गई। पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले मृतक रजनि कांत का शव सड़क किनारे झाड़ियों में बरामद हुआ था। शव पर गर्दन और सिर के पीछे गंभीर चोटों के निशान थे, जिसके कारण हत्या की आशंका जताई जा रही थी। इस मामले के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमों को लगाया गया था। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों, तकनीकी सर्विलांस और पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही। हिरासत में लेकर की गई पूछताछ में आरोपी ने हत्या करने की बात कबूल कर ली। आरोपी की निशानदेही पर घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं। जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस ने कम समय में ही इस मामले का सफलतापूर्वक अनावरण कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या के पीछे के कारणों की जांच भी पूरी कर ली गई है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस खुलासे के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है, वहीं मृतक के परिजनों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए दोषी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।1
- पलामू जिले के पंडवा पंचायत क्षेत्र में निवासियों को यह अधिकार है कि वे पंचायत के तहत स्थापित स्ट्रीट लाइटों की गुणवत्ता की जाँच करें। इस बात पर जोर दिया गया है कि स्ट्रीट लाइट की गुणवत्ता का सत्यापन करना आम जनता का अधिकार है।1
- बलरामपुर जिले में एक जनपद सदस्य प्रतिनिधि और पत्रकार के बीच विवाद गहरा गया है। जनपद सदस्य प्रतिनिधि ने एक पत्रकार पर गंभीर आरोप लगाया है कि उसने उनसे ₹10,000 की रिश्वत मांगी। वहीं, संबंधित पत्रकार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत दहेजवार के निवासी और ग्राम पंचायत डांगरमाहरी में जनपद सदस्य प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत दीपक गुप्ता ने आरोप लगाया है कि संबंधित पत्रकार उनसे ₹10,000 की मांग कर रहे थे और पैसे न देने पर उनके खिलाफ समाचार प्रकाशित करने की धमकी दी थी। इस पूरे मामले पर बलरामपुर के पत्रकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपों को 'झूठ का पुलिंदा' बताया। पत्रकार ने दीपक गुप्ता को खुली चुनौती दी कि यदि उनके पास पैसा मांगने का कोई पुख्ता सबूत, वीडियो या ऑडियो क्लिप है, तो वे उसे सार्वजनिक करें और आरोपों को साबित करें, अन्यथा ऐसे आरोप केवल छवि खराब करने की कोशिश हैं। यह पूरा विवाद एक पुरानी खबर से जुड़ा है, जिसमें पूर्व में 'बीएस टीवी' न्यूज चैनल पर पीडब्ल्यूडी विभाग की एक सड़क को लेकर समाचार प्रसारित किया गया था। इस खबर में जनपद सदस्य प्रतिनिधि दीपक गुप्ता के घर के सामने पानी के बहाव का जिक्र किया गया था। दीपक गुप्ता का कहना है कि इस खबर से उनके मान-सम्मान को ठेस पहुंची, जिसके बाद उन्होंने पत्रकार पर यह आरोप लगाया है। फिलहाल, बीडीसी प्रतिनिधि दीपक गुप्ता द्वारा लगाए गए आरोपों को साबित करने के लिए अब तक कोई ऑडियो या वीडियो क्लिप सामने नहीं आई है। पुख्ता सबूतों के अभाव में ये आरोप शुरुआती तौर पर बेबुनियाद और एकतरफा नजर आ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि यह विवाद आगे क्या मोड़ लेता है।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सोनभद्र के दुद्धी विकास खंड के हरनाकछार गांव निवासी युवा समाजसेवी अखिलेश कुमार गुप्ता ने क्षेत्रवासियों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। अखिलेश गुप्ता ने बताया कि तेजी से बढ़ते प्रदूषण, वनों की कटाई और बदलते जलवायु चक्र के कारण प्रकृति का संतुलन बिगड़ रहा है। इस स्थिति में वृक्षारोपण ही एकमात्र ऐसा माध्यम है जो पर्यावरण को सुरक्षित रखने के साथ-साथ मानव जीवन को भी स्वस्थ और समृद्ध बना सकता है। उन्होंने पेड़ों के महत्व को समझाते हुए कहा कि वे हमें शुद्ध वायु प्रदान करते हैं, वातावरण को ठंडा रखते हैं और प्रदूषण कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अतिरिक्त, वृक्ष भूजल स्तर को बनाए रखने, वर्षा को संतुलित करने और मिट्टी के कटाव को रोकने में भी सहायक होते हैं। पेड़-पौधे अनेक जीव-जंतुओं और पक्षियों के लिए प्राकृतिक आवास भी उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वर्तमान पीढ़ी पर्यावरण के प्रति जागरूक नहीं हुई, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर प्राकृतिक संकटों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए, उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से आग्रह किया कि वे अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ या किसी भी विशेष अवसर पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी उचित देखभाल भी करें। अखिलेश गुप्ता ने विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर ही बड़े बदलाव का आधार बनते हैं, और 'आज लगाया गया पौधा, कल की सुरक्षा की गारंटी' है।1
- आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बिजली कटौती के मुद्दे पर 'हल्ला बोल' प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बिजली की लगातार हो रही कटौती के विरोध में आयोजित किया गया था।4
- झारखंड के डालटनगंज में नदी किनारे नव-निर्मित पार्क में घरों का कच्चा कचरा फेंका जा रहा है। इसी क्षेत्र में, पम्पुकल विश्वकर्मा मंदिर के पास नदी के किनारे अवैध तरीके से मकानों का निर्माण भी बदस्तूर जारी है।1