डीएम अंकल… हमारा रास्ता बनवा दो” — मासूम बच्चियों की गुहार ने सुनाई सड़क की दर्दभरी कहानी एमडी शौकीन खान संवादाता डीग डीग जिले के पहाड़ी क्षेत्र में बदहाल सड़क अब सिर्फ ग्रामीणों की परेशानी नहीं, बल्कि स्कूली बच्चों के भविष्य की राह में भी बड़ी बाधा बन चुकी है। राजस्थान-हरियाणा सीमा को जोड़ने वाला पहाड़ी-धीमरी-घाटमिका होते हुए रावलका बॉर्डर तक जाने वाला करीब 9 किलोमीटर लंबा सड़क मार्ग पिछले करीब 30 वर्षों से खस्ता हाल पड़ा हुआ है। टूटी सड़क, गहरे गड्ढों और उड़ती धूल के बीच रोज स्कूल जाने को मजबूर बच्चियों का दर्द उस वक्त छलक पड़ा, जब उन्होंने कैमरे के सामने प्रशासन से भावुक होकर अपील करते हुए कहा— “डीएम अंकल… हमारा रास्ता बनवा दो।” स्कूली छात्राओं का कहना है कि खराब सड़क के कारण उन्हें रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं, जिससे हादसे का डर बना रहता है। बरसात के दिनों में यही रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे स्कूल पहुंचना तक मुश्किल हो जाता है। यह मार्ग करीब 15 गांवों और 3 ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से किसान अपनी फसल लेकर निकलते हैं, मरीज अस्पताल पहुंचते हैं और सैकड़ों विद्यार्थी रोज सफर करते हैं। लेकिन वर्षों से सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है। स्कूली बच्चों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण करवाने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके और बच्चों का सफर सुरक्षित हो सके।
डीएम अंकल… हमारा रास्ता बनवा दो” — मासूम बच्चियों की गुहार ने सुनाई सड़क की दर्दभरी कहानी एमडी शौकीन खान संवादाता डीग डीग जिले के पहाड़ी क्षेत्र में बदहाल सड़क अब सिर्फ ग्रामीणों की परेशानी नहीं, बल्कि स्कूली बच्चों के भविष्य की राह में भी बड़ी बाधा बन चुकी है। राजस्थान-हरियाणा सीमा को जोड़ने वाला पहाड़ी-धीमरी-घाटमिका होते हुए रावलका बॉर्डर तक जाने वाला करीब 9 किलोमीटर लंबा सड़क मार्ग पिछले करीब 30 वर्षों से खस्ता हाल पड़ा हुआ है। टूटी सड़क, गहरे गड्ढों और उड़ती धूल के बीच रोज स्कूल जाने को मजबूर बच्चियों का दर्द उस वक्त छलक पड़ा, जब उन्होंने कैमरे के सामने प्रशासन से भावुक होकर अपील करते हुए कहा— “डीएम अंकल… हमारा रास्ता बनवा दो।” स्कूली छात्राओं का कहना है कि खराब सड़क के कारण उन्हें रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं, जिससे हादसे का डर बना रहता है। बरसात के दिनों में यही रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे स्कूल पहुंचना तक मुश्किल हो जाता है। यह मार्ग करीब 15 गांवों और 3 ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से किसान अपनी फसल लेकर निकलते हैं, मरीज अस्पताल पहुंचते हैं और सैकड़ों विद्यार्थी रोज सफर करते हैं। लेकिन वर्षों से सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है। स्कूली बच्चों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण करवाने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके और बच्चों का सफर सुरक्षित हो सके।
- डीएम अंकल… हमारा रास्ता बनवा दो” — मासूम बच्चियों की गुहार ने सुनाई सड़क की दर्दभरी कहानी एमडी शौकीन खान संवादाता डीग डीग जिले के पहाड़ी क्षेत्र में बदहाल सड़क अब सिर्फ ग्रामीणों की परेशानी नहीं, बल्कि स्कूली बच्चों के भविष्य की राह में भी बड़ी बाधा बन चुकी है। राजस्थान-हरियाणा सीमा को जोड़ने वाला पहाड़ी-धीमरी-घाटमिका होते हुए रावलका बॉर्डर तक जाने वाला करीब 9 किलोमीटर लंबा सड़क मार्ग पिछले करीब 30 वर्षों से खस्ता हाल पड़ा हुआ है। टूटी सड़क, गहरे गड्ढों और उड़ती धूल के बीच रोज स्कूल जाने को मजबूर बच्चियों का दर्द उस वक्त छलक पड़ा, जब उन्होंने कैमरे के सामने प्रशासन से भावुक होकर अपील करते हुए कहा— “डीएम अंकल… हमारा रास्ता बनवा दो।” स्कूली छात्राओं का कहना है कि खराब सड़क के कारण उन्हें रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं, जिससे हादसे का डर बना रहता है। बरसात के दिनों में यही रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे स्कूल पहुंचना तक मुश्किल हो जाता है। यह मार्ग करीब 15 गांवों और 3 ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से किसान अपनी फसल लेकर निकलते हैं, मरीज अस्पताल पहुंचते हैं और सैकड़ों विद्यार्थी रोज सफर करते हैं। लेकिन वर्षों से सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है। स्कूली बच्चों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण करवाने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके और बच्चों का सफर सुरक्षित हो सके।1
- डीग पुलिस ने तीन दिवसीय राज्य स्तरीय अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान 13 इनामी और 20 टॉप-10 सहित कुल 33 वांछित अपराधी गिरफ्तार किए गए, साथ ही 11 अवैध हथियार भी जब्त हुए। यह अभियान पुलिस अधीक्षक डीग के निर्देशन में चलाया गया था।1
- राहुल गांधी के पुराने आर्थिक चेतावनी भरे बयान पीएम मोदी की पेट्रोल और सोना कम खरीदने की अपील के बाद फिर सुर्खियों में आ गए हैं। इस अपील के बाद सोशल मीडिया पर देश की आर्थिक स्थिति को लेकर एक नई राजनीतिक बहस छिड़ गई है।1
- एक तरफ प्रभारी मंत्री सुरेश रावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम नगर विधानसभा के गांव शीशवाड़ा में रात्रि चौपाल में जनता की समस्या सुन रहे थे। वहीं दूसरी तरफ जनता का गुस्सा मीडिया के सामने फूट रहा था। जनता का कहना था कि ऐसी चौपाल से कुछ नहीं होने वाला कागज ले लेते हैं और रद्दी में पटक देते हैं।1
- मथुरा के छटीकरा चौराहे पर चलाया गया चेकिंग अभियान लखनऊ मुख्यालय से सख्त आदेश के बाद में ट्रैफिक पुलिस हाय हरकत में मॉडिफाई मोटरसाइकिल चार मोटरसाइकिल को सीज किया गया मथुरा के ए आरटीओ साहब सत्येंद्र सिंह ने सख्त कार्रवाई करते हुए चेकिंग अभियान चलाया गया मथुरा से ओमप्रकाश लवानिया1
- उत्तर प्रदेश के संभल में एक सरकारी स्कूल के शिक्षकों पर हिंदू छात्रों को इस्लामी पोशाक पहनाने का आरोप लगा है। कथित तौर पर लड़कियों को हिजाब और लड़कों को टोपी पहनाकर इस्लामी प्रार्थनाएं भी कराई गईं। इस घटना ने धर्मांतरण के प्रयासों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- मथुरा के गोवर्धन स्थित अडींग गांव में धूमधाम से परशुराम जयंती मनाई गई। इस अवसर पर गांव में भव्य शोभायात्रा निकाली गई जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।1
- मथुरा के छटीकरा चौराहे पर मॉडिफाई मोटरसाइकिलों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। लखनऊ मुख्यालय से सख्त आदेश मिलने के बाद एआरटीओ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 4 मोटरसाइकिलों को जब्त कर लिया।1